शैव्य गुप्ता बने 'Procol' के नए सीएमओ : संभालेंगे ग्लोबल मार्केटिंग

एजेंटिक एआई (Agentic AI) आधारित प्रोक्योरमेंट प्लेटफॉर्म प्रोकोल (Procol) ने शैव्य गुप्ता (Shaivya Gupta) को Chief Marketing Officer (CMO) नियुक्त किया है।

Last Modified:
Tuesday, 21 July, 2026
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एजेंटिक एआई (Agentic AI) आधारित प्रोक्योरमेंट और फाइनेंस प्लेटफॉर्म प्रोकोल (Procol) ने शैव्य गुप्ता (Shaivya Gupta) को चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (Chief Marketing Officer-CMO) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह कंपनी की वैश्विक मार्केटिंग, ब्रांड और कम्युनिकेशंस रणनीति का नेतृत्व करेंगे। साथ ही अमेरिका (United States) सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंपनी की मौजूदगी मजबूत करने पर भी उनका विशेष फोकस रहेगा।

शैव्य गुप्ता (Shaivya Gupta) कंपनी की मार्केट पोजिशनिंग (Market Positioning) को मजबूत करने, प्रोक्योरमेंट टेक्नोलॉजी (Procurement Technology) क्षेत्र में Procol की नेतृत्वकारी पहचान स्थापित करने और वैश्विक विस्तार की रणनीति को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।

अपनी नियुक्ति पर शैव्य गुप्ता (Shaivya Gupta) ने कहा कि Procol ने Agentic AI प्लेटफॉर्म के जरिए प्रोक्योरमेंट के काम करने के तरीके को नए सिरे से परिभाषित किया है और उनका लक्ष्य कंपनी की बाजार में मौजूदगी को मजबूत करना, एंटरप्राइज लीडर्स के साथ गहरा जुड़ाव बनाना और भारत (India) तथा वैश्विक बाजारों में AI-संचालित प्रोक्योरमेंट को लेकर Procol की नेतृत्वकारी भूमिका को स्थापित करना है।

नई जिम्मेदारी के तहत शैव्य गुप्ता (Shaivya Gupta) ग्राहक जुड़ाव (Customer Engagement) को मजबूत करने, ब्रांड और डिमांड जनरेशन (Demand Generation) अभियानों का विस्तार करने तथा प्रमुख एंटरप्राइज बाजारों में Procol की उपस्थिति बढ़ाने पर काम करेंगे। कंपनी का मानना है कि उनकी रणनीतिक नेतृत्व क्षमता उसके दीर्घकालिक वैश्विक विकास लक्ष्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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रेनॉल्ट इंडिया के पीआर प्रमुख नबील ए. खान ने दिया इस्तीफा

इससे पहले नबील ए. खान (Nabeel A. Khan) सऊदी अरब (Saudi Arabia) में मदरसन ग्रुप (Motherson Group) के कंट्री हेड (Country Head) भी रह चुके हैं।

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Tuesday, 21 July, 2026
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कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस क्षेत्र के वरिष्ठ पेशेवर नबील ए. खान (Nabeel A. Khan) ने रेनॉल्ट इंडिया (Renault India) में डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड – पीआर, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस एंड पब्लिक अफेयर्स (Deputy Vice President & Head – PR, Corporate Communications and Public Affairs) के पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, वह अब एक नई मीडिया और डीप-टेक कम्युनिकेशंस (Deep-Tech Communications) प्लेटफॉर्म का नेतृत्व करने जा रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह नई भूमिका नबील ए. खान (Nabeel A. Khan) के करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। हालांकि, नई संस्था या प्लेटफॉर्म के नाम का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।

रेनॉल्ट इंडिया (Renault India) में अपने कार्यकाल के दौरान नबील ए. खान ने कई प्रमुख उत्पाद लॉन्च किये, ब्रांड प्रतिष्ठा (Reputation) अभियानों और पब्लिक अफेयर्स (Public Affairs) पहलों का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में अपनी कॉर्पोरेट छवि और सार्वजनिक संवाद को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।

इससे पहले नबील ए. खान (Nabeel A. Khan) सऊदी अरब (Saudi Arabia) में मदरसन ग्रुप (Motherson Group) के कंट्री हेड (Country Head) भी रह चुके हैं। वहां उन्होंने सरकारी स्तर की जटिल भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय संचालन का नेतृत्व किया, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर रणनीतिक और परिचालन अनुभव प्राप्त हुआ।

कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस, पब्लिक अफेयर्स और ब्रांड रणनीति में लंबे अनुभव के साथ नबील ए. खान (Nabeel A. Khan) अब मीडिया और डीप-टेक कम्युनिकेशंस क्षेत्र में नई पहल का नेतृत्व करेंगे।

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बीसीसीआई (BCCI) ने टाइटल स्पॉन्सरशिप राइट्स के लिए जारी किया टेंडर

बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, ITT दस्तावेज 4 अगस्त तक खरीदा जा सकता है। टेंडर से जुड़े स्पष्टीकरण (Clarifications) मांगने की अंतिम तिथि 5 अगस्त निर्धारित की गई है।

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Tuesday, 21 July, 2026
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (Board of Control for Cricket in India-BCCI) ने अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आयोजनों के टाइटल स्पॉन्सरशिप राइट्स (Title Sponsorship Rights) के लिए बोली प्रक्रिया शुरू कर दी है। बोर्ड ने इच्छुक कंपनियों और संस्थाओं से प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के तहत आवेदन आमंत्रित करने के लिए इनविटेशन टू टेंडर (Invitation to Tender-ITT) जारी किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीसीसीआई (BCCI) और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC FIRST Bank) के बीच मौजूदा टाइटल स्पॉन्सरशिप समझौता जल्द समाप्त होने वाला है। इसके बाद बोर्ड नए स्पॉन्सर के चयन के लिए खुली बोली प्रक्रिया अपनाएगा।

बीसीसीआई (BCCI) ने बताया कि ITT दस्तावेज में बोली जमा करने और उसके मूल्यांकन से जुड़ी सभी शर्तें और नियम शामिल हैं। इच्छुक पक्ष 1 लाख रुपये के गैर-वापसी योग्य शुल्क (Non-refundable Fee) और लागू वस्तु एवं सेवा कर (GST) का भुगतान कर टेंडर दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं।

बोर्ड द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, ITT दस्तावेज 4 अगस्त तक खरीदा जा सकता है। टेंडर से जुड़े स्पष्टीकरण (Clarifications) मांगने की अंतिम तिथि 5 अगस्त निर्धारित की गई है, जबकि अंतिम बोलियां 13 अगस्त तक जमा की जा सकेंगी।

नई टाइटल स्पॉन्सरशिप के तहत चयनित कंपनी को बीसीसीआई (BCCI) के घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंटों और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से जुड़ी ब्रांडिंग और नामकरण अधिकार प्राप्त होंगे। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद बोर्ड अपने अगले टाइटल स्पॉन्सर की आधिकारिक घोषणा करेगा।

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FSSAI की खाद्य कंपनियों को चेतावनी, गुणवत्ता सुधारें और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम अपनाएं

सोशल मीडिया पर बढ़ती खाद्य उत्पादों से जुड़ी शिकायतों के बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य कारोबार करने वाली कंपनियों को गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

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Tuesday, 21 July, 2026
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सोशल मीडिया पर बढ़ती खाद्य उत्पादों से जुड़ी शिकायतों के बीच भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य कारोबार करने वाली कंपनियों (Food Business Operators-FBOs) को गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, FSSAI ने कंपनियों से कहा है कि वे खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करें, अपने आंतरिक गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control) को मजबूत बनाएं, डिजिटल ट्रैसेबिलिटी (Digital Traceability) सिस्टम अपनाएं और उपभोक्ताओं के साथ ज्यादा पारदर्शी तरीके से जानकारी साझा करें।

FSSAI एक डिजिटल ट्रैसेबिलिटी फ्रेमवर्क भी तैयार कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि किसी खाद्य उत्पाद में गड़बड़ी या मिलावट की शिकायत सामने आती है, तो उसके स्रोत का जल्द पता लगाया जा सके और जरूरत पड़ने पर प्रभावित उत्पादों को बाजार से तुरंत वापस मंगाया जा सके।

नियामक का मानना है कि इस तकनीक की मदद से खाद्य आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) की बेहतर निगरानी हो सकेगी और खाद्य जनित बीमारियों (Foodborne Illness) के मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा सकेगी।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब हाल के महीनों में सोशल मीडिया पर खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, FSSAI ने इन शिकायतों के आधार पर कई खाद्य कंपनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भी जारी किए हैं।

इसके अलावा, FSSAI ने एनर्जी ड्रिंक बनाने वाली कंपनियों और मादक पेय (Alcoholic Beverages) से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की है। इन पर भ्रामक दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं।

FSSAI ने खाद्य कारोबारियों से कहा है कि वे अपने गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र को और मजबूत करें तथा सभी नियामकीय मानकों का पूरी तरह पालन करें। प्राधिकरण का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और भरोसे की रक्षा के लिए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना सबसे जरूरी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अब खाद्य सुरक्षा की निगरानी केवल फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहेगी। डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कंपनियों को यह भी साबित करना होगा कि उनका उत्पाद कहां से आया, किस प्रक्रिया से गुजरा और सुरक्षित तरीके से उपभोक्ता तक कैसे पहुंचा।

FSSAI का यह कदम संकेत देता है कि आने वाले समय में खाद्य कंपनियों के लिए केवल अच्छा उत्पाद बनाना ही काफी नहीं होगा, बल्कि पूरी सप्लाई चेन को डिजिटल रूप से ट्रैक करने और उपभोक्ताओं के प्रति पारदर्शिता बनाए रखने पर भी बराबर ध्यान देना होगा।

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IRCTC के नए CMD बने राहुल हिमालियन, अतिरिक्त प्रभार संभाला

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) संजय कुमार जैन के पद छोड़ने के बाद रेल मंत्रालय ने राहुल हिमालियन को कंपनी के CMD का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।

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Tuesday, 21 July, 2026
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इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) संजय कुमार जैन के पद छोड़ने के बाद रेल मंत्रालय ने राहुल हिमालियन को कंपनी के CMD का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। उनकी नियुक्ति 20 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है। फिलहाल वह IRCTC में डायरेक्टर (टूरिज्म एंड मार्केटिंग) के पद पर कार्यरत हैं और अब अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के साथ-साथ CMD का अतिरिक्त दायित्व भी निभाएंगे।

IRCTC ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में बताया कि यह बदलाव SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के तहत किया गया है। कंपनी सचिव एवं अनुपालन अधिकारी सुमन कालरा ने 20 जुलाई 2026 को इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की।

26 साल से अधिक का रेलवे अनुभव

राहुल हिमालियन 1999 बैच के इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस (IRTS) के वरिष्ठ अधिकारी हैं। उन्हें भारतीय रेलवे और IRCTC में 26 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। वह 16 फरवरी 2024 से IRCTC के बोर्ड का हिस्सा हैं और टूरिज्म, मार्केटिंग, आईटी, मानव संसाधन, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

शैक्षणिक उपलब्धियां भी शानदार

राहुल हिमालियन का शैक्षणिक रिकॉर्ड भी काफी प्रभावशाली रहा है। वह द लॉरेंस स्कूल में हेड बॉय और बेस्ट स्टूडेंट रहे। इसके बाद उन्होंने एनआईटी हमीरपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक किया, जहां उन्हें गोल्ड मेडल मिला।

उन्होंने आगे आईआईटी दिल्ली से एमटेक किया और 10 में 10 सीजीपीए हासिल किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल' से भी सम्मानित किया गया।

निभाएंगे दोहरी जिम्मेदारी 

CMD का अतिरिक्त प्रभार मिलने के बाद राहुल हिमालियन अब IRCTC के प्रशासन, संचालन, रणनीतिक फैसलों और व्यावसायिक गतिविधियों का नेतृत्व करेंगे। साथ ही वह डायरेक्टर (टूरिज्म एंड मार्केटिंग) के रूप में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियां भी जारी रखेंगे।

IRCTC के लिए अहम बदलाव

IRCTC भारतीय रेलवे की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है, जो ऑनलाइन रेल टिकट बुकिंग, खानपान सेवाएं, पर्यटन पैकेज और रेल नीर पैकेज्ड पेयजल जैसी कई महत्वपूर्ण सेवाओं का संचालन करती है। ऐसे में कंपनी के शीर्ष नेतृत्व में यह बदलाव संगठन की भावी रणनीति और संचालन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

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5,000 सब्सक्राइबर्स वाले अवैध IPTV नेटवर्क पर दिल्ली क्राइम ब्रांच का शिकंजा

सिर्फ 100 रुपये प्रति माह में 10,000 से अधिक लाइव टीवी चैनल और प्रीमियम OTT कंटेंट उपलब्ध कराने वाली एक अवैध IPTV सेवा के करीब 5,000 सब्सक्राइबर होने का मामला सामने आया है।

Last Modified:
Monday, 20 July, 2026
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इमरान फजल, असिसटेंट एडिटर, एक्सचेंज4मीडिया ।।

सिर्फ 100 रुपये प्रति माह में 10,000 से अधिक लाइव टीवी चैनल और प्रीमियम OTT कंटेंट उपलब्ध कराने वाली एक अवैध IPTV सेवा के करीब 5,000 सब्सक्राइबर होने का मामला सामने आया है। इसके बाद दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक संगठित डिजिटल पायरेसी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

बताया जा रहा है कि OM IPTV नाम की यह सेवा बिना किसी अधिकृत अनुमति के JioStar और कई अन्य कंटेंट मालिकों के कॉपीराइट वाले लाइव टीवी चैनल, फिल्में, JioStar Originals और अन्य प्रीमियम कंटेंट का अवैध प्रसारण कर रही थी।

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म बेहद कम कीमत वाले सब्सक्रिप्शन मॉडल पर काम कर रहा था। करीब 100 रुपये प्रति माह की फीस लेकर इसने तेजी से लगभग 5,000 यूजर्स का ग्राहक आधार तैयार कर लिया।

इस मामले ने एक बार फिर यह दिखाया है कि कम कीमत पर चलने वाले अवैध IPTV प्लेटफॉर्म वैध स्ट्रीमिंग और पे-टीवी सेवाओं के लिए बड़ा व्यावसायिक खतरा बनते जा रहे हैं। ये प्लेटफॉर्म आधिकारिक सब्सक्रिप्शन की तुलना में बेहद कम कीमत पर हजारों प्रीमियम चैनल और ऑन-डिमांड कंटेंट उपलब्ध कराकर ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।

यह जांच JioStar की शिकायत के आधार पर शुरू हुई। शिकायत मिलने के बाद 29 मई 2026 को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2) और 3(5), कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 और 65, तथा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट की धारा 66D के तहत एफआईआर दर्ज की।

100 रुपये की सदस्यता, हजारों सब्सक्राइबर्स

जांच अधिकारियों के मुताबिक, OM IPTV ने बेहद सस्ते मासिक सब्सक्रिप्शन मॉडल के जरिए अपना कारोबार खड़ा किया। इस सदस्यता के तहत यूजर्स को 10,000 से अधिक लाइव टीवी चैनलों के साथ-साथ हजारों वीडियो-ऑन-डिमांड (VOD) टाइटल, फिल्में, प्रीमियम स्पोर्ट्स प्रसारण और ओरिजिनल प्रोग्रामिंग तक पहुंच दी जाती थी।

हालांकि इसकी मासिक फीस करीब 100 रुपये थी, जो वैध टीवी और OTT सेवाओं की तुलना में काफी कम है, लेकिन करीब 5,000 सब्सक्राइबर होने से यह साफ होता है कि यह एक बड़े व्यावसायिक पायरेसी कारोबार का रूप ले चुका था।

मीडिया कंपनियां लंबे समय से चेतावनी देती रही हैं कि इस तरह की अवैध IPTV सेवाएं प्रीमियम स्पोर्ट्स, मनोरंजन चैनलों और OTT लाइब्रेरी को एक ही पैकेज में बेहद कम कीमत पर उपलब्ध कराकर वैध कंपनियों की सब्सक्रिप्शन आय को नुकसान पहुंचा रही हैं।

जांच में सामने आई पायरेसी नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन

एफआईआर दर्ज होने के बाद JioStar लगातार जांच एजेंसियों को दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध कराता रहा, जिससे दिल्ली क्राइम ब्रांच को IPTV डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने में मदद मिली।

जांच में पहली बड़ी सफलता 12 जून को मिली, जब अधिकारियों ने OM TV से जुड़े अंकित बंसल को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान बंसल ने कथित तौर पर बताया कि वह हरियाणा के नरेंद्र सिंह से OM IPTV के सब्सक्रिप्शन हासिल करता था और बाद में उन्हें अंतिम ग्राहकों तक पहुंचाता था।

इस खुलासे के बाद जांच केवल प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रही, बल्कि अवैध IPTV सब्सक्रिप्शन उपलब्ध कराने वाली पूरी डिस्ट्रीब्यूशन सीरीज तक पहुंच गई।

हरियाणा में कार्रवाई

जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 15 जुलाई को हरियाणा के रेवाड़ी में दूसरी बड़ी कार्रवाई की। अधिकारियों ने नरेंद्र सिंह से जुड़े ठिकानों की तलाशी ली, वहां के ऑपरेशन की जांच की और फोरेंसिक जांच के लिए मोबाइल फोन समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त किए।

जांच के अनुसार, नरेंद्र सिंह प्लेटफॉर्म का मुख्य संचालक नहीं, बल्कि IPTV सब्सक्रिप्शन का रीसेलर प्रतीत होता है। उन्हें नोटिस जारी कर 17 जुलाई को दिल्ली क्राइम ब्रांच के सामने पेश होकर जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।

पायरेसी के पूरे कारोबार पर कार्रवाई

इस मामले में की गई कार्रवाई यह संकेत देती है कि अब एंटी-पायरेसी अभियान केवल अवैध स्ट्रीमिंग वेबसाइटों को ब्लॉक करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन पूरे व्यावसायिक नेटवर्क को खत्म करने पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनके जरिए इस तरह की सेवाएं संचालित होती हैं।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि OM IPTV वेबसाइट, एप्लिकेशन, सब्सक्रिप्शन क्रेडेंशियल और भुगतान प्रणाली जैसे व्यवस्थित IPTV ढांचे के जरिए कॉपीराइट वाले कंटेंट तक अवैध पहुंच बेचकर कमाई कर रहा था।

उद्योग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें केवल प्लेटफॉर्म संचालकों को ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े वितरकों और रीसेलर्स को भी निशाना बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य पूरी पायरेसी वैल्यू चेन को बाधित करना है।

ब्रॉडकास्टर्स का मानना है कि बेहद कम कीमत वाले सब्सक्रिप्शन, हजारों भुगतान करने वाले ग्राहकों और विशाल कंटेंट लाइब्रेरी के कारण IPTV पायरेसी अब केवल कॉपीराइट उल्लंघन का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़े और तेजी से बढ़ते व्यावसायिक कारोबार का रूप ले चुकी है। ऐसे में पूरे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है।

 

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नहीं रहे वरिष्ठ पत्रकार आलोक गोस्वामी, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

हाल ही में 'पाञ्चजन्य' से औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे संस्था के साथ जुड़े रहे और अपने अनुभव तथा लेखन के माध्यम से योगदान देते रहे।

