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सूचना-प्रसारण मंत्री ने बताया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सबसे ज्यादा भरोसेमंद हैं ये दो नाम
सूचना-प्रसारण मंत्री ने कहा कि अतीत में स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा बार-बार किए गए सर्वेक्षणों ने सिद्ध किया है कि लोगों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इन दोनों नामों पर सबसे ज्यादा भरोसा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
‘आकाशवाणी (AIR) और दूरदर्शन अपने प्रामाणिक, सटीक और विश्वसनीय खबरों के लिए जाने जाते हैं। वे गुणवत्तापरक कार्यक्रम का प्रसारण करते हैं, जिन्हें श्रोताओं व दर्शकों द्वारा व्यापक रूप से सराहा जा रहा है।’ ये कहना है कि सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर का।
उन्होंने हाल ही में लोकसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि क्या देश के अधिकांश लोग अभी भी खबरों और अन्य मदो के लिए आकाशवाणी और दूरदर्शन पर विश्वास करते हैं और सरकार द्वारा इस विश्वास को बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या दूरदर्शन और आकाशवाणी गुणवत्तापूर्ण कार्यक्रम प्रस्तुत करने में विफल रहे हैं व क्या इनके विभिन्न कार्यक्रमों की सामग्री और गुणवत्ता की समीक्षा की गई है और यदि इसमें कोई कमी पायी गई है, तो उसका ब्यौरा क्या है? इसके जवाब में सूचना-प्रसारण मंत्री ने कहा कि अतीत में स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा बार-बार किए गए सर्वेक्षणों ने सिद्ध किया है कि लोगों को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आकाशवाणी और डीडी न्यूज दोनों पर सबसे ज्यादा भरोसा है।
वहीं, जब सूचना-प्रसारण मंत्री से पूछा गया कि क्या दूरदर्शन और आकाशवाणी को इसकी विषय-वस्तु में सुधार करने और अधिक दर्शकों को आकर्षित करने की आवश्यकता है, तो इसके जवाब में उन्होंने कहा कि आकाशवाणी और दूरदर्शन दोनों ही गुणवत्तापूर्ण सामग्री के लिए प्रतिबद्ध हैं। आकाशवाणी और दूरदर्शन द्वारा प्रसारित कार्यक्रमों की गुणवत्ता की नियमित रूप से समीक्षा की जाती है और उसके बाद लक्षित ऑडियंस की आवश्यकताओं, रुचियों और आकांक्षाओं के अनुसार सामग्री को संशोधित किया जाता है।
वहीं, जब इसी संदर्भ में उनसे ये मालूम किया गया कि क्या सरकार का राजस्व में वृद्धि और अधिक विज्ञापन प्राप्त करने लिए बेहतर गुणवत्ता वाली सामग्री प्रसारित करने के लिए दूरदर्शन व आकाशवाणी का पुनरुत्थान करने की योजना है और इस पर क्या कदम उठाए गए हैं? तो इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आकाशवाणी और दूरदर्शन दोनों को नियमत रूप से पत्र, ईमेल और सोशल मीडिया के माध्यम से ऑडियंस से फीडबैक प्राप्त होता है। सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से दर्शकों की प्रतिक्रिया और बार्क से प्राप्त व्युरअरशिप डेटा ने प्रसार भारती को बेहतर सामग्री निर्माण के लिए कार्यनीति बनाने में सहायता की है। आकाशवाणी और दूरदर्शन अपनी सामग्री को बेहतर बनाने और नए कार्यक्रमों और धारावाहिकों शुरू करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं।
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