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MIB ने बताया, ऐसे 142 मामलों में प्राइवेट टीवी चैनल्स के खिलाफ की गयी कार्रवाई
प्रसार भारती बोर्ड ने समय-समय पर ऐसे विवादों को निपटाने हेतु उपाय भी किए हैं। इस समय मध्यस्थता में 60 मामले और माननीय न्यायालयों में 13 मामले चल रहे हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
साल 2018 से अब तक कार्यक्रम संहिता उल्लंघन (Programme Code violation) के 142 मामलें ऐसे हैं, जिसे लेकर निजी टीवी चैनलों के खिलाफ सूचना-प्रसारण मंत्रालय की ओर से कार्रवाई की गयी है। इस बात की जानकारी सूचना-प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने हाल ही में राज्यसभा में दी है।
उन्होंने बताया कि सरकार कार्यक्रम संहिता का पालन करने के लिए समय-समय पर ऐडवाइजरी जारी करती है, लेकिन जिनके खिलाफ कार्यक्रम संहिता का उल्लंघन सिद्ध होता है, उन्हें एडवाइजरी या चेतावनी जारी कर क्षमा-स्क्रॉल चलाने और प्रसारण बंद करने के आदेश देकर कार्रवाई की जाती है।
उन्होंने यह भी कहा प्राइवेट टीवी चैनल्स पर प्रसारित खबरों को केबल टेलिविजन नेटवर्क अधिनियम, 1995 के तहत निर्धारित कार्यक्रम संहिता और अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए नियमों के अनुसार विनियमित किया जाता है। कार्यक्रम संहिता के तहत ऐसी किसी सामग्री को प्रसारित नहीं किया जा सकता है, जो मानहानिकारक, जानबूझकर, झूठ और परोक्ष रूप से कटाक्षपूर्ण टिप्पणी व अर्धसत्य हो।
जब उनसे पूछा गया कि विभिन्न टीवी चैनल्स के प्रसार भारती के पास लंबित बकाए का टीवी चैनल वार ब्यौरा क्या है, तो उन्होंने अपने जवाब कहा कि प्रसार भारती को ए-वन न्यूज टाइम ब्रॉडकास्टिंग (प्राइवेट) लिमिटेड से 87,01,048 रुपए की राशि की देयता को छोड़कर विभिन्न टीवी चैनल्स की कोई देय राशि लंबित नहीं है।
एक अन्य सवाल के जवाब में सूचना-प्रसारण मंत्री ने बताया कि मान्यता प्राप्त एजेंसियों से उत्पन्न वाणिज्यिक विभाग करारों के अनुसार मध्यस्थता के विभिन्न चरणों में हैं। प्रसार भारती बोर्ड ने समय-समय पर ऐसे विवादों को निपटाने हेतु उपाय भी किए हैं। इस समय मध्यस्थता में 60 मामले और माननीय न्यायालयों में 13 मामले चल रहे हैं।
टैग्स सूचना-प्रसारण मंत्रालय प्राइवेट टीवी चैनल्स कार्यक्रम संहिता उल्लंघन