कहा जा रहा है कि अगर आगामी बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भी टीम इंडिया बुरी तरह हारती है तो गौतम गंभीर को टेस्ट टीम के हेड कोच के पद से बर्खास्त किया जा सकता है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया को मिली 0-3 की करारी हार की विस्तृत समीक्षा की है। बीसीसीआई सचिव जय शाह और अध्यक्ष रोजर बिन्नी भी इस मैराथन मीटिंग में मौजूद थे। इस मीटिंग में गौतम गंभीर ऑनलाइन तरीके से शामिल हुए।
कहा जा रहा है कि अगर आगामी बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में भी टीम इंडिया बुरी तरह हारती है तो गौतम गंभीर को टेस्ट टीम के हेड कोच के पद से बर्खास्त किया जा सकता है। इस जानकारी के सामने आने के बाद वरिष्ठ खेल पत्रकार विक्रांत गुप्ता ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट की और अपनी राय दी।
उन्होंने एक्स पर लिखा, भारत न्यूजीलैंड से सीरीज निश्चित रूप से अकेले गौतम गंभीर के कारण नहीं हारा। रोहित की कप्तानी और फॉर्म, विराट की फॉर्म और बल्लेबाजी का स्पिन के आगे समर्पण और टर्निंग पिचों पर गंभीर-रोहित-अगरकर के दांव के साथ और भी बहुत कुछ। विश्वास नहीं हो रहा कि पोस्टमॉर्टम के छह घंटे केवल गंभीर पर दोष मढ़ने में खर्च कर दिए गए।
आपको बता दें, सोमवार को यानी आज भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बातचीत करेंगे। हालांकि कप्तान रोहित शर्मा इसका हिस्सा नहीं होंगे।
India lost the series to New Zealand certainly not because of Gautam Gambhir alone. Rohit’s captaincy and form, Virat’s form, and batting surrender to spin plus so much more to go with Gambhir-Rohit-Agarkar gambling on turning pitches. Can’t believe six hours of post mortem were…
— Vikrant Gupta (@vikrantgupta73) November 9, 2024
लाइव एंकरिंग के दौरान हुई गलतियों के बाद युवा पत्रकार सागर तिवारी के सहज अंदाज की चर्चा; एडिटर-इन-चीफ ज्ञानेंद्र तिवारी ने वीडियो शेयर कर बढ़ाया हौसला
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Samachar4media Bureau
न्यूज चैनल में लाइव एंकरिंग करना आसान नहीं होता। कैमरे के सामने खबरें पढ़ने से लेकर भाषा, उच्चारण और प्रस्तुति तक, हर चीज पर ध्यान देना पड़ता है। ऐसे में अगर कोई नया एंकर लाइव प्रसारण के दौरान गलती कर बैठे और फिर दर्शकों से ही माफी मांगने लगे, तो उसका वीडियो चर्चा में आना लाजिमी है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में प्रसारित होने वाले रीजनल न्यूज चैनल ‘विस्तार न्यूज’ (Vistaar News) के युवा पत्रकार सागर तिवारी का एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वीडियो में सागर तिवारी लाइव एंकरिंग करते नजर आते हैं। इस दौरान उनसे कुछ गलतियां होती हैं और फिर वह सहज अंदाज में कहते हैं, ‘नए-नए एंकर बने हैं भइया, गलती पर माफ कर दीजिए।’ लाइव प्रसारण के बीच करीब 3 मिनट 21 सेकंड के इस वीडियो में सागर का इस तरह अपनी गलती स्वीकार करना और दर्शकों से माफी मांगना लोगों का ध्यान खींच रहा है।
वहीं, विस्तार न्यूज के एडिटर-इन-चीफ ज्ञानेंद्र तिवारी ने खुद सागर तिवारी का यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। उन्होंने वीडियो के साथ लिखा, ‘सागर आज नए-नए एंकर बने हैं। एंकरिंग में गलती हुई तो लाइव के दौरान कहने लगे नया एंकर बना हूं भइया, गलती पर माफ कर दीजिए।
‘विस्तार न्यूज’ की एग्जिक्यूटिव एडिटर श्वेता राय ने भी एक्स पर लिखा है, ‘अब आप ही सिखाइए एंकरिंग कैसे करनी हैं.. ये आज कल के युवा गलती भी ऑन स्क्रीन ही करेंगे.. सीखेंगे भी.. सागर को आशीर्वाद दीजिए.. प्रबंधन लगातार नए युवाओं पर भरोसा जता रहा है, यहाँ नई प्रतिभा पहले तलाशते हैं फिर तराशते हैं..हमारा मूल मंत्र है नए लोगों को मौक़ा मिले’।
अब आप ही सिखाइए एंकरिंग कैसे करनी हैं.. ये आज कल के युवा गलती भी ऑन स्क्रीन ही करेंगे.. सीखेंगे भी.. सागर को आशीर्वाद दीजिए.. @VistaarNews प्रबंधन लगातार नए युवाओं पर भरोसा जता रहा है, यहाँ नई प्रतिभा पहले तलाशते हैं फिर तराशते हैं..हमारा मूल मंत्र है नए लोगों को मौक़ा मिले
— Shweta Rai (Vistaar News) (@Shwetaraiii) October 28, 2026
आदित्य खंडेलवाल ने सारेगामा इंडिया लिमिटेड में चीफ मैनेजर-स्ट्रैटेजी की जिम्मेदारी संभाली है। वह लाइव एक्सपीरियंस बिजनेस को मजबूत करने और विस्तार देने के साथ आगामी लाइव शोज पर काम करेंगे।
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Samachar4media Bureau
आदित्य खंडेलवाल (Aditya Khandelwal) ने सारेगामा इंडिया लिमिटेड (Saregama India Ltd.) में चीफ मैनेजर-स्ट्रैटेजी (Chief Manager-Strategy) की जिम्मेदारी संभाली है। उनका फोकस लाइव एक्सपीरियंस बिजनेस पर रहेगा।
खंडेलवाल ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की। उन्होंने संगीत से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का जिक्र करते हुए इस जिम्मेदारी को खास बताया। उन्होंने लिखा, “संगीत हमेशा से मेरी जिंदगी का हिस्सा रहा है, इसलिए यह जिम्मेदारी मेरे लिए थोड़ी ज्यादा व्यक्तिगत महसूस होती है।”
नई भूमिका में खंडेलवाल सारेगामा के लाइव एक्सपीरियंस बिजनेस को मजबूत करने और उसका विस्तार करने पर काम करेंगे। उन्होंने नई टीम के साथ जुड़ने और कंपनी के आगामी लाइव शोज में भूमिका निभाने को लेकर भी उत्साह जताया।
इससे पहले खंडेलवाल स्विगी (Swiggy) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) के साथ काम कर चुके हैं। इन कंपनियों में उनके अनुभव से लाइव एंटरटेनमेंट से जुड़ी नई भूमिका में उनके रणनीतिक काम को मजबूती मिलेगी। सारेगामा के लाइव एक्सपीरियंस बिजनेस का विस्तार कंपनी की संगीत विरासत को आगे बढ़ाने और लाइव एंटरटेनमेंट के जरिए दर्शकों से जुड़ने के नए अवसर तलाशने की दिशा में एक कदम है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कॉपीराइट और दूसरे बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वाली पोस्ट हटाने से जुड़े IT नियम को असंवैधानिक घोषित करने से इनकार कर दिया है।
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Samachar4media Bureau
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कॉपीराइट और दूसरे बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वाली पोस्ट हटाने से जुड़े आईटी नियम को असंवैधानिक घोषित करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कंटेंट क्रिएटर अनमोल जैन की याचिका खारिज करते हुए कहा कि इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अपने प्लेटफॉर्म से ऐसी सामग्री हटाने का अधिकार है, जो किसी दूसरे व्यक्ति के कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, पेटेंट या अन्य मालिकाना अधिकारों का उल्लंघन करती है।
यह मामला सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 3(1)(b)(iv) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने से जुड़ा था। मामले में चीफ जस्टिस अल्पेश वाई. कोगजे और जस्टिस विवेक रूसिया की खंडपीठ ने सुनवाई की। लिखित आदेश में जस्टिस रूसिया ने फैसला लिखा है।
क्या है पूरा मामला?
अनमोल जैन इंस्टाग्राम पर ‘memexnasha’ नाम से अकाउंट चलाते हैं। उनका कहना था कि उन्होंने 2019 से मेहनत करके करीब 39 हजार फॉलोअर्स जुटाए थे और यह अकाउंट उनकी कमाई का एक अहम जरिया बन गया था।
जैन के मुताबिक, इंस्टाग्राम ने कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायतों के आधार पर उनकी कई पोस्ट हटा दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्ट हटाने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कुछ लोग झूठी शिकायतें करके इंस्टाग्राम की कॉपीराइट नीति का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
जैन ने प्लेटफॉर्म से शिकायत की और अपना अकाउंट बहाल करने की मांग भी की। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया।
याचिका में क्या कहा गया?
याचिकाकर्ता ने दलील दी कि आईटी नियमों का संबंधित प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a), 19(1)(g) और 21 के खिलाफ है। उनका तर्क था कि किसी पोस्ट से कॉपीराइट या दूसरे बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, इसका फैसला करने का अधिकार कोर्ट को होना चाहिए। किसी निजी कंपनी को शिकायत के आधार पर सामग्री हटाने की शक्ति देना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि पोस्ट हटाने से पहले उन्हें नोटिस या सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया, जिससे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ।
हाई कोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?
खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि संबंधित नियम को असंवैधानिक घोषित करने के लिए याचिका में पर्याप्त आधार नहीं है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 2(w) के तहत इंस्टाग्राम एक मध्यस्थ यानी इंटरमीडियरी है। आईटी नियम, 2021 के तहत ऐसे प्लेटफॉर्म को जरूरी सावधानियां बरतनी होती हैं और दूसरे व्यक्तियों के मालिकाना अधिकारों का उल्लंघन करने वाली सामग्री को रोकने के लिए उचित प्रयास करने होते हैं।
कोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम एक निजी कंपनी होने के बावजूद कानून के तहत मध्यस्थ की श्रेणी में आता है। इसलिए उसे अपने प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, पेटेंट या दूसरे बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वाली पोस्ट हटाने का अधिकार है।
यूजर्स के लिए शिकायत और अपील का रास्ता
हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि आईटी नियमों में शिकायतों के समाधान के लिए व्यवस्था मौजूद है। नियम 3(2) के तहत सोशल मीडिया मध्यस्थ को शिकायत अधिकारी नियुक्त करना होता है। सामान्य शिकायतों के मामले में शिकायत अधिकारी को 24 घंटे के भीतर शिकायत मिलने की पुष्टि करनी होती है और 15 दिनों के भीतर उसका समाधान करना होता है। नियम में कुछ खास तरह की शिकायतों के लिए अलग समयसीमा भी निर्धारित है।
इसके अलावा, नियम 3A के तहत शिकायत अधिकारी के फैसले से असंतुष्ट व्यक्ति या तय समय में शिकायत का समाधान नहीं होने पर प्रभावित यूजर 30 दिनों के भीतर शिकायत अपीलीय समिति के पास अपील कर सकता है।
कोर्ट ने माना कि शिकायतकर्ता और प्रभावित यूजर, दोनों के लिए शिकायत और अपील की व्यवस्था मौजूद है। इसी आधार पर उसने संबंधित नियम को असंवैधानिक घोषित करने से इनकार कर दिया।
पोस्ट हटाए जाने के खिलाफ क्या कर सकते हैं यूजर?
कोर्ट ने अनमोल जैन की व्यक्तिगत शिकायत के संदर्भ में कहा कि उनके पास सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दूसरे कानूनी उपाय भी उपलब्ध हैं। कोर्ट ने अधिनियम के अध्याय IX का उल्लेख किया, जो दंड, मुआवजे और निर्णय प्रक्रिया से संबंधित है। साथ ही, अध्याय X में अपील से जुड़े प्रावधानों का भी जिक्र किया।
कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता संबंधित कानूनी उपाय अपनाते हैं, तो इंस्टाग्राम की कार्रवाई की जांच की जा सकती है।
जी एंटरटेनमेंट ने कोमल नाहटा को मूवीज बिजनेस का क्रिएटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। नई व्यवस्था में जी स्टूडियोज की टीम उन्हें रिपोर्ट करेगी और फिल्मों के अधिग्रहण फैसलों की निगरानी करेंगे।
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जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Ltd) ने जी स्टूडियोज (Zee Studios) और फिल्मों के अधिग्रहण से जुड़े कारोबार में बदलाव किया है। कंपनी ने इंडस्ट्री के अनुभवी कोमल नाहटा (Komal Nahta) को मूवीज बिजनेस के क्रिएटिव डायरेक्टर (Creative Director) की जिम्मेदारी सौंपी है।
नई व्यवस्था के तहत जी स्टूडियोज की टीम, जिसमें सूरज सिंह (Suraj Singh) भी शामिल हैं, अब कोमल नाहटा को रिपोर्ट करेगी। नाहटा सभी प्लेटफॉर्म पर फिल्मों से जुड़े व्यावसायिक और अधिग्रहण संबंधी फैसलों की निगरानी भी करेंगे। उनका फोकस हिंदी और अन्य भाषाओं की फिल्मों पर रहेगा।
इस नई भूमिका में कोमल नाहटा सीधे कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत गोयनका (Punit Goenka) को रिपोर्ट करेंगे।
नियुक्ति पर पुनीत गोयनका ने कहा कि कंपनी अपने विकास के लक्ष्यों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और इसके लिए कारोबार के प्रमुख हिस्सों को लगातार मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह कदम अधिक स्पष्ट और प्रदर्शन केंद्रित ऑपरेटिंग स्ट्रक्चर (Operating Structure) बनाने की कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि कंपनी विभिन्न प्लेटफॉर्म पर फिल्मों में किए गए निवेश का अधिकतम मूल्य हासिल करने के लिए क्रिएटिव सोच और कमर्शियल डिसिप्लिन (Commercial Discipline) को साथ ला रही है। उनके अनुसार, फिल्मों के पूरे क्षेत्र की गहरी समझ और मजबूत इंडस्ट्री रिलेशनशिप के कारण कोमल नाहटा अगले विकास चरण में टीमों का मार्गदर्शन करने के लिए उपयुक्त हैं।
कोमल नाहटा ने कहा कि वह एक दशक तक जी के ईटीसी चैनल (Zee ETC) के लोकप्रिय बॉलीवुड बिजनेस शो के होस्ट के रूप में जुड़े रहे हैं। इसलिए यह नई जिम्मेदारी उनके लिए घर वापसी जैसी है। उन्होंने कहा कि वह कंपनी के संस्थापक सुभाष चंद्र और सीईओ पुनीत गोयनका की ओर से जताए गए भरोसे और बड़ी जिम्मेदारी पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे।
दलेर मेहंदी पर नशे में प्रस्तुति देने के आरोप के बाद मीका सिंह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की और विधायक सुबोध उनियाल से स्पष्टीकरण की मांग की।
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दलेर मेहंदी पर लगे आरोपों को लेकर गायक मीका सिंह (Mika Singh) ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) से बात की है। टिहरी में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक सुबोध उनियाल (Subodh Uniyal) ने दलेर मेहंदी (Daler Mehndi) पर शराब के नशे में मंच पर प्रस्तुति देने का आरोप लगाया था।
इस विवाद के बाद मीका सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने खुद उनसे फोन पर बात की थी। मीका ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि सुबोध उनियाल से एक स्पष्टीकरण वीडियो जारी करवाया जाए और दलेर मेहंदी पर नशे में प्रस्तुति देने का आरोप लगाने के लिए उनसे माफी मंगवाई जाए।
मीका ने मुख्यमंत्री धामी की तारीफ करते हुए कहा कि वह उन्हें अच्छी तरह जानते हैं और उनके प्रति उनके मन में काफी सम्मान है। उन्होंने कहा कि गलतफहमियां हो सकती हैं, लेकिन उन्हें बातचीत और सम्मान के साथ सुलझाया जा सकता है। मीका को उम्मीद है कि इस पहल से विवाद खत्म होगा और दलेर मेहंदी की प्रतिष्ठा भी बनी रहेगी।
Good morning! 🙏❤️ I have immense respect for the Hon’ble Chief Minister of Uttarakhand, @pushkardhami ji. He personally called me regarding the matter involving Daler Bhai, and I truly appreciate his gesture. I know Dhami Saab very well. He is a humble, down-to-earth person, and I have great respect for him. My only humble request to him is to please ask Shri @SubodhUniyal1 ji to make a simple video clarifying his statement and apologising to Daler Bhai for saying that he was drunk during the performance. I believe misunderstandings can happen, but they can also be resolved gracefully. I hope this small gesture will help put the matter to rest and ensure that Daler Bhai’s dignity and reputation are respected. I have faith in Dhami Saab’s understanding and leadership.
— King Mika Singh (@MikaSingh) October 23, 2026
टिहरी में नवरात्रि के एक कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान मंत्री सुबोध उनियाल ने उन्हें गाना रोकने के लिए कहा और उन पर नशे में होने का आरोप लगाया। उनियाल का कहना था कि दलेर मेहंदी ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की प्रस्तुति से नवरात्रि के कार्यक्रम और वहां मौजूद लोगों का अपमान हुआ।
सुबोध उनियाल ने यह भी कहा था कि कार्यक्रम के आयोजकों ने दलेर मेहंदी को 35 लाख रुपये दिए थे। उनके मुताबिक, अगर गायक की तबीयत खराब थी तो उन्हें मंच पर प्रस्तुति नहीं देनी चाहिए थी।
ईशा और आकाश अंबानी 35 साल के हो गए हैं। दोनों रिलायंस समूह के प्रमुख उपभोक्ता कारोबार जियो और रिलायंस रिटेल की अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और नीता अंबानी (Nita Ambani) के जुड़वां बच्चे ईशा अंबानी (Isha Ambani) और आकाश अंबानी (Akash Ambani) आज 35 साल के हो गए हैं। 23 अक्टूबर 1991 को जन्मे दोनों अब रिलायंस समूह की अगली पीढ़ी के चेहरे होने के साथ उसके दो बड़े उपभोक्ता कारोबार की कमान भी संभाल रहे हैं।
ईशा और आकाश 2014 में रिलायंस के बोर्ड में शामिल हुए थे। शुरुआती दौर में दोनों का काम समूह के दूरसंचार और रिटेल कारोबार से जुड़ा रहा। समय के साथ उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) में फेसबुक, गूगल और दुनिया की दूसरी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के निवेश से जुड़ी चर्चाओं में भी दोनों की भूमिका रही।
जून 2022 में आकाश अंबानी ने रिलायंस जियो इन्फोकॉम (Reliance Jio Infocomm) के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में व्यावसायिक रूप से शुरू हुई जियो ने सस्ती 4जी सेवा के जरिए भारत के मोबाइल डेटा बाजार में बड़ा बदलाव किया। आकाश शुरुआती दौर से ही जियो के उत्पादों और डिजिटल सेवाओं से जुड़े रहे हैं।
इसके कुछ ही दिनों बाद ईशा अंबानी को रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) की कमान सौंपी गई। यह कारोबार किराना, फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई उपभोक्ता ब्रांडों तक फैला हुआ है। 2022 की रिलायंस की वार्षिक आम बैठक में ईशा ने कंपनी के एफएमसीजी कारोबार में उतरने की घोषणा भी की थी। जियो और रिलायंस रिटेल की ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जुड़ी जिम्मेदारियां भी उनके काम का हिस्सा रही हैं।
ईशा और आकाश की अब तक की यात्रा रिलायंस समूह में हो रहे बदलाव को भी दिखाती है। समूह की नई पीढ़ी ने दूरसंचार, रिटेल और डिजिटल सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियां संभाल ली हैं। इसके साथ रिलायंस अपने उपभोक्ता कारोबार का विस्तार कर रहा है।
विज्ञापन और मार्केटिंग की दुनिया के लिए भी ईशा और आकाश के कारोबार खास महत्व रखते हैं। जियो और रिलायंस रिटेल बड़े उपभोक्ता ब्रांडों में शामिल हैं। इन कारोबारों की ब्रांड पोजिशनिंग, साझेदारियों और उपभोक्ताओं तक पहुंचने से जुड़े फैसले कॉरपोरेट जगत से बाहर भी चर्चा में रहते हैं।
35 साल की उम्र में ईशा और आकाश अब केवल रिलायंस की अगली पीढ़ी नहीं हैं। वे समूह के कई बड़े कारोबारी दांव की जिम्मेदारी संभालने वाली पीढ़ी बन चुके हैं। उनके सामने कारोबार के बड़े स्तर को बनाए रखने के साथ बदलते बाजार और उपभोक्ताओं के बीच अपनी प्रासंगिकता कायम रखने की चुनौती भी है।
सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर डेब्यू करते हुए अपनी संस्मरण पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ की पहली झलक साझा की और निजी जीवन, राजनीति से जुड़े अनुभव बताए।
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कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम (Instagram) पर डेब्यू किया है। अपनी पहली पोस्ट में उन्होंने आगामी संस्मरण पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ (Belonging: A Journey of Love) की पहली झलक साझा की।
79 वर्षीय सोनिया गांधी ने वीडियो के साथ अपनी पहली पोस्ट में लिखा, “नमस्कार सभी को, मैं आप सभी के साथ ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ की पहली झलक साझा करते हुए बेहद आभारी हूं। यह प्यार, कर्तव्य, खोने और अपनेपन की जगह तलाशने की कहानी है। मैं इसे आपके साथ साझा करने के लिए उत्सुक हूं।”
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सोनिया गांधी की किताब की पहली प्रतियां भी अब उनके पास पहुंच गई हैं। प्रकाशकों ने उन्हें पुस्तक की पहली हार्डबैक प्रति भेंट की। इस दौरान उन्हें मिठाई का डिब्बा भी दिया गया। किताब हाथ में लेकर सोनिया गांधी ने तस्वीर खिंचवाई, जबकि आसपास मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उन्हें बधाई दी।
किताब देखते हुए सोनिया गांधी ने उसके पन्ने पलटे और अपनी बेटी प्रियंका गांधी को दिखाते हुए कहा, “बहुत सारी तस्वीरें हैं, प्रियंका।” ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ दुनियाभर में 10 नवंबर को जारी होगी। किताब में सोनिया गांधी ने अपने जीवन, राजनीति में आने और निजी अनुभवों से जुड़े कई पहलुओं को साझा किया है।
सोनिया गांधी ने कहा कि दिल टूटने और नुकसान के अनुभव ने उन्हें राजनीति की सार्वजनिक दुनिया में आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में आने से पहले तक उन्होंने अपनी निजता की पूरी तरह रक्षा की थी।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी ने 20 अक्टूबर 2026 को संगठन के नए पदाधिकारियों की नियुक्तियों की घोषणा की।
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Samachar4media Bureau
‘भारतीय जनता युवा मोर्चा’ (BJYM) ने अपूर्वा सिंह को राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी ने 20 अक्टूबर 2026 को संगठन के नए पदाधिकारियों की नियुक्तियों की घोषणा की।
अपूर्वा सिंह ने नई जिम्मेदारी सौंपे जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष और भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता पर भरोसा जताने के लिए वह सभी की आभारी हैं। उन्होंने पार्टी को और मजबूत करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करने और अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ने का प्रयास जारी रखने की बात भी कही।
.@BJYM के राष्ट्रीय 'सोशल मीडिया' इंचार्ज का दायित्व सौंपने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी गृहमंत्री @AmitShah जी BJP अध्यक्ष @NitinNabin जी राष्ट्रीय महामंत्री संगठन @blsanthosh जी और BJP युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष @drhemangjoshimp जी का बहुत बहुत आभार। मुझ जैसे सामान्य से कार्यकर्ता पर इतना भरोसा दिखाने के लिए आप सभी का धन्यवाद मैं आप सभी को पूर्ण विश्वास दिलाती हूँ, मैं पार्टी को और ज्यादा मजबूत करने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करने का परिश्रम करूंगी, और भी युवा हमसे लगातार जुड़ते रहे इसका सदा प्रयास करती रहूंगी, पुनः आप सभी का आभार। 🙏🏻
— Apurva Singh (@iSinghApurva) October 20, 2026
अपूर्वा सिंह ने राजस्थान स्थित बनस्थली विद्यापीठ से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। अपूर्वा ने ‘Vibes of Bharat’ की भी शुरुआत की है। यह पॉडकास्ट के माध्यम से सोशल मीडिया पर चलाया जाने वाला एक अभियान है, जिसका उद्देश्य अलग-अलग पीढ़ियों और विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदायों के लोगों को जोड़ना है। समाचार4मीडिया से बातचीत में अपूर्वा सिंह ने बताया कि वह पहले भी युवाओं के बीच कई कैम्पेन कर चुकी हैं जैसे- देश बदला, अब दिल्ली बदलो; मेरा UP मेरा गौरव; फिर एक बार मोदी सरकार; मैं हूं पुर्वांचली BJP के साथ हूं; सशक्त बिहार आदि।
समाचार4मीडिया की ओर से अपूर्वा सिंह को इस नई जिम्मेदारी के लिए ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं।
महिंद्रा मैनुलाइफ इंश्योरेंस ने निलेश कोठारी को सीएफओ नियुक्त किया है। जीवन बीमा उद्योग में 22 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाले कोठारी वित्तीय रणनीति और गवर्नेंस संभालेंगे।
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महिंद्रा मैनुलाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड (Mahindra Manulife Insurance Limited) ने निलेश कोठारी को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर यानी सीएफओ (CFO) नियुक्त किया है। निलेश को जीवन बीमा उद्योग में 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्हें वित्तीय रणनीति, पूंजी और सॉल्वेंसी मैनेजमेंट, बिजनेस प्लानिंग, निवेश संचालन, गवर्नेंस और नियामकीय मामलों में व्यापक विशेषज्ञता हासिल है।
महिंद्रा मैनुलाइफ से जुड़ने से पहले वह पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस (PNB MetLife India Insurance) में सीएफओ के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले उन्होंने भारती एक्सा लाइफ (Bharti AXA Life) और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस (SBI Life Insurance) में सीएफओ और वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाएं संभाली हैं।
अपने करियर के दौरान निलेश ने कारोबार की वृद्धि और लाभप्रदता, परिचालन दक्षता तथा बड़े स्तर पर वित्तीय बदलाव से जुड़ी कई पहलों का नेतृत्व किया है। इसमें ईआरपी (ERP) और एनालिटिक्स आधारित आधुनिकीकरण कार्यक्रम भी शामिल रहे हैं।
महिंद्रा मैनुलाइफ में निलेश का फोकस ऐसी वित्तीय व्यवस्था तैयार करने पर रहेगा, जो कंपनी के सफल लॉन्च और लंबे समय तक टिकाऊ विकास को मजबूती दे। उनकी जिम्मेदारियों में मजबूत वित्तीय गवर्नेंस, पूंजी और सॉल्वेंसी मैनेजमेंट तथा बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले वित्तीय प्रक्रियाओं को स्थापित करना शामिल होगा।
सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अब ऐसे विज्ञापन चलाना मुश्किल हो सकता है, जो देखने में भद्दे हों, जरूरत से ज्यादा आक्रामक हों या लोगों को गुमराह करते हों।
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सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अब ऐसे विज्ञापन चलाना मुश्किल हो सकता है, जो देखने में भद्दे हों, जरूरत से ज्यादा आक्रामक हों या लोगों को गुमराह करते हों। कंपनी के मालिक एलन मस्क ने घोषणा की है कि ऐसे विज्ञापन चलाने वाले विज्ञापनदाताओं पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसके तहत केवल किसी विज्ञापन को हटाने के बजाय संबंधित विज्ञापनदाता के खाते पर पूरी तरह रोक लगाने का कदम भी उठाया जा सकता है।
मस्क ने 16 अक्टूबर को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मंच पर दिखाए जाने वाले सभी विज्ञापनों को एक उचित और स्वीकार्य दृश्य मानक पर खरा उतरना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे ब्रैंड्स, जिनके विज्ञापन भद्दे, जरूरत से ज्यादा शोर मचाने वाले, आक्रामक या बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए हों, उन्हें मंच से पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा सकता है।
उन्होंने यूजर्स से यह भी कहा कि अगर उन्हें कोई ऐसा विज्ञापन दिखाई देता है, जो इन मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो वे इसकी जानकारी एक्स के आधिकारिक विज्ञापन खाते को दें।
विज्ञापन हटाने से आगे बढ़कर होगी कार्रवाई
एक्स की मौजूदा विज्ञापन नीतियों में पहले से ही भ्रामक दावों, तेजी से चमकने वाले दृश्यों, गलत व्याकरण और लोगों का ध्यान खींचने के लिए अपनाए जाने वाले बनावटी तरीकों पर रोक लगाने से जुड़े नियम शामिल हैं। हालांकि, मस्क की नई घोषणा इन नियमों को और सख्त करने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है।
अब तक नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी विज्ञापन को अस्वीकार करना या हटाना कार्रवाई का हिस्सा रहा है। लेकिन नई घोषणा के मुताबिक, एक्स ऐसे विज्ञापनदाताओं के खातों तक पहुंच भी स्थायी रूप से बंद कर सकता है। इसका मतलब है कि विज्ञापन की सामग्री को लेकर नियमों का उल्लंघन करने पर किसी ब्रैंड के लिए एक्स पर विज्ञापन देना पूरी तरह बंद हो सकता है।
विज्ञापनों के लिए तय नहीं किए गए स्पष्ट मानक
हालांकि, मस्क की इस घोषणा के बाद कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि किसी विज्ञापन को भद्दा, आक्रामक या जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मानने के लिए किन मानकों का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके अलावा, नियमों को लागू करने की समयसीमा और विज्ञापनों की समीक्षा करने की प्रक्रिया के बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। चूंकि किसी विज्ञापन का अच्छा या खराब दिखना काफी हद तक व्यक्ति की पसंद पर निर्भर करता है, इसलिए यह देखना अहम होगा कि एक्स इन नियमों को किस तरह लागू करता है।
खास तौर पर दृश्य और ध्वनि से जुड़े मानकों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने से विज्ञापनदाताओं के सामने अनिश्चितता बनी रह सकती है।
पहले भी विज्ञापनों के डिजाइन पर उठा चुके हैं सवाल
मस्क इससे पहले भी एक्स पर विज्ञापनों के डिजाइन और प्रस्तुति को लेकर सख्त रुख दिखा चुके हैं। जून 2025 में उन्होंने सशुल्क विज्ञापनों के टेक्स्ट में हैशटैग के इस्तेमाल पर रोक लगाने का कदम उठाया था। उस समय उन्होंने हैशटैग को विज्ञापनों के लिए सौंदर्य की दृष्टि से खराब बताया था।
अब विज्ञापनों के दृश्य मानकों को लेकर की गई नई घोषणा से संकेत मिलता है कि एक्स विज्ञापन की सामग्री के साथ-साथ उसकी प्रस्तुति पर भी ज्यादा ध्यान देना चाहता है।
हालांकि, नए नियमों का विज्ञापनदाताओं पर कितना असर पड़ेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी इनके लिए कितने स्पष्ट मानक तय करती है और उनका पालन किस तरह सुनिश्चित करती है।