राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार गुजरात में कराने पर विरोध, विपक्ष ने उठाए सवाल

राष्ट्रपति 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान करेंगी।

Last Modified:
Friday, 11 September, 2026
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72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को इस बार दिल्ली के बजाय गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। महाराष्ट्र के विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम को दिल्ली से बाहर ले जाने की जरूरत क्या थी और गुजरात को ही आयोजन के लिए क्यों चुना गया।

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन 22 सितंबर 2026 को एकता नगर, केवड़िया में किया जाएगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस समारोह में पुरस्कार प्रदान करेंगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, अब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के समारोह को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने का फैसला किया गया है। सरकार ने इसे देशभर की सिनेमाई प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच से जोड़ने और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को बढ़ावा देने की पहल बताया है।

सुप्रिया सुले ने दिल्ली में आयोजन की पैरवी की

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने समारोह को गुजरात ले जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार देश के राष्ट्रीय पुरस्कार हैं और इन्हें देश की राजधानी नई दिल्ली में ही आयोजित किया जाना चाहिए।

सुले के मुताबिक, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों का आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर ही होना चाहिए। उन्होंने इस फैसले पर अपनी असहमति जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कारों को दिल्ली में ही प्रदान किया जाना चाहिए।

उद्धव ठाकरे ने भी फैसले पर उठाए सवाल

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को गुजरात ले जाने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर समारोह दिल्ली से बाहर ले जाना था तो इसे मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु या किसी अन्य राज्य की राजधानी में क्यों नहीं आयोजित किया गया।

उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि इस तरह के फैसले से गुजरात और देश के बाकी हिस्सों के बीच एक तरह की दीवार खड़ी करने की कोशिश हो रही है।

संजय राउत ने कलाकारों से की बहिष्कार की अपील 

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी फैसले का विरोध किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को गुजरात में आयोजित करने का फैसला क्यों लिया गया।

संजय राउत ने यह भी आरोप लगाया कि समारोह का स्थान गुजरात विधानसभा चुनावों से पहले बदला जा रहा है। उन्होंने कलाकारों से समारोह का बहिष्कार करने की अपील भी की। ये राउत के आरोप और अपील हैं, सरकार की ओर से इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है।

राज ठाकरे ने पूछा- गुजरात ही क्यों?

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने भी समारोह को गुजरात में आयोजित करने पर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा कि अगर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन दिल्ली से बाहर करना था तो गुजरात को ही क्यों चुना गया।

राज ठाकरे ने महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के उन राज्यों का भी जिक्र किया, जिनका भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में बड़ा योगदान है। उन्होंने सवाल उठाया कि महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु या अन्य प्रमुख फिल्म केंद्रों में से किसी जगह को आयोजन के लिए क्यों नहीं चुना गया।

फिल्म निर्देशक राहुल ढोलकिया ने भी पूछा- गुजरात क्यों?

फिल्म निर्देशक और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता राहुल ढोलकिया ने भी इस फैसले पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को दिल्ली से बाहर ले जाने पर विशेष आपत्ति नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि गुजरात को ही क्यों चुना गया।

राहुल ढोलकिया ने कहा कि अगर समारोह को किसी दूसरे राज्य में ले जाना था तो महाराष्ट्र, केरल या तमिलनाडु जैसे फिल्म निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राज्यों को भी मौका दिया जा सकता था। उन्होंने हैदराबाद का भी विकल्प के तौर पर उल्लेख किया।

सरकार ने क्या कहा?

केंद्र सरकार ने समारोह को गुजरात ले जाने को किसी राजनीतिक कदम के तौर पर पेश नहीं किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, अब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोहों को राष्ट्रीय राजधानी से बाहर देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित करने की नीति अपनाई जा रही है। मंत्रालय का कहना है कि एकता नगर में समारोह आयोजित करने से देशभर की सिनेमाई प्रतिभाएं एक मंच पर आएंगी और यह ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को दर्शाएगा।

एकता नगर में होगा पुरस्कार समारोह

गुजरात के एकता नगर, जिसे पहले केवड़िया के नाम से जाना जाता था, में सरदार वल्लभभाई पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी स्थित है। 597 फुट ऊंची इस प्रतिमा का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में किया था।

दिल्ली से बाहर आयोजन को लेकर क्या है तथ्य?

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत 1954 में हुई थी और लंबे समय से इनके समारोह का आयोजन नई दिल्ली में होता रहा है। इस बार 72वें समारोह को दिल्ली से बाहर गुजरात के एकता नगर में आयोजित किया जा रहा है। इसे सात दशक से अधिक समय से चली आ रही दिल्ली की परंपरा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। हालांकि, इतिहास में दिल्ली के बाहर आयोजन का एक अपवाद भी रहा है- 17वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का समारोह 1971 में चेन्नई में हुआ था। इसलिए इसे इतिहास में पहली बार दिल्ली से बाहर आयोजित समारोह कहना सही नहीं होगा।

इन फिल्मों और कलाकारों को मिलेगा सम्मान

72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में अलग-अलग भाषाओं, विधाओं और सिनेमा के विभिन्न रूपों की फिल्मों को सम्मानित किया जाएगा। ‘आर्टिकल 370’ को सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म चुना गया है, जबकि ‘राम-नामी’ को जूरी ने सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के रूप में चुना है।

अभिनय के क्षेत्र में ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए ममूटी और ‘चंदू चैंपियन’ के लिए कार्तिक आर्यन को सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेता का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं ‘आर्टिकल 370’ के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ मुख्य अभिनेत्री का पुरस्कार मिलेगा। ‘स्वतंत्र वीर सावरकर’ के लिए रणदीप हुड्डा को सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार दिया जाएगा।

कई भाषाओं की फिल्मों को भी सम्मान

इस बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मराठी, संथाली, तमिल, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, तुलु और गढ़वाली समेत कई भाषाओं की फिल्मों को सम्मानित किया जाएगा। ‘कल्कि 2898 ईस्वी’, ‘अमरन’, ‘पुष्पा: द रूल पार्ट-02’, ‘भूल भुलैया 3’ और ‘स्त्री 2’ सहित कई फिल्मों को अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिलेंगे।

खास बात यह है कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में पहली बार किसी संथाली फिल्म को सम्मानित किया जाएगा।

सिनेमा पर लेखन के लिए भी पुरस्कार

सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ लेखन की श्रेणी में संजीव श्रीवास्तव को सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। वहीं सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक का पुरस्कार डॉ. प्रदीप केंचनुरु की किताब ‘नानिरुवुदे निमगागी, नादिरुवुदे ननगागी: कन्नड सिनेमाद तात्विक मत्तु राजकीय’ को दिया जाएगा। इस पुस्तक का प्रकाशन मिरर बुक्स ने किया है। किताब का अंग्रेजी अर्थ ‘I Stand for You, The State Stands for Us: Political and Philosophical Dimensions of Kannada Cinema’ है।

इस तरह 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में भारतीय सिनेमा की अलग-अलग भाषाओं, क्षेत्रों और विधाओं की प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। 

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महिला पत्रकार से यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच दिल्ली पुलिस के ACP का प्रमोशन

एक महिला पत्रकार से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली पुलिस के एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को सोमवार को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के पद पर प्रमोट किया गया है।

Last Modified:
Tuesday, 06 October, 2026
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दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार से कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे दिल्ली पुलिस के एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) को सोमवार को अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Additional Deputy Commissioner) के पद पर प्रमोट किया गया है। उनके साथ 11 अन्य पुलिस अधिकारियों को भी प्रमोशन दिया गया है।

एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक, प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों में डॉ. विकास श्योकंद, ए. वेंकटेश, गुरसेवक सिंह, रेणु लता, विदुषी कौशिक, मनु हिमांशु, सकारिया मिहिर प्रवीनभाई, गरिमा तिवारी, विवेक भगत, आशीष कुमार, मनीष लडला और रोहित गुप्ता शामिल हैं।

पुलिस ने प्रमोशन को बताया नियमित प्रक्रिया

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि ये प्रमोशन नियमित प्रक्रिया के तहत किए गए हैं और प्रमोशन के लिए अनुरोध काफी पहले ही भेजा गया था।

तीन महिला पत्रकारों ने लगाए थे आरोप

यह मामला 3 अक्टूबर को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। दिल्ली पुलिस को इन मामलों में शिकायतें मिली थीं और आगे की जांच के लिए इन्हें क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है।

दिल्ली पुलिस ने रविवार को अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर बताया था कि 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी थी। इसी दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। पुलिस के मुताबिक, निष्पक्ष और उचित जांच के लिए शिकायतों को क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर किया गया है। इन आरोपों के बाद कई स्वतंत्र पत्रकारों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन भी किया और आरोपी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।

