क्योंकि जब इंसान का विवेक मर जाता है, तो वह सही-ग़लत, पाप-पुण्य और यश-अपयश का ही नहीं, बल्कि अपने अस्तित्व का भी अंतर खो देता है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।