Last Modified:
Saturday, 18 July, 2026
Alok Goswami

वरिष्ठ पत्रकार और 'पाञ्चजन्य' के लंबे समय तक सहयोगी रहे आलोक गोस्वामी का गाजियाबाद के कौशांबी में आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर पत्रकारों, साहित्यकारों और आलोक गोस्वामी के सहयोगियों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

आलोक गोस्वामी पिछले करीब 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय थे। उन्होंने 'पाञ्चजन्य' में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं और विदेश नीति, रक्षा, सामाजिक-आर्थिक विषयों, प्रवासी भारतीयों तथा भारतीय सामाजिक परिदृश्यों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी सशक्त लेखनी से अलग पहचान बनाई।

हाल ही में सेवानिवृत्त होने के बावजूद उनका पत्रकारिता से जुड़ाव लगातार बना रहा। 'पाञ्चजन्य' से औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे संस्था के साथ जुड़े रहे और अपने अनुभव तथा लेखन के माध्यम से योगदान देते रहे।

आलोक गोस्वामी के निधन पर 'पाञ्चजन्य' ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें अपना अतुलनीय सहयोगी बताया। संस्था ने भावुक शब्दों में कहा कि आजीवन समर्पण के साथ सेवा देने वाला एक मजबूत स्तंभ अब उनके बीच नहीं रहा।

उनके निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर पत्रकारों और उनके करीबी सहयोगियों ने शोक संदेश साझा किए। वरिष्ठ पत्रकार राकेश थपलियाल, उमेश्वर कुमार, उमानाथ सिंह, सत्येंद्र सिंह, रचना बाजपेयी, राहुल शर्मा समेत अनेक लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी।

वहीं, कई पत्रकारों और सहयोगियों ने उनके साथ बिताए अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आलोक गोस्वामी बेहद विनम्र, सरल और समर्पित व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने पूरे पत्रकारिता जीवन में गंभीर विषयों पर निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाई।

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अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार पंकज शर्मा का निधन

उनके निधन की जानकारी पत्रकार आशीष तिवारी (Ashish Tiwari) ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। पंकज शर्मा कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।

Last Modified:
Saturday, 18 July, 2026
pankajsharma

अमर उजाला (Amar Ujala) के अमृतसर (Amritsar) ब्यूरो इंचार्ज और वरिष्ठ पत्रकार पंकज शर्मा (Pankaj Sharma) का बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी पत्रकार आशीष तिवारी (Ashish Tiwari) ने सोशल मीडिया पर साझा करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। पंकज शर्मा कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।

आशीष तिवारी (Ashish Tiwari) ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उनका और पंकज शर्मा का लगभग दो दशक पुराना साथ था। दोनों की मुलाकात उस समय हुई थी, जब वह चंडीगढ़ (Chandigarh) स्थित अमर उजाला में जूनियर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत थे। बाद में जब उन्हें नई जिम्मेदारी के तहत अमृतसर भेजा गया, तो पंकज शर्मा इस बात से बेहद भावुक हुए थे कि संस्थान ने उनके बीच के ही एक सहयोगी को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

उन्होंने पंकज शर्मा को बेहद सरल, सज्जन और जमीनी पत्रकार बताते हुए कहा कि पंजाब (Punjab) की पंथक राजनीति पर उनकी गहरी पकड़ थी। वह उन चुनिंदा पत्रकारों में शामिल थे, जो राज्य की धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियों पर बेहद बारीकी से नजर रखते थे और उनकी विश्लेषण क्षमता भी उत्कृष्ट थी।

आशीष तिवारी ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि जब भी वह अमृतसर जाते थे, पंकज शर्मा से हमेशा उनकी जरूरतों और दफ्तर के कामकाज के बारे में पूछते थे। हर बार पंकज शर्मा मुस्कराते हुए यही कहते थे कि सब कुछ ठीक चल रहा है और उन्हें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने लिखा कि आज वही मुस्कराता हुआ चेहरा बार-बार उनकी आंखों के सामने आ रहा है।

