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आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला सराहनीय: मानक गुप्ता
सड़क पर घूमते आवारा जानवर न तो हमारी संस्कृति का सम्मान करते हैं, न विरासत का, और न ही इंसानियत का परिचय देते हैं। ये केवल अराजकता, असभ्यता और असुरक्षा का संकेत हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखने और नसबंदी करने का आदेश दिया है। लेकिन इस फैसले पर विवाद छिड़ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पशु अधिकार संगठन PETA इंडिया ने इसे अमानवीय बताया है। उनका मानना है कि कुत्तों के लिए वैक्सीनेशन और नसबंदी बेहतर विकल्प हैं।
इस बीच टीवी एंकर और पत्रकार मानक गुप्ता ने भी इस मामले पर अपनी राय दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, आवारा कुत्तों जैसा आदेश सभी आवारा पशुओं पर भी लागू होना चाहिए। हर तरह के आवारा जानवर लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं। आए दिन कहीं न कहीं उनका कोई नया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है।
सड़क पर घूमते आवारा जानवर न तो हमारी संस्कृति का सम्मान करते हैं, न विरासत का, और न ही इंसानियत का परिचय देते हैं। ये केवल अराजकता, असभ्यता और असुरक्षा का संकेत हैं। इसलिए आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही दिशा में उठाया गया पहला कदम है। अब इसे रोकना नहीं चाहिए, बल्कि पूरे देश में सभी आवारा पशुओं पर यह आदेश लागू होना चाहिए।
आपको बता दें, कुछ लोग बढ़ते कुत्तों के हमलों और रेबीज के मामलों के कारण इस आदेश का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन शेल्टर होम की कमी को बड़ी चुनौती मानते हैं। मामला विवादास्पद बना हुआ है और सभी पक्ष इसे लेकर सक्रिय हैं।
आवारा कुत्तों जैसा एक आदेश सभी आवारा पशुओं पर आना चाहिए…हर तरह के आवारा पशु लोगों की जान ले रहे हैं…आए दिन कोई नया वीडियो टाइमलाइन पर आ जाता है
— Manak Gupta (@manakgupta) August 12, 2025
सड़क पर घूमते आवारा जानवर संस्कृति-विरासत-इंसानियत नहीं दिखाते. सिर्फ़ अराजकता-असभ्यता-असुरक्षा के परिचायक हैं…
आवारा कुत्तों पर…
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