सत्ता के शिखरों ने अपने हित साधने में पत्रकारों और पत्रकारिता का भरपूर इस्तेमाल किया और हम खड़े-खड़े ग़ुबार देखते रहे
राजेश बादल 6 years ago
वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने रायपुर के पत्रकारिता विश्वविद्यालय में नए कुलपति के चयन पर उठाया सवाल
राजेश बादल 6 years ago
पत्रकारिता के दोनों शिक्षक मुकेश कुमार और दिलीप मंडल बरसों से पत्रकारिता और मीडिया शिक्षा के तमाम रूपों से जुड़े हुए हैं
राजेश बादल 6 years ago
लगातार मिल रहे इस तरह के संकेतों को संयुक्त कर देखें तो साफ है कि अब हमें अपना घर ठीक करने की नौबत आ गई है
राजेश बादल 6 years ago
जब न्याय विलंब से मिलता है या चांदी के सिक्कों में खरीदा-बेचा जाता है तो समाज सड़कों पर अपने तरीके से मुजरिम को सजा देता है
राजेश बादल 6 years ago
पर्यटन विभाग द्वारा टूरिस्ट होटलों एवं कॉटेज में पत्रकारों को विशेष रूप से रियायत देने के आदेश जारी किए जा रहे हैं
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
सिर्फ अपने गाल बजाने के लिए अपने आप को हम चौथा स्तंभ कहते हैं, अन्यथा कोई भी संवैधानिक प्रावधान हमें चौथे खंभे के रूप में संरक्षण नहीं देता
राजेश बादल 6 years ago
राजनीति में किसी भी घटना के अनेक पहलू होते हैं। पत्रकार के रूप में काम करते हुए हर कदम पर इन पहलुओं का ध्यान रखना पड़ता है
राजेश बादल 6 years ago
इसमें न किसी बदनामी का खतरा है और न इसे आप पीत पत्रकारिता कह सकते हैं। ऐसी स्थिति में पुरानी पीढ़ी के अनेक पत्रकारों में नई चिंता देखी गई है
राजेश बादल 6 years ago