ग्रे 82.5 ने शौविक रॉय को नया सीईओ नियुक्त किया है। वह 1 दिसंबर 2026 से जिम्मेदारी संभालेंगे और किरण राममूर्ति की जगह लेंगे, जो वीएमएल इंडिया के सीईओ बनेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ग्रे 82.5 (Grey 82.5), जो ओगिल्वी ग्रुप (Ogilvy Group) का हिस्सा है, ने शौविक रॉय (Shouvik Roy) को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। वह 1 दिसंबर 2026 से पद संभालेंगे। शौविक रॉय, किरण राममूर्ति (Kiran Ramamurthy) की जगह लेंगे, जो अब वीएमएल इंडिया (VML India) के सीईओ की जिम्मेदारी संभालेंगे।
ग्रे 82.5 के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान किरण राममूर्ति ने एजेंसी में बदलाव और कारोबार को गति देने में अहम भूमिका निभाई। 1 दिसंबर तक किरण और शौविक मिलकर सभी क्लाइंट पार्टनरशिप और ऑपरेशंस से जुड़े कामों का सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित करेंगे।
शौविक रॉय को ब्रांड स्ट्रैटेजी, मार्केटिंग ट्रांसफॉर्मेशन और बिजनेस बिल्डिंग का करीब तीन दशक का अनुभव है। इससे पहले वह ओगिल्वी दिल्ली के प्रेसिडेंट और हेड रह चुके हैं। उन्होंने दुनिया के टॉप 100 ब्रांड्स में शामिल एक दर्जन से अधिक ब्रांड्स के साथ काम किया है।
उद्यमी के तौर पर शौविक ने एक चर्चित एडवरटाइजिंग और डिजाइन एजेंसी की को-फाउंडिंग भी की थी। वह पेपरबोट (Paper Boat) ब्रांड को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। इसके बाद उन्होंने जी.ओ.ए.टी. ब्रांड लैब्स (G.O.A.T. Brand Labs) को खड़ा करने में भी योगदान दिया।
द ओगिल्वी ग्रुप इंडिया (The Ogilvy Group India) के सीईओ वीआर राजेश (VR Rajesh) ने नियुक्ति पर कहा कि ग्रे 82.5 एक मजबूत आधार और ग्रे व 82.5 के सफल एकीकरण के बाद मिली शानदार कारोबारी गति के साथ अगले चरण में प्रवेश कर रही है। उन्होंने किरण राममूर्ति के नेतृत्व, समर्पण और एजेंसी पर उनके प्रभाव की सराहना की और वीएमएल इंडिया में नई जिम्मेदारी के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
वीआर राजेश ने कहा कि शौविक रॉय ग्रे 82.5 के चैलेंजर अप्रोच के लिए उपयुक्त नेतृत्व लेकर आए हैं। उनके पास मजबूत रणनीतिक समझ, उद्यमी सोच और लोकप्रिय ब्रांड बनाने का साबित अनुभव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शौविक की सोच और ऊर्जा क्लाइंट्स के लिए कारोबार बढ़ाने और क्रिएटिव एक्सीलेंस हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
भारत में 53.5 करोड़ प्योर प्ले गेमर्स हैं और 2026 में गेमिंग बाजार 14,344 करोड़ रुपये का अनुमानित है। नई रिपोर्ट ने ओरिजिनल आईपी और वैश्विक सफलता को अगली प्राथमिकता बताया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत का गेमिंग उद्योग अब सिर्फ बड़े दर्शक वर्ग तक सीमित नहीं रहना चाहता। उद्योग के सामने अगली चुनौती गेम बनाने की क्षमता को मजबूत कारोबार, अलग पहचान वाली बौद्धिक संपदा (IP) और लगातार वैश्विक सफलता में बदलने की है।
डेंट्सु इंडिया (dentsu India) ने आईडब्ल्यूएमबज़ मीडिया (IWMBuzz Media) के साथ मिलकर इंडिया गेमिंग अवॉर्ड्स के सीजन 5 में इंडिया गेमिंग रिपोर्ट का तीसरा संस्करण जारी किया। ‘फ्रॉम प्लेयर्स टू प्लेमेकर्स’ थीम पर आधारित रिपोर्ट में भारतीय गेमिंग उद्योग के विकास, गेम डेवलपमेंट क्षमता और बड़े गेमिंग बाजार को लंबे समय की सफलता में बदलने की संभावनाओं पर फोकस किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पिछले एक साल में प्योर प्ले गेमिंग से जुड़े अनुमानित 53.5 करोड़ गेमर्स हैं। इनमें 33.2 करोड़ करंट प्योर प्ले गेमर्स हैं, जिन्होंने पिछले तीन महीनों में गेम खेला है। वहीं, 10.9 करोड़ करंट पेइंग प्योर प्ले गेमर्स हैं। भारत का प्योर प्ले गेमिंग बाजार 2026 में 14,344 करोड़ रुपये का अनुमानित है।
रिपोर्ट में प्योर प्ले गेमिंग को ऐसे डिजिटल गेम्स के रूप में परिभाषित किया गया है, जिन्हें मुख्य रूप से मनोरंजन, क्रिएटिव एक्सप्रेशन, सोशल कनेक्शन, प्रतिस्पर्धा या सांस्कृतिक भागीदारी के लिए खेला जाता है। इसमें ऑनलाइन मनी गेम्स, सट्टेबाजी और जुआ शामिल नहीं हैं।
14,344 करोड़ रुपये की प्योर प्ले गेमिंग अर्थव्यवस्था में 8,705 करोड़ रुपये का गेमिंग विज्ञापन, 5,239 करोड़ रुपये का कंज्यूमर पेमेंट और 401 करोड़ रुपये का ई-स्पोर्ट्स व अन्य पात्र राजस्व शामिल है।
रिपोर्ट के अनुसार भारत में गेम बनाने की क्षमता मजबूत है, लेकिन ओरिजिनल आईपी अगला बड़ा लक्ष्य है। भारत में बने गेम्स का अनुभव रखने वाले सर्वेक्षण में शामिल 70 प्रतिशत गेमर्स ने उनकी क्वालिटी को अच्छी या बहुत अच्छी रेटिंग दी। हालांकि, बड़े स्तर पर अलग पहचान वाली और स्वामित्व योग्य आईपी तैयार करना अब भी चुनौती है।
डेंट्सु गेमिंग इंडस्ट्री रेडीनेस बैरोमीटर के मुताबिक, गेमिंग इकोसिस्टम अभी पूरी तरह परिपक्व नहीं हुआ है। सात में से चार स्तंभ ‘डेवलपिंग’ और तीन ‘बिल्डिंग’ चरण में हैं। इनमें से कोई भी ‘एस्टैब्लिश्ड’ या ‘एडवांस्ड’ स्तर तक नहीं पहुंचा है।
भारतीय गेमिंग कंपनियों की ग्लोबल पार्टिसिपेशन भी बढ़ी है। कंपनियां इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन और प्रोडक्शन में हिस्सा ले रही हैं, लेकिन अपने गेम्स के साथ लगातार वैश्विक सफलता अभी कुछ कंपनियों तक ही सीमित है।
रिपोर्ट में उद्योग के अगले चरण के लिए चार प्राथमिकताएं बताई गई हैं—‘डिजाइन फॉर डेप्थ’, ‘बिल्ड बियॉन्ड द ब्रेकथ्रू’, ‘मेक द सिस्टम ऐज स्ट्रॉन्ग ऐज द प्रोडक्ट’ और ‘मेक ग्लोबल सक्सेस रिपीटेबल’। इनका फोकस खिलाड़ियों को ज्यादा गहराई से जोड़ने, ओरिजिनल भारतीय गेम्स तैयार करने, मजबूत स्टूडियो बनाने और ज्यादा भारतीय गेम्स को वैश्विक स्तर पर सफल बनाने पर है।
यह रिपोर्ट भारत के शहरी टियर-1 से टियर-3 शहरों में 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वयस्कों के बीच किए गए कंज्यूमर रिसर्च पर आधारित है। इसमें इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की राय और सेकेंडरी रिसर्च भी शामिल है। राष्ट्रीय गेमर और बाजार के अनुमान अलग से तैयार किए गए हैं।
डेंट्सु साउथ एशिया के सीईओ हर्षा रजदान ने कहा कि भारत ने अपने गेमिंग उद्योग की क्षमता साबित की है। उनके मुताबिक, 33 करोड़ से अधिक करंट प्योर प्ले गेमर्स और 10 करोड़ से अधिक करंट पेइंग प्योर प्ले गेमर्स के बाद अगला चरण दुनिया के लिए गेम तैयार करने वाले प्लेमेकर्स का है।
डेंट्सु साउथ एशिया के प्रेसिडेंट और चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर नारायण देवनाथन ने कहा कि किसी उद्योग की असली परीक्षा एक बड़ी सफलता को दोहराने की क्षमता है। उनके मुताबिक, भारत ने गेम बनाने और दर्शकों तक पहुंचने की क्षमता दिखाई है, जबकि अगली चुनौती अलग पहचान वाली आईपी, मजबूत स्टूडियो और ज्यादा भारतीय गेम्स को वैश्विक सफलता दिलाने की है।
आईडब्ल्यूएमबज़ मीडिया (IWMBuzz Media) के फाउंडर और एडिटर-इन-चीफ सिद्धार्थ लाइक ने कहा कि गेमिंग पर चर्चा अब सिर्फ खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन स्टूडियो, क्रिएटर्स और कम्युनिटीज तक पहुंच गई है जो इस इंडस्ट्री को तैयार कर रहे हैं। उन्होंने इसे ‘प्लेयर्स से प्लेमेकर्स’ तक के सफर के रूप में बताया।
इंडिया गेमिंग अवॉर्ड्स के सीजन 5 में गेमर्स, क्रिएटर्स और टीमों को भी सम्मानित किया गया। इनमें जोनाथन ‘जोनाथन गेमिंग’ अमरल, शाक्षी ‘शार्कशी’ शेट्टी, सिद्धांत प्रवीण ‘श्रीमैन लीजेंड’ जोशी, यश ‘लोल्ज्ज गेमिंग’ ठक्कर, शगुफ्ता ‘एक्सया’ इकबाल, अंकित ‘अंकीबॉट’ पांडे, आदित्य ‘डायनमो गेमिंग’ सावंत और माहेक ‘मिजो प्लेज’ सैयद समेत कई नाम शामिल रहे।
इंडिया गेमिंग रिपोर्ट का नया संस्करण डेंट्सु और आईडब्ल्यूएमबज़ मीडिया के बीच बहुवर्षीय साझेदारी को आगे बढ़ाता है। साझेदारी के जरिए इंडस्ट्री से जुड़ी जानकारी और भारतीय गेमिंग को आगे बढ़ाने वाली प्रतिभाओं को एक मंच दिया जा रहा है। इसका लक्ष्य अलग पहचान वाले गेम, मजबूत आईपी और वैश्विक स्तर पर लगातार प्रतिस्पर्धा करने वाला गेमिंग उद्योग तैयार करना है।
हेक्टर बेवरेजेज ने शरथ कुमार को एवीपी मार्केटिंग-प्लेटफॉर्म हेड नियुक्त किया है। वह जिप्टो और डाबर इंडिया जैसी कंपनियों में आठ साल का अनुभव लेकर नई भूमिका में शामिल हुए हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पेपर बोट (Paper Boat) की पैरेंट कंपनी हेक्टर बेवरेजेज (Hector Beverages) ने शरथ कुमार (Sharath Kumar) को एवीपी मार्केटिंग-प्लेटफॉर्म हेड (AVP Marketing – Platform Head) नियुक्त किया है। कंपनी ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए उनकी नियुक्ति की जानकारी साझा की।
कंपनी ने अपनी पोस्ट में कहा कि शरथ कुमार के जुड़ने से मजबूत ब्रांड बनाने, उपभोक्ताओं के साथ सार्थक जुड़ाव कायम करने और ग्रोथ के नए अवसर तलाशने की दिशा में काम किया जाएगा। शरथ के पास जिप्टो (Zepto) और डाबर इंडिया (Dabur India) समेत प्रमुख कंपनियों में काम करने का आठ साल का अनुभव है। उन्हें कैटेगरी मैनेजमेंट, ब्रांड बिल्डिंग, सेल्स और मार्केटिंग का अनुभव है।
डिजिटल कॉमर्स और स्थापित एफएमसीजी कारोबार, दोनों क्षेत्रों में काम करने के अनुभव से उन्हें कारोबार बढ़ाने, उपभोक्ताओं की जरूरतों को समझने और सफल कैटेगरी तैयार करने का व्यापक दृष्टिकोण मिला है।
इससे पहले शरथ कुमार ने जिप्टो के साथ दो साल से अधिक समय तक काम किया। वहां उन्होंने चॉकलेट, बिस्किट, बेकरी और कन्फेक्शनरी जैसी बड़ी कैटेगरी का नेतृत्व किया। उन्होंने स्ट्रैटेजिक प्राइसिंग, प्रमोशन और कैटेगरी डेवलपमेंट के जरिए इन कैटेगरी की ग्रोथ पर काम किया।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने लीगल कंसल्टेंट (Legal Consultant) के पद पर आवेदन करने की अंतिम तारीख एक महीने के लिए बढ़ा दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने लीगल कंसल्टेंट (Legal Consultant) के पद पर आवेदन करने की अंतिम तारीख एक महीने के लिए बढ़ा दी है। अब योग्य उम्मीदवार इस पद के लिए 26 नवंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। मंत्रालय ने इस संबंध में 27 अक्टूबर 2026 को नोटिस जारी किया है।
मंत्रालय की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, यह नियुक्ति मंत्रालय के मुख्य सचिवालय में अनुबंध (Contract) के आधार पर की जानी है। इस पद के लिए पहले 27 अगस्त 2026 और फिर 25 सितंबर 2026 को आवेदन आमंत्रित किए गए थे। अब आवेदन जमा करने की समयसीमा को आगे बढ़ा दिया गया है।
पहले आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन की जरूरत नहीं
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि जो उम्मीदवार पहले ही आवेदन जमा कर चुके हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं है। वहीं, अन्य सभी नियम और शर्तें 27 अगस्त 2026 को जारी मूल नोटिस के अनुसार ही रहेंगी।
Google Form के जरिए कर सकते हैं आवेदन
इच्छुक उम्मीदवार मंत्रालय की ओर से दिए गए Google Form लिंक के जरिए अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।
आवेदन लिंक: https://forms.gle/1eKohgcCfwEA3NXh8
नोटिस में यह भी कहा गया है कि उम्मीदवारों को जरूरी दस्तावेजों के साथ ‘नो कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट’ (हितों के टकराव की स्थिति नहीं होने) से जुड़ा शपथपत्र भी जमा करना होगा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उसे बिना कोई कारण बताए किसी भी आवेदन को खारिज करने का अधिकार होगा।
नेट पिक्स शॉर्ट्स डिजिटल मीडिया लिमिटेड (Net Pix Shorts Digital Media Ltd) ने कहा है कि 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए उसे संबंधित पक्षों के साथ हुए लेनदेन का खुलासा करने की जरूरत नहीं है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नेट पिक्स शॉर्ट्स डिजिटल मीडिया लिमिटेड (Net Pix Shorts Digital Media Ltd) ने कहा है कि 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही के लिए उसे संबंधित पक्षों के साथ हुए लेनदेन का खुलासा करने की जरूरत नहीं है। कंपनी ने 28 अक्टूबर 2026 को बीएसई को दी गई सूचना में इसके लिए सेबी के लिस्टिंग नियमों के तहत लागू छूट का हवाला दिया है।
कंपनी के मुताबिक, उसके शेयर बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध हैं। इसी आधार पर उसने कहा है कि सेबी के लिस्टिंग दायित्व और खुलासा नियम, 2015 के विनियम 23 के तहत संबंधित पक्षों के लेनदेन का विवरण जमा करने की शर्त उस पर लागू नहीं होती।
सेबी के नियम का दिया हवाला
कंपनी ने अपनी सूचना में सेबी के लिस्टिंग नियमों के विनियम 15(2)(b) का उल्लेख किया है। इस प्रावधान के तहत एसएमई या इंस्टीट्यूशनल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध कुछ कंपनियों पर विनियम 17 से 27 तक के कॉरपोरेट गवर्नेंस प्रावधान लागू नहीं होते।
इसी नियामकीय प्रावधान के आधार पर कंपनी ने सितंबर तिमाही के लिए संबंधित पक्षों के लेनदेन का खुलासा करने की शर्त को अपने मामले में लागू नहीं बताया है।
ई-कॉमर्स कंपनी Meesho अपने पेमेंट्स और कर्ज से जुड़े कारोबार को बढ़ाने की तैयारी कर रही है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ई-कॉमर्स कंपनी Meesho अपने पेमेंट्स और कर्ज से जुड़े कारोबार को बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के बोर्ड ने 28 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी Meesho Payments Private Limited (MPPL) में 400 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी। कंपनी का कहना है कि इस निवेश का मकसद सब्सिडियरी के कामकाज को बढ़ाना और नियामकीय जरूरतों को पूरा करना है।
इसके साथ ही Meesho ने कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाने को भी मंजूरी दी है। इस नई कंपनी के जरिए Meesho कर्ज देने से जुड़े कारोबार में अपनी क्षमताएं विकसित करना चाहती है। इसमें कर्ज लेने वाले ग्राहकों की वित्तीय स्थिति का आकलन करने, कर्ज से जुड़े उत्पाद खुद तैयार करने और ग्राहकों के साथ सीधे संबंध रखने पर जोर होगा।
कर्ज से जुड़े कारोबार पर बढ़ेगा नियंत्रण
Meesho Payments को अतिरिक्त निवेश देने का फैसला उसके लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (LSP) के रूप में कामकाज को बढ़ाने से जुड़ा है। आसान भाषा में, लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर वह कंपनी होती है जो कर्ज देने वाली संस्थाओं को ग्राहकों तक पहुंचने और कर्ज से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करती है।
नई सब्सिडियरी बनाने के पीछे कंपनी की योजना कर्ज से जुड़े कामकाज के अहम हिस्सों पर अपना नियंत्रण बढ़ाने की है। इसके तहत वह कर्ज लेने वालों की पात्रता का आकलन करने की अपनी क्षमता विकसित करेगी, उत्पादों की रूपरेखा खुद तय करेगी और ग्राहकों के साथ सीधे संबंध बनाएगी। कंपनी का लक्ष्य इस कारोबार से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा अपने पास रखना और संस्थागत स्रोतों से फंड जुटाने की सुविधा हासिल करना है।
किराना कारोबार से जुड़ी दो कंपनियों में भी निवेश
Meesho ने अपने ई-कॉमर्स और खुदरा कारोबार को मजबूत करने के लिए दो अन्य कंपनियों में निवेश को भी मंजूरी दी है।
बी2बी मार्केटप्लेस ऐसा मंच होता है जहां कारोबार करने वाली कंपनियां और दुकानदार एक-दूसरे से जुड़कर सामान की खरीद-बिक्री कर सकते हैं। यहां एफएमसीजी से मतलब रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले सामान से है, जैसे साबुन, बिस्कुट, खाद्य पदार्थ और घरेलू उपयोग की दूसरी चीजें।
कंपनी के खुलासे के मुताबिक, मंजूरी दिए जाने की तारीख पर ये सौदे संबंधित पक्षों के बीच होने वाले लेनदेन की श्रेणी में नहीं आते। साथ ही, इन कंपनियों में प्रमोटर की कोई हिस्सेदारी या हित नहीं बताया गया है।
तीनों कंपनियों के कारोबार में कितनी बढ़ोतरी हुई?
Meesho की ओर से दी गई वित्तीय जानकारी के अनुसार, इन कंपनियों का कारोबार पिछले कुछ वित्त वर्षों में बढ़ा है। हालांकि, कारोबार बढ़ने के बावजूद Meesho Payments और Retail Pulse Labs को वित्त वर्ष 2025-26 में घाटा हुआ।
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कंपनी |
FY24 का कारोबार |
FY25 का कारोबार |
FY26 का कारोबार |
FY26 में शुद्ध घाटा |
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Meesho Payments |
₹19.95 लाख |
₹235.61 लाख |
₹1,104.65 लाख |
₹2,465.22 लाख |
|
Retail Pulse Labs |
₹2.69 करोड़ |
₹4.92 करोड़ |
₹16.04 करोड़ |
₹1.60 करोड़ |
|
Kirana Club |
शून्य |
38,177 सिंगापुर डॉलर |
45,808 सिंगापुर डॉलर |
837,754 सिंगापुर डॉलर |
Meesho Payments का कारोबार वित्त वर्ष 2023-24 के 19.95 लाख रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 11.05 करोड़ रुपये हो गया। इसके बावजूद कंपनी को FY26 में करीब 24.65 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ।
इसी तरह, Retail Pulse Labs का कारोबार FY24 के 2.69 करोड़ रुपये से बढ़कर FY26 में 16.04 करोड़ रुपये हो गया। लेकिन इस कंपनी को भी FY26 में 1.60 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ।
Kirana Club के मामले में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, FY24 में कारोबार शून्य था। FY25 में यह 38,177 सिंगापुर डॉलर और FY26 में 45,808 सिंगापुर डॉलर रहा। FY26 में कंपनी का शुद्ध घाटा 837,754 सिंगापुर डॉलर दर्ज किया गया।
Meesho की रणनीति क्या है?
इन निवेशों से संकेत मिलता है कि Meesho अपने मुख्य ई-कॉमर्स कारोबार के साथ पेमेंट्स, कर्ज से जुड़ी सेवाओं और किराना कारोबार के लिए तकनीकी सुविधाओं पर भी ध्यान दे रही है। Meesho Payments में 400 करोड़ रुपये तक के निवेश और नई सब्सिडियरी बनाने की मंजूरी से कंपनी की कर्ज से जुड़े कारोबार में अपनी क्षमताएं विकसित करने की योजना सामने आती है।
वहीं, Kirana Club और Retail Pulse Labs में निवेश का उद्देश्य किराना दुकानदारों और एफएमसीजी कंपनियों से जुड़े कारोबारी नेटवर्क को मजबूत करना है।
हालांकि, इन कंपनियों के कारोबार में बढ़ोतरी के बावजूद उपलब्ध आंकड़ों में घाटा भी दर्ज है। इसलिए इन निवेशों का भविष्य में मुनाफे पर क्या असर पड़ेगा, यह आगे के वित्तीय नतीजों से ही स्पष्ट होगा।
देश की प्रमुख मल्टीप्लेक्स कंपनियों में शामिल PVR INOX ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अपने कारोबार के विस्तार की योजना बनाई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देश की प्रमुख मल्टीप्लेक्स कंपनियों में शामिल PVR INOX ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अपने कारोबार के विस्तार की योजना बनाई है। कंपनी इस अवधि में कुल 90 से 100 नई स्क्रीन शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी की विस्तार योजना ऐसे समय में सामने आई है, जब उसके ताजा नतीजों में बॉक्स ऑफिस कारोबार और प्रति दर्शक खर्च में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
कंपनी के मुताबिक, नई स्क्रीन शुरू करने की योजना के साथ-साथ उसका ध्यान प्रीमियम सिनेमा फॉर्मेट, तकनीक और दर्शकों को बेहतर सिनेमाई अनुभव देने पर भी रहेगा। कंपनी ने बिहार के मुजफ्फरपुर में अपना पहला SMART Cinema शुरू किया है। इसके अलावा, इसी फॉर्मेट में दो से तीन और सिनेमाघर शुरू करने की योजना भी है।
अभी 114 शहरों में 1,797 स्क्रीन
30 सितंबर 2026 तक PVR INOX के पास भारत और श्रीलंका के 114 शहरों में कुल 1,797 स्क्रीन थीं। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी ने 24 नई स्क्रीन शुरू कीं, जबकि 25 स्क्रीन बंद की गईं। इस तरह कंपनी की विस्तार योजना में नई स्क्रीन खोलने के साथ-साथ मौजूदा सिनेमाघरों के प्रदर्शन और नेटवर्क की समीक्षा भी शामिल है।
अब कंपनी का लक्ष्य पूरे वित्त वर्ष में 90 से 100 नई स्क्रीन शुरू करना है। हालांकि, कंपनी की ओर से उपलब्ध जानकारी में इन नई स्क्रीन के शहरों, राज्यों या अलग-अलग सिनेमा फॉर्मेट के हिसाब से विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।
कमाई में बढ़ोतरी से विस्तार को मिल सकता है सहारा
PVR INOX के ताजा वित्तीय नतीजे बताते हैं कि कंपनी के कारोबार में सुधार देखने को मिला है। कंपनी की ओर से साझा किए गए इंड एएस 116 के असर को समायोजित करने वाले आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में उसका राजस्व 17 प्रतिशत बढ़कर 2,132.7 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कंपनी का एबिटा 44 प्रतिशत बढ़कर 475.2 करोड़ रुपये रहा, जबकि जारी कारोबार से शुद्ध मुनाफा 111 प्रतिशत बढ़कर 273.3 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी का राजस्व 15 प्रतिशत बढ़कर 3,775 करोड़ रुपये रहा। इस दौरान एबिटा 56 प्रतिशत बढ़कर 704.8 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 233 प्रतिशत बढ़कर 343.8 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी के कारोबार में आई यह बढ़ोतरी उसकी विस्तार योजना के लिहाज से अहम है। हालांकि, नई स्क्रीन पर होने वाला खर्च, उनकी शुरुआत की समय-सीमा और उनसे मिलने वाले संभावित राजस्व का अलग-अलग ब्योरा उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
सिनेमाघरों में बढ़े दर्शक और प्रति दर्शक खर्च
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में PVR INOX के सिनेमाघरों में 4.63 करोड़ दर्शक पहुंचे, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 4 प्रतिशत अधिक हैं। इस दौरान सिनेमाघरों में औसत सीट उपयोग यानी ऑक्यूपेंसी 30.4 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 28.7 प्रतिशत थी।
कंपनी के औसत टिकट मूल्य में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी तिमाही में औसत टिकट मूल्य 14 प्रतिशत बढ़कर 298 रुपये रहा। वहीं, खाने-पीने की चीजों से प्रति दर्शक होने वाली औसत कमाई 14 प्रतिशत बढ़कर 153 रुपये हो गई।
ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी को टिकट बिक्री के साथ-साथ सिनेमाघरों में खाने-पीने की चीजों से होने वाली कमाई में भी बढ़ोतरी का फायदा मिला। नई स्क्रीन शुरू करने की योजना के साथ कंपनी के लिए यह देखना भी अहम होगा कि नए सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या और प्रति दर्शक खर्च किस स्तर पर रहता है।
बॉक्स ऑफिस कारोबार में भी तेजी
कंपनी की ओर से साझा किए गए ऑरमैक्स के अनुमानों के अनुसार, दूसरी तिमाही में भारतीय बॉक्स ऑफिस का कुल कारोबार 23 प्रतिशत बढ़कर 4,443 करोड़ रुपये रहा। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में बॉक्स ऑफिस कारोबार 22 प्रतिशत बढ़कर 7,618 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
दूसरी तिमाही में अंग्रेजी फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कारोबार में 87 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 1,024 करोड़ रुपये रहा। हिंदी फिल्मों के कारोबार में भी 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। क्षेत्रीय फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कारोबार में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
फिल्मों के कारोबार में इस तरह की तेजी सिनेमाघरों के लिए सकारात्मक संकेत है। हालांकि, बॉक्स ऑफिस के कुल कारोबार में बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि उसका पूरा लाभ किसी एक मल्टीप्लेक्स कंपनी को मिलता है। कंपनी की वास्तविक कमाई दर्शकों की संख्या, टिकट की कीमत, खाने-पीने की बिक्री और संचालन से जुड़े खर्चों पर भी निर्भर करती है।
प्रीमियम फॉर्मेट और किफायती टिकट पर भी ध्यान
नई स्क्रीन खोलने के साथ PVR INOX प्रीमियम सिनेमा फॉर्मेट और तकनीक में निवेश को भी प्राथमिकता देना चाहती है। मुजफ्फरपुर में शुरू किया गया SMART Cinema इसी दिशा में कंपनी की पहल है। कंपनी ने इस फॉर्मेट में दो से तीन और सिनेमाघर शुरू करने की योजना बताई है।
इसके अलावा, कंपनी दर्शकों को आकर्षित करने के लिए किफायती टिकट विकल्प भी दे रही है। इनमें सप्ताह के दिनों में सुबह के शो के लिए 99 रुपये, शुक्रवार के पहले शो के लिए 149 रुपये और आगे की कतारों की सीटों के लिए 79 रुपये से शुरू होने वाले टिकट शामिल हैं।
इस रणनीति के जरिए कंपनी अलग-अलग बजट वाले दर्शकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह नहीं बताया गया है कि इन ऑफरों से दर्शकों की संख्या या कमाई में कितना अतिरिक्त इजाफा हुआ है।
कंपनी की पूंजी इस्तेमाल करने की नई नीति
PVR INOX ने पूंजी के इस्तेमाल और शेयरधारकों को रकम लौटाने से जुड़ी नई नीति को भी मंजूरी दी है। इसके तहत कंपनी सबसे पहले कारोबार की वृद्धि, नई स्क्रीन, प्रीमियम फॉर्मेट और तकनीक में निवेश को प्राथमिकता देगी।
कंपनी ने यह भी तय किया है कि लाभांश या शेयरों की पुनर्खरीद जैसे वितरण के बाद उसका शुद्ध कर्ज और पिछले 12 महीनों के एबिटा का अनुपात 0.5 गुना के भीतर रहे। इसके अलावा, कंपनी सालाना अतिरिक्त नकदी प्रवाह का करीब 30 प्रतिशत हिस्सा लाभांश या शेयरों की पुनर्खरीद के जरिए शेयरधारकों को लौटाने पर विचार करेगी। इस पर फैसला कंपनी का निदेशक मंडल करेगा।
30 सितंबर 2026 को कंपनी के पास 140.7 करोड़ रुपये की शुद्ध नकदी थी। कंपनी ने पहली छमाही में 603.5 करोड़ रुपये का मुक्त नकदी प्रवाह दर्ज किया और 258.6 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया। कंपनी ने इसी अवधि में 300 करोड़ रुपये के शेयरों की पुनर्खरीद भी की।
आगे की चुनौती: नई स्क्रीन का बेहतर इस्तेमाल
वित्त वर्ष 2026-27 में 90 से 100 नई स्क्रीन शुरू करने का लक्ष्य PVR INOX की विस्तार रणनीति का अहम हिस्सा है। लेकिन इस योजना की सफलता केवल स्क्रीन की संख्या बढ़ने से तय नहीं होगी। नई जगहों पर दर्शकों की मांग, फिल्मों की उपलब्धता, टिकट की कीमत, संचालन खर्च और स्क्रीन के इस्तेमाल का स्तर भी महत्वपूर्ण होगा।
कंपनी के मौजूदा नतीजों में दर्शकों की संख्या, औसत टिकट मूल्य और खाने-पीने से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी दिखाई दी है। अब देखना होगा कि कंपनी इस प्रदर्शन को नई स्क्रीन तक किस तरह ले जा पाती है और विस्तार के साथ मुनाफे में बढ़ोतरी को किस स्तर पर बनाए रखती है।
केबल और ब्रॉडकास्टिंग कारोबार से जुड़ी कंपनी GTPL Hathway Limited ने गुरजीव सिंह कपूर को कंपनी का गैर-कार्यकारी निदेशक (Non-Executive Director) नियुक्त करने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
केबल और ब्रॉडकास्टिंग कारोबार से जुड़ी कंपनी GTPL Hathway Limited ने गुरजीव सिंह कपूर को कंपनी का गैर-कार्यकारी निदेशक (Non-Executive Director) नियुक्त करने के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है। इसके लिए कंपनी ने डाक मतपत्र (Postal Ballot) जारी किया है। शेयरधारक इस प्रस्ताव पर ऑनलाइन वोटिंग के जरिए अपनी राय दे सकेंगे।
कंपनी ने 28 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में बताया कि ई-वोटिंग 1 नवंबर 2026 को सुबह 9 बजे शुरू होगी और 30 नवंबर 2026 को शाम 5 बजे तक चलेगी। इसके लिए कंपनी ने KFin Technologies Limited को ई-वोटिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी है।
कंपनी के मुताबिक, वोटिंग के नतीजे 2 दिसंबर 2026 तक या उससे पहले घोषित किए जाएंगे। नतीजे कंपनी की वेबसाइट और KFinTech के ई-वोटिंग पोर्टल पर उपलब्ध होंगे। इनके बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को भी जानकारी दी जाएगी।
1 अक्टूबर से अतिरिक्त निदेशक के रूप में संभाल रहे हैं जिम्मेदारी
कंपनी के डाक मतपत्र नोटिस के मुताबिक, निदेशक मंडल ने 18 सितंबर 2026 को हुई बैठक में गुरजीव सिंह कपूर की नियुक्ति पर विचार किया था। इसके बाद उन्हें 1 अक्टूबर 2026 से अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) के रूप में नियुक्त किया गया। उन्हें गैर-कार्यकारी निदेशक की श्रेणी में रखा गया है।
हालांकि, इस नियुक्ति को नियमित रूप से मंजूरी देने के लिए शेयरधारकों की सहमति जरूरी है। इसी उद्देश्य से कंपनी ने ई-वोटिंग के जरिए प्रस्ताव पर मतदान कराने का फैसला किया है।
कंपनी का कहना है कि कपूर के अनुभव, कौशल और नए विचारों से उसे फायदा मिल सकता है। निदेशक मंडल के मुताबिक, उनका अनुभव गैर-कार्यकारी निदेशक की भूमिका के लिहाज से उपयुक्त है।
मीडिया इंडस्ट्री में 30 साल से ज्यादा का अनुभव
गुरजीव सिंह कपूर मीडिया इंडस्ट्री के अनुभवी पेशेवर हैं। कंपनी के नोटिस के अनुसार, उन्हें 30 साल से ज्यादा का नेतृत्व अनुभव है। वह फिलहाल Hathway Cable and Datacom Limited के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं।
इससे पहले वह ESPN, Discovery और Sony Pictures जैसी कंपनियों में काम कर चुके हैं। वह Disney Star में डिस्ट्रीब्यूशन और इंटरनेशनल बिजनेस के प्रमुख भी रह चुके हैं। इस भूमिका में उन्होंने कंपनी के वैश्विक वितरण कारोबार को आगे बढ़ाने और आमदनी बढ़ाने से जुड़े काम किए।
कपूर ने इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा, उनके पास मार्केटिंग मैनेजमेंट में विशेषज्ञता के साथ एमबीए और डिजिटल बिजनेस लीडरशिप में डिप्लोमा भी है। कंपनी के नोटिस में उनकी उम्र 57 साल बताई गई है।
बैठक में शामिल होने के लिए मिलेगा शुल्क
कंपनी के नोटिस के मुताबिक, कपूर को निदेशक मंडल या उसकी समितियों की बैठकों में शामिल होने के लिए शुल्क दिया जाएगा। इसके अलावा, बोर्ड और अन्य बैठकों में भाग लेने के दौरान होने वाले खर्च की भरपाई भी की जाएगी।
हालांकि, कंपनी ने नोटिस में उनके लिए किसी निश्चित कुल पारिश्रमिक की रकम का उल्लेख नहीं किया है। यह शुल्क निदेशक मंडल के फैसले के अनुसार तय किया जाएगा।
कंपनी ने यह भी बताया है कि नोटिस की तारीख तक कपूर के पास GTPL Hathway के शेयर नहीं हैं। वह कंपनी के किसी अन्य निदेशक या प्रमुख प्रबंधकीय अधिकारी से संबंधित भी नहीं हैं।
कौन कर सकता है ई-वोटिंग?
कंपनी के नोटिस के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 तक जिन शेयरधारकों के नाम कंपनी के सदस्यों के रजिस्टर या डिपॉजिटरी के रिकॉर्ड में दर्ज थे, वे इस ई-वोटिंग में हिस्सा लेने के पात्र हैं। वोटिंग के अधिकार कंपनी की चुकता इक्विटी शेयर पूंजी में उनकी हिस्सेदारी के अनुपात में होंगे।
शेयरधारक KFinTech के पोर्टल https://evoting.kfintech.com के जरिए वोट डाल सकेंगे। जिन शेयरधारकों ने अपना ईमेल पता दर्ज नहीं कराया है या उसे अपडेट नहीं किया है, उन्हें संबंधित डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट के जरिए इसे अपडेट कराने की सलाह दी गई है।
फिलहाल गुरजीव सिंह कपूर की नियुक्ति पर शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है। कंपनी ने इस संबंध में मतदान की तारीखों और प्रक्रिया की जानकारी दी है।
बोधि ट्री मल्टीमीडिया लिमिटेड (Bodhi Tree Multimedia Limited) ने 28 अक्टूबर 2026 को अपनी पहली असाधारण आम बैठक (ईजीएम) आयोजित की।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
बोधि ट्री मल्टीमीडिया लिमिटेड (Bodhi Tree Multimedia Limited) ने 28 अक्टूबर 2026 को अपनी पहली असाधारण आम बैठक (ईजीएम) आयोजित की। इस बैठक में योग्य संस्थागत निवेशकों को नए शेयर जारी करके पूंजी जुटाने के प्रस्ताव को शेयरधारकों की मंजूरी के लिए रखा गया।
कंपनी की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह बैठक बुधवार को शाम 4 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। कंपनी के प्रबंध निदेशक मौतिक अजित टोलिया बैठक के अध्यक्ष चुने गए। जरूरी कोरम पूरा होने के बाद बैठक की कार्यवाही शुरू हुई और शाम 4:15 बजे इसका समापन हुआ।
योग्य संस्थागत निवेशकों को शेयर जारी करने का प्रस्ताव
बैठक में कंपनी के सामने रखा गया विशेष प्रस्ताव योग्य संस्थागत निवेश (क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट या QIP) के जरिए पूंजी जुटाने से जुड़ा था। इसके तहत पात्र निवेशकों को इक्विटी शेयर और/या अन्य पात्र प्रतिभूतियां जारी करने के प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी मांगी गई।
कंपनी ने बैठक की कार्यवाही में बताया कि प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा गया था। हालांकि, इस सूचना में मतदान का अंतिम नतीजा या प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की पुष्टि नहीं की गई है। कंपनी ने कहा है कि ई-वोटिंग के नतीजे शेयर बाजारों को भेजे जाएंगे और कंपनी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
24 से 27 अक्टूबर तक हुई ई-वोटिंग
कंपनी के मुताबिक, बैठक से पहले दूरस्थ ई-वोटिंग की सुविधा दी गई थी। यह प्रक्रिया 24 अक्टूबर 2026 को सुबह 9 बजे शुरू हुई और 27 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजे समाप्त हुई। इसके अलावा, ईजीएम के दौरान मतदान की सुविधा भी उपलब्ध थी।
कंपनी ने बताया कि बैठक खत्म होने के बाद भी 15 मिनट तक ई-वोटिंग की सुविधा उपलब्ध रहने की जानकारी शेयरधारकों को दी गई थी।
बालाजी टेलीफिल्म्स ने अपने एम्प्लॉयीज को कंपनी में हिस्सेदारी पाने का मौका देने के लिए 10.20 लाख स्टॉक ऑप्शन देने की मंजूरी दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
बालाजी टेलीफिल्म्स ने अपने एम्प्लॉयीज को कंपनी में हिस्सेदारी पाने का मौका देने के लिए 10.20 लाख स्टॉक ऑप्शन देने की मंजूरी दी है। कंपनी ने 27 अक्टूबर को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि नामांकन और पारिश्रमिक समिति ने बालाजी टेलीफिल्म्स कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन योजना, 2023 के तहत पात्र एम्प्लॉयीज को ये ऑप्शन देने की मंजूरी दी है।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक स्टॉक ऑप्शन को कंपनी के 2 रुपये अंकित मूल्य वाले एक इक्विटी शेयर में बदला जा सकता है। इसके लिए प्रति शेयर 62.86 रुपये का एक्सरसाइज प्राइस तय किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह कीमत 26 अक्टूबर 2026 को एनएसई पर शेयर के अंतिम बंद भाव में 25 फीसदी की छूट देने के आधार पर तय की गई है।
12 महीने बाद मिलेंगे ऑप्शन के अधिकार
योजना के तहत दिए गए सभी स्टॉक ऑप्शन ग्रांट की तारीख से 12 महीने पूरे होने पर वेस्ट होंगे। यानी निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद कर्मचारी इन ऑप्शन का इस्तेमाल करने के पात्र होंगे। ऑप्शन वेस्ट होने की अंतिम तारीख से तीन साल के भीतर इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा।
स्टॉक ऑप्शन योजना के तहत एम्प्लॉयीज को भविष्य में तय कीमत पर कंपनी के शेयर हासिल करने का अधिकार मिलता है। हालांकि, ऑप्शन मिलने का मतलब यह नहीं है कि एम्प्लॉयीज को तुरंत शेयर मिल गए हैं। इसके लिए उन्हें निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी और ऑप्शन का इस्तेमाल करना होगा।
कंपनी ने बताया कि यह योजना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के शेयर आधारित कर्मचारी लाभ और स्वेट इक्विटी से जुड़े 2021 के नियमों के अनुरूप है।
संख्या को लेकर जरूरी स्पष्टीकरण: कंपनी की मुख्य सूचना में 10,20,000 ऑप्शन यानी 10.20 लाख का उल्लेख है, जबकि साथ में दिए गए परिशिष्ट में ऑप्शन और उनसे जुड़े शेयरों की संख्या 10,20,00,000 लिखी गई है। दोनों आंकड़ों में बड़ा अंतर है। इसलिए सही संख्या की पुष्टि कंपनी से होने के बाद ही इसे अंतिम रूप से प्रकाशित करना उचित होगा।
जियो प्लेटफॉर्म्स की ऐतिहासिक लिस्टिंग के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत एम. अंबानी ने Network18 के एंप्लॉयीज के लिए वेरिएबल पे जारी करने की घोषणा की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत एम. अंबानी ने Network18 के एंप्लॉयीज के लिए मिड-ईयर इंसेंटिव के तौर पर विशेष वेरिएबल पे जारी करने का ऐलान किया है। जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) की भारत के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ के रूप में ऐतिहासिक लिस्टिंग के कुछ दिनों बाद अनंत अंबानी ने रिलायंस समूह की उपलब्धियों का श्रेय एंप्लॉयीज की मेहनत, प्रतिबद्धता और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हकीकत में बदलने की उनकी क्षमता को दिया।
एंप्लॉयीज को भेजे संदेश में अनंत अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग रिलायंस की उल्लेखनीय विकास यात्रा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है और रिलायंस परिवार के हर सदस्य के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने एंप्लॉयीज के योगदान को स्वीकार करते हुए कहा, ‘जियो आपने बनाया।’
अनंत अंबानी ने कहा कि कंपनी की हर बड़ी उपलब्धि के पीछे उसके लोगों की मेहनत और प्रतिबद्धता है। एंप्लॉयीज ने लगातार आगे बढ़कर काम किया है, नए मानक स्थापित किए हैं और फिर उनसे भी बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि कारोबार के हर क्षेत्र में एंप्लॉयीज ने महत्वाकांक्षी सपनों को हकीकत में बदलने में अहम भूमिका निभाई है। उनके मुताबिक, जियो की मौजूदा उपलब्धि प्रत्येक एंप्लॉयी की उपलब्धि है।
अनंत अंबानी ने अपने संदेश में बताया कि रिलायंस अपने 50वें वर्ष में प्रवेश करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर एंप्लॉयीज के योगदान को सम्मान देने के लिए विशेष वेरिएबल पे जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह भुगतान उसी दिन एंप्लॉयीज के खातों में क्रेडिट किया जाएगा। हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 का अंतिम भुगतान प्रदर्शन वर्ष पूरा होने पर लागू दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि रिलायंस की मौजूदा स्थिति एंप्लॉयीज की कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और साझा उद्देश्य में उनके विश्वास का नतीजा है। उन्होंने कहा, ‘आप सिर्फ रिलायंस का हिस्सा नहीं हैं। आप ही रिलायंस हैं।’ अनंत अंबानी ने यह भी कहा कि वह, ईशा अंबानी और आकाश अंबानी एंप्लॉयीज के साथ मिलकर रिलायंस को आने वाले वर्षों में और ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने अपने दादा के सपनों और विजन को कंपनी के चेयरमैन के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी जताई।
अपने संदेश के अंत में अनंत अंबानी ने एंप्लॉयीज और उनके परिवारों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि रोशनी का यह त्योहार सभी के घरों में खुशियां, अच्छा स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने सभी को सुरक्षित और खुशहाल दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं।