होम / सोशल मीडिया / अडानी को अमेरिका से मिली क्लीन चिट, राहुल शिवशंकर ने पूछा ये बड़ा सवाल!
अडानी को अमेरिका से मिली क्लीन चिट, राहुल शिवशंकर ने पूछा ये बड़ा सवाल!
डीएफसी ने अडानी को श्रीलंका में कंटेनर टर्मिनल बनाने के लिए 55.3 करोड़ डॉलर यानी 4600 करोड़ रुपये से अधिक का लोन दिया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
अमेरिका के इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (DFC) ने अडानी पर लगे आरोपों को गलत पाया है। डीएफसी ने अडानी को श्रीलंका में कंटेनर टर्मिनल बनाने के लिए 55.3 करोड़ डॉलर यानी 4600 करोड़ रुपये से अधिक का लोन दिया है।
डीएफसी ने लोन देने से पहले कहा है कि उसने शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग के आरोपों की जांच की है और उन्हें गलत पाया है। हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया था कि अडानी कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा कर रहा है।
इस पूरे मामले पर वरिष्ठ पत्रकार राहुल शिवशंकर ने अपने 'एक्स' हैंडल पर पोस्ट कर बड़ा सवाल पूछा है। उन्होंने लिखा, 'हिंडनबर्ग के आरोप 'अप्रासंगिक' पाए जाने के बाद अमेरिकी प्रशासन ने अडानी समूह को 553 मिलियन डॉलर का ऋण दिया। क्या यह एनडीए द्वारा अडानी की कथित "कॉर्पोरेट धोखाधड़ी" को बचाने के विपक्ष के दावों की आखिरी कील है? क्या "मो-दानी लीग" स्वीकार करेगी?'
आपको बता दें कि श्रीलंका में अडानी द्वारा बनाया जा रहा कंटेनर टर्मिनल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह एशिया में अमेरिका द्वारा समर्थित सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक है। इससे एशिया में चीन के बढ़ते दबदबे को काउंटर करने के अमेरिका के प्रयासों के रूप में भी देखा जा रहा है।
US administration extended a $553 million loan to Adani group after it found that Hindenburg’s allegations were "irrelevant."
— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) December 6, 2023
Is this the final nail in opposition's claims of NDA shielding Adani's alleged "corporate fraud"?
Will "Mo-dani League" accept?
टैग्स