अमर उजाला परिवार और मीडिया जगत के सहयोगियों ने पंकज शर्मा (Pankaj Sharma) के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

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कलिंगा टीवी ने मनाया 12वां स्थापना दिवस, जुटीं कई प्रमुख हस्तियां

कार्यक्रम में शामिल बीडब्ल्यू बिजनेसवर्ल्ड के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने आज के दौर में तथ्यात्मक और सकारात्मक पत्रकारिता की आवश्यकता पर जोर दिया।

Last Modified:
Friday, 17 July, 2026
Kalinga TV

भुवनेश्वर स्थित ओडिशा के प्रमुख न्यूज चैनल ‘कलिंगा टीवी’ (Kalinga TV) ने बुधवार को अपना 12वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया। निडर, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता के लिए पहचान रखने वाले चैनल ने इस अवसर पर भुवनेश्वर के स्वस्ति प्रीमियम होटल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। समारोह के दौरान 'कलिंगा टीवी बूम' का नया लोगो भी लॉन्च किया गया।

इस अवसर पर मौजूद अतिथियों ने कलिंगा टीवी और इसके संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत की दूरदृष्टि और मीडिया के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि कलिंगा टीवी केवल समाचार प्रसारित करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों की आवाज सरकार और प्रशासन तक पहुंचाकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का भी प्रभावी ढंग से निर्वहन किया है। साथ ही सभी ने चैनल की भावी यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में ओडिशा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके अलावा बीडब्ल्यू बिजनेसवर्ल्ड के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्र, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रबी नारायण नाइक, वरिष्ठ विधायक डॉ. अरुण कुमार साहू तथा टाइम्स ग्रुप के मैनेजिंग एडिटर शमशेर सिंह भी समारोह में मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने अपने संबोधन में डॉ. अच्युत सामंत और कलिंगा टीवी की सराहना करते हुए अपने सुझाव भी साझा किए।

कलिंगा टीवी के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों का परिचय कराया। इस दौरान उमापद बोस (सलाहकार) और सौम्यजीत पटनायक (चीफ एडिटर) ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में कलिंगा टीवी परिवार के सभी सदस्य और शुभचिंतक उपस्थित रहे।

समारोह में कटक के मेयर सुभाष सिंह, पूर्व विधायक प्रभात बिस्वाल और केंद्रपाड़ा के विधायक गणेश्वर बेहरा भी मौजूद रहे। स्थापना दिवस के अवसर पर डॉ. अच्युत सामंत ने कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने 352 कर्मचारियों के परिवारों के लिए 5 लाख रुपये के समूह बीमा, स्ट्रिंगर्स के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी तथा हर वर्ष 10 प्रतिशत स्ट्रिंगर्स को स्थायी नियुक्ति देने की घोषणा की।

अपने संबोधन में पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशी लाल ने कलिंगा टीवी की मजबूत नींव, उसकी सोच और सामाजिक सरोकारों की सराहना की। उन्होंने डॉ. अच्युत सामंत को आध्यात्मिकता, मानवता और जगन्नाथ संस्कृति के प्रति समर्पित उदार व्यक्तित्व बताया।

इस मौके पर डॉ. अनुराग बत्रा ने कहा कि सफलता के साथ विनम्रता बनी रहनी चाहिए, अहंकार नहीं आना चाहिए। उन्होंने आज के दौर में तथ्यात्मक और सकारात्मक पत्रकारिता की आवश्यकता पर जोर दिया।

वहीं शमशेर सिंह ने कहा कि किसी भी समाचार चैनल की असली ताकत उसके रिपोर्टर और फील्ड टीम होती है। उन्हीं की मेहनत से चैनल जनता का विश्वास जीतता है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल मीडिया के इस दौर में भी विश्वसनीय पत्रकारिता ही मीडिया की सबसे बड़ी ताकत है।

कार्यक्रम के अंत में सलाहकार उमापद बोस और चीफ एडिटर सौम्यजीत पटनायक ने सभी अतिथियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। समारोह के दौरान संस्थान के 12 उत्कृष्ट कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही कलिंगा टीवी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का भी सम्मान किया गया।

कार्यक्रम की प्रमुख झलकियां आप यहां देख सकते हैं-

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वरिष्ठ पत्रकार और लेखक जनक राज सिंह का निधन

वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और प्रेस एन्क्लेव के संस्थापक सदस्यों में शामिल जनक राज सिंह का गुरुवार को निधन हो गया।

Last Modified:
Friday, 17 July, 2026
Janak Raj

वरिष्ठ पत्रकार, लेखक और प्रेस एन्क्लेव के संस्थापक सदस्यों में शामिल जनक राज सिंह का गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन से पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है।

जनक राज सिंह देश के वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकारों में गिने जाते थे। उन्होंने 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' के साथ तीन दशक से अधिक समय तक अपनी सेवाएं दीं। अपने लंबे पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय घटनाओं की रिपोर्टिंग की। वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की कवरेज भी उनके प्रमुख कार्यों में शामिल रही।

उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और संसद से जुड़ी कई महत्वपूर्ण खबरों का खुलासा किया। इसके अलावा वे भारत और विदेशों की आधिकारिक यात्राओं के दौरान कई प्रधानमंत्रियों के साथ भी गए और वहां से रिपोर्टिंग की।

पत्रकारिता के साथ-साथ जनक राज सिंह जाने-माने लेखक भी थे। उनकी चर्चित कृतियों में 'The Messiah of the Downtrodden', जो डॉ. भीमराव आंबेडकर की जीवनी है तथा उपन्यास 'Scavenger's Daughter' शामिल हैं।

पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों ने जनक राज सिंह के निधन पर उन्हें भारतीय राजनीतिक पत्रकारिता के एक युग का अंत बताते हुए श्रद्धांजलि दी है।  

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कार्डिफ यूनिवर्सिटी ने राहुल कंवल को ''Honorary Fellowship'' से किया सम्मानित

एनडीटीवी (NDTV) के CEO और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल (Rahul Kanwal) को कार्डिफ यूनिवर्सिटी (Cardiff University) ने Honorary Fellowship से सम्मानित किया है।

Last Modified:
Thursday, 16 July, 2026
rahulkanval

एनडीटीवी (NDTV) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO), एडिटर-इन-चीफ (Editor-in-Chief) और वरिष्ठ पत्रकार राहुल कंवल (Rahul Kanwal) को यूनाइटेड किंगडम (United Kingdom) की प्रतिष्ठित कार्डिफ यूनिवर्सिटी (Cardiff University) ने Honorary Fellowship से सम्मानित किया है। इस उपलब्धि की जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा की।

राहुल कंवल (Rahul Kanwal) ने अपनी पोस्ट में इसे जीवन की ऐसी यात्रा बताया, जिसने एक बार फिर उन्हें वहीं पहुंचा दिया, जहां से उनके अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता सफर की एक महत्वपूर्ण शुरुआत हुई थी। उन्होंने लिखा कि वर्ष 2002 में वह चेवनिंग फेलोशिप फॉर इंटरनेशनल ब्रॉडकास्ट जर्नलिस्ट्स (Chevening Fellowship for International Broadcast Journalists) के तहत कार्डिफ यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। अब लगभग 24 वर्ष बाद वह अपने परिवार के साथ वर्ष 2026 के दीक्षांत समारोह (Graduation Ceremony) में लौटे, जहां उन्हें Honorary Fellowship प्रदान की गई।

उन्होंने कार्डिफ यूनिवर्सिटी (Cardiff University) का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मान ने उन्हें विश्वविद्यालय के Honorary Fellows समुदाय का हिस्सा बनने का अवसर दिया। साथ ही उन्होंने चेवनिंग प्रोग्राम (Chevening Programme) और यूके के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (Foreign, Commonwealth & Development Office-FCDO) का भी धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी कार्डिफ यूनिवर्सिटी समुदाय से जुड़े रहेंगे और जिज्ञासा, ईमानदारी तथा सार्वजनिक सेवा जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।

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