इसका मतलब यह है कि अदालत के सामने मौजूद सबूत यह दिखाते हैं कि उमर और शरजील के भाषणों और गतिविधियों ने हिंसा की योजना बनाने और उसे बढ़ावा देने में भूमिका निभाई।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago


नौजवान ऐसे लगातार जेल में रहें तो पीड़ा की बात है, लेकिन उमर खालिद, शरजील इमाम और दिल्ली दंगों के आरोपियों के कृत्य पर इस पीड़ा के बीच कम बात हो रही है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 5 months ago