शार्पलाइन ब्रॉडकास्ट (Sharpline Broadcast) Limited ने Metropolitan Stock Exchange of India (MSEI) से अपने इक्विटी शेयरों को स्वैच्छिक रूप से डीलिस्ट करने का प्रस्ताव रखा है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
शार्पलाइन ब्रॉडकास्ट (Sharpline Broadcast) Limited ने Metropolitan Stock Exchange of India (MSEI) से अपने इक्विटी शेयरों को स्वैच्छिक रूप से डीलिस्ट करने का प्रस्ताव रखा है। इस डीलिस्टिंग के तहत शेयरधारकों को शेयरों से बाहर निकलने के लिए कोई एग्जिट ऑफर नहीं दिया जाएगा। कंपनी के निदेशक मंडल ने इस प्रस्ताव को 9 सितंबर 2026 को मंजूरी दी है।
कंपनी के मुताबिक, MSEI पर उसके शेयरों में कारोबार की मात्रा कम है। इसके अलावा, लिस्टिंग फीस का अतिरिक्त खर्च भी कंपनी पर पड़ रहा है। कंपनी ने कहा है कि इन वजहों से MSEI पर लिस्टिंग जारी रखना उसके लिए संचालन और वित्तीय दोनों लिहाज से प्रभावी नहीं रह गया है। हालांकि, कंपनी अपने शेयरों की Bombay Stock Exchange (BSE) पर लिस्टिंग जारी रखेगी।
SEBI के नियमों के तहत होगा डीलिस्टिंग का काम
शार्पलाइन ब्रॉडकास्ट का यह प्रस्ताव SEBI (Delisting of Equity Shares) Regulations, 2021 के Regulation 6 के तहत है। इस नियम के मुताबिक, अगर किसी कंपनी के शेयर देशभर में कारोबार वाले किसी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड रहते हैं, तो कंपनी किसी दूसरे स्टॉक एक्सचेंज से अपने शेयरों को बिना शेयरधारकों को एग्जिट प्राइस दिए डीलिस्ट कर सकती है।
इसका मतलब है कि MSEI पर शेयर रखने वाले शेयरधारकों की होल्डिंग डीलिस्टिंग प्रक्रिया के अनुसार ट्रांसफर या समायोजित की जाएगी। हालांकि, उन्हें कंपनी की ओर से शेयरों के बदले कोई नकद एग्जिट ऑफर नहीं दिया जाएगा।
कंपनी लागू नियमों के अनुसार MSEI में स्वैच्छिक डीलिस्टिंग के लिए आवेदन जमा करेगी। यह डीलिस्टिंग तभी प्रभावी होगी, जब MSEI से मंजूरी मिल जाएगी।
Financial Express और Jansatta में प्रकाशित हुआ नोटिस
कंपनी ने 10 सितंबर 2026 को Financial Express और Jansatta अखबारों में भी इस संबंध में नोटिस प्रकाशित किया है। यह नोटिस SEBI (Listing Obligations and Disclosure Requirements) Regulations, 2015 के Regulation 47 के तहत जारी किया गया है।
MSEI पर 2.86 करोड़ से ज्यादा शेयर लिस्टेड
फाइलिंग के अनुसार, इस प्रस्ताव में शामिल कंपनी के इक्विटी शेयरों की फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर है। फिलहाल MSEI पर कंपनी के 2,86,34,916 इक्विटी शेयर लिस्टेड हैं। इन शेयरों का International Securities Identification Number (ISIN) INE647W01014 है। इस तरह कंपनी MSEI से अपनी लिस्टिंग हटाने की तैयारी कर रही है, जबकि BSE पर उसके शेयरों की लिस्टिंग जारी रहेगी।
राष्ट्रपति 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को इस बार दिल्ली के बजाय गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। महाराष्ट्र के विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम को दिल्ली से बाहर ले जाने की जरूरत क्या थी और गुजरात को ही आयोजन के लिए क्यों चुना गया।
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन 22 सितंबर 2026 को एकता नगर, केवड़िया में किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समारोह में पुरस्कार प्रदान करेंगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, अब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के समारोह को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने का फैसला किया गया है। सरकार ने इसे देशभर की सिनेमाई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच से जोड़ने और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा देने की पहल बताया है।
सुप्रिया सुले ने दिल्ली में आयोजन की पैरवी की
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने समारोह को गुजरात ले जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देश के राष्ट्रीय पुरस्कार हैं और इन्हें देश की राजधानी नई दिल्ली में ही आयोजित किया जाना चाहिए।
सुले के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर ही होना चाहिए। उन्होंने इस फैसले पर अपनी असहमति जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कारों को दिल्ली में ही प्रदान किया जाना चाहिए।
उद्धव ठाकरे ने भी फैसले पर उठाए सवाल
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को गुजरात ले जाने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर समारोह दिल्ली से बाहर ले जाना था तो इसे मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु या किसी अन्य राज्य की राजधानी में क्यों नहीं आयोजित किया गया।
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि इस तरह के फैसले से गुजरात और देश के बाकी हिस्सों के बीच एक तरह की दीवार खड़ी करने की कोशिश हो रही है।
संजय राउत ने कलाकारों से की बहिष्कार की अपील
शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी फैसले का विरोध किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को गुजरात में आयोजित करने का फैसला क्यों लिया गया।
संजय राउत ने यह भी आरोप लगाया कि समारोह का स्थान गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले बदला जा रहा है। उन्होंने कलाकारों से समारोह का बहिष्कार करने की अपील भी की। ये राउत के आरोप और अपील हैं, सरकार की ओर से इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है।
राज ठाकरे ने पूछा- गुजरात ही क्यों?
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने भी समारोह को गुजरात में आयोजित करने पर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि अगर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन दिल्ली से बाहर करना था तो गुजरात को ही क्यों चुना गया।
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के उन राज्यों का भी जिक्र किया, जिनका भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में बड़ा योगदान है। उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु या अन्य प्रमुख फिल्म केंद्रों में से किसी जगह को आयोजन के लिए क्यों नहीं चुना गया।
फिल्म निर्देशक राहुल ढोलकिया ने भी पूछा- गुजरात क्यों?
फिल्म निर्देशक और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता राहुल ढोलकिया ने भी इस फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को दिल्ली से बाहर ले जाने पर विशेष आपत्ति नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि गुजरात को ही क्यों चुना गया।
राहुल ढोलकिया ने कहा कि अगर समारोह को किसी दूसरे राज्य में ले जाना था तो महाराष्ट्र, केरल या तमिलनाडु जैसे फिल्म निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राज्यों को भी मौका दिया जा सकता था। उन्होंने हैदराबाद का भी विकल्प के तौर पर उल्लेख किया।
सरकार ने क्या कहा?
केंद्र सरकार ने समारोह को गुजरात ले जाने को किसी राजनीतिक कदम के तौर पर पेश नहीं किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, अब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोहों को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की नीति अपनाई जा रही है। मंत्रालय का कहना है कि एकता नगर में समारोह आयोजित करने से देशभर की सिनेमाई प्रतिभाएं एक मंच पर आएंगी और यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को दर्शाएगा।
एकता नगर में होगा पुरस्कार समारोह
गुजरात के एकता नगर, जिसे पहले केवड़िया के नाम से जाना जाता था, में सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है। 597 फुट ऊंची इस प्रतिमा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में किया था।
दिल्ली से बाहर आयोजन को लेकर क्या है तथ्य?
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत 1954 में हुई थी और लंबे समय से इनके समारोह का आयोजन नई दिल्ली में होता रहा है। इस बार 72वें समारोह को दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर में आयोजित किया जा रहा है। इसे सात दशक से अधिक समय से चली आ रही दिल्ली की परंपरा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। हालांकि, इतिहास में दिल्ली के बाहर आयोजन का एक अपवाद भी रहा है- 17वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह 1971 में चेन्नई में हुआ था। इसलिए इसे इतिहास में पहली बार दिल्ली से बाहर आयोजित समारोह कहना सही नहीं होगा।
इन फिल्मों और कलाकारों को मिलेगा सम्मान
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अलग-अलग भाषाओं, विधाओं और सिनेमा के विभिन्न रूपों की फिल्मों को सम्मानित किया जाएगा। ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म चुना गया है, जबकि ‘राम-नामी’ को जूरी ने सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के रूप में चुना है।
अभिनय के क्षेत्र में ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए ममूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेता का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं ‘आर्टिकल 370’ के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेत्री का पुरस्कार मिलेगा। ‘स्वतंत्र वीर सावरकर’ के लिए रणदीप हुड्डा को सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार दिया जाएगा।
कई भाषाओं की फिल्मों को भी सम्मान
इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मराठी, संथाली, तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, तुलु और गढ़वाली समेत कई भाषाओं की फिल्मों को सम्मानित किया जाएगा। ‘कल्कि 2898 ईस्वी’, ‘अमरन’, ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-02’, ‘भूल भुलैया 3’ और ‘स्त्री 2’ सहित कई फिल्मों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिलेंगे।
खास बात यह है कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में पहली बार किसी संथाली फिल्म को सम्मानित किया जाएगा।
सिनेमा पर लेखन के लिए भी पुरस्कार
सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन की श्रेणी में संजीव श्रीवास्तव को सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। वहीं सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक का पुरस्कार डॉ. प्रदीप केंचनुरु की किताब ‘नानिरुवुदे निमगागी, नादिरुवुदे ननगागी: कन्नड सिनेमाद तात्विक मत्तु राजकीय’ को दिया जाएगा। इस पुस्तक का प्रकाशन मिरर बुक्स ने किया है। किताब का अंग्रेजी अर्थ ‘I Stand for You, The State Stands for Us: Political and Philosophical Dimensions of Kannada Cinema’ है।
इस तरह 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा की अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों और विधाओं की प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
दिल्ली एयरपोर्ट पर जलभराव और फ्लडिंग को लेकर कथित तौर पर भ्रामक और गलत जानकारी फैलाने के मामले में दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने 63 सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
दिल्ली एयरपोर्ट पर जलभराव और फ्लडिंग को लेकर कथित तौर पर भ्रामक और गलत जानकारी फैलाने के मामले में एयरपोर्ट ऑपरेटर दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने 63 सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। आरोप है कि इन हैंडल्स से ऐसी पोस्ट और वीडियो शेयर किए गए, जिनमें दिल्ली एयरपोर्ट पर हालात को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया और एयरपोर्ट ऑपरेशन प्रभावित होने का गलत दावा किया गया।
DIAL के मुताबिक, इन पोस्ट में से एक में दुबई एयरपोर्ट पर जलभराव का पुराना वीडियो दिल्ली एयरपोर्ट का बताकर शेयर किया गया। कंपनी का कहना है कि इस तरह की गलत जानकारी से यात्रियों के बीच बेवजह चिंता पैदा हुई और एयरपोर्ट की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
4 सितंबर को टर्मिनल 3 के बाहर हुआ था जलभराव
दरअसल, 4 सितंबर को दिल्ली में हुई भारी बारिश के बाद इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 के Arrival Forecourt में कुछ समय के लिए पानी जमा हो गया था। DIAL ने बताया कि इस जलभराव के बावजूद एयरपोर्ट का ऑपरेशन प्रभावित नहीं हुआ और स्थिति को करीब 20 मिनट के भीतर सामान्य कर लिया गया।
हालांकि, इसी दौरान सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट पर भारी बाढ़ और जलभराव की तस्वीरें और वीडियो तेजी से शेयर होने लगे। DIAL का आरोप है कि कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स ने इन घटनाओं को गलत तरीके से पेश किया और एयरपोर्ट संचालन बाधित होने का दावा किया।
दिल्ली एयरपोर्ट के आसपास कई जगहों पर हुआ था जलभराव
भारी बारिश के कारण सिर्फ एयरपोर्ट परिसर ही नहीं, बल्कि इसके आसपास के कई इलाकों में भी जलभराव की समस्या सामने आई थी। द्वारका अंडरपास, जो पालम को घरेलू टर्मिनल वाले इलाके से जोड़ता है, भी बुरी तरह पानी में डूब गया था।
इस दौरान एक DTC बस कुछ समय के लिए अंडरपास में फंस गई, जबकि कई अन्य बसों के रूट डायवर्ट करने पड़े। इसके अलावा महिपालपुर, महरौली और वसंत कुंज को जोड़ने वाला एक अन्य अंडरपास भी जलभराव से प्रभावित हुआ था।
कई एजेंसियों के अधिकार क्षेत्र को लेकर उठे सवाल
एयरपोर्ट के आसपास जलभराव की समस्या ने अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत को लेकर भी सवाल खड़े किए। एयरपोर्ट के आसपास के अलग-अलग हिस्से PWD, DIAL और NHAI के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब BRICS Summit को लेकर दिल्ली में तैयारियों पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में एयरपोर्ट के आसपास जलभराव और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत महसूस की गई।
इससे पहले दिल्ली के उपराज्यपाल तारणजीत सिंह संधू ने भी संबंधित एजेंसियों के साथ जलभराव से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की थी और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया था।
रोजाना 1,300 से ज्यादा फ्लाइट मूवमेंट संभालता है दिल्ली एयरपोर्ट
DIAL दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGIA) का संचालन करता है। यह देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में शामिल है और यहां रोजाना 1,300 से ज्यादा फ्लाइट मूवमेंट होते हैं। DIAL ने कहा है कि भ्रामक और गलत सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दिल्ली पुलिस में दर्ज कराई गई FIR का मकसद ऐसे कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई करना है, जिससे यात्रियों में अनावश्यक डर या भ्रम पैदा हो सकता है।
इमर्जिंग मार्केट्स इंटेलिजेंस एंड रिसर्च (Emerging Markets Intelligence & Research) और Omnicom Media MENA ने रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
इमर्जिंग मार्केट्स इंटेलिजेंस एंड रिसर्च (Emerging Markets Intelligence & Research) और Omnicom Media MENA ने रणनीतिक साझेदारी का ऐलान किया है। इस साझेदारी का मकसद GCC यानी Gulf Cooperation Council क्षेत्र की कंपनियों और संस्थानों की रिसर्च, क्षेत्रीय विशेषज्ञता और वरिष्ठ अधिकारियों के अनुभवों को ऐसी Thought Leadership में बदलना है, जिसे क्षेत्रीय के साथ-साथ दुनियाभर के दर्शकों और बिजनेस लीडर्स तक पहुंचाया जा सके।
इस साझेदारी के तहत दोनों कंपनियां GCC क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों और वहां हो रहे बदलावों पर आधारित विचार और कंटेंट तैयार करेंगी। इसके बाद इन्हें सही बिजनेस, पॉलिसी, निवेश और इंडस्ट्री ऑडियंस तक पहुंचाने पर काम किया जाएगा।
EMIR और Omnicom Media MENA की अलग-अलग जिम्मेदारियां
इस साझेदारी में EMIR (Emerging Markets Intelligence & Research) GCC क्षेत्र की अपनी रिसर्च, रीजनल नेटवर्क और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जुड़ाव का इस्तेमाल करेगा। कंपनी Executive Insight Reports, CEO Roundtables, Stakeholder Engagement, Filmed Interviews और अलग-अलग तरह के Leadership Platforms तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी। इन कार्यक्रमों में GCC के CEOs, पॉलिसी मेकर्स, इन्वेस्टर्स और बिजनेस लीडर से मिलने वाली जानकारी और उनके अनुभवों को शामिल किया जाएगा।
वहीं, Omnicom Media MENA Communications Strategy, Media Planning और Campaign Amplification की जिम्मेदारी संभालेगा। इसका उद्देश्य तैयार किए गए विचारों और कंटेंट को GCC के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में वरिष्ठ बिजनेस लीडर्स, पॉलिसी मेकर्स, निवेशकों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों तक पहुंचाना होगा।
AI और Energy Transition जैसे क्षेत्रों पर बढ़ रहा फोकस
यह साझेदारी ऐसे समय हुई है जब GCC तेजी से वैश्विक निवेश आकर्षित कर रहा है और AI, Energy Transition, Infrastructure, Tourism, Advanced Manufacturing और New Trade Corridors जैसे क्षेत्रों में अपनी भूमिका बढ़ा रहा है।
EMIR और Omnicom Media MENA के मुताबिक, इस सहयोग के जरिए GCC की विशेषज्ञता और वहां हो रही महत्वपूर्ण गतिविधियों को सिर्फ क्षेत्रीय स्तर तक सीमित रखने के बजाय वैश्विक बिजनेस चर्चाओं का हिस्सा बनाने की कोशिश की जाएगी।
'GCC को सिर्फ सुर्खियों से नहीं, जमीनी हकीकत से समझने की जरूरत'
EMIR के CEO और Founder Trevor McFarlane ने कहा कि GCC आज AI, निवेश, ऊर्जा बदलाव, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और आर्थिक बदलाव से जुड़ी दुनिया की कई महत्वपूर्ण चर्चाओं का केंद्र है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस क्षेत्र को अभी भी कई बार जमीनी हकीकत के बजाय सिर्फ सुर्खियों के जरिए समझा जाता है।
उन्होंने कहा कि EMIR GCC के CEOs, मंत्रियों, बोर्ड्स, निवेशकों और बिजनेस लीडर्स के साथ सीधे काम करता है। इससे कंपनी को क्षेत्र में हो रहे बदलावों और अवसरों की वास्तविक समय की जानकारी मिलती है।
McFarlane के मुताबिक, Omnicom Media MENA के साथ साझेदारी से इन जानकारियों को और बड़े स्तर पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। दोनों कंपनियां GCC से जुड़ी रिसर्च और विशेषज्ञता को ऐसी Thought Leadership में बदलने पर काम करेंगी, जो वैश्विक स्तर पर सही लोगों तक पहुंच सके।
'आज कंपनियां सिर्फ प्रोडक्ट और सर्विस पर मुकाबला नहीं कर रहीं'
Omnicom Media MENA की CEO Elda Choucair ने कहा कि आज संगठन सिर्फ अपने प्रोडक्ट और सर्विस के दम पर प्रतिस्पर्धा नहीं कर रहे हैं, बल्कि वे अपने विचारों, विशेषज्ञता और बातचीत को प्रभावित करने की क्षमता के आधार पर भी मुकाबला कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि GCC अब सिर्फ वह बाजार नहीं है, जिस पर दुनिया नजर रख रही है, बल्कि यह ऐसा क्षेत्र बन रहा है, जिससे दुनिया सीख भी रही है। क्षेत्र की कंपनियां जिस तरह Innovation और Economic Transformation को आगे बढ़ा रही हैं, उससे उनके अनुभवों को उन लोगों तक पहुंचाने का बड़ा अवसर है, जो इनसे जुड़े फैसले ले सकते हैं।
Choucair के अनुसार, EMIR की क्षेत्रीय समझ और Omnicom Media MENA की Communications Expertise को साथ लाकर GCC की कंपनियों को ऐसे विचारों के जरिए विश्वसनीयता बनाने में मदद की जाएगी, जो Gulf क्षेत्र से बाहर भी वैश्विक चर्चाओं को प्रभावित कर सकें।
साझेदारी का क्या होगा फायदा?
इस रणनीतिक साझेदारी के जरिए GCC की कंपनियों और संस्थानों को अपनी Visibility और Credibility को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। दोनों कंपनियां क्षेत्रीय रिसर्च और विशेषज्ञता को वैश्विक बिजनेस, निवेश और आर्थिक विकास से जुड़ी चर्चाओं तक पहुंचाने पर फोकस करेंगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हरीश अरोड़ा ने भारतीय भाषा परिवार को भाषाई औपनिवेशिकता से मुक्ति का आधार बताते हुए भारतीय भाषाओं की एकता को मजबूत करने पर जोर दिया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी सप्ताह हिंदी पर्व-2026 के एक कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) के पीजीडीएवी कॉलेज (सांध्य) के हिंदी प्रोफेसर डॉ. हरीश अरोड़ा (Dr. Harish Arora) ने भारतीय भाषाओं को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषा परिवार की संकल्पना भाषाई औपनिवेशिकता (Linguistic Colonialism) से मुक्ति का आधार बन सकती है।