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SEBI ने चंडीगढ़ में खोला स्थानीय कार्यालय, पंजाब-हरियाणा के निवेशकों को मिलेगी सुविधा

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने चंडीगढ़ में अपना स्थानीय कार्यालय शुरू किया है।

Last Modified:
Tuesday, 06 October, 2026
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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने चंडीगढ़ में अपना स्थानीय कार्यालय शुरू किया है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने सोमवार को चंडीगढ़ में इस स्थानीय कार्यालय का उद्घाटन किया।

SEBI का चंडीगढ़ स्थानीय कार्यालय SCO नंबर 20-25, दूसरी मंजिल, जीवन प्रकाश बिल्डिंग, सेक्टर 17B, चंडीगढ़-160017 में स्थित है।

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए काम करेगा

चंडीगढ़ स्थित यह स्थानीय कार्यालय पंजाब और हरियाणा राज्यों तथा चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश को कवर करेगा। यह कार्यालय SEBI के नई दिल्ली स्थित नॉर्दर्न रीजनल ऑफिस के प्रशासनिक नियंत्रण और अधिकार क्षेत्र के तहत काम करेगा।

निवेशकों की शिकायतों के निपटारे में मदद करेगा

चंडीगढ़ स्थानीय कार्यालय के प्रमुख कामों में सूचीबद्ध कंपनियों और बाजार से जुड़े बिचौलियों के खिलाफ निवेशकों की शिकायतों के निपटारे में मदद करना शामिल होगा।

इसके अलावा, कार्यालय के जरिए निवेशकों के बीच निवेशक शिक्षा और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को निवेश और वित्तीय मामलों से जुड़ी जानकारी देने और उनकी समझ बढ़ाने में मदद करना है।

SME और दूसरे बाजार से जुड़े क्षेत्रों पर भी रहेगा फोकस

SEBI का यह स्थानीय कार्यालय अपने अधिकार क्षेत्र में जारीकर्ता मंच (Issuers Forum), छोटे और मध्यम उद्यम (SMEs), सोशल स्टॉक एक्सचेंज, म्युनिसिपल बॉन्ड और कॉरपोरेट बॉन्ड जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों और संस्थाओं के साथ भी संपर्क करेगा। इसके अलावा, स्थानीय कार्यालयों को समय-समय पर सौंपे जाने वाले दूसरे काम भी यह कार्यालय करेगा।

SEBI के मुताबिक, चंडीगढ़ में स्थानीय कार्यालय खुलने से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में निवेशकों से जुड़े मामलों और पूंजी बाजार से संबंधित गतिविधियों के लिए स्थानीय स्तर पर संपर्क और सुविधा उपलब्ध होगी।

 

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टीम पंपकिन ने स्वाति नाथानी को नियुक्त किया नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर

टीम पंपकिन ने को-फाउंडर स्वाति नाथानी को नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त किया है। वह बिजनेस स्ट्रैटेजी और ग्रोथ का नेतृत्व करते हुए एजेंसी की इंटीग्रेटेड क्षमताओं को मजबूत करेंगी।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
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टीम पंपकिन (Team Pumpkin) ने अपनी को-फाउंडर स्वाति नाथानी (Swati Nathani) को नया चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (Chief Executive Officer) नियुक्त किया है। नई भूमिका में वह एजेंसी की बिजनेस स्ट्रैटेजी और ग्रोथ का नेतृत्व करेंगी।

स्वाति ने 2012 में टीम पंपकिन की सह-स्थापना की थी और डिजिटल-फर्स्ट बिजनेस से एक इंटीग्रेटेड मार्केटिंग पार्टनर के तौर पर एजेंसी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नई जिम्मेदारी में उनका फोकस क्रिएटिव, परफॉर्मेंस, टेक्नोलॉजी, कम्युनिकेशंस और कॉमर्स को करीब लाने पर रहेगा।

स्वाति ने कहा कि एजेंसी बिजनेस में पिछले कुछ वर्षों की तुलना में तेजी से बदलाव हो रहा है। एआई (AI) एक्सीक्यूशन के तरीके बदल रहा है, जबकि प्लेटफॉर्म ब्रांड्स की खोज के तरीके को प्रभावित कर रहे हैं। क्लाइंट्स अब आइडिया से बिजनेस रिजल्ट तक कम से कम साइलो चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि टीम पंपकिन का लक्ष्य हर नई टेक्नोलॉजी के पीछे भागना नहीं, बल्कि ऐसी एजेंसी तैयार करना है जो यह समझ सके कि टेक्नोलॉजी कहां वैल्यू जोड़ती है और कहां ह्यूमन जजमेंट सबसे ज्यादा जरूरी है।

स्वाति के नेतृत्व में टीम पंपकिन ब्रांड स्ट्रैटेजी, क्रिएटिव, डिजिटल, परफॉर्मेंस मार्केटिंग, सोशल मीडिया, पीआर, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी और मार्केटप्लेस सर्विसेज में अपनी इंटीग्रेटेड पेशकश को मजबूत करेगी। एजेंसी एआई-आधारित क्षमताओं को भी आगे बढ़ाएगी।

स्वाति के अनुभव में ब्रांडिंग, डिजिटल स्ट्रैटेजी, एनालिटिक्स, एंटरप्रेन्योरशिप और टेक्नोलॉजी शामिल हैं। उनका अनुभव क्रिएटिव और बिजनेस सोच के बीच संतुलित नजरिया बनाने में मदद करता है।

टीम पंपकिन के अगले चरण में इंटीग्रेटेड क्षमताओं को मजबूत करने, टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं का विस्तार करने, लीडरशिप टीम को मजबूत करने, ग्लोबल विस्तार बढ़ाने और कम्युनिकेशन को मापने योग्य बिजनेस ग्रोथ से जोड़ने पर जोर रहेगा।

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मोहित चेरियन बने डियाजियो इंडिया में वाइस प्रेसिडेंट- कस्टमर मार्केटिंग

मोहित चेरियन को डियाजियो इंडिया में वाइस प्रेसिडेंट – कस्टमर मार्केटिंग बनाया गया है। वह भारत में कस्टमर मार्केटिंग एजेंडा का नेतृत्व करते हुए ब्रांड्स और कैटेगरी को मजबूत बनाने पर काम करेंगे।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
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मोहित चेरियन (Mohit Cherian) को डियाजियो इंडिया (Diageo India) में वाइस प्रेसिडेंट – कस्टमर मार्केटिंग (Vice President – Customer Marketing) के पद पर पदोन्नत किया गया है। अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर साझा की। इस भूमिका में वह भारत में कस्टमर मार्केटिंग एजेंडा का नेतृत्व करेंगे और डियाजियो के ब्रांड्स व कैटेगरी को आकार देने और मजबूत बनाने पर काम करेंगे।

इससे पहले चेरियन डियाजियो इंडिया में कैटेगरी डायरेक्टर (Category Director) के तौर पर काम कर रहे थे। उससे पहले वह सीनियर जनरल मैनेजर, ब्रांड मार्केटिंग (Senior General Manager, Brand Marketing) की भूमिका में थे, जहां उन्होंने कंपनी के बीआईआई स्कॉचेज (BII Scotches) पोर्टफोलियो की मार्केटिंग संभाली।

चेरियन 2020 में डियाजियो इंडिया से जुड़े थे। उन्होंने कंपनी की इनोवेशन टीम (Innovation Team) से अपना सफर शुरू किया और बाद में ब्रांड मार्केटिंग में आए। इस दौरान उन्होंने रॉयल चैलेंज (Royal Challenge) और मैकडॉवेल्स नंबर 1 (McDowell’s No.1) जैसे ब्रांड्स पर काम किया।

रॉयल चैलेंज के साथ उन्होंने ब्रांड की री-पोजिशनिंग और विराट कोहली (Virat Kohli) के साथ ‘नया शेर’ (Naya Sher) कैंपेन पर काम किया। वहीं, मैकडॉवेल्स नंबर 1 के विकास और पोर्टफोलियो से जुड़ी पहलों में भी उनकी भूमिका रही, जिसमें एक्स-सीरीज (X-Series) और सिंगल माल्ट (Single Malt) पेशकश शामिल है।

डियाजियो इंडिया से पहले चेरियन आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल (Aditya Birla Fashion and Retail) में असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट और एलन सॉली (Allen Solly) के हेड ऑफ मार्केटिंग रह चुके हैं। उन्होंने ओगिल्वी (Ogilvy) और मैनेजमेंट कंसल्टिंग के क्षेत्र में भी काम किया है।

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मेटा में आदित्य सुनीलकुमार की एंट्री : बने क्रिएटिव डायरेक्टर

आदित्य सुनीलकुमार ने मेटा में क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह हवास इंडिया में एग्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ डिजिटल की भूमिका में थे।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
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आदित्य सुनीलकुमार (Aditya Sunilkumar) