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बीएमसी में बनेगी बीजेपी और एकनाथ शिंदे की सरकार : समीर चौगांवकर
उद्धव ने राजनीति में विचारधारा से समझौता करके इतना बड़ा यू टर्न ले लिया है कि अब वहाँ से उद्धव की वापसी मुमकिन नहीं है। बीएमसी में अब बीजेपी और एकनाथ शिंदे की सरकार बनने जा रही है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 month ago
महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग की ओर से मुंबई की बीएमसी सहित राज्य के 29 महानगर पालिकाओं में चुनाव के लिए 'आचार संहिता लागू' को लागू कर दिया गया है। महाराष्ट्र में मुंबई समेत 29 नगर के लिए चुनाव 15 जनवरी, 2026 को शुरू होगा और 16 जनवरी को नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। इस बीच वरिष्ठ पत्रकार समीर चौगांवकर का कहना है कि बीएमसी में बीजेपी और एकनाथ शिंदे की सरकार बनेगी।
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट कर लिखा, मराठी अस्मिता के दम पर 1996 में शिवसेना ने मुंबई में अपना मेयर बनाया और लगातार 26 साल मेयर पद पर क़ब्ज़ा जमाए रखा। जिस मातोश्री से बाला साहेब ठाकरे ने मराठी अस्मिता के दम पर पूरी मुंबई पर राज किया, उसी मातोश्री में बैठकर उद्धव ठाकरे अब अपने सामने बीएमसी को अपने हाथ से फिसलता देख रहे हैं।
बाला साहेब ठाकरे की अर्जित लोकप्रियता और उनकी बनाई शिवसेना को उनके बेटे उद्धव ठाकरे सहेज नहीं सके और एक सच्चे शिवसैनिक एकनाथ शिंदे से मात खा गए।विचारधारा से भटके और केंद्र और राज्य में सत्ता की लड़ाई हार कर लहूलुहान हो चुके उद्धव ठाकरे अब बीएमसी चुनावी रणक्षेत्र में अपने जख्मों को निहार रहे है और राज ठाकरे को साथ लेकर वापसी के लिए छटपटा रहे है।
शिवसेना ऐसी पार्टी है जिसके कार्यकर्ताओं का उल्लास और जीवंतता ही उसकी जीवनशक्ति है। लेकिन उद्धव ऐसे शख्स रहे है जिनकी फितरत उस वक्त भी अपने खोल में दुबक जाने की रही है, जब जमीन के साथ धड़कते हुए शिवसैनिको के साथ जुड़ाव की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। उद्धव की यही खासियत उनकी दुखती रग है और पराजय का कारण है।
महाराष्ट्र में मराठीयों के रगो में बहने वाली शिवसेना मातोश्री से निकलकर अब एकनाथ शिंदे के घर पहुँच चुकी है। 16 जनवरी को बीएमसी में बीजेपी और एकनाथ शिंदे मिलकर अपना मेयर बनाने जा रहे हैं। उद्धव के पास पछताने के अलावा कुछ नहीं बचेगा।
उद्धव ठाकरे सब कुछ गवाने के मुहाने पर खड़े हैं। उद्धव ने राजनीति में विचारधारा से समझौता करके इतना बड़ा यू टर्न ले लिया है कि अब वहाँ से उद्धव की वापसी मुमकिन नहीं है। बीएमसी में अब बीजेपी और एकनाथ शिंदे की सरकार बनने जा रही है।
मराठी अस्मिता के दम पर 1996 में शिवसेना ने मुंबई में अपना मेयर बनाया और लगातार 26 साल मेयर पद पर क़ब्ज़ा जमाए रखा।
— sameer chougaonkar (@semeerc) January 2, 2026
जिस मातोश्री से बाला साहेब ठाकरे ने मराठी अस्मिता के दम पर पूरी मुंबई पर राज किया, उसी मातोश्री में बैठकर उद्धव ठाकरे अब अपने सामने बीएमसी को अपने हाथ से फिसलता देख…
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