कर्नाटक राज्य विश्वविद्यालय कॉलेज हिंदी प्राध्यापक संघ (Karnataka State University College Hindi Professors Association) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रो. अरोड़ा ने ‘भारतीय भाषा परिवार की संकल्पना और एकीकृत राष्ट्र’ विषय पर बात की। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भारत की एकता को कमजोर करने के लिए वर्नाक्युलर भाषाओं (Vernacular Languages) की अवधारणा को बढ़ावा दिया, जिससे भारतीय भाषाओं को हीन और निचले स्तर की भाषाओं के रूप में देखने की मानसिकता बनी।
उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाएं लंबे समय से एक-दूसरे के साथ सहअस्तित्व में रही हैं और सामंजस्यपूर्ण तरीके से विकसित हुई हैं। उनका साहित्य शब्दावली, विषयवस्तु और प्रेरणा के स्तर पर एक-दूसरे को समृद्ध करता रहा है। प्रो. अरोड़ा के अनुसार, भारत में भाषा को केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं माना गया, बल्कि उसे दैवीय स्वरूप देकर वाक् और वाग्देवी या सरस्वती के रूप में भी पूजा गया है।
प्रो. अरोड़ा ने कहा कि भारत में ‘विविधता में एकता’ की बात होती रही है, लेकिन उनके अनुसार भारतीय संदर्भ में एकता विविधता से भी अधिक मजबूत आधार है। उन्होंने कहा, “विविधता सौंदर्य है, एकता शक्ति है।” उनके मुताबिक विविधता का सौंदर्य एकता की शक्ति से ही कायम रह सकता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय समाज को लंबे समय तक उसकी गौरवशाली परंपरा से दूर रखा गया, जिससे उसकी सामूहिक चेतना पराधीन होती गई। उनके अनुसार अंग्रेजों ने समाज और समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने के साथ भाषाई आधार पर भी वैमनस्य बढ़ाने का प्रयास किया।
प्रो. अरोड़ा ने बताया कि भारत की भाषाओं को भारोपीय, द्रविड़, चीनी-तिब्बती और ऑस्ट्रो-एशियाटिक भाषा परिवारों में बांटा गया। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक मानसिकता (Colonial Mindset) से बाहर निकलने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) में भारतबोध की अवधारणा को भी स्थान दिया गया है।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत वक्तव्य से हुई। डॉ. विनय कुमार यादव ने विषय को प्रासंगिक और नवीन बताते हुए कहा कि भारतीय भाषाओं में एकता की यह सोच देश को एकीकृत राष्ट्र के रूप में मजबूत करने में मदद कर सकती है। संघ के संस्थापक डॉ. एस. मंजुनाथ ने संगठन की कार्यप्रणाली और विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सुनीला कुमारी के अलावा देशभर से शिक्षाविद, शोधार्थी और विद्यार्थी वर्चुअल माध्यम (Virtual Platform) से जुड़े।
आदित्य गुप्ता कॉर्निटोज में मार्केटिंग, ब्रांडिंग और इनोवेशन के हेड बने हैं। इससे पहले वह पतंजलि फूड्स में मीडिया, ब्रांडिंग और कम्युनिकेशंस की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
आदित्य गुप्ता (Aditya Gupta) ने स्नैक ब्रांड कॉर्निटोज (Cornitos) में हेड ऑफ मार्केटिंग, ब्रांडिंग एंड इनोवेशन (Head of Marketing, Branding & Innovation) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। वह जुलाई में कंपनी से जुड़े थे और अब उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नियुक्ति की आधिकारिक जानकारी साझा की है।
गुप्ता को इंटीग्रेटेड मार्केटिंग (Integrated Marketing), ब्रांड ट्रांसफॉर्मेशन (Brand Transformation) और ओमनीचैनल ग्रोथ (Omnichannel Growth) का 17 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने एफएमसीजी (FMCG), रिटेल (Retail), वेलनेस (Wellness) और डी2सी (D2C) सेक्टर में अलग-अलग ब्रांड्स के साथ काम किया है।
अपने करियर में उन्होंने कंज्यूमर इनसाइट्स (Consumer Insights), क्रिएटिविटी (Creativity), टेक्नोलॉजी (Technology) और कॉमर्स (Commerce) को साथ जोड़कर ब्रांड्स को तैयार करने और उनका विस्तार करने पर काम किया है।
कॉर्निटोज से जुड़ने से पहले गुप्ता पतंजलि फूड्स (Patanjali Foods) में जनरल मैनेजर- मीडिया, ब्रांडिंग एंड कम्युनिकेशंस (General Manager - Media, Branding and Communications) के पद पर थे। इससे पहले वह पॉपकॉर्न (Popkorn) और वैल्यू 360 कम्युनिकेशंस (Value 360 Communications) समेत कई कंपनियों के साथ भी काम कर चुके हैं।
इंस्टाग्राम ने बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत और स्वास्थ्य संकट की रिपोर्टिंग कर रहे तीन स्वतंत्र पत्रकारों के अकाउंट अस्थायी रूप से सस्पेंड किए, जिन्हें बुधवार सुबह बहाल कर दिया गया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) ने सोमवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में आदिवासी बच्चों की मौत से जुड़े मामले की रिपोर्टिंग कर रहे तीन स्वतंत्र पत्रकारों के अकाउंट कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिए। हालांकि, बुधवार सुबह तीनों अकाउंट दोबारा बहाल हो गए।
जिन पत्रकारों के अकाउंट पर कार्रवाई हुई, उनमें मोनिका सिंह (Monika Singh), बिंदु गुर्जर (Bindu Gurjar) और लोकभद्र सिंह (Lokbhadra Singh) शामिल हैं। तीनों बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों और इलाके से जुड़े कई मुद्दों पर ग्राउंड रिपोर्टिंग (Ground Reporting) कर रहे थे।
उनकी रिपोर्टिंग में अस्पताल के कथित कुप्रबंधन (Hospital Mismanagement), आशा कार्यकर्ताओं (ASHA Workers) की परेशानियों और आदिवासी संगठनों के विरोध प्रदर्शनों जैसे मुद्दे शामिल थे। अकाउंट बहाल होने के बाद लोकभद्र सिंह ने आरोप लगाया कि पत्रकारों को परेशान करने और उनका हौसला तोड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशों के बावजूद वे पीछे नहीं हटेंगे।
The Press Club of India strongly condemns the suspension of the Instagram accounts of three independent journalists following their ground reporting from Balaghat, Madhya Pradesh, on a public health crisis involving the deaths of children from the Adivasi community. pic.twitter.com/3lcjVXcbEd
— Press Club of India (@PCITweets) September 8, 2026
इस मामले पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (Press Club of India) ने भी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने तीन स्वतंत्र पत्रकारों के इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड किए जाने की कड़ी निंदा की। प्रेस क्लब ने कहा कि पत्रकार बालाघाट में आदिवासी समुदाय के बच्चों की मौत से जुड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट (Public Health Crisis) की ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे थे।
तीनों पत्रकारों के अकाउंट दो दिन बाद बहाल होने के बाद फिलहाल वे दोबारा सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं।
जिनेमा मीडिया व एंटरटेनमेंट ने PFMPL के अनसिक्योर्ड फाइनेंशियल क्रेडिटर्स की बकाया रकम के निपटारे के लिए 24,99,000 इक्विटी शेयर जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
जिनेमा मीडिया व एंटरटेनमेंट लिमिटेड (Zinema Media & Entertainment Limited) ने Premier Futsal Management Private Limited (PFMPL) के अनसिक्योर्ड फाइनेंशियल क्रेडिटर्स की बकाया रकम के निपटारे के लिए 24,99,000 इक्विटी शेयर जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। कंपनी के बोर्ड ने यह फैसला 8 सितंबर 2026 की बैठक में लिया।
कंपनी के अनुसार, इन शेयरों को Preferential Issue के जरिए Private Placement basis पर जारी किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया PFMPL के रेजोल्यूशन प्लान को लागू करने का हिस्सा है। यह रेजोल्यूशन प्लान NCLT की डिविजन बेंच-I, चेन्नई के 19 दिसंबर 2024 के आदेश के तहत लागू किया जा रहा है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि शेयरों का अंतिम अलॉटमेंट अभी पूरा हो गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इश्यू शेयरधारकों की मंजूरी और अन्य जरूरी वैधानिक एवं नियामकीय मंजूरियों के अधीन रहेगा। कंपनी को इस इश्यू के लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेने के लिए आम बैठक भी बुलानी है।
₹10 के फेस वैल्यू वाले होंगे शेयर
प्रस्ताव के तहत अधिकतम 24,99,000 इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू ₹10 होगी। इस तरह प्रस्तावित शेयरों की कुल फेस वैल्यू ₹2,49,90,000 यानी करीब ₹2.50 करोड़ होगी। ये शेयर PFMPL के अनसिक्योर्ड फाइनेंशियल क्रेडिटर्स को उनकी Settlement Amount के हिस्से के रूप में दिए जाएंगे। यानी यह सामान्य तरीके से बाजार से पैसा जुटाने वाला Preferential Issue नहीं है, बल्कि PFMPL के रेजोल्यूशन प्लान के तहत क्रेडिटर्स के बकाये के निपटारे की प्रक्रिया से जुड़ा है।
तीन नॉन-प्रमोटर अलॉटीज को मिलेंगे शेयर
कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित 24,99,000 शेयर तीन नॉन-प्रमोटर अलॉटीज को दिए जाएंगे।
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अलॉटी |
कैटेगरी |
शेयर |
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Prime Events |
Non-Promoter |
10,17,441 |
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Prime Global Sport Management LLP |
Non-Promoter |
11,19,835 |
|
Chelliah Arun Pandian (A & P Group) |
Non-Promoter |
3,61,724 |
|
कुल |
24,99,000 |
Authorized Share Capital भी बढ़ाने का प्रस्ताव
कंपनी के बोर्ड ने Authorized Share Capital बढ़ाने को भी मंजूरी दी है। इसे मौजूदा ₹8 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ करने का प्रस्ताव है। इसके तहत कंपनी की अधिकृत इक्विटी शेयर संख्या 80 लाख से बढ़कर 1 करोड़ शेयर हो जाएगी। प्रत्येक शेयर की फेस वैल्यू ₹10 होगी। इस बदलाव के लिए कंपनी के Memorandum of Association (MOA) में भी संशोधन किया जाएगा। यह प्रस्ताव भी शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन रहेगा।
Statutory Auditor में भी बदलाव
कंपनी ने अपने Statutory Auditor में बदलाव की जानकारी भी दी है। M/s. Ganesamoorthy T. & Associates ने 1 सितंबर 2026 से ऑडिटर पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी के अनुसार, कारोबार के बढ़ते आकार के कारण संसाधनों की कमी इस्तीफे की वजह रही। इसके बाद बोर्ड ने M/s. Patni Mandhana & Associates को नया Statutory Auditor नियुक्त करने की मंजूरी दी है। हालांकि, यह नियुक्ति भी शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
प्रस्तावित नियुक्ति के मुताबिक, नई ऑडिट फर्म आगामी AGM के समापन से लगातार पांच वित्तीय वर्षों तक कंपनी के Statutory Auditor के रूप में काम करेगी।
30 सितंबर को होगी वार्षिक आम बैठक
कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) बुधवार, 30 सितंबर 2026 को आयोजित होगी। कंपनी ने AGM से जुड़े नोटिस और Annual Report के लिए 4 सितंबर 2026 को कट-ऑफ डेट रखी है। वहीं, AGM में वोट देने के लिए 23 सितंबर 2026 की तारीख तय की गई है। आम बैठक में शेयरधारकों के सामने Preferential Issue और Authorized Share Capital में बदलाव समेत जरूरी प्रस्ताव रखे जाएंगे और इन पर उनकी मंजूरी ली जाएगी।
10 सितंबर तक बंद रहेगी ट्रेडिंग विंडो
कंपनी ने Designated Persons और Insiders के लिए ट्रेडिंग विंडो भी बंद रखी है। यह 3 सितंबर 2026 से बंद है और बोर्ड बैठक समाप्त होने के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी। कंपनी के मुताबिक, ट्रेडिंग विंडो गुरुवार, 10 सितंबर 2026 तक बंद रहेगी।
विदेश यात्रा करने और इंटरनेशनल वेबसाइट्स पर शॉपिंग करने वाले IDFC FIRST Bank के क्रेडिट कार्ड ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
विदेश यात्रा करने और इंटरनेशनल वेबसाइट्स पर शॉपिंग करने वाले IDFC FIRST Bank के क्रेडिट कार्ड ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ने अपने क्रेडिट कार्ड्स पर Zero Forex Markup की सुविधा देने का ऐलान किया है। बैंक का कहना है कि इस कदम से विदेश में कार्ड से खर्च करने वाले ग्राहकों को अतिरिक्त शुल्क से राहत मिलेगी और इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन ज्यादा किफायती होंगे।
नई सुविधा के तहत पात्र IDFC FIRST Bank क्रेडिट कार्ड से विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) में किए गए ट्रांजैक्शन पर ग्राहकों से सामान्य तौर पर लगने वाला Forex Markup Charge नहीं लिया जाएगा। बैंक ने इस पहल को “Travel more. Shop more. Save more” के संदेश के साथ पेश किया है। यानी ज्यादा यात्रा करें, ज्यादा शॉपिंग करें और ज्यादा बचत करें।
क्या होता है Forex Markup?
जब आप भारत के बाहर किसी देश में अपने भारतीय क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करते हैं या किसी विदेशी वेबसाइट से सामान खरीदते हैं, तो ट्रांजैक्शन की रकम को भारतीय रुपये से विदेशी मुद्रा में बदला जाता है। इस दौरान कई बैंक और कार्ड कंपनियां करेंसी कन्वर्जन के अलावा एक अतिरिक्त शुल्क लेती हैं, जिसे Forex Markup कहा जाता है।
आमतौर पर यह शुल्क करीब 1.5% से 3.5% तक हो सकता है। कार्ड और बैंक के हिसाब से यह अलग-अलग होता है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति विदेश में ज्यादा खर्च करता है, तो Forex Markup के रूप में अच्छी-खासी अतिरिक्त रकम देनी पड़ सकती है। Zero Forex Markup का मतलब है कि पात्र कार्ड पर इस अतिरिक्त मार्कअप शुल्क से राहत मिलेगी।
पहले से भी कुछ कार्ड पर मिल रही है सुविधा
IDFC FIRST Bank अपने कुछ क्रेडिट कार्ड्स में पहले से ही Zero Forex Markup की सुविधा दे रहा है। इनमें FIRST WOW!, Mayura और Diamond Reserve जैसे कार्ड शामिल हैं। उदाहरण के लिए, FIRST WOW! क्रेडिट कार्ड पर इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन के लिए फिलहाल 0% Forex Markup की सुविधा दी जा रही है। वहीं, Diamond Reserve को इसी साल एक प्रीमियम Zero-Forex Travel कार्ड के तौर पर लॉन्च किया गया था। अब बैंक की Zero Forex पहल को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
इस सुविधा का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को हो सकता है जो लगातार विदेश यात्रा करते हैं या विदेशी वेबसाइट्स और इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर खरीदारी करते हैं। मसलन, विदेश में होटल की बुकिंग, शॉपिंग, टिकट, रेस्टोरेंट पेमेंट या दूसरे खर्च क्रेडिट कार्ड से करने पर Forex Markup नहीं देना पड़ेगा, अगर संबंधित कार्ड इस सुविधा के लिए पात्र है। इसी तरह विदेशी वेबसाइट से डॉलर, यूरो या किसी अन्य विदेशी मुद्रा में खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए भी यह सुविधा फायदेमंद हो सकती है।
क्रेडिट कार्ड बाजार में बढ़ सकती है प्रतिस्पर्धा
IDFC FIRST Bank का यह कदम भारत के तेजी से बढ़ते क्रेडिट कार्ड बाजार में प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा सकता है। खासतौर पर Travel और Premium Credit Card सेगमेंट में बैंक अब ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए सिर्फ रिवॉर्ड पॉइंट्स पर निर्भर नहीं हैं।
Lounge Access, Travel Rewards, International Acceptance और Zero Forex Markup जैसी सुविधाएं भी ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण बनती जा रही हैं। ऐसे में Zero Forex Markup को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देकर IDFC FIRST Bank इस सेगमेंट में अपनी स्थिति और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
विदेश यात्रा और इंटरनेशनल खर्च बढ़ने का असर
भारतीयों के विदेश यात्रा करने का चलन बढ़ रहा है। इसके साथ ही लोग विदेशी कंपनियों और इंटरनेशनल ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर भी ज्यादा खर्च कर रहे हैं। ऐसे में विदेशी मुद्रा में होने वाले ट्रांजैक्शन पर लगने वाली अतिरिक्त लागत ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण हो जाती है। Zero Forex Markup जैसी सुविधा बैंक के क्रेडिट कार्ड को ग्राहकों के लिए ज्यादा आकर्षक बना सकती है। IDFC FIRST Bank का फोकस अब इसी बढ़ती जरूरत को ध्यान में रखते हुए इंटरनेशनल खर्च को ज्यादा किफायती बनाने पर है।
डॉट एंड की ने सिद्धार्थ वाया को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड नियुक्त किया है। वह कंपनी के कारोबार की कमान संभालेंगे और उनके पास एफएमसीजी तथा पर्सनल केयर का लंबा अनुभव है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डी2सी स्किनकेयर ब्रांड डॉट एंड की (Dot & Key) ने सिद्धार्थ वाया (Siddharth Vaya) को सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड (Senior Vice President & Business Head) नियुक्त किया है। वह कंपनी के बिजनेस (Business) की जिम्मेदारी संभालेंगे।
सिद्धार्थ को एफएमसीजी (FMCG) और पर्सनल केयर (Personal Care) इंडस्ट्री में करीब दो दशक का अनुभव है। उन्होंने डी2सी (D2C), पारंपरिक ब्रांड्स, मल्टीनेशनल कंपनियों और बड़े भारतीय कारोबारी समूहों में सेल्स, मार्केटिंग और लीडरशिप रोल्स में काम किया है।
डॉट एंड की से पहले वह बियर्डो (Beardo) में चीफ बिजनेस ऑफिसर (Chief Business Officer) थे। इससे पहले उन्होंने मैरिको (Marico) में सैफोला ऑयल्स (Saffola Oils) पोर्टफोलियो के कैटेगरी हेड (Category Head) के तौर पर काम किया। उन्होंने मैरिको में मेल ग्रूमिंग (Male Grooming) कैटेगरी की जिम्मेदारी भी संभाली और पुरुषों के पर्सनल केयर कारोबार को बढ़ाने में काम किया।
सिद्धार्थ ने अपने करियर के शुरुआती दौर में निविया इंडिया (NIVEA India) के साथ छह साल से ज्यादा समय बिताया। यहां उन्होंने बॉडी लोशन कैटेगरी और निविया मेन (NIVEA Men) पोर्टफोलियो की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले उन्होंने रेकिट बेंकिजर (Reckitt Benckiser) से करियर शुरू किया और करीब पांच साल तक अलग-अलग सेल्स रोल्स में काम किया।
डॉट एंड की स्किनकेयर के को-फाउंडर और सीईओ (Co-Founder & CEO) सुयश सराफ (Suyash Saraf) ने कहा कि सिद्धार्थ का एफएमसीजी और कैटेगरी लीडरशिप का अनुभव कंपनी के लिए काफी काम आएगा। उन्होंने कहा कि सेल्स, मार्केटिंग और बिजनेस में सिद्धार्थ का अनुभव कंपनी के अगले ग्रोथ फेज (Growth Phase) में अहम भूमिका निभाएगा।
ओमनीकॉम ग्लोबल सॉल्यूशंस ने स्वप्निल देशमुख को हेड ऑफ ऑपरेशंस नियुक्त किया है। पुणे में रहकर वह कंपनी के ऑपरेशंस पोर्टफोलियो, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और डिलीवरी से जुड़े काम संभालेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ओमनीकॉम ग्लोबल सॉल्यूशंस (Omnicom Global Solutions) ने स्वप्निल देशमुख (Swapnil Deshmukh) को हेड ऑफ ऑपरेशंस (Head of Operations) नियुक्त किया है। वह पुणे से काम करेंगे और कंपनी के ऑपरेशंस पोर्टफोलियो (Operations Portfolio) की जिम्मेदारी संभालेंगे।
स्वप्निल को ऑपरेशंस, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन (Business Transformation), डिलीवरी गवर्नेंस (Delivery Governance), स्ट्रैटेजी एक्जीक्यूशन (Strategy Execution), डिजिटल मॉडर्नाइजेशन (Digital Modernization), ईआरपी प्रोग्राम्स (ERP Programs), एनालिटिक्स (Analytics) और एआई में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है।
ओजीएस से जुड़ने से पहले वह केपीएमजी (KPMG) में एसोसिएट पार्टनर (Associate Partner) थे। इससे पहले वह ईवाई (EY), एलएंडटी (L&T), ज़ीकस (Zycus) और राज टेक्नोलॉजीज (Raj Technologies) जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं।
ओजीएस इंडिया और फिलीपींस के सीओओ (COO) किरण गुरुस्वामी (Kiran Guruswami) ने कहा कि कंपनी के बढ़ते कारोबार के साथ अब ऐसे ऑपरेटिंग मॉडल (Operating Model) की जरूरत है, जो अगले फेज की ग्रोथ को सपोर्ट कर सके। उन्होंने कहा कि स्वप्निल का अनुभव कंपनी को जटिल प्रक्रियाओं को आसान बनाने और बेहतर एक्जीक्यूशन में मदद करेगा।
ओजीएस इंडिया के एसवीपी, ऑपरेशंस (SVP, Operations) स्वप्निल देशमुख ने कहा कि वह कंपनी के अगले ग्रोथ फेज में टीम का हिस्सा बनकर उत्साहित हैं। उनका फोकस ऑपरेटिंग सिस्टम को मजबूत करने, विजिबिलिटी और गवर्नेंस (Governance) बेहतर करने और ऐसे फ्रेमवर्क (Frameworks) तैयार करने पर रहेगा, जिससे कंपनी तेजी से और बेहतर तरीके से आगे बढ़ सके।