तो वह घड़ी आ ही गई। अब हाई कोर्ट भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को केंद्र सरकार के नियंत्रण में लाने के पक्षधर दिखने लगे हैं।
राजेश बादल 5 years ago
अमेरिका से खबर है कि सीएनएन के पत्रकार जिम अकोस्टा को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों से इतनी धमकियां मिलीं कि उन्हें निजी सुरक्षा कर्मी रखने पर मजबूर होना पड़ा
राजेश बादल 5 years ago
कुछ दशक पहले तक भारत के चिकित्सा क्षेत्र में विशेषज्ञ या वर्गीकृत सेवाओं का व्यापक विस्तार नहीं था। एक एमबीबीएस डॉक्टर को लोग सारे दुखों की एक दवा समझ लेते थे। गांवों में तो आज भी यह प्रचलन में है।
राजेश बादल 5 years ago
किस दौर में आ पहुंचे हैं हम? जैसे जैसे आधुनिक संचार साधनों को अपना रहे हैं, वैसे वैसे खुद को अभिव्यक्त करने में शालीनता भी भूल रहे हैं
राजेश बादल 5 years ago
अभी तक खबरिया चैनल अपने दर्शकों से दुश्मनी निकाल रहे थे। अब उन्हें एक नया विरोधी मिल गया है।
राजेश बादल 5 years ago
अतिरेक किसी भी चीज का अच्छा नहीं होता। यह दौर चीख चीख कर कह रहा है कि अब बस भी करिए। वरना अवाम अब सब कुछ अपने हाथ में ले लेगी।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
जिस एजेंसी का नाम लेते ही हम मीडिया के लोग गर्व से भर जाते थे, वह अब राष्ट्रद्रोही ठहराई जा रही है। पीटीआई हिंदुस्तान ही नहीं, समूचे संसार में सबसे बड़े नेटवर्क वाली संस्थाओं में से एक है।
राजेश बादल 5 years ago
बीते सप्ताह गलवान में चीन के साथ खूनी संघर्ष मीडिया के सभी रूपों में छाया रहा। इस दरम्यान शुरू के तीन-चार दिन तक चीन के बयान एक के बाद एक आते रहे और भारतीय अधिकृत बयान आने में कुछ समय लगा।
राजेश बादल 5 years ago
मानसिक उत्पीड़न का यह सिलसिला यकीनन परेशान करता है। छोटे पर्दे पर उपलब्धियों का कीर्तिमान रचने वाले विनोद दुआ को अपने ही मुल्क में सम्मान की जगह संत्रास दिया जा रहा है
राजेश बादल 5 years ago
स्टेटमेंट में दिल्ली पुलिस द्वारा वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने का उदाहरण दिया गया है। वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने एडिटर्स गिल्ड के इस बयान का समर्थन किया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago