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जल्द शुरू होगा ‘क्रिएट इन इंडिया’ मिशन, लाखों रोजगार पैदा करने की तैयारी: अश्विनी वैष्णव
नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' (India AI Impact Summit) के पहले दिन केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा ऐलान किया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 hours ago
नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' (India AI Impact Summit) के पहले दिन केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भारत की क्रिएटर इकॉनमी यानी कंटेंट बनाने वालों की अर्थव्यवस्था आने वाले सालों में 1.3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 1.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही लगभग 3 से 4 लाख नए रोजगार भी पैदा हो सकते हैं।
मंत्री ने बताया कि सरकार जल्द ही “Create in India” नाम से एक बड़ा मिशन शुरू करने जा रही है। इसका मकसद भारत को कंटेंट क्रिएशन और क्रिएटिव टैलेंट का ग्लोबल हब बनाना है। उन्होंने कहा कि यह पहल पूरी तरह इंडस्ट्री और रोजगार पर केंद्रित होगी और आने वाले 25 सालों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।
यह बातचीत मोशन पिक्चर एसोसिएशन के चेयरमैन और सीईओ चार्ल्स रिवकिन (Charles Rivkin) के साथ हुई। यह सत्र मोशन पिक्चर एसोसिएशन ने FICCI, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और क्रिएटिव फर्स्ट के साथ मिलकर आयोजित किया था।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज टेक्नोलॉजी और क्रिएटिव दुनिया साथ-साथ आगे बढ़ रही है। कंटेंट इंडस्ट्री अब तकनीक के बिना अधूरी है और AI जैसे नए टूल्स ने इसे और तेजी दी है। उन्होंने बताया कि पिछले साल भारत के फिल्म, टीवी और स्ट्रीमिंग सेक्टर ने 1.3 लाख करोड़ रुपये का कारोबार किया और करीब 26 लाख लोगों को रोजगार दिया। इस सेक्टर में 7 फीसदी की ग्रोथ जारी है और आने वाले वर्षों में यह 1.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
हालांकि मंत्री ने साफ कहा कि AI के दौर में कॉपीराइट की सुरक्षा बहुत जरूरी है। उनका कहना था कि सिर्फ पारंपरिक कानूनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि टेक्नोलॉजी और कानून को साथ मिलाकर समाधान निकालना होगा। उन्होंने बताया कि भारत 20 से ज्यादा देशों के मंत्रियों के साथ मिलकर AI और कॉपीराइट से जुड़े नियमों पर वैश्विक सहमति बनाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने फेक न्यूज और डीपफेक को भी गंभीर खतरा बताया। उनका कहना था कि गलत जानकारी और डीपफेक समाज की नींव पर हमला कर रहे हैं। इसलिए सरकार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, AI डेवलपर्स और कंटेंट क्रिएटर्स सभी को मिलकर काम करना होगा, ताकि टेक्नोलॉजी भरोसा मजबूत करे, उसे कमजोर न करे।
मंत्री ने टैलेंट तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने Indian Institute of Creative Technologies का जिक्र किया, जिसकी घोषणा WAVES समिट में हुई थी और जिसका पहला कैंपस कुछ ही महीनों में शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री के फीडबैक के मुताबिक यहां दुनिया की सबसे आधुनिक लैब्स में से कुछ मौजूद हैं।
इसके अलावा बजट में 15,000 स्कूल और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स खोलने की भी घोषणा की गई है। छात्रों को इंडस्ट्री पार्टनरशिप के जरिए विश्वस्तरीय टूल्स तक पहुंच दी जाएगी, जैसे पहले 315 यूनिवर्सिटी में सेमीकंडक्टर टूल्स और 100 यूनिवर्सिटी में 5G लैब्स उपलब्ध कराए गए थे।
अंत में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इंसानी रचनात्मकता हमारी सभ्यता की सबसे बड़ी ताकत है। AI को इंसानी क्रिएटिविटी का साथी बनना चाहिए, उसका मुकाबला नहीं करना चाहिए। टेक्नोलॉजी और एंटरटेनमेंट का मेल ही आने वाले समय में भारत की क्रिएटर इकॉनमी को नई ऊंचाई देगा।
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