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वरिष्ठ पत्रकार डॉ. अनिल सिंह की पुस्तक ‘प्रधानमंत्री: भारतीय राजनीति में प्रवचन’ का विमोचन
डॉ. अनिल सिंह ने इस पुस्तक को एक गहन शोध और समर्पण का परिणाम बताया, जिसका उद्देश्य भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री की भूमिका और उसके विकास को समझाना है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 10 months ago
वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. अनिल सिंह द्वारा लिखित बहुप्रतीक्षित पुस्तक ‘प्रधानमंत्री: भारतीय राजनीति में प्रवचन’ (The Prime Minister: Discourses in Indian Polity) का विमोचन तीन अप्रैल को प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय, तीन मूर्ति भवन, नई दिल्ली में हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्रियों, संसद सदस्यों, प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति देखी गई।
इस पुस्तक का औपचारिक विमोचन केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने प्रोफेसर एस.पी. सिंह बघेल के साथ किया, जिन्होंने डॉ. सिंह के इस विद्वत्तापूर्ण कार्य की सराहना की, जो भारत में प्रधानमंत्री के संस्थान का व्यापक अध्ययन प्रस्तुत करता है। दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के योगदानों को रेखांकित किया, जिन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को एक मजबूत संस्थान में बदल दिया, जिससे भारत वैश्विक शक्ति और विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ा।
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केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने डॉ. सिंह की मेहनत की सराहना की और कहा कि यह पुस्तक न केवल छात्रों बल्कि बुद्धिजीवियों और नीति-निर्माताओं के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। प्रोफेसर बघेल ने डॉ. सिंह के सटीक और गहन दृष्टिकोण की सराहना करते हुए इसे भारतीय राजनीति में पीएमओ के विकास और उसके प्रभाव को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बताया।
इस कार्यक्रम में तमाम प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति रही, जिनमें वरिष्ठ पत्रकार प्रोफेसर, वकील, वर्तमान आईपीएस अधिकारी, न्यायाधीश और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्राचार्य शामिल थे। प्रमुख शिक्षाविदों में दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग की प्रमुख प्रोफेसर रेखा सक्सेना और आईपी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर महेश वर्मा ने पुस्तक पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
प्रो. रेखा सक्सेना ने इस पुस्तक को स्वतंत्रता के बाद के भारत में संघीय कार्यपालिका पर सबसे प्रामाणिक कार्यों में से एक बताया और प्रधानमंत्री के संस्थान की गहन समीक्षा की सराहना की। प्रो. महेश वर्मा ने इस पुस्तक के प्रकाशन को अत्यधिक महत्वपूर्ण बताया, खासकर उस समय में जब प्रधानमंत्री मोदी के योगदानों को वैश्विक स्तर पर सराहा जा रहा है। उन्होंने इस पुस्तक की प्रासंगिकता पर जोर दिया, जो मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को समझने में सहायक है।
इस अवसर पर सांसद तारिक अनवर (लोकसभा), शाहनवाज हुसैन और श्रीमती लवली आनंद जैसी प्रमुख राजनीतिक हस्तियां भी उपस्थित रहीं। तारिक अनवर ने सभा को संबोधित करते हुए भारत के सभी प्रधानमंत्रियों के योगदानों को रेखांकित किया और विशेष रूप से पं. जवाहरलाल नेहरू की आधुनिक भारत के बुनियादी ढांचे की स्थापना में भूमिका को सराहा।
अपने भाषण में प्रो. रेखा सक्सेना ने पुस्तक का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया और इसे भारत की राजनीतिक कार्यपालिका के अध्ययन में एक व्यापक और शोधपूर्ण योगदान के रूप में मान्यता दी। प्रो. महेश वर्मा ने भी इसी प्रकार पुस्तक की सराहना की, विशेष रूप से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश की प्रगति और विकास में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के संदर्भ में।
कार्यक्रम का समापन डॉ. अनिल सिंह के संबोधन से हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी इस पुस्तक के लेखन के पीछे की प्रेरणा और प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने पुस्तक को एक गहन शोध और समर्पण का परिणाम बताया, जिसका उद्देश्य भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री की भूमिका और उसके विकास को समझाना है।
यह पुस्तक छात्रों, विद्वानों और नीति-निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ मानी जा रही है, जो भारत के बदलते राजनीतिक परिदृश्य पर एक नई और शोधपूर्ण दृष्टि प्रदान करती है।
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