वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) ने फिल्म 'Satluj' देखने के बाद एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सिनेमा एक संवाद है, न कि एकतरफा विचार है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) ने दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) अभिनीत फिल्म 'सतलुज' देखने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए सिनेमा में विविध दृष्टिकोणों के लिए स्थान बनाए रखने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि फिल्में केवल एकतरफा विचार प्रस्तुत करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के साथ संवाद स्थापित करने का जरिया होती हैं।
अपनी पोस्ट में भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) ने लिखा कि एक सिनेमा प्रेमी के तौर पर उनका मानना है कि सिनेमाई कहानी कहने की कला कभी एकालाप (Monologue) नहीं होती, बल्कि यह एक संवाद (Conversation) है। उनके अनुसार 'सतलुज' जैसी फिल्मों का स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि कला अपने श्रेष्ठ रूप में किसी राष्ट्र की कहानी के विभिन्न पहलुओं को सामने लाने का काम करती है।
उन्होंने कहा कि यदि 'धुरंधर' जैसी फिल्म, जो एक विशेष दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है, के लिए जगह है, तो 'सतलुज' जैसी फिल्म, जो दूसरे नजरिए को सामने लाती है, उसके लिए भी समान स्थान होना चाहिए। भूपेंद्र चौबे (Bhupendra Chaubey) ने यह भी कहा कि किसी फिल्म को केवल "प्रोपेगेंडा" कहकर खारिज कर देना उस संवाद को शुरू होने से पहले ही समाप्त कर देता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 'सतलुज' का स्वागत करने का अर्थ यह नहीं है कि फिल्म के हर दृश्य या विचार से सहमति जताई जाए। इसका अर्थ केवल इतना है कि दर्शकों पर भरोसा किया जाए कि वे इतिहास, जटिल परिस्थितियों और भावनाओं को समझने और उनका मूल्यांकन करने में सक्षम हैं।
अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने कहा कि स्वस्थ सांस्कृतिक माहौल वही होता है, जहां अलग-अलग विचारों और कहानियों के लिए जगह हो। उनके अनुसार सिनेमाघर ऐसे मंच होने चाहिए, जहां 'धुरंधर' और 'सतलुज' जैसी फिल्में एक साथ प्रदर्शित हो सकें। उन्होंने कहा कि सिनेमा प्रतिबंध लगाने से नहीं, बल्कि अधिक विचारों और कहानियों के लिए जगह बनाने से आगे बढ़ता है।
Finally managed to see @diljitdosanjh starter #Satluj As someone who is fond of cinema, let me just say that cinematic storytelling is never a monologue. It’s a conversation. Films like Sutlej should be welcomed because art, at its best, holds up a mirror to different sides of a… pic.twitter.com/0plXDGGZHp
— bhupendra chaubey (@bhupendrachaube) July 12, 2026
आलिया भट्ट (Alia Bhatt) हॉरर-फैंटेसी फिल्म 'तुम्बाड 2' (Tumbbad 2) का हिस्सा बनने जा रही हैं। अभिनेत्री ने कहा कि पहली फिल्म ने उन पर गहरा प्रभाव छोड़ा था।
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बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट (Alia Bhatt) जल्द ही हॉरर-फैंटेसी फिल्म 'तुम्बाड 2' (Tumbbad 2) में नजर आएंगी। 2018 में रिलीज हुई 'तुम्बाड' (Tumbbad) की सफलता और कल्ट फॉलोइंग के बाद इसके सीक्वल को लेकर पहले से ही दर्शकों में उत्साह है। अब आलिया की एंट्री ने फिल्म को लेकर उम्मीदें और बढ़ा दी हैं।
फिल्म से जुड़ने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए आलिया भट्ट (Alia Bhatt) ने कहा कि वह सोहम शाह (Sohum Shah) और नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) जैसे कलाकारों के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं, जिनके काम की वह लंबे समय से प्रशंसक रही हैं। उन्होंने कहा कि 'तुम्बाड' (Tumbbad) जैसी समृद्ध, रहस्यमयी और यादगार कहानी के एक किरदार को निभाना उनके लिए एक विशेष अवसर है और वह दर्शकों को यह नई दुनिया दिखाने का इंतजार कर रही हैं।
'तुम्बाड 2' (Tumbbad 2) का निर्देशन आदेश प्रसाद (Adesh Prasad) कर रहे हैं। फिल्म 3 दिसंबर 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिलहाल निर्माता फिल्म की कहानी से जुड़े अधिकांश विवरण गोपनीय रखे हुए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि यह पहली फिल्म के रहस्यमयी और पौराणिक संसार को और आगे बढ़ाएगी।
गौरतलब है कि 2018 में रिलीज हुई 'तुम्बाड' (Tumbbad) को अपने शानदार विजुअल्स, प्रभावशाली कहानी और लालच व पौराणिक कथाओं की अनोखी प्रस्तुति के लिए काफी सराहना मिली थी। समय के साथ फिल्म ने कल्ट स्टेटस हासिल किया और अब इसके सीक्वल से दर्शकों की अपेक्षाएं काफी बढ़ गई हैं।
कैलिफोर्निया समेत अमेरिका के 12 राज्यों ने पैरामाउंट द्वारा वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के प्रस्तावित 110 अरब डॉलर के अधिग्रहण के खिलाफ एंटीट्रस्ट मुकदमा दायर किया है।
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कैलिफोर्निया (California) सहित अमेरिका (United States) के 12 राज्यों ने पैरामाउंट (Paramount) द्वारा वॉर्नर ब्रदर्स डिस्कवरी (Warner Bros. Discovery) के प्रस्तावित 110 अरब डॉलर के अधिग्रहण (Acquisition) को रोकने के लिए एंटीट्रस्ट (Antitrust) मुकदमा दायर किया है। राज्यों का आरोप है कि इस विलय (Merger) से अत्यधिक बाजार शक्ति वाली एक बड़ी मीडिया कंपनी बन जाएगी, जिससे प्रतिस्पर्धा पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
मुकदमे में संघीय अदालत (Federal Court) से प्रारंभिक निषेधाज्ञा (Preliminary Injunction) की भी मांग की गई है, ताकि एंटीट्रस्ट मामले की सुनवाई पूरी होने तक इस सौदे पर रोक लगाई जा सके। यह मामला कैलिफोर्निया (California) के ओकलैंड (Oakland) स्थित संघीय अदालत में दायर किया गया है।
यह कानूनी चुनौती पैरामाउंट (Paramount) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डेविड एलिसन (David Ellison) की उस योजना के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है, जिसके तहत दोनों मीडिया कंपनियों का विलय कर नेटफ्लिक्स (Netflix) और डिज्नी (Disney) जैसे प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स से मुकाबला करने की रणनीति बनाई गई थी।
मुकदमे में कहा गया है कि प्रस्तावित विलय से फिल्म (Film) और टेलीविजन (Television) उद्योग में प्रतिस्पर्धा कम हो जाएगी। इसके परिणामस्वरूप संयुक्त कंपनी को सिनेमाघरों (Movie Theatres), टीवी डिस्ट्रीब्यूटर्स (Television Distributors) और मीडिया उद्योग के कर्मचारियों पर अधिक प्रभाव और सौदेबाजी की शक्ति मिल सकती है।
न्यूयॉर्क (New York), एरिजोना (Arizona) और मिनेसोटा (Minnesota) सहित अन्य राज्यों ने भी आरोप लगाया है कि इस सौदे से उपभोक्ताओं के लिए कीमतें बढ़ सकती हैं और मीडिया क्षेत्र में वेतन प्रतिस्पर्धा (Wage Competition) कमजोर पड़ सकती है।
वहीं, पैरामाउंट (Paramount) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मुकदमे में मनोरंजन उद्योग (Entertainment Industry) की प्रतिस्पर्धी स्थिति और एंटीट्रस्ट कानून (Antitrust Law) की गलत व्याख्या की गई है। कंपनी का कहना है कि यह कानूनी चुनौती बाजार में प्रतिस्पर्धा के गलत आकलन पर आधारित है।
पंजाबी फिल्म 'सतलुज' को लेकर जारी विवाद के बीच वरिष्ठ पत्रकार सतिंदर बैंस ने कहा है कि फिल्म पर केंद्र सरकार का प्रतिबंध लगाना एक गलती है।
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पंजाबी फिल्म 'सतलुज' को लेकर जारी विवाद के बीच वरिष्ठ पत्रकार सतिंदर बैंस ने कहा है कि फिल्म पर केंद्र सरकार का प्रतिबंध लगाना एक गलती है। उनके मुताबिक, इस फैसले से फिल्म को रोकने के बजाय लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई और अब यह सोशल मीडिया और वॉट्सऐप पर तेजी से साझा की जा रही है।
NDTV से बातचीत में सतिंदर बैंस ने कहा कि उन्होंने फिल्म देखी है और यह काफी हद तक ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित है। उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया कि फिल्म आतंकवाद का महिमामंडन करती है या अलगाववाद को बढ़ावा देती है।
यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के कथित अपहरण और 1995 में पंजाब पुलिस द्वारा की गई उनकी हत्या पर आधारित है। फिल्म रिलीज होने के दो दिन बाद ही केंद्र सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। हालांकि, इसके बावजूद फिल्म सोशल मीडिया पर लगातार प्रसारित हो रही है और पंजाब में उग्रवाद के दौर से जुड़े पुराने मामलों पर फिर बहस शुरू हो गई है।
सतिंदर बैंस वही पत्रकार हैं, जिन्होंने 1990 के दशक में The Indian Express के लिए रिपोर्टिंग करते हुए खालड़ा मामले का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि उनकी रिपोर्ट ने इस मामले को लापता व्यक्ति के केस से हत्या की जांच तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।
बैंस ने कहा कि उन्होंने उस समय एक विशेष पुलिस अधिकारी (SPO) कुलदीप सिंह का इंटरव्यू किया था, जो कथित तौर पर इस मामले से जुड़े पुलिस अधिकारी का ड्राइवर था। बाद में कुलदीप सिंह का बयान सीबीआई ने भी दर्ज किया। यह बयान जांच में महत्वपूर्ण सबूत बना और इसी आधार पर पांच पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
बैंस के अनुसार, बैंक कर्मचारी से मानवाधिकार कार्यकर्ता बने जसवंत सिंह खालड़ा ने पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के कथित गुप्त अंतिम संस्कार का मामला उजागर किया था। उनका दावा था कि ऐसे करीब 6,500 शवों का रिकॉर्ड मिला था, जबकि कुछ अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने यह संख्या इससे भी अधिक बताई थी।
उन्होंने कहा कि कई चेतावनियां मिलने के बावजूद खालड़ा ने अपनी जांच जारी रखी। इसके बाद सितंबर 1995 में उनका कथित तौर पर घर के बाहर से अपहरण कर लिया गया। बैंस के मुताबिक, गवाह के बयान के अनुसार खालड़ा को कई सप्ताह तक हिरासत में रखकर प्रताड़ित किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई।
हालांकि, बैंस ने यह भी कहा कि उन्होंने तत्कालीन पंजाब पुलिस प्रमुख के.पी.एस. गिल पर कार्रवाई का आदेश देने का दावा किया है, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि इस आरोप के समर्थन में उनके पास कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं था। उन्होंने कहा कि के.पी.एस. गिल हमेशा इस मामले में अपनी भूमिका से इनकार करते रहे।
राजनीतिक पहलू पर बैंस का कहना है कि फिल्म ने पंजाब की नई पीढ़ी को राज्य के इतिहास के एक दर्दनाक अध्याय से परिचित कराया है। उनका आरोप है कि शिरोमणि अकाली दल अब इस मुद्दे को आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक रूप से उठाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में उग्रवाद के दौर में आम लोग लगातार डर के माहौल में जी रहे थे। उनके अनुसार, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जरूरी थी, लेकिन उसी दौरान मानवाधिकार उल्लंघन, हिरासत में प्रताड़ना और कथित फर्जी मुठभेड़ों जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए, जिनमें से कई मामलों का आज तक पूरी तरह हिसाब नहीं हो पाया है।
नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' (Ramayana) के निर्माताओं ने घोषणा की है कि फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर 24 जुलाई को दुनियाभर में रिलीज किया जाएगा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
निर्देशक नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' (Ramayana) के निर्माताओं ने घोषणा की है कि फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर (Official Trailer) 24 जुलाई को दुनियाभर में रिलीज किया जाएगा। इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक माना जा रहा है और ट्रेलर लॉन्च के साथ फिल्म के वैश्विक प्रचार अभियान (Global Campaign) की औपचारिक शुरुआत होगी।
यह घोषणा पिछले कुछ सप्ताहों से फिल्म के प्रचार अभियान को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच की गई है। निर्माताओं ने ट्रेलर लॉन्च को एक वैश्विक सिनेमाई आयोजन (Global Cinematic Event) के रूप में प्रस्तुत किया है।
फिल्म के आधिकारिक सोशल मीडिया (Social Media) अकाउंट्स पर साझा किए गए पोस्ट में "From Bharat to the World" संदेश दिया गया है। इसमें कहा गया है कि 'रामायण' (Ramayana) ऐसी अमर कथा है, जिसने धर्म (Dharma), मर्यादा (Maryada), साहस (Courage) और करुणा (Compassion) जैसे मूल्यों के माध्यम से पीढ़ियों को प्रेरित किया है।
पोस्ट में आगे कहा गया है कि अब यह महान भारतीय सभ्यता (Indian Civilisation) की इस कालजयी गाथा की नई यात्रा की शुरुआत है, जिसे भारतीय सिनेमा में पहले कभी नहीं देखे गए भव्य पैमाने पर दुनिया भर के दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। फिल्म के ट्रेलर का दुनियाभर में इंतजार किया जा रहा है और माना जा रहा है कि यह भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े वैश्विक अभियानों में से एक साबित हो सकता है।
क्रिस्टोफर नोलन (Christopher Nolan) की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द ओडिसी' (The Odyssey) को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने बिना किसी कट के A सर्टिफिकेट दिया है।
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हॉलीवुड निर्देशक क्रिस्टोफर नोलन (Christopher Nolan) की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द ओडिसी' (The Odyssey) को भारत में रिलीज से पहले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (Central Board of Film Certification-CBFC) से A सर्टिफिकेट मिल गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बोर्ड ने फिल्म को बिना किसी कट (No Cuts) के मंजूरी दी है, जिससे भारतीय दर्शकों को इसका वही संस्करण देखने को मिलेगा जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म को 9 जुलाई को प्रमाणन (Certification) दिया गया। A सर्टिफिकेट मिलने के कारण इसे केवल 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के दर्शक ही देख सकेंगे। फिल्म की अवधि 172.33 मिनट यानी 2 घंटे 52 मिनट 33 सेकंड बताई गई है।
रिलीज से पहले क्रिस्टोफर नोलन (Christopher Nolan) अभिनेता टॉम हॉलैंड (Tom Holland) और मैट डेमन (Matt Damon) के साथ 10 और 11 जुलाई को मुंबई (Mumbai) पहुंचे, जहां फिल्म के प्रचार कार्यक्रम आयोजित किए गए।
यह पहला अवसर था जब क्रिस्टोफर नोलन (Christopher Nolan) की किसी फिल्म का आधिकारिक प्रीमियर भारत में आयोजित किया गया। यूनिवर्सल पिक्चर्स इंटरनेशनल (Universal Pictures International) ने मुंबई (Mumbai) को लंदन (London), पेरिस (Paris) और न्यूयॉर्क (New York) जैसे शहरों के साथ फिल्म के वैश्विक प्रीमियर टूर में शामिल किया।
स्क्रीनिंग के बाद दर्शकों को संबोधित करते हुए क्रिस्टोफर नोलन (Christopher Nolan) ने कहा, "मैं फिर से मुंबई आया हूं। यह मेरा यहां पहला दौरा नहीं है, लेकिन पहली बार हमें यहां अपनी फिल्म लॉन्च करने का मौका मिला है। आप दुनिया के उन पहले दर्शकों में हैं, जिन्होंने यह फिल्म देखी है।" हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने दर्शकों से पूछा, "वैसे आपको फिल्म कैसी लगी?" इसके बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "मैट (Matt) या टॉम (Tom), कौन बेहतर है?" जिस पर दर्शकों ने दोनों कलाकारों के लिए जोरदार तालियां बजाईं।
होमर (Homer) की प्रसिद्ध यूनानी महाकाव्य (Greek Epic) पर आधारित 'द ओडिसी' (The Odyssey) ट्रोजन युद्ध (Trojan War) के बाद ओडीसियस (Odysseus) की घर वापसी की रोमांचक यात्रा पर आधारित है। फिल्म में मैट डेमन (Matt Damon) मुख्य भूमिका में हैं। उनके अलावा टॉम हॉलैंड (Tom Holland), ऐनी हैथवे (Anne Hathaway), ज़ेंडाया (Zendaya), रॉबर्ट पैटिनसन (Robert Pattinson), लुपिता न्योंगो (Lupita Nyong'o) और चार्लीज़ थेरॉन (Charlize Theron) भी प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे।
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) ने 'कौन बनेगा करोड़पति' (Kaun Banega Crorepati-KBC) के आगामी सीजन के लिए गूगल जेमिनी (Google Gemini) के साथ साझेदारी की है।
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सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (Sony Pictures Networks India-SPNI) ने 'कौन बनेगा करोड़पति' (Kaun Banega Crorepati-KBC) के आगामी सीजन के लिए गूगल जेमिनी (Google Gemini) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस साझेदारी के तहत गूगल का एआई (Artificial Intelligence-AI) असिस्टेंट शो के इकोसिस्टम का हिस्सा बनेगा और सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन (Sony Entertainment Television) तथा सोनी लिव (Sony LIV) पर दर्शकों के लिए इंटरैक्टिव नॉलेज कंपेनियन (Interactive Knowledge Companion) के रूप में काम करेगा।
यह साझेदारी केवल ब्रांड इंटीग्रेशन तक सीमित नहीं है। गूगल जेमिनी (Google Gemini) शो के कंटेंट अनुभव का भी हिस्सा बनेगा और केबीसी (KBC) में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया समझाने के साथ-साथ सामान्य ज्ञान (General Knowledge-GK) की तैयारी में भी मदद करेगा।
फिलहाल गूगल जेमिनी (Google Gemini) ऐप पर उपयोगकर्ता केबीसी (KBC) के लिए चरणबद्ध रजिस्ट्रेशन गाइडेंस प्राप्त कर सकते हैं। आने वाले समय में परिवारों और दर्शकों के लिए इंटरैक्टिव जीके चैलेंज (Interactive GK Challenges) भी शुरू किए जाएंगे।
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) के चीफ कंटेंट ऑफिसर (Chief Content Officer) नचिकेत पंतवैद्य (Nachiket Pantvaidya) ने कहा, "ज्ञान हमेशा से केबीसी (KBC) की पहचान रहा है। गूगल जेमिनी (Google Gemini) के साथ हमारी साझेदारी के जरिए हम शो की विरासत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ताकत के साथ जोड़ रहे हैं। इससे दर्शकों के जुड़ाव के नए अवसर बनेंगे और शो के कंटेंट में नवाचार का एक नया आयाम जुड़ेगा।"
इस साझेदारी के जरिए सोनी (SPNI) और गूगल (Google) मनोरंजन, ज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एक साथ लाकर दर्शकों के लिए अधिक इंटरैक्टिव और सीखने पर आधारित अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
नेटफ्लिक्स ने यूट्यूब से प्रतिस्पर्धा तेज करने के लिए शॉर्ट-फॉर्म वीडियो कंटेंट को अपने प्लेटफॉर्म पर शामिल करने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी ने कई मीडिया पब्लिशर्स के साथ समझौते किए हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स (Netflix) अब दर्शकों का अधिक समय अपनी ऐप पर बनाए रखने के लिए शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट (Short-form Content) पर बड़ा दांव लगाने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने कई प्रमुख मीडिया पब्लिशर्स के साथ लाइसेंसिंग समझौते किए हैं, जिसके तहत अगस्त 2026 की शुरुआत से ऐप पर तीन से 20 मिनट की अवधि वाले वीडियो उपलब्ध कराए जाएंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, नेटफ्लिक्स (Netflix) ने बज़फीड स्टूडियोज़ (BuzzFeed Studios), कॉन्डे नास्ट (Condé Nast), हर्स्ट मैगज़ीन्स (Hearst Magazines), पेंस्के मीडिया (Penske Media) और पीपल इंक. (People Inc.) जैसे प्रकाशकों के साथ साझेदारी की है।
इन समझौतों के तहत बॉन एपेटिट (Bon Appétit), कॉस्मोपॉलिटन (Cosmopolitan), द हॉलीवुड रिपोर्टर (The Hollywood Reporter), वैरायटी (Variety) और वोग (Vogue) जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स के फूड, ट्रैवल, फैशन और लाइफस्टाइल से जुड़े वीडियो नेटफ्लिक्स (Netflix) पर उपलब्ध होंगे।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब यूट्यूब (YouTube) कनेक्टेड टीवी (Connected TV) पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। नील्सन (Nielsen) के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में अमेरिका (United States) में कुल टीवी व्यूअरशिप में यूट्यूब (YouTube) की हिस्सेदारी 13.4 प्रतिशत रही, जबकि नेटफ्लिक्स (Netflix) की हिस्सेदारी 7.8 प्रतिशत थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नेटफ्लिक्स (Netflix) पिछले कुछ समय से वीडियो पॉडकास्ट (Video Podcasts) और वर्टिकल शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट (Vertical Short-form Content) में निवेश बढ़ा रहा है। कंपनी का उद्देश्य अपने प्लेटफॉर्म को ऐसा बनाना है, जहां दर्शक दिनभर बार-बार लौटकर कंटेंट देखें, न कि केवल शाम के समय लंबी फिल्मों या वेब सीरीज तक सीमित रहें।
बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) ने होमग्रोन फुटवियर और एक्सेसरीज़ ब्रांड फिज़ी गॉबलेट (Fizzy Goblet) में रणनीतिक निवेश किया है।
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बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) ने भारतीय फुटवियर और एक्सेसरीज़ ब्रांड फिज़ी गॉबलेट (Fizzy Goblet) में रणनीतिक निवेश किया है। हालांकि, इस निवेश की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है।
करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) वर्ष 2022 से फिज़ी गॉबलेट (Fizzy Goblet) की ब्रांड एंबेसडर हैं। अब वह कंपनी में रणनीतिक साझेदार (Strategic Partner) की नई भूमिका भी निभाएंगी। इसके तहत वह ब्रांड के प्रचार के अलावा डिजाइन चयन (Design Selection) और भारत सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ब्रांड विस्तार (Brand Building) की रणनीति में भी योगदान देंगी।
करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) का फिज़ी गॉबलेट (Fizzy Goblet) से जुड़ाव नया नहीं है। वर्ष 2014 में उन्हें पहली बार इस ब्रांड के उत्पादों का उपयोग करते हुए देखा गया था। इसके बाद 2022 में वह आधिकारिक रूप से ब्रांड एंबेसडर बनीं।
निवेश की घोषणा करते हुए करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) ने इंस्टाग्राम (Instagram) पर लिखा, "मैं हमेशा उन्हीं चीज़ों का समर्थन करती हूं, जिन पर मुझे पूरा विश्वास होता है। आज वही विश्वास एक निवेश में बदल गया है। फिज़ी गॉबलेट (Fizzy Goblet) में निवेशक और साझेदार के रूप में लक्षीता गोविल (Laksheeta Govil) के साथ इस शानदार भारतीय ब्रांड के अगले अध्याय का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हूं। भारतीय डिजाइन, शिल्पकला और आने वाले रोमांचक सफर के नाम।"
इस घोषणा के साथ साझा की गई तस्वीर में करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) और फिज़ी गॉबलेट (Fizzy Goblet) की संस्थापक लक्षीता गोविल (Laksheeta Govil) नई साझेदारी का जश्न मनाते नजर आए।
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शिल्पा शारदा (Shilpa Sharda) ने प्राइम वीडियो (Prime Video) और अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज (Amazon MGM Studios) में हेड ऑफ म्यूजिक के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है।
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शिल्पा शारदा (Shilpa Sharda) ने प्राइम वीडियो (Prime Video) और अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज (Amazon MGM Studios) में हेड ऑफ म्यूजिक (Head of Music) के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने अपने लिंक्डइन (LinkedIn) प्रोफाइल के जरिए इस नियुक्ति की जानकारी साझा की।
नई भूमिका में शिल्पा शारदा (Shilpa Sharda) प्राइम वीडियो (Prime Video) और अमेज़न एमजीएम स्टूडियोज (Amazon MGM Studios) के म्यूजिक फंक्शन का नेतृत्व करेंगी।
शिल्पा शारदा (Shilpa Sharda) इससे पहले 12 वर्षों से अधिक समय तक बिलीव इंडिया एंड साउथ एशिया (Believe India & South Asia) से जुड़ी रहीं। यहां वह हाल ही में डायरेक्टर – आर्टिस्ट सर्विसेज एंड एम एंड ए लेबल्स (Director – Artist Services & M&A Labels) के पद पर कार्यरत थीं।
बिलीव (Believe) में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने डायरेक्टर – आर्टिस्ट सर्विसेज एंड लेबल (इश्तर) (Director – Artist Services & Label - Ishtar), डायरेक्टर – आर्टिस्ट सर्विसेज इंडिया (Director – Artist Services India), हेड ऑफ आर्टिस्ट सर्विसेज एंड डेवलपमेंट (Head of Artist Services & Development), हेड ऑफ वीडियो एंड ट्रेड मार्केटिंग (Head of Video & Trade Marketing), ट्रेड मार्केटिंग (Trade Marketing), लेबल एंड वीडियो मैनेजर (Label & Video Manager), लेबल एंड मार्केटिंग मैनेजर (Label & Marketing Manager) तथा मार्केटिंग मैनेजर (Marketing Manager) सहित कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।
बिलीव (Believe) से पहले वह डीज़र (Deezer) में इंडिया एडिटर (India Editor) के रूप में कार्यरत थीं और भारत में म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के लॉन्च से जुड़ी टीम का हिस्सा रहीं।
अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने टी-सीरीज (T-Series) में सोशल मीडिया मार्केटिंग (Social Media Marketing) और आर्टिस्ट मैनेजमेंट (Artist Management) से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा वह असिस्टेंट मैनेजर – रेडियो एंड टीवी (Assistant Manager – Radio & TV) के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत एमएच1 (MH1) में ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म (Broadcast Journalism) से की थी और बाद में 24 फ्रेम्स (24 Frames) में असिस्टेंट प्रोड्यूसर (Assistant Producer) की भूमिका निभाई।
ज़ी5 (ZEE5) ने मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) अभिनीत फिल्म 'सतलुज' (Satluj) को भारत में अगली सूचना तक प्लेटफॉर्म से हटा दिया है।
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दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) अभिनीत फिल्म 'सतलुज' (Satluj) को भारत में ज़ी5 (ZEE5) से हटा दिया गया है। वर्षों की देरी और विवादों के बाद 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई यह फिल्म अब अगली सूचना तक भारतीय दर्शकों के लिए उपलब्ध नहीं रहेगी।
ज़ी5 (ZEE5) ने रविवार को इंस्टाग्राम (Instagram) पर जारी आधिकारिक बयान में कहा कि "मौजूदा परिस्थितियों" (Current Developments) के कारण फिल्म को भारत में अगली सूचना तक प्लेटफॉर्म से हटाया जा रहा है। हालांकि, कंपनी ने इस फैसले के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं की।
अपने बयान में ज़ी5 (ZEE5) ने कहा कि रिलीज के बाद 'सतलुज' (Satluj) को दर्शकों का शानदार समर्थन मिला और प्लेटफॉर्म उन सभी दर्शकों का आभारी है जिन्होंने फिल्म को देखा और समर्थन दिया। कंपनी ने यह भी दोहराया कि वह फिल्म और उसके रचनात्मक दृष्टिकोण (Creative Vision) के साथ मजबूती से खड़ी है। ज़ी5 (ZEE5) के अनुसार, प्रभावशाली कहानियां लोगों को प्रेरित करने और लंबे समय तक असर छोड़ने की क्षमता रखती हैं।
ज़ी5 (ZEE5) ने कहा कि वह सभी आवश्यक कानूनी और नियामकीय प्रक्रियाओं (Due Process) के तहत ऐसे सभी विकल्पों पर काम कर रही है, जिससे फिल्म को जल्द से जल्द भारतीय दर्शकों के लिए फिर से उपलब्ध कराया जा सके। कंपनी ने यह भी कहा कि रचनाकारों और उद्देश्यपूर्ण कहानियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पहले की तरह कायम है।
गौरतलब है कि इस फिल्म का मूल नाम 'पंजाब 95' (Punjab 95) था। निर्देशक हनी त्रेहन (Honey Trehan) की यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा (Jaswant Singh Khalra) के जीवन पर आधारित है।
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (Central Board of Film Certification-CBFC) द्वारा कथित तौर पर कई कट्स की मांग किए जाने के कारण यह फिल्म वर्षों तक अटकी रही। बाद में इसे भारत में सिनेमाघरों में रिलीज करने के बजाय 'सतलुज' (Satluj) नाम से 3 जुलाई को सीधे ज़ी5 (ZEE5) पर रिलीज किया गया था।