भारत में टीवी ऑडियंस मापने की व्यवस्था (टेलीविजन मीजरमेंट सिस्टम) अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत में टीवी ऑडियंस मापने की व्यवस्था (टेलीविजन मीजरमेंट सिस्टम) अब एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल ऑफ इंडिया (BARC) सरकार के निर्देश के अनुसार 80,000 पीपल-मीटर लगाने की तैयारी कर रहा है।
केंद्र सरकार की नई टीवी रेटिंग पॉलिसी के तहत उठाया गया यह कदम इंडस्ट्री के लिए एक सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है, जिसका मकसद पारदर्शिता बढ़ाना, सैंपल साइज को मजबूत करना और विज्ञापनदाताओं का भरोसा बढ़ाना है।
BARC की 80,000 मीटर तक पहुंचने की तैयारी दिखाती है कि उसने पिछले कई सालों में अपने पैनल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और डेटा साइंस क्षमताओं को मजबूत करने पर काफी काम किया है। इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक, BARC इस बड़े विस्तार को लागू करने के लिए अच्छी स्थिति में है। इससे देश के अलग-अलग और विविध बाजारों में टीवी दर्शकों के डेटा को और ज्यादा बारीकी और भरोसे के साथ समझा जा सकेगा।
BARC बोर्ड के एक वरिष्ठ सदस्य ने, नाम न बताने की शर्त पर, इस फैसले को रेटिंग सिस्टम के लिए “टर्निंग पॉइंट” बताया। उन्होंने कहा कि 80,000 मीटर का विस्तार सिर्फ नियमों को पूरा करना नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा बदलाव है। इससे खासकर क्षेत्रीय और ग्रामीण बाजारों में दर्शकों के व्यवहार को ज्यादा सटीक तरीके से मापा जा सकेगा, जो अब विज्ञापनदाताओं के लिए तेजी से अहम बनते जा रहे हैं।
वहीं, BARC इंडिया के चेयरमैन गौरव बनर्जी और मैनेजमेंट टीम ने इस मामले पर फिलहाल कोई खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यह पूरा बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जब विज्ञापनदाता तेजी से बदलते और बिखरते मीडिया माहौल में ज्यादा सटीक और गहरी जानकारी की मांग कर रहे हैं।
हालांकि, इस पॉलिसी में हर साल 10,000 नए मीटर जोड़ने का भी प्रावधान है, जिसे कुछ लोग चुनौतीपूर्ण मान रहे हैं। इतने बड़े स्तर पर मीटर लगाना, उनकी देखभाल करना और ऑडिट करना- इन सबके लिए लगातार निवेश और देशभर में मजबूत लॉजिस्टिक व्यवस्था की जरूरत होगी।
BARC की आगे की रणनीति में एक अहम मुद्दा विदेशी निवेश (FDI) के नियम भी हैं। सूत्रों के मुताबिक, BARC ने पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) से हिस्सेदारी नियमों में ढील देने की मांग की थी, ताकि विदेशी निवेश और विशेषज्ञता लाई जा सके।
लेकिन सरकार ने अपना रुख साफ रखा है कि टीवी रेटिंग एजेंसियों पर विदेशी कंपनियों का पूरा नियंत्रण नहीं दिया जाएगा। इसके पीछे डेटा की सुरक्षा (डेटा सोवरेनिटी) और देश के मीडिया मेट्रिक्स पर बाहरी प्रभाव को लेकर चिंता जताई गई है।
हालांकि, इंडस्ट्री के कई लोग मानते हैं कि नियमों में स्पष्टता होना भी अपने आप में सकारात्मक है। एक इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने कहा कि तय और साफ नियम होने से लंबी अवधि के निवेश की योजना बनाना आसान हो जाता है। भले ही विदेशी पूंजी से विस्तार तेजी से हो सकता था, लेकिन मौजूदा ढांचा भी एक मजबूत और स्वतंत्र मीजरमेंट सिस्टम बनाने में मदद करता है।
हर साल 10,000 मीटर जोड़ने के लक्ष्य को लेकर इंडस्ट्री में आलोचना भी हो रही है। कई खिलाड़ियों का कहना है कि यह लक्ष्य काफी महत्वाकांक्षी है और इसे हासिल करने में लागत, सप्लाई चेन और ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले लोगों से जुड़ी चुनौतियां सामने आएंगी। साथ ही, तेजी से विस्तार के दौरान डेटा की गुणवत्ता और पैनल की स्थिरता बनाए रखना भी एक बड़ी चिंता है। कुछ लोगों का मानना है कि इस प्रक्रिया को तय समय सीमा की बजाय लचीले तरीके से चरणबद्ध (फेज्ड) ढंग से लागू किया जाना चाहिए।
ब्रॉडकास्टर्स और मीजरमेंट एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि इस पॉलिसी में भारी पूंजी खर्च (कैपेक्स) की जरूरत तो है, लेकिन इसके बदले टैक्स छूट, सब्सिडी या लागत साझा करने जैसी कोई व्यवस्था नहीं दी गई है।
चूंकि BARC एक नॉन-प्रॉफिट इंडस्ट्री बॉडी है, ऐसे में स्टेकहोल्डर्स का कहना है कि इस विस्तार का बोझ पूरे इकोसिस्टम पर असमान रूप से पड़ सकता है।
इस बीच, BARC ने Nielsen के साथ मिलकर क्रॉस-मीडिया मीजरमेंट की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है, जिससे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की उस शर्त को पूरा किया जा सके, जिसमें सभी जरूरी मीडिया प्लेटफॉर्म्स को मापने की बात कही गई है।
प्रधानमंत्री ने विदेश यात्रा पर टैक्स या सेस लगाए जाने की खबरों को खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए पीएम ने कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेश यात्रा पर टैक्स या सेस लगाए जाने की खबर को 'पूरी तरह गलत' बताए जाने के बाद बिजनेस न्यूज चैनल CNBC-TV18 ने अपनी रिपोर्ट वापस ले ली है। चैनल ने स्वीकार किया कि उसकी खबर सटीक नहीं थी और इसके लिए खेद भी जताया।
दरअसल, CNBC-TV18 ने शुक्रवार को एक ‘एक्सक्लूसिव’ रिपोर्ट में दावा किया था कि केंद्र सरकार विदेश यात्राओं पर अस्थायी टैक्स, सेस या सरचार्ज लगाने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया था कि बढ़ती वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और युद्ध संबंधी वित्तीय दबावों से निपटने के लिए उच्च स्तर पर इस प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है।
रिपोर्ट सामने आने के बाद बिजनेस, शिक्षा और पर्यटन के सिलसिले में विदेश यात्रा करने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, कुछ ही समय बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इन दावों को खारिज कर दिया। प्रधानमंत्री ने लिखा, 'यह पूरी तरह गलत है। इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है। विदेश यात्रा पर किसी प्रकार की पाबंदी लगाने का सवाल ही नहीं उठता।' उन्होंने आगे कहा कि सरकार ‘Ease of Doing Business’ और ‘Ease of Living’ को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
This is totally false.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 15, 2026
Not an iota of truth in this.
There is no question of putting such restrictions on foreign travel.
We remain committed to improving ‘Ease of Doing Business’ and ‘Ease of Living’ for our people. https://t.co/9lxjbxz0nV
सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद CNBC-TV18 ने अपनी रिपोर्ट सभी प्लेटफॉर्म्स से हटा ली। चैनल ने बयान जारी करते हुए कहा, 'सरकार द्वारा विदेश यात्रा पर टैक्स/सेस लगाने पर विचार किए जाने संबंधी हमारी खबर सटीक नहीं थी। हम यह खबर वापस लेते हैं और गलती के लिए खेद जताते हैं।'
Our story on government considering tax/cess on foreign travel is not accurate.
— CNBC-TV18 (@CNBCTV18News) May 15, 2026
We withdraw the story and regret the error.
उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अगले एक वर्ष तक अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचने की अपील जरूर की थी। उन्होंने इसे वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाए रखने से जोड़ा था।
पत्रकार अभिजीत चौधरी ने करीब पांच साल बाद हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ को अलविदा कह दिया है। उन्होंने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए अपने अनुभव साझा करते हुए टीम और संस्थान का आभार जताया।
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पत्रकार अभिजीत चौधरी ने हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ (Aaj Tak) और ‘इंडिया टुडे’ (India Today) समूह से अपनी पारी समाप्त कर ली है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए इस जानकारी को सार्वजनिक किया।
अपनी पोस्ट में अभिजीत चौधरी ने लिखा कि “अलविदा” भाषा के सबसे भारी शब्दों में से एक है और अब उन्हें यही शब्द लिखना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि 27 मई 2021 को उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के अपने सफर की शुरुआत ‘आजतक’ से की थी।
उन्होंने अपने लगभग पांच साल के कार्यकाल को याद करते हुए लिखा कि इस न्यूजरूम ने उन्हें सिर्फ काम करना नहीं, बल्कि खबरों को समझना, महसूस करना और हर दिन कुछ नया सीखना सिखाया। अभिजीत ने कहा कि कैमरे के पीछे बिताया हर पल, हर बुलेटिन, डेडलाइन और साथियों के साथ काम करने का अनुभव हमेशा उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा रहेगा। उन्होंने संस्थान और सहकर्मियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब वह नई यात्रा की ओर बढ़ रहे हैं।
TV Today Network का FY26 में मुनाफा तेज़ी से घटकर ₹14.35 करोड़ रह गया। कमजोर विज्ञापन आय, रेडियो कारोबार में नुकसान और बढ़ती लागत ने कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित किया।
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आज तक (Aaj Tak) और इंडिया टुडे (India Today) जैसे प्रमुख न्यूज ब्रांड्स संचालित करने वाली 'TV Today Network Limited' का FY26 में मुनाफा तेज़ी से घटा है। कंपनी ने मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में ₹14.35 करोड़ का समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि FY25 में यह ₹74.53 करोड़ था।
कंपनी की ऑपरेशनल आय भी करीब 19 प्रतिशत गिरकर ₹808.7 करोड़ रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष में ₹993.02 करोड़ थी। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी का लाभ ₹13.74 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले यह ₹74.83 करोड़ था।
कंपनी ने बताया कि कमजोर विज्ञापन राजस्व, पुनर्गठन लागत और रेडियो कारोबार में जारी नुकसान का असर वित्तीय प्रदर्शन पर पड़ा। TV Today की रेडियो ब्रॉडकास्टिंग यूनिट को अब “डिस्कंटीन्यूड ऑपरेशंस” के रूप में वर्गीकृत किया गया है। FY26 में इस कारोबार से कंपनी को ₹5.89 करोड़ का नुकसान हुआ। कंपनी पहले ही अपने FM रेडियो कारोबार को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है।
नवंबर 2025 में TV Today ने अभिजीत रियल्टर्स एंड इंफ्रावेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ ₹10 करोड़ में रेडियो बिजनेस बेचने का समझौता किया था। इसके अलावा कंपनी ने रेडियो कारोबार से जुड़ा ₹9.63 करोड़ का इम्पेयरमेंट लॉस भी दर्ज किया। नए लेबर कोड लागू होने से बढ़ी लागत का भी असर पड़ा, हालांकि मार्च तिमाही में कंपनी ने कुछ प्रावधान वापस लेकर राहत हासिल की।
इसके बावजूद कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत बनी हुई है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति ₹1,129.16 करोड़ रही, जबकि कैश और कैश इक्विवेलेंट बढ़कर ₹23.43 करोड़ हो गए।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'FIFA World Cup 2026' के भारत में प्रसारण को लेकर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती से जवाब मांगा है। याचिका में टूर्नामेंट के फ्री-टू-एयर प्रसारण की मांग की गई है।
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दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने FIFA World Cup 2026 के भारत में प्रसारण को लेकर दायर याचिका पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) और प्रसार भारती (Prasar Bharati) से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई अगले सप्ताह होगी। जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव (Justice Purushaindra Kumar Kaurav) की बेंच ने मामले में नोटिस जारी करते हुए कहा कि याचिका में मांगी गई राहतें जनहित याचिका (PIL) जैसी हैं।
यह याचिका अधिवक्ता अवधेश बैरवा (Avdhesh Bairwa) की ओर से दायर की गई है। याचिका में मांग की गई है कि FIFA World Cup 2026 का प्रसारण भारत में सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती के जरिए सुनिश्चित किया जाए। खास तौर पर टूर्नामेंट के ओपनिंग मैच, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों को फ्री-टू-एयर प्लेटफॉर्म पर दिखाने की अपील की गई है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि सरकार टूर्नामेंट के सभी 104 मैचों के प्रसारण अधिकार हासिल करने की दिशा में कदम उठाए। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता वैभव गग्गर ने कोर्ट से कहा कि संबंधित अधिकारी पहले से प्रयास कर रहे हैं और कोर्ट का हस्तक्षेप इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद करेगा। FIFA World Cup 2026 का आयोजन अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में 11 जून से 19 जुलाई 2026 तक होगा।
राज टेलीविजन नेटवर्क के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 12 मई 2026 को हुई, जिसमें कंपनी ने श्री हरि सरवणा विग्नेश को कंटेंट हेड और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल के तौर पर नियुक्त किया है।
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राज टेलीविजन नेटवर्क (Raj Television Network Limited) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 12 मई 2026 को हुई, जिसमें कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड नतीजों को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही कंपनी ने श्री हरि सरवणा विग्नेश को कंटेंट हेड और सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल के तौर पर नियुक्त किया है।
श्री हरि इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी और साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल हैं। उन्होंने लंदन की Royal Holloway University से इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी में MSc किया है। उन्हें रिस्क मैनेजमेंट, कंप्लायंस, नेटवर्क सिक्योरिटी और साइबर डिफेंस का अच्छा अनुभव है।
कंपनी के मुताबिक उन्हें ISO 27001, PCI DSS, NIST Cybersecurity Framework, क्रिप्टोग्राफी, फायरवॉल मैनेजमेंट और सिक्योर नेटवर्किंग प्रोटोकॉल्स की जानकारी है। इसके अलावा उन्हें एथिकल हैकिंग और वल्नरेबिलिटी असेसमेंट का भी अनुभव है।
वे पहले Niagara Networks में ऑटोमेशन इंजीनियर के तौर पर काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने एडवांस टेस्ट ऑटोमेशन स्क्रिप्ट्स तैयार कीं और सॉफ्टवेयर वल्नरेबिलिटी से जुड़े मामलों पर काम किया।
श्री हरि ने कई साइबर सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन और वेब हैकिंग प्रोग्राम भी पूरे किए हैं। उन्हें “Capture the Flag” साइबर सिक्योरिटी प्रतियोगिता में तीसरा स्थान भी मिला था।
कंपनी ने बताया कि उन्हें Python, Bash scripting, नेटवर्क सिक्योरिटी इम्प्लीमेंटेशन और ऑटोमेटेड रिकॉनिसेंस टूल्स का भी अच्छा अनुभव है। कंपनी के अनुसार उनकी तकनीकी समझ, नेतृत्व क्षमता और कम्युनिकेशन स्किल्स उन्हें रिस्क, कंप्लायंस और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में मजबूत प्रोफेशनल बनाती हैं।
कंपनी ने यह भी बताया कि श्री हरि, प्रमोटर और होल टाइम डायरेक्टर एम. रघुनाथन के बेटे हैं।
इसके अतिरिक्त, कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिटेड नतीजों को भी मंजूरी दे दी है। मार्च 2026 तिमाही में उसका कुल रेवेन्यू बढ़कर करीब 21.82 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान कंपनी ने करीब 22 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 79 लाख रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में कंपनी को 21 करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा हुआ था।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि मार्च 2026 तिमाही के लिए किसी डिविडेंड की सिफारिश नहीं की गई है। कंपनी के ऑडिटर्स N Naresh & Co. ने वित्तीय नतीजों पर बिना किसी संशोधन के ऑडिट रिपोर्ट जारी की है।
राज कुमार जैन को 25 मार्च 2026 से अतिरिक्त निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। अब उन्हें पांच साल के कार्यकाल के लिए स्वतंत्र निदेशक बनाने के प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी मांगी जा रही है।
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नेटवर्क18 मीडिया (Network18 Media & Investments Limited) ने अपने शेयरधारकों से कंपनी के स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) के तौर पर राज कुमार जैन की नियुक्ति को मंजूरी देने के लिए पोस्टल बैलेट नोटिस जारी किया है। कंपनी ने यह जानकारी सेबी के नियमों के तहत स्टॉक एक्सचेंज को दी है।
कंपनी के मुताबिक, राज कुमार जैन को 25 मार्च 2026 से अतिरिक्त निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। अब उन्हें पांच साल के कार्यकाल के लिए स्वतंत्र निदेशक बनाने के प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी मांगी जा रही है। इस प्रस्ताव को स्पेशल रिजॉल्यूशन के जरिए पारित किया जाएगा।
पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया पूरी तरह ई-वोटिंग के जरिए होगी। ई-वोटिंग 12 मई 2026 सुबह 9 बजे से शुरू होकर 10 जून 2026 शाम 5 बजे तक चलेगी। इसके बाद 11 जून 2026 या उसके बाद नतीजों की घोषणा की जाएगी।
कंपनी ने बताया कि नोटिस केवल उन शेयरधारकों को ई-मेल के जरिए भेजा जा रहा है, जिनका ई-मेल पता कंपनी या डिपॉजिटरी के रिकॉर्ड में दर्ज है। ई-वोटिंग की सुविधा के लिए KFin Technologies को एजेंसी नियुक्त किया गया है।
राज कुमार जैन मीडिया और कॉरपोरेट जगत का बड़ा नाम माने जाते हैं। वह पहले Bennett Coleman & Co. Ltd. यानी टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के सीईओ रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने Whirlpool Corporation, Walmart Inc. और Hindustan Lever Ltd. जैसी कंपनियों में भी अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं।
कंपनी के अनुसार, सेल्स, मार्केटिंग, सप्लाई चेन, स्ट्रैटेजी और कॉरपोरेट गवर्नेंस में उनका लंबा अनुभव Network18 के लिए फायदेमंद साबित होगा। वर्तमान में वह कई कंपनियों के बोर्ड में भी शामिल हैं, जिनमें SRF Limited, Relaxo Footwears Limited और JK Agri Genetics Limited शामिल हैं।
भारतीय क्रिकेट कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) जल्द ही Sony Entertainment Television और Sony LIV पर एंटरटेनमेंट डेब्यू करते नजर आएंगे। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने इसका टीजर जारी कर दिया है।
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भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी और वर्ल्ड कप विजेता कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) अब क्रिकेट मैदान के बाहर नए अंदाज में नजर आने वाले हैं। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (Sony Pictures Networks India) ने एक टीजर जारी कर संकेत दिया है कि रोहित जल्द ही एंटरटेनमेंट की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं।
यह टीजर 8 मई को जारी किया गया, जिसे सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन (Sony Entertainment Television), Sony LIV और कंपनी के डिजिटल व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया गया है। हालांकि, अभी तक इस प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी साझा नहीं की गई है। कंपनी ने कहा है कि जल्द ही इससे जुड़े अन्य विवरण सामने लाए जाएंगे।
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सोनी के लिए यह कदम सिर्फ कंटेंट लॉन्च नहीं, बल्कि एक बड़ा ब्रांड मूव भी माना जा रहा है। नेटवर्क ने भारत के सबसे लोकप्रिय खेल चेहरों में से एक रोहित शर्मा को अपने टीवी और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म दोनों पर एक साथ पेश कर विज्ञापनदाताओं को बड़े स्तर की पहुंच और क्रॉस-प्लेटफॉर्म विजिबिलिटी देने की रणनीति बनाई है।
रोहित शर्मा लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े और भरोसेमंद ब्रांड चेहरों में गिने जाते हैं। क्रिकेट के अलावा विज्ञापन और ब्रांड एंडोर्समेंट की दुनिया में भी उनकी मजबूत पहचान है। टीजर के बाद अब दर्शकों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि रोहित शर्मा का यह नया एंटरटेनमेंट प्रोजेक्ट आखिर किस रूप में सामने आएगा।
वरिष्ठ पत्रकार राहुल काद्यान ने रिपब्लिक भारत (Republic Bharat) के साथ नई पारी शुरू की है। वह यहां स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट डेस्क की जिम्मेदारी संभालेंगे।
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वरिष्ठ पत्रकार राहुल काद्यान ने हिंदी न्यूज चैनल रिपब्लिक भारत (Republic Bharat) के साथ अपने नए सफर की शुरुआत की है। वह सोमवार से चैनल में स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट डेस्क पर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
राहुल काद्यान इससे पहले हिंदी न्यूज चैनल न्यूज24 (News24) में कार्यरत थे, जहां उन्होंने करीब चार साल तक अपनी सेवाएं दीं। मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें करीब 15 वर्षों का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने कई प्रमुख हिंदी न्यूज चैनलों में विभिन्न भूमिकाएं निभाई हैं।
पत्रकारिता में राहुल काद्यान ने अपने करियर की शुरुआत इंडिया न्यूज (India News) से की थी। इसके बाद वह टोटल टीवी (Total TV), समाचार प्लस (Samachar Plus), भास्कर न्यूज (Bhaskar News), फोकस न्यूज (Focus News) और सहारा समय (Sahara Samay) जैसे संस्थानों से जुड़े रहे। फोकस न्यूज का नाम बाद में बदलकर न्यूज वर्ल्ड (News World) कर दिया गया था।
राहुल काद्यान ने दिल्ली स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास मीडिया (IIMM) से ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा उन्होंने गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। मीडिया जगत में राहुल काद्यान की पहचान एक अनुभवी और सक्रिय पत्रकार के रूप में रही है।
समाचार4मीडिया की ओर से राहुल काद्यान को उनके नए सफर के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने TV Ratings Policy 2026 में बड़े बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत रेटिंग एजेंसियों में स्वतंत्र निदेशक और 80 हजार मीटर्ड होम अनिवार्य किए गए हैं।
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information & Broadcasting - MIB) ने TV Ratings Policy 2026 में अहम संशोधन करते हुए टेलीविजन ऑडियंस मापन प्रणाली के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। 8 मई 2026 को जारी आदेश में सरकार ने टीवी रेटिंग एजेंसियों के लिए सख्त गवर्नेंस मानक और बड़े स्तर पर ऑडियंस मापन ढांचा अनिवार्य किया है।
नई गाइडलाइंस के मुताबिक, टीवी रेटिंग एजेंसियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में कम से कम 33 प्रतिशत स्वतंत्र निदेशक (Independent Directors) होने जरूरी होंगे। इनका किसी भी ब्रॉडकास्टर, विज्ञापनदाता या एड एजेंसी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं होना चाहिए। सरकार का कहना है कि यह कदम टीवी रेटिंग सिस्टम में निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
सरकार ने Establishment Survey से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। अब रेटिंग एजेंसियों को हर तीन साल में देश के “TV Universe” का सर्वे करना होगा, जिसमें टीवी वाले घरों की संख्या, सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल और व्यूइंग इंफ्रास्ट्रक्चर का आकलन किया जाएगा। नए नियम के अनुसार, सर्वे में शामिल घरों की संख्या मीटर्ड होम्स से कम से कम 10 गुना ज्यादा होनी चाहिए।
सबसे बड़ा बदलाव मीटर्ड होम्स को लेकर किया गया है। संशोधित नीति के तहत टीवी रेटिंग एजेंसियों को रजिस्ट्रेशन के 18 महीनों के भीतर कम से कम 80 हजार मीटर्ड होम्स स्थापित करने होंगे। वहीं मौजूदा एजेंसियों को यह लक्ष्य 9 महीनों में पूरा करना होगा। मीडिया इंडस्ट्री लंबे समय से अधिक बड़े और विविध सैंपल बेस की मांग कर रही थी, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों बाजारों में दर्शकों की वास्तविक पसंद को बेहतर तरीके से मापा जा सके।
माना जा रहा है कि नए नियमों से खासकर क्षेत्रीय चैनलों और छोटे बाजारों की दर्शक संख्या का अधिक सटीक आकलन संभव होगा।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी मौजूदा टीवी रेटिंग एजेंसियों को 60 दिनों के भीतर संशोधित गाइडलाइंस के तहत दोबारा रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
ओडिशा और देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी आध्यात्मिक पहल सामने आई है। ओडिशा सरकार ने भगवान जगन्नाथ के नाम पर एक समर्पित टीवी चैनल शुरू करने की दिशा में पहला ठोस कदम उठा लिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ओडिशा और देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी आध्यात्मिक पहल सामने आई है। ओडिशा सरकार ने भगवान जगन्नाथ के नाम पर एक समर्पित टीवी चैनल शुरू करने की दिशा में पहला ठोस कदम उठा लिया है। भगवान जगन्नाथ को “विश्व के स्वामी” और लाखों लोगों की आस्था का केंद्र माना जाता है।
इसी पहल को लेकर गुरुवार को लोक सेवा भवन स्थित कानून विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने की। बैठक में विशेष रूप से भगवान जगन्नाथ को समर्पित इस टीवी चैनल की शुरुआत पर चर्चा हुई।
बैठक में इस बात पर फोकस किया गया कि चैनल के जरिए श्री जगन्नाथ से जुड़ी दैनिक पूजा-पद्धतियों, त्योहारों और सदियों पुरानी संस्कृति को दुनिया भर तक कैसे पहुंचाया जाए। साथ ही यह भी चर्चा हुई कि चैनल भगवान जगन्नाथ की आध्यात्मिक भावना और उनकी परंपराओं को वैश्विक स्तर पर कैसे प्रस्तुत कर सकता है।
कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने शुरुआती चर्चा को “काफी सकारात्मक और उम्मीदों से भरा” बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित चैनल पूरी दुनिया को जगन्नाथ संस्कृति से जोड़ने का एक मजबूत माध्यम बन सकता है। इससे शोध और अकादमिक चर्चा को भी बढ़ावा मिलेगा और करोड़ों भक्तों की भावनाओं और अनुभवों को बेहतर तरीके से सामने लाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार इस प्रस्ताव को बेहद सकारात्मक नजरिए से देख रही है।” साथ ही उन्होंने बताया कि आने वाले समय में इस परियोजना को लेकर विस्तृत चर्चा और पूरा रोडमैप तैयार किया जाएगा।
बैठक में अरबिंद कुमार पाधी (Arabinda Kumar Padhee) समेत कानून विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए। सभी ने इस बात पर सुझाव दिए कि चैनल में भक्ति, संस्कृति, शिक्षा और मनोरंजन का संतुलन किस तरह बनाया जा सकता है।
कई श्रद्धालु लंबे समय से ऐसे 24×7 प्लेटफॉर्म की मांग कर रहे थे, जहां भगवान जगन्नाथ की भक्ति और परंपराओं से जुड़ा कंटेंट लगातार देखा जा सके। ऐसे में इस पहल को भक्तों के लिए किसी बड़े आशीर्वाद से कम नहीं माना जा रहा।
अगर यह चैनल शुरू होता है, तो यह पुरी की पवित्र धरती से निकलकर दुनिया भर के श्रद्धालुओं और आध्यात्मिक रुचि रखने वाले लोगों तक भगवान जगन्नाथ की महिमा पहुंचाने का एक बड़ा माध्यम बन सकता है।