BARC का मेगा विस्तार प्लान, 80,000 मीटर के साथ बदलेगी टीवी रेटिंग की तस्वीर

भारत में टीवी ऑडियंस मापने की व्यवस्था (टेलीविजन मीजरमेंट सिस्टम) अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है।

Last Modified:
Saturday, 28 March, 2026
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भारत में टीवी ऑडियंस मापने की व्यवस्था (टेलीविजन मीजरमेंट सिस्टम) अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ इंडिया (BARC) सरकार के निर्देश के अनुसार 80,000 पीपल-मीटर लगाने की तैयारी कर रहा है।

केंद्र सरकार की नई टीवी रेटिंग पॉलिसी के तहत उठाया गया यह कदम इंडस्ट्री के लिए एक सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है, जिसका मकसद पारदर्शिता बढ़ाना, सैंपल साइज को मजबूत करना और विज्ञापनदाताओं का भरोसा बढ़ाना है।

BARC की 80,000 मीटर तक पहुंचने की तैयारी दिखाती है कि उसने पिछले कई सालों में अपने पैनल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और डेटा साइंस क्षमताओं को मजबूत करने पर काफी काम किया है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक, BARC इस बड़े विस्तार को लागू करने के लिए अच्छी स्थिति में है। इससे देश के अलग-अलग और विविध बाजारों में टीवी दर्शकों के डेटा को और ज्यादा बारीकी और भरोसे के साथ समझा जा सकेगा।

BARC बोर्ड के एक वरिष्ठ सदस्य ने, नाम न बताने की शर्त पर, इस फैसले को रेटिंग सिस्टम के लिए “टर्निंग पॉइंट” बताया। उन्होंने कहा कि 80,000 मीटर का विस्तार सिर्फ नियमों को पूरा करना नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा बदलाव है। इससे खासकर क्षेत्रीय और ग्रामीण बाजारों में दर्शकों के व्यवहार को ज्यादा सटीक तरीके से मापा जा सकेगा, जो अब विज्ञापनदाताओं के लिए तेजी से अहम बनते जा रहे हैं।

वहीं, BARC इंडिया के चेयरमैन गौरव बनर्जी और मैनेजमेंट टीम ने इस मामले पर फिलहाल कोई खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी है।

यह पूरा बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जब विज्ञापनदाता तेजी से बदलते और बिखरते मीडिया माहौल में ज्यादा सटीक और गहरी जानकारी की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, इस पॉलिसी में हर साल 10,000 नए मीटर जोड़ने का भी प्रावधान है, जिसे कुछ लोग चुनौतीपूर्ण मान रहे हैं। इतने बड़े स्तर पर मीटर लगाना, उनकी देखभाल करना और ऑडिट करना- इन सबके लिए लगातार निवेश और देशभर में मजबूत लॉजिस्टिक व्यवस्था की जरूरत होगी।

BARC की आगे की रणनीति में एक अहम मुद्दा विदेशी निवेश (FDI) के नियम भी हैं। सूत्रों के मुताबिक, BARC ने पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) से हिस्सेदारी नियमों में ढील देने की मांग की थी, ताकि विदेशी निवेश और विशेषज्ञता लाई जा सके।

लेकिन सरकार ने अपना रुख साफ रखा है कि टीवी रेटिंग एजेंसियों पर विदेशी कंपनियों का पूरा नियंत्रण नहीं दिया जाएगा। इसके पीछे डेटा की सुरक्षा (डेटा सोवरेनिटी) और देश के मीडिया मेट्रिक्स पर बाहरी प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई है।

हालांकि, इंडस्ट्री के कई लोग मानते हैं कि नियमों में स्पष्टता होना भी अपने आप में सकारात्मक है। एक इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने कहा कि तय और साफ नियम होने से लंबी अवधि के निवेश की योजना बनाना आसान हो जाता है। भले ही विदेशी पूंजी से विस्तार तेजी से हो सकता था, लेकिन मौजूदा ढांचा भी एक मजबूत और स्वतंत्र मीजरमेंट सिस्टम बनाने में मदद करता है।

हर साल 10,000 मीटर जोड़ने के लक्ष्य को लेकर इंडस्ट्री में आलोचना भी हो रही है। कई खिलाड़ियों का कहना है कि यह लक्ष्य काफी महत्वाकांक्षी है और इसे हासिल करने में लागत, सप्लाई चेन और ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले लोगों से जुड़ी चुनौतियां सामने आएंगी। साथ ही, तेजी से विस्तार के दौरान डेटा की गुणवत्ता और पैनल की स्थिरता बनाए रखना भी एक बड़ी चिंता है। कुछ लोगों का मानना है कि इस प्रक्रिया को तय समय सीमा की बजाय लचीले तरीके से चरणबद्ध (फेज्ड) ढंग से लागू किया जाना चाहिए।

ब्रॉडकास्टर्स और मीजरमेंट एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि इस पॉलिसी में भारी पूंजी खर्च (कैपेक्स) की जरूरत तो है, लेकिन इसके बदले टैक्स छूट, सब्सिडी या लागत साझा करने जैसी कोई व्यवस्था नहीं दी गई है।

चूंकि BARC एक नॉन-प्रॉफिट इंडस्ट्री बॉडी है, ऐसे में स्टेकहोल्डर्स का कहना है कि इस विस्तार का बोझ पूरे इकोसिस्टम पर असमान रूप से पड़ सकता है।

इस बीच, BARC ने Nielsen के साथ मिलकर क्रॉस-मीडिया मीजरमेंट की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है, जिससे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की उस शर्त को पूरा किया जा सके, जिसमें सभी जरूरी मीडिया प्लेटफॉर्म्स को मापने की बात कही गई है।

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SPNI के नए शो ‘फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा’ ने लॉन्च के साथ ही बटोरी लोकप्रियता

‘फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा’ का प्रसारण हर शनिवार और रविवार रात 9:30 बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर किया जाता है, जबकि इसे Sony LIV पर एक साथ स्ट्रीम भी किया जाता है।

Last Modified:
Monday, 21 September, 2026
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सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) के नए एंटरटेनमेंट शो ‘फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा’ ने लॉन्चिंग के साथ ही शानदार शुरुआत की है। सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन (SET) और सोनी लिव (Sony LIV) पर प्रसारित इस शो ने अपने प्रीमियर के बाद रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन दर्ज किया है।

कंपनी के अनुसार, 19 सितंबर को प्रीमियर के बाद Sony LIV पर यह शो प्लेटफॉर्म की किसी भी नॉन-फिक्शन प्रॉपर्टी के लिए सबसे बड़ा लॉन्च-डे दर्ज करने में सफल रहा। इस उपलब्धि के साथ शो ने डिजिटल दर्शकों के बीच अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।

शो की शुरुआत के साथ सोशल मीडिया पर भी इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। शनिवार शाम तक यह कार्यक्रम X (पूर्व में ट्विटर) पर दुनिया भर में #1 ट्रेंड करता रहा। कंपनी का कहना है कि यह प्रतिक्रिया रोहित शर्मा को एक बिल्कुल नए अंदाज में देखने को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और उनकी वैश्विक लोकप्रियता को दर्शाती है।

प्रीमियर से पहले भी शो की झलकियों को सोशल मीडिया पर लाखों व्यूज और एंगेजमेंट मिले थे। वहीं, शो के प्रसारण के बाद रोहित शर्मा का हास्य, सहज अंदाज और मेहमानों के साथ उनकी दोस्ताना केमिस्ट्री दर्शकों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बनी रही।

दर्शकों ने क्रिकेट मैदान से बाहर रोहित शर्मा के एक अलग और अनौपचारिक रूप को पसंद किया। उनकी स्वाभाविक प्रतिक्रियाओं, हाजिरजवाबी और मेहमानों के साथ सहज बातचीत को दर्शकों ने खूब सराहा।

वैश्विक स्तर पर सफल ‘फैमिली फ्यूड’ फॉर्मेट पर आधारित इस शो का निर्माण Fremantle ने किया है। ‘फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा’ परिवार आधारित मनोरंजन, सहभागिता और सामूहिक दर्शक अनुभव पर केंद्रित है। शो से कई ब्रैंड भी जुड़े हैं, जिन्होंने SPNI के टेलीविजन और डिजिटल इकोसिस्टम के माध्यम से दर्शकों तक अपनी पहुंच बनाई है।

शो की रिकॉर्डतोड़ शुरुआत पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन, सोनी मराठी और सोनी लिव के चीफ कंटेंट ऑफिसर नचिकेत पंतवैद्य ने कहा कि ‘फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा’ को दर्शकों से असाधारण प्रतिक्रिया मिली है। रोहित शर्मा दुनिया के बेहतरीन क्रिकेटरों में से एक हैं और दर्शकों के साथ उनका विशेष जुड़ाव है। इस शो के माध्यम से दर्शक उनके हास्य, सहजता और गर्मजोशी भरे व्यक्तित्व को एक नए रूप में देख रहे हैं।’

उन्होंने कहा कि Sony LIV पर रिकॉर्ड लॉन्च और टेलीविजन व सोशल मीडिया पर मिली व्यापक प्रतिक्रिया इस फॉर्मेट और रोहित शर्मा पर उनके विश्वास को सही साबित करती है। ‘फैमिली फुल हाउस विद रोहित शर्मा’ का प्रसारण हर शनिवार और रविवार रात 9:30 बजे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर किया जाता है, जबकि इसे Sony LIV पर एक साथ स्ट्रीम भी किया जाता है।

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BARC रेटिंग शुरू कराने के लिए ब्रॉडकास्टर्स का दबाव, संस्था के भविष्य पर भी नजर

ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) इंडिया पर बंद होने का खतरा है। नवंबर तक टीवी रेटिंग शुरू नहीं हुई तो ब्रॉडकास्टर्स BARC को बंद करने पर विचार किया जा सकता है।

Last Modified:
Monday, 21 September, 2026
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इमरान फजल, असिसटेंट एडिटर, एक्सचेंज4मीडिया ।।


ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) इंडिया पर अब बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। अगर नवंबर तक टीवी ऑडियंस रेटिंग फिर से शुरू नहीं होती है, तो ब्रॉडकास्टर्स BARC को बंद करने जैसे कड़े कदम पर विचार कर सकते हैं। इससे पहले इंडस्ट्री आखिरी कोशिश के तौर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) से BARC को रेटिंग शुरू करने की अनुमति देने की मांग करने की तैयारी कर रही है।

सोमवार को बोर्ड स्तर की चर्चा में इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) के बोर्ड सदस्यों ने लंबे समय से बंद पड़ी टीवी रेटिंग और BARC के दोबारा मीजरमेंट शुरू करने को लेकर बनी अनिश्चितता पर चर्चा की। अब इंडस्ट्री सरकार के सामने नवंबर की स्पष्ट समयसीमा रखने पर विचार कर रही है। अगर तब तक कोई समाधान नहीं निकलता है, तो BARC को बंद करने समेत अन्य कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने BARC को नवंबर तक का समय दिया था, ताकि वह नई TV Ratings Policy के तहत जरूरी बदलाव लागू कर सके और रेटिंग दोबारा शुरू करने के लिए मंत्रालय की शर्तों को पूरा कर सके।

मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, ब्रॉडकास्टर्स अब यह भी सवाल उठा रहे हैं कि BARC को MIB की ओर से लगातार मंजूरी क्यों नहीं मिल रही है। खास तौर पर तब, जब BARC ने टेलीविजन रेटिंग पॉलिसी 2026 की कई शर्तों को पूरा करने की दिशा में प्रगति की है।

इंडस्ट्री के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ब्रॉडकास्टर्स अभी भी यह साफ तौर पर नहीं समझ पा रहे हैं कि BARC के रास्ते में आखिर क्या रुकावट है। लंबे समय से नियामकीय प्रक्रिया चल रही है, लेकिन इंडस्ट्री को यह पता होना चाहिए कि रेटिंग दोबारा शुरू होने से कौन-सी खास समस्या रोक रही है। अगर जरूरी शर्तें स्पष्ट हैं, तो BARC को बताया जाना चाहिए कि क्या बाकी है या फिर कुछ शर्तों के साथ उसे रेटिंग शुरू करने की अनुमति दी जानी चाहिए।

रेटिंग बंद होने से बढ़ रही परेशानी

रेटिंग को लेकर बनी यह अनिश्चितता ब्रॉडकास्टर्स के लिए बड़ी चिंता बनती जा रही है। टीवी चैनल, विज्ञापनदाता और मीडिया एजेंसियां विज्ञापन कैंपेन की योजना बनाने, विज्ञापन दर तय करने और कार्यक्रमों के प्रदर्शन का आकलन करने के लिए टीवी रेटिंग को एक साझा आधार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं।

MIB ने जुलाई में BARC को न्यूज और नॉन-न्यूज दोनों कैटेगरी में टीवी रेटिंग रोकने का निर्देश दिया था। यह रोक तब तक है, जब तक BARC को नई टेलीविजन रेटिंग्स पॉलिसी 2026 के तहत रजिस्ट्रेशन नहीं मिल जाता। 

नई नीति में कई बदलाव किए गए हैं। इनमें 80,000 मीटर वाले घरों का बड़ा पैनल, स्वतंत्र निदेशक, हर साल ऑडिट, टेक्नोलॉजी-न्यूट्रल मीजरमेंट और लैंडिंग-पेज व्यूअरशिप को आधिकारिक रेटिंग से बाहर रखना शामिल है। मंत्रालय ने BARC की नई व्यवस्था के तहत अनुपालन की जांच शुरू कर दी है। वहीं, ब्रॉडकास्टर्स का कहना है कि लंबे समय तक रेटिंग बंद रहने से टीवी विज्ञापन बाजार पर लगातार असर पड़ रहा है।

मौजूदा ऑडियंस डेटा नहीं होने के कारण ब्रॉडकास्टर्स को चैनलों के प्रदर्शन और विज्ञापन इन्वेंट्री की कीमत तय करने में कम जानकारी मिल रही है। दूसरी तरफ विज्ञापनदाता और एजेंसियां भी टीवी कैंपेन के प्रदर्शन को समझने और अपने बजट तय करने में मुश्किल का सामना कर रहे हैं।

BARC ने 70,876 घरों तक बढ़ाया पैनल

जुलाई में MIB के BP&L विंग ने BARC को अस्थायी रजिस्ट्रेशन देने की सिफारिश की थी। इससे BARC बाकी जरूरी शर्तों को पूरा करते हुए रेटिंग दोबारा शुरू कर सकता था।

BARC ने मंत्रालय को बताया था कि उसका पैनल बढ़कर 70,876 घरों तक पहुंच गया है और दिसंबर तक 80,000 घरों की जरूरी संख्या पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, रेटिंग दोबारा शुरू होने को लेकर जारी अनिश्चितता के कारण अब ब्रॉडकास्टर्स इस मामले को सीधे सरकार के सामने उठाने पर विचार कर रहे हैं।

एक अन्य वरिष्ठ मीडिया अधिकारी ने कहा कि टीवी इंडस्ट्री साझा मीजरमेंट व्यवस्था के बिना हमेशा काम नहीं कर सकती। विज्ञापनदाताओं और ब्रॉडकास्टर्स दोनों को स्पष्टता चाहिए और एजेंसियों को योजना बनाने के लिए एक भरोसेमंद आधार चाहिए। जितनी देर यह स्थिति बनी रहेगी, कारोबारी स्तर पर उतना ही ज्यादा असर पड़ेगा।

नवंबर तक रेटिंग शुरू करने की मांग

ब्रॉडकास्टर्स सरकार को औपचारिक नोटिस या प्रतिनिधित्व देने पर विचार कर रहे हैं। इसमें कहा जा सकता है कि नवंबर तक टीवी रेटिंग दोबारा शुरू होनी चाहिए। अगर नवंबर तक रेटिंग शुरू नहीं होती है, तो इंडस्ट्री इस बात पर विचार कर सकती है कि BARC को मौजूदा रूप में आगे भी जारी रखा जाए या नहीं।

BARC को बंद करने की संभावना एक बड़ा कदम होगी, क्योंकि यह भारत में टीवी ऑडियंस मीजरमेंट की प्रमुख संस्था रही है। अगर BARC बंद होता है, तो इंडस्ट्री को टीवी ऑडियंस मीजरमेंट की भविष्य की व्यवस्था पर भी विचार करना होगा और यह देखना होगा कि कोई वैकल्पिक रेटिंग सिस्टम बनाया जा सकता है या नहीं। हालांकि, ब्रॉडकास्टर्स BARC को बंद करने के विकल्प को फिलहाल आखिरी उपाय के तौर पर देख रहे हैं। उनकी तत्काल प्राथमिकता MIB से स्थिति स्पष्ट कराने और रेटिंग दोबारा शुरू करने का रास्ता निकालने की है।

नई नीति में कई बड़े बदलाव

यह पूरी स्थिति सरकार के उस उद्देश्य के बीच सामने आई है, जिसमें टीवी रेटिंग सिस्टम को ज्यादा पारदर्शी और स्वतंत्र बनाने की बात कही गई है।

टेलीविजन रेटिंग पॉलिसी 2026 में कई संरचनात्मक बदलाव किए गए हैं। इनमें रेटिंग एजेंसियों के लिए न्यूनतम नेटवर्थ की शर्त को ₹20 करोड़ से घटाकर ₹5 करोड़ करना, मीजरमेंट पैनल को 50,000 से बढ़ाकर 80,000 घर करना, हर साल स्वतंत्र ऑडिट और रेटिंग एजेंसी के बोर्ड में कम से कम 33% स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति शामिल है।

सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य टीवी ऑडियंस मीजरमेंट में पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जवाबदेही को मजबूत करना है। सरकार की 24 जुलाई की सूचना के मुताबिक, उस समय तक नई नीति के तहत किसी भी रेटिंग एजेंसी को रजिस्टर नहीं किया गया था।

नई व्यवस्था लागू करने में लैंडिंग-पेज मेथडोलॉजी भी एक विवादित मुद्दा रही है। नई नीति में लैंडिंग-पेज व्यूअरशिप को आधिकारिक रेटिंग की गणना से बाहर रखा गया है। वहीं, ब्रॉडकास्टर्स की इसको लेकर अलग-अलग राय रही है। हाल की सरकार और इंडस्ट्री के बीच हुई चर्चाओं में यह मुद्दा भी शामिल रहा है कि BARC नई मेथडोलॉजी का पालन करते हुए रेटिंग दोबारा कैसे शुरू कर सकता है।

IBDF ने भी जताई टीवी इंडस्ट्री की अहमियत

इंडस्ट्री संगठन टीवी की आर्थिक अहमियत और एक स्थिर मीजरमेंट व्यवस्था की जरूरत को लगातार सामने रखते रहे हैं। सोमवार को इंडियन ब्रॉडकास्टिंकग व डिजिल फाउंडेशन की वार्षिक आम बैठक में IBDF के अध्यक्ष केविन वज ने कहा कि टेलीविजन भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक ढांचे का अहम हिस्सा बना हुआ है।

वहीं, IBDF के सेक्रेटरी जनरल और CEO अविनाश पांडे ने कहा कि राय अलग हो सकती है, लेकिन ब्रॉडकास्टिंग इकोसिस्टम के व्यापक हित को लेकर आपसी मतभेद नहीं होना चाहिए। ब्रॉडकास्टर्स की हालिया चर्चा से संकेत मिलता है कि इंडस्ट्री अब इस साझा रुख को सरकार के सामने ज्यादा सीधे तरीके से रखने की तैयारी कर रही है।

ब्रॉडकास्टर्स के लिए नवंबर की समयसीमा अब अहम पड़ाव बनती जा रही है। फिलहाल उनकी प्राथमिकता MIB को BARC की रेटिंग दोबारा शुरू करने की अनुमति देने के लिए मनाना है। इसके साथ बाकी अनुपालन से जुड़ी शर्तों को एक तय समयसीमा में पूरा किया जा सकता है। यदि यह कोशिश सफल नहीं होती है, तो ब्रॉडकास्टर्स इंडस्ट्री स्तर पर BARC को बंद करने की संभावना पर विचार करने की तैयारी कर रहे हैं।

 

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आईबीडीएफ की बैठक में बार्क टीवी रेटिंग तत्काल बहाल करने की मांग

आईबीडीएफ की 27वीं वार्षिक आम बैठक में सदस्यों ने बार्क टीवी रेटिंग तत्काल बहाल करने की मांग की। रेटिंग निलंबन से विज्ञापन, राजस्व और मीडिया योजना प्रभावित होने की बात कही।

Last Modified:
Monday, 21 September, 2026
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इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (Indian Broadcasting and Digital Foundation) यानी आईबीडीएफ (IBDF) की 27वीं वार्षिक आम बैठक में सदस्यों ने बार्क (BARC) टेलीविजन रेटिंग को तत्काल बहाल करने की मांग की। प्रसारकों ने कहा कि रेटिंग लंबे समय तक निलंबित रहने से राजस्व और कारोबारी अनुमान प्रभावित हो रहे हैं, खासकर त्योहारी मौसम में।

सदस्यों के अनुसार, रेटिंग बंद होने से विज्ञापनदाताओं के बीच अनिश्चितता बढ़ी है और मीडिया प्लानिंग (Media Planning) प्रभावित हुई है। उनके मुताबिक, रेटिंग जल्द बहाल होने से विज्ञापनदाताओं का भरोसा लौटाने और ब्रॉडकास्टिंग सेक्टर (Broadcasting Sector) में कारोबारी गतिविधियों को सामान्य करने में मदद मिलेगी।

बैठक में सरकार द्वारा केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 7(11) को हटाने के फैसले का स्वागत किया गया। इस नियम में विज्ञापन अवधि के लिए 10+2 की सीमा तय थी। सदस्यों ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (Telecom Regulatory Authority of India) यानी ट्राई (TRAI) द्वारा 2012 के विज्ञापन अवधि संबंधी नियमों को रद्द किए जाने की भी सराहना की।

आईबीडीएफ के अध्यक्ष केविन वाज़ (Kevin Vaz) ने कहा कि टेलीविजन भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उद्योग के दीर्घकालिक हितों के लिए एकजुट आवाज जरूरी है। आईबीडीएफ के महासचिव एवं सीईओ अविनाश पांडे (Avinash Pandey) ने भी साझा जिम्मेदारी और सहयोग पर जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि 2025 में टेलीविजन का राजस्व करीब 617 अरब रुपये रहा, जो भारत के मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र का लगभग 22 प्रतिशत है। टेलीविजन हर महीने करीब 83.1 करोड़ और हर सप्ताह करीब 74.5 करोड़ दर्शकों तक पहुंचता है।

बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence), कॉपीराइट (Copyright), टैक्सेशन (Taxation), पायरेसी (Piracy), टेलीकॉम रेगुलेशन (Telecom Regulation) और विज्ञापन नियमों समेत उद्योग से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने निवेश और इनोवेशन (Innovation) को बढ़ावा देने वाली नीतियों की जरूरत बताई।

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BAG Films: AGM में सभी प्रस्ताव पास, सुधीर शुक्ला व चंदन कुमार की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी

B.A.G. Films and Media Limited की 33वीं वार्षिक आम बैठक यानी AGM 17 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित हुई।

Last Modified:
Monday, 21 September, 2026
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B.A.G. Films and Media Limited की 33वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 17 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित हुई। कंपनी ने 19 सितंबर 2026 को वार्षिक आम बैठक के वोटिंग रिजल्ट और कंसोलिडेटेड स्क्रूटिनाइजर रिपोर्ट स्टॉक एक्सचेंज को भेजी है। कंपनी के मुताबिक, AGM में रखे गए सभी 13 प्रस्ताव जरूरी बहुमत के साथ पास हो गए। इन प्रस्तावों पर रिमोट ई-वोटिंग और AGM के दौरान ई-वोटिंग के जरिए मतदान हुआ।

AGM में पहला प्रस्ताव कंपनी के 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के ऑडिटेड स्टैंडअलोन फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स, जिसमें कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट भी शामिल हैं, को मंजूरी देने से जुड़ा था। इसके साथ बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की रिपोर्ट भी शामिल थीं। यह प्रस्ताव पास हो गया।

दूसरे प्रस्ताव में सुधीर शुक्ला को रोटेशन के आधार पर रिटायर होने के बाद, पात्र होने के कारण दोबारा निदेशक नियुक्त करने की मंजूरी दी गई। यह प्रस्ताव भी पास हुआ। तीसरे प्रस्ताव में चंदन कुमार जैन को कंपनी के स्वतंत्र निदेशक के तौर पर दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी मांगी गई थी। यह प्रस्ताव भी पास हो गया।

इसके बाद प्रस्ताव संख्या 4 में News24 Broadcast India Limited के साथ Material Related Party Transactions को मंजूरी देने की बात थी। यह प्रस्ताव भी पास हुआ। प्रस्ताव संख्या 5 में E24 Glamour Limited के साथ Material Related Party Transactions को मंजूरी देने की बात थी। इसे भी मंजूरी मिल गई।

प्रस्ताव संख्या 6 में Skyline Tele Media Services Limited के साथ Material Related Party Transactions को मंजूरी देने की बात थी। यह प्रस्ताव भी पास हुआ। प्रस्ताव संख्या 7 में B.A.G. Live Entertainment Limited के साथ Material Related Party Transactions को मंजूरी देने की बात थी। इसे भी शेयरधारकों ने मंजूरी दी।

प्रस्ताव संख्या 8 में News24 Broadcast India Limited और B.A.G. Live Entertainment Limited के बीच Material Related Party Transactions को मंजूरी देने की बात थी। यह प्रस्ताव भी पास हुआ। प्रस्ताव संख्या 9 में News24 Broadcast India Limited और Skyline Tele Media Services Limited के बीच Material Related Party Transactions को मंजूरी देने की बात थी। इसे भी मंजूरी मिली।

प्रस्ताव संख्या 10 में News24 Broadcast India Limited और B.A.G. Convergence Limited के बीच Material Related Party Transactions को मंजूरी देने की बात थी। यह प्रस्ताव भी पास हुआ। प्रस्ताव संख्या 11 में E24 Glamour Limited और B.A.G. Live Entertainment Limited के बीच Material Related Party Transactions को मंजूरी देने की बात थी। इसे भी मंजूरी मिल गई।

प्रस्ताव संख्या 12 में E24 Glamour Limited और Skyline Tele Media Services Limited के बीच Material Related Party Transactions को मंजूरी देने की बात थी। यह प्रस्ताव भी पास हुआ। वहीं, प्रस्ताव संख्या 13 में E24 Glamour Limited और B.A.G. Convergence Limited के बीच Material Related Party Transactions को मंजूरी देने की बात थी। यह प्रस्ताव भी जरूरी बहुमत के साथ पास हुआ।

कंपनी के वोटिंग रिजल्ट के मुताबिक, 10 सितंबर 2026 रिकॉर्ड डेट थी और उस तारीख को कंपनी के रिकॉर्ड में कुल 73,639 शेयरधारक थे। बैठक में कुल 13 प्रस्तावों पर मतदान हुआ और सभी प्रस्ताव पास हुए। 

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News Leader ने हिंदी न्यूज ब्रॉडकास्टिंग में रखा कदम, जनहित के मुद्दों पर रहेगा फोकस

वरिष्ठ पत्रकार रोहित सावल के नेतृत्व में नोएडा से होगा इस हिंदी न्यूज चैनल का संचालन

Last Modified:
Saturday, 19 September, 2026
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Leader News Network Pvt. Ltd. द्वारा प्रमोटेड न्यूज लीडर (News Leader) ने नेशनल हिंदी न्यूज चैनल के तौर पर शुरुआत की है। चैनल का संचालन वरिष्ठ पत्रकार रोहित सावल के नेतृत्व में नोएडा से किया जाएगा।

News Leader की टैगलाइन ‘अब बारी आपकी’ है। चैनल के मुताबिक, इसके जरिए खबरों के एजेंडे में दर्शकों की आवाज और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं को केंद्र में रखने का प्रयास किया जाएगा।

बतौर सीईओ और एडिटर-इन-चीफ रोहित सावल के नेतृत्व में News Leader ने ऐसा संपादकीय दृष्टिकोण अपनाने की बात कही है, जिसमें लोगों के मुद्दों को समझने और उनके सवाल उठाने पर फोकस रहेगा। 

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कलकत्ता HC ने की 'रिपब्लिक मीडिया' के अधिकारियों के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई खारिज

कलकत्ता हाई कोर्ट ने 'रिपब्लिक मीडिया' के सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर और एडिटर-इन-चीफ अभिषेक कपूर और 'रिपब्लिक बांग्ला' के पत्रकार बिट्टू चौधरी के खिलाफ चल रही आपराधिक मानहानि की कार्रवाई खारिज कर दी।

Last Modified:
Saturday, 19 September, 2026
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कलकत्ता हाई कोर्ट ने 'रिपब्लिक मीडिया' के सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर और एडिटर-इन-चीफ अभिषेक कपूर और 'रिपब्लिक बांग्ला' के पत्रकार बिट्टू चौधरी के खिलाफ चल रही आपराधिक मानहानि की कार्रवाई खारिज कर दी है। यह मामला गायक और गीतकार कबीर सुमन को किए गए कथित फोन कॉल से जुड़ा था।

कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट ने सीआरपीसी की धारा 202 के तहत जरूरी समन जारी करने से पहले की जाने वाली जांच नहीं की। कोर्ट ने कहा कि यह जांच इसलिए जरूरी थी क्योंकि याचिकाकर्ता मजिस्ट्रेट के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर रहते थे।

न्यायमूर्ति उदय कुमार की बेंच ने कहा कि रिकॉर्ड में यह साफ है कि दोनों याचिकाकर्ता अलीपुर के संबंधित मजिस्ट्रेट के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर रहते हैं। ऐसे में निचली अदालत ने जिस तरह सीधे कार्रवाई आगे बढ़ाई, वह सीआरपीसी की धारा 202 के कानूनी उद्देश्य और प्रावधान के खिलाफ है।

कोर्ट ने सभी कानूनी प्रावधानों, तथ्यों, याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ वकील की दलीलों और पहले दिए गए संबंधित फैसलों पर विचार करने के बाद कहा कि दोनों याचिकाकर्ताओं के खिलाफ शिकायत मामला संख्या 1286/2022 को जारी रखना कानून की प्रक्रिया का गंभीर दुरुपयोग और न्याय के साथ अन्याय होगा।

इस मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीपन गांगुली और अधिवक्ता अपलक बसु पेश हुए। याचिकाकर्ताओं ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत दो पुनरीक्षण याचिकाएं दायर की थीं। इनमें न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने लंबित आपराधिक मामले को खारिज करने की मांग की गई थी। यह शिकायत भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 499, 500 और 34 के तहत दर्ज की गई थी।

फोन कॉल से जुड़ा था मामला

मामले के मुताबिक, 27 जनवरी 2022 को दोपहर करीब 1:30 बजे 'रिपब्लिक बांग्ला' के रिपोर्टर बिट्टू चौधरी ने गायक और गीतकार कबीर सुमन को फोन किया था। यह फोन दिवंगत गायिका संध्या मुखर्जी से जुड़ी एक खबर पर उनकी प्रतिक्रिया लेने के लिए किया गया था।

फोन से नाराज कबीर सुमन ने कथित तौर पर गुस्से में अपशब्दों और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद उन्होंने फेसबुक पर एक लंबी माफी भी प्रकाशित की और अपने गुस्से में कही गई बातों को स्वीकार किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कानूनी नोटिस का आदान-प्रदान हुआ। बाद में मजिस्ट्रेट ने मामले का संज्ञान लेते हुए समन जारी किया।

शिकायत में रिपोर्टर बिट्टू चौधरी पर बातचीत रिकॉर्ड करने और उसे फैलाने का आरोप लगाया गया था। वहीं, रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर और एडिटर-इन-चीफ अभिषेक कपूर को भी व्यक्तिगत और जिम्मेदार अधिकारी के तौर पर मामले में शामिल किया गया। हालांकि, यह बात स्वीकार की गई थी कि 'रिपब्लिक बांग्ला' या रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के किसी भी चैनल पर इस बातचीत, ऑडियो रिकॉर्डिंग, न्यूज कार्यक्रम या किसी अन्य कार्यक्रम को कभी प्रसारित नहीं किया गया था।

याचिकाकर्ताओं ने क्या दलील दी?

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 499 के तहत मानहानि के अपराध के जरूरी आधार इस मामले में मौजूद ही नहीं हैं। इसलिए यह आपराधिक कार्रवाई कानूनी आधार के बिना शुरू की गई है। 

यह भी दलील दी गई कि अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति के उन शब्दों को सही तरीके से दोहराता या रिकॉर्ड करता है, जो उस व्यक्ति ने खुद गुस्से में कहे हैं, तो केवल ऐसा करने से उसे मानहानि का दोषी नहीं माना जा सकता।

कोर्ट ने मजिस्ट्रेट के आदेश पर क्या कहा?

कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट की ओर से जारी समन आदेश में गंभीर प्रक्रियात्मक और कानूनी खामियां थीं। कोर्ट के मुताबिक, आदेश में आरोपियों की व्यक्तिगत भूमिका और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर पर्याप्त न्यायिक विचार दिखाई नहीं देता।

कोर्ट ने कहा कि केवल एक सामान्य पदनाम और रिपोर्टर के आधार पर आदेश जारी किया गया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि मजिस्ट्रेट ने सीआरपीसी की धारा 202 के तहत जरूरी समन से पहले की जाने वाली जांच को पूरी तरह नजरअंदाज किया।

कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के सुब्रमण्यम स्वामी बनाम भारत संघ, कानून मंत्रालय एवं अन्य [(2016) 7 SCC 221] के फैसले का भी हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि जब आरोपी मजिस्ट्रेट के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र से बाहर रहता है, तो धारा 202 के तहत समन जारी करने से पहले मजिस्ट्रेट के लिए जांच करना या जांच के निर्देश देना जरूरी है।

इस प्रावधान का उद्देश्य दूर रहने वाले लोगों के खिलाफ की गई झूठी, परेशान करने वाली या बेबुनियाद शिकायतों को शुरुआती स्तर पर छांटना है। कोर्ट ने इस मामले में शिकायतकर्ता यानी विपक्षी पक्ष संख्या 2 की लगातार और जानबूझकर गैरहाजिरी पर भी नाराजगी जताई। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पुनरीक्षण याचिकाओं को मंजूर कर लिया और अभिषेक कपूर और बिट्टू चौधरी के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई को खारिज कर दिया।

 

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B.A.G. Films की AGM में 13 प्रस्तावों पर हुई चर्चा, वोटिंग रिजल्ट बाद में होगा जारी

B.A.G. Films and Media Limited की 33वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 17 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई।

Last Modified:
Saturday, 19 September, 2026
BAG8992

B.A.G. Films and Media Limited की 33वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 17 सितंबर 2026 को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। बैठक में कंपनी के डायरेक्टर्स, ऑडिटर्स, अधिकारियों और शेयरहोल्डर्स ने हिस्सा लिया।

कंपनी के कंपनी सेक्रेट्री और कम्प्लायंस ऑफिसर अजय मिश्रा ने सभी सदस्यों का स्वागत किया और बैठक के दौरान अपनाई जाने वाली जरूरी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने कंपनी की चेयरपर्सन और Managing Director अनुराधा प्रसाद शुक्ला से बैठक की अध्यक्षता करने का अनुरोध किया।

बैठक में मौजूद सभी डायरेक्टर्स ने अपना परिचय दिया। इनमें अनुराधा प्रसाद शुक्ला, चंदन कुमार जैन, सुधीर शुक्ला, अनामिका सूद, संजीव कुमार दुबे और अर्शित आनंद शामिल थे। सभी डायरेक्टर्स ने अलग-अलग जगहों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में हिस्सा लिया।

AGM में कंपनी के Statutory Auditor Joy Mukherjee and Associates की ओर से जॉय मुखर्जी, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अजय जैन और Secretarial Auditor Balika Sharma & Associates की ओर से पुष्पा जोशी भी मौजूद रहीं।

अनुराधा प्रसाद शुक्ला ने AGM में शेयरहोल्डर्स, डायरेक्टर्स, ऑडिटर्स और कंपनी के अन्य अधिकारियों का स्वागत किया। जरूरी संख्या में सदस्य मौजूद होने के बाद बैठक की कार्यवाही शुरू की गई।

कंपनी के कामकाज और वित्तीय प्रदर्शन पर जानकारी

चेयरपर्सन ने अपने संबोधन में कंपनी के कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन का संक्षिप्त ब्योरा दिया। उन्होंने कंपनी के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट और ऑपरेशंस के बारे में बात की। साथ ही भविष्य में मिलने वाले अवसरों के लिए कंपनी की तैयारियों की भी जानकारी दी।

कंपनी सेक्रेटरी ने बताया कि 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए वैधानिक लेखा परीक्षक (Statutory Auditors) की रिपोर्ट और कंपनी सचिवीय लेखा परीक्षक (Secretarial Auditor) की रिपोर्ट में कोई आपत्ति, टिप्पणी या प्रतिकूल टिप्पणी नहीं है।

AGM में 13 प्रस्ताव रखे गए

AGM में कुल 13 प्रस्तावों पर कामकाज किया गया। इनमें से दो प्रस्ताव सामान्य कामकाज (Ordinary Business) और बाकी प्रस्ताव विशेष कामकाज (Special Business) से जुड़े थे। सामान्य कामकाज के तहत 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लेखा-परीक्षित वित्तीय विवरण (Audited Financial Statements) और समेकित वित्तीय विवरण (Consolidated Financial Statements) को मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा गया। इसमें निदेशक मंडल और लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट भी शामिल थी।

इसके अलावा, सुधीर शुक्ला के रोटेशन के आधार पर रिटायर होने के बाद, पात्र होने पर उन्हें दोबारा निदेशक नियुक्त करने का प्रस्ताव भी रखा गया। विशेष कामकाज के तहत चंदन कुमार जैन को कंपनी के स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के तौर पर दोबारा नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया।

इसके अलावा News24 Broadcast India Limited, E24 Glamour Limited, Skyline Tele Media Services Limited और B.A.G. Live Entertainment Limited के साथ Material Related Party Transactions से जुड़े प्रस्ताव भी AGM में रखे गए। कुछ प्रस्तावों में इन कंपनियों के बीच होने वाले Related Party Transactions की मंजूरी मांगी गई थी।

शेयरहोल्डर्स ने पूछे सवाल

AGM के दौरान रजिस्टर्ड स्पीकर शेयरहोल्डर्स को अपने विचार रखने, सवाल पूछने और सुझाव देने का मौका दिया गया। कुल 6 रजिस्टर्ड स्पीकर शेयरहोल्डर्स ने सवाल पूछे या अपनी बात रखी, जिनका कंपनी की ओर से जरूरी जवाब और स्पष्टीकरण दिया गया। इसके बाद उन शेयरहोल्डर्स को AGM के दौरान इलेक्ट्रॉनिक तरीके से वोट करने का मौका दिया गया, जिन्होंने रिमोट ई-वोटिंग के जरिए पहले वोट नहीं किया था। यह वोटिंग NSDL प्लेटफॉर्म के जरिए सभी 13 प्रस्तावों पर की गई।

कंपनी ने AGM से पहले भी NSDL के जरिए रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा दी थी। कंपनी के मुताबिक, 10 सितंबर 2026 की कट-ऑफ डेट पर शेयर रखने वाले शेयरहोल्डर्स ने इस सुविधा के जरिए अपना वोट डाला।

वोटिंग रिजल्ट बाद में होगा जारी

AGM में हुई वोटिंग के नतीजे रिमोट ई-वोटिंग और AGM में हुई ई-वोटिंग दोनों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जाएंगे। Balika Sharma & Associates की सीनियर पार्टनर बालिका शर्मा को वोटों की जांच के लिए Scrutinizer नियुक्त किया गया था।

चेयरपर्सन ने कंपनी सेक्रेट्री को AGM खत्म होने के दो कार्यदिवस के भीतर वोटिंग रिजल्ट और Consolidated Scrutinizer's Report BSE और NSE को जमा करने और कंपनी तथा NSDL की वेबसाइट पर उपलब्ध कराने के लिए अधिकृत किया है।AGM के अंत में शेयरहोल्डर्स को NSDL प्लेटफॉर्म पर वोट करने के लिए 15 मिनट की अतिरिक्त सुविधा दी गई। इसके बाद बैठक शाम 17 सितंबर को 4:45 बजे समाप्त हुई। 

English URL: bag-films-33rd-agm-13-resolutions-voting-results

 

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Sun TV Network की AGM में 4 प्रस्ताव पास, काव्या कलानिधि मारन की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी

सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड (Sun TV Network Limited) की 41वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 18 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC)/अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम (OAVM) के जरिए आयोजित हुई।

Last Modified:
Saturday, 19 September, 2026
SunTV895

सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड (Sun TV Network Limited) की 41वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 18 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC)/अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम (OAVM) के जरिए आयोजित हुई। बैठक सुबह 10 बजे शुरू हुई और 10:22 बजे समाप्त हुई।

कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, बैठक की अध्यक्षता कंपनी के चेयरमैन कलानिधि मारन ने की। उन्होंने सदस्यों का स्वागत किया और जरूरी कोरम पूरा होने की जानकारी देते हुए बैठक की कार्यवाही शुरू की। इसके बाद चेयरमैन ने कंपनी के निदेशकों का परिचय कराया और कंपनी सेक्रेटरी से AGM से जुड़े निर्देश पढ़ने को कहा।

कंपनी सेक्रेटरी ने बताया कि AGM का नोटिस, बिना किसी बदलाव वाली ऑडिटर रिपोर्ट और सेक्रेटेरियल ऑडिटर रिपोर्ट पहले ही सदस्यों को भेजी जा चुकी हैं। इसलिए शेयरधारकों की सहमति से इन्हें पढ़ा हुआ माना गया।

कंपनी सेक्रेटरी ने यह भी बताया कि AGM के नोटिस में शामिल प्रस्तावों पर सदस्यों को रिमोट ई-वोटिंग की सुविधा दी गई थी। यह ई-वोटिंग 15 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे शुरू हुई थी और 17 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे समाप्त हुई। ई-वोटिंग प्रक्रिया के लिए चेन्नई की प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरीज फर्म M/s. Lakshmmi Subramanian & Associates की पार्टनर स्वेता सुब्रमणियन को स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया गया था।

कंपनी ने बताया कि वोटिंग के नतीजे AGM खत्म होने के दो कामकाजी दिनों के भीतर स्टॉक एक्सचेंज को बताए जाएंगे और कंपनी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

एक शेयरधारक के सवाल का जवाब देने के बाद चेयरमैन ने AGM के दौरान ई-वोटिंग शुरू करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने बैठक में शामिल सभी सदस्यों का धन्यवाद किया और बैठक समाप्त करने की घोषणा की।

AGM में पास किए गए प्रस्ताव

कंपनी के सदस्यों ने कुल चार प्रस्तावों को मंजूरी दी।

  1. फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी-


    सदस्यों ने 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए कंपनी के अलग-अलग (Standalone) और समेकित (Consolidated) आधार पर भारतीय लेखा मानकों (Ind-AS) के तहत तैयार किए गए ऑडिटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी दी। इसमें बैलेंस शीट, लाभ-हानि खाता और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स व ऑडिटर्स की रिपोर्ट शामिल हैं। यह साधारण प्रस्ताव (Ordinary Resolution) था।
  2. अंतरिम लाभांश की पुष्टि

    31 मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के लिए पहले ही दिए जा चुके अंतरिम लाभांश को लाभांश के रूप में मंजूरी दी गई। यह भी साधारण प्रस्ताव था।

  3. काव्या कलानिधि मारन की दोबारा नियुक्ति

    सदस्यों ने काव्या कलानिधि मारन की निदेशक के तौर पर दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दी। वह रोटेशन के आधार पर पद से रिटायर हो रही थीं और दोबारा नियुक्ति के लिए उन्होंने अपनी सहमति दी। यह साधारण प्रस्ताव था।
  4. कॉस्ट ऑडिटर के पारिश्रमिक की पुष्टि

    वित्तीय वर्ष 31 मार्च 2027 को समाप्त होने वाले साल के लिए कॉस्ट ऑडिटर M/s. S. Sundar & Associates को दिए जाने वाले पारिश्रमिक की पुष्टि की गई। यह भी साधारण प्रस्ताव था।

इस तरह Sun TV Network की 41वीं AGM में सदस्यों ने सभी चार प्रस्तावों को मंजूरी दी। 

 

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'टीवी टुडे नेटवर्क' की AGM में तीनों प्रस्ताव पास, सुनील बजाज की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी

टीवी टुडे नेटवर्क (T.V. Today Network Limited) की 27वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने नोटिस में रखे गए सभी तीन प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी

Last Modified:
Saturday, 19 September, 2026
TVTodayNetwork874

टीवी टुडे नेटवर्क (T.V. Today Network Limited) की 27वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों ने नोटिस में रखे गए सभी तीन प्रस्तावों को जरूरी बहुमत के साथ मंजूरी दे दी। कंपनी ने 18 सितंबर 2026 को इसकी जानकारी दी।

कंपनी की 27वीं AGM 17 सितंबर 2026 को दोपहर 3:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC)/अन्य ऑडियो-विजुअल माध्यम (OAVM) के जरिए हुई। बैठक शाम 4:26 बजे समाप्त हुई।

कंपनी ने बताया कि AGM के नोटिस में 15 मई 2026 को रखे गए सभी प्रस्ताव शेयरधारकों ने जरूरी बहुमत से पास कर दिए। इसके साथ ही कंसोलिडेटेड स्क्रूटिनाइजर रिपोर्ट भी जारी की गई है।

  1. फाइनेंशियल स्टेटमेंट को मंजूरी

पहले प्रस्ताव में कंपनी के 31 मार्च 2026 को समाप्त वित्तीय वर्ष के ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट को मंजूरी देने की बात थी। इसमें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की रिपोर्ट भी शामिल थी। यह साधारण प्रस्ताव (Ordinary Resolution) था और इसे जरूरी बहुमत से मंजूरी मिली। कुल 3,87,92,381 वोट पड़े, जिनमें 3,87,86,573 वोट प्रस्ताव के पक्ष में और 5,808 वोट खिलाफ पड़े। यानी पड़े वोटों में 99.985% वोट पक्ष में रहे।

  1. सुनील बजाज की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी

दूसरे प्रस्ताव में सुनील बजाज को निदेशक के तौर पर दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी मांगी गई थी। वह AGM में रोटेशन के आधार पर रिटायर हो रहे थे और पात्र होने के कारण उन्होंने दोबारा नियुक्ति के लिए खुद को पेश किया था। इस प्रस्ताव को भी जरूरी बहुमत से मंजूरी मिल गई।

इस प्रस्ताव पर कुल 3,88,10,729 वोट पड़े। इनमें 3,81,48,251 वोट पक्ष में और 6,62,478 वोट खिलाफ पड़े। यानी कुल पड़े वोटों में 98.2931% वोट प्रस्ताव के पक्ष में रहे, जबकि 1.7069% वोट खिलाफ पड़े।

  1. कॉस्ट ऑडिटर के पारिश्रमिक (फीस) की मंजूरी

तीसरे प्रस्ताव में कंपनी के कॉस्ट अकाउंटेंट और कॉस्ट ऑडिटर M/s SKG & Co. को दिए जाने वाले पारिश्रमिक की पुष्टि करने की बात थी। इस प्रस्ताव को भी शेयरधारकों ने जरूरी बहुमत से मंजूरी दे दी। इस पर कुल 3,88,10,729 वोट पड़े। इनमें 3,88,04,801 वोट पक्ष में और 5,928 वोट खिलाफ पड़े। यानी 99.9847% वोट पक्ष में और 0.0153% वोट खिलाफ रहे।

17 सितंबर को हुई AGM में 166 शेयरधारकों ने लिया ऑनलाइन हिस्सा 

कंपनी की जानकारी के मुताबिक, 10 सितंबर 2026 रिकॉर्ड डेट पर कंपनी के कुल 52,015 शेयरधारक थे। AGM में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 1 प्रमोटर/प्रमोटर ग्रुप और 165 पब्लिक शेयरधारकों ने हिस्सा लिया। यानी कुल 166 शेयरधारकों ने ऑनलाइन बैठक में भाग लिया। 

वोटिंग की जांच के लिए नीतेश लटवाल, पार्टनर, M/s PI & Associates, प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरीज को स्क्रूटिनाइजर नियुक्त किया गया था। रिमोट ई-वोटिंग 14 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे शुरू हुई थी और 16 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे समाप्त हुई। AGM के दौरान भी ई-वोटिंग की सुविधा दी गई थी। स्क्रूटिनाइजर की रिपोर्ट के मुताबिक, AGM के एजेंडे में शामिल तीनों प्रस्ताव जरूरी बहुमत से पास हो गए।

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TV Today Network की AGM में रखे गए ये तीन प्रस्ताव, वोटिंग के नतीजे बाद में होंगे जारी

टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड (T.V. Today Network Limited) की 27वीं सालाना आम बैठक (AGM) 17 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई।

Last Modified:
Friday, 18 September, 2026
tvToday41

टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड (T.V. Today Network Limited) की 27वीं सालाना आम बैठक (AGM) 17 सितंबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। बैठक दोपहर 3:30 बजे शुरू हुई और शाम 4:26 बजे खत्म हुई। इसके बाद सदस्यों को वोटिंग के लिए 30 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया।

कंपनी के चेयरमैन और पूर्णकालिक निदेशक अरुण पुरी ने बैठक की अध्यक्षता की। कंपनी के ग्रुप हेड-सेक्रेटेरियल और कंपनी सेक्रेटरी एवं अनुपालन अधिकारी आशीष सभरवाल ने सदस्यों, निदेशकों और अन्य लोगों का स्वागत किया और बैठक में मौजूद निदेशकों व अधिकारियों का परिचय कराया।

बैठक में स्वतंत्र निदेशक और ऑडिट समिति के चेयरमैन अभिषेक मल्होत्रा, स्वतंत्र निदेशक और नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति तथा हितधारक संबंध समिति की चेयरपर्सन नीरा मल्होत्रा, गैर-कार्यकारी निदेशक सुनील बजाज, स्वतंत्र निदेशक जैवीर सिंह और स्वतंत्र निदेशक हेमा सिंह रेंस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए।

कंपनी के वैधानिक लेखा परीक्षक, सचिवीय लेखा परीक्षक और बैठक के लिए नियुक्त जांच अधिकारी के प्रतिनिधि भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में शामिल हुए।

बैठक के दौरान सदस्यों को बताया गया कि कंपनी की वैधानिक रजिस्टर और बैठक के नोटिस में बताए गए अन्य दस्तावेज एनएसडीएल के ई-वोटिंग मंच पर सदस्यों के लिए ऑनलाइन जांच के लिए उपलब्ध थे।

कंपनी ने बताया कि निदेशक मंडल ने नई दिल्ली की PI & Associates के पार्टनर और प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी नितेश लाटवाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। वह बैठक से पहले और बैठक के दौरान हुई पूरी ई-वोटिंग प्रक्रिया की जांच करेंगे।

आवश्यक संख्या में सदस्यों की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद चेयरमैन ने बैठक की शुरुआत की। इसके बाद अरुण पुरी ने अपना संबोधन दिया और वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी के प्रदर्शन की जानकारी साझा की।

कंपनी ने बताया कि बैठक का नोटिस और वित्त वर्ष 2025-26 की एकीकृत सालाना रिपोर्ट पहले ही सदस्यों को भेजी जा चुकी थी। इसलिए बैठक में 27वीं AGM का नोटिस, निदेशकों की रिपोर्ट और लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट को पढ़ा हुआ माना गया। चेयरमैन ने यह भी बताया कि कंपनी के वित्तीय विवरणों पर लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट में कोई आपत्ति नहीं थी। सचिवीय लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट में भी कोई आपत्ति नहीं थी।

इसके बाद कंपनी के कंपनी सेक्रेटरी ने बैठक के नोटिस में रखे गए प्रस्तावों की जानकारी सदस्यों को दी। सदस्यों के सवालों का जवाब चेयरमैन अरुण पुरी, ग्रुप चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर दिनेश भाटिया और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर यतेंद्र कुमार त्यागी ने दिया।

कंपनी ने सदस्यों को बताया कि सभी प्रस्तावों पर ऑनलाइन वोटिंग की सुविधा दी गई थी। इसके लिए 14 सितंबर 2026 को सुबह 9 बजे से 16 सितंबर 2026 को शाम 5 बजे तक पहले से वोटिंग की सुविधा उपलब्ध थी। जो सदस्य AGM में शामिल हुए थे लेकिन पहले वोट नहीं कर पाए थे, उन्हें बैठक के दौरान ऑनलाइन वोट करने का मौका दिया गया।

बैठक में रखे गए प्रस्ताव

बैठक में सामान्य कामकाज के तहत 31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्त वर्ष के लिए कंपनी ने जो ऑडिट किए हुए फाइनेंशियल स्टेटमेंट तैयार किए हैं, उन्हें AGM में शेयरधारकों के सामने रखा गया, उन पर विचार किया गया, ताकि इस पर मंजूरी ली जा सके। इसमें कंपनी के अलग-अलग (Standalone) और पूरे समूह के संयुक्त (Consolidated) वित्तीय विवरण, साथ ही निदेशक मंडल और ऑडिटरों की रिपोर्ट शामिल हैं। इस प्रस्ताव को सामान्य प्रस्ताव के तौर पर शेयरधारकों के वोट से मंजूरी ली जानी है।

इसके अलावा सुनील बजाज को दोबारा निदेशक नियुक्त करने का प्रस्ताव रखा गया। वह इस AGM में बारी-बारी से सेवानिवृत्त होने वाले निदेशक थे और दोबारा नियुक्ति के लिए योग्य होने के कारण उन्होंने खुद को फिर से नियुक्त किए जाने के लिए पेश किया।

वहीं इसके अतिरिक्त विशेष कामकाज के तहत कंपनी के लागत लेखा परीक्षक SKG & Co. को दिए जाने वाले पारिश्रमिक (फीस) की पुष्टि करने का प्रस्ताव भी रखा गया।

कंपनी सेक्रेटरी ने बैठक में शामिल होने के लिए निदेशकों और सदस्यों का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि बैठक खत्म होने के बाद भी अगले 30 मिनट तक ई-वोटिंग की सुविधा खुली रही, ताकि सदस्य अपना वोट दे सकें।

कंपनी ने कहा कि वोटिंग के नतीजे जांच अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद घोषित किए जाएंगे। इसके बाद नतीजों की जानकारी शेयर बाजारों को दी जाएगी और कंपनी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह काम बैठक खत्म होने के दो कामकाजी दिनों के भीतर किया जाएगा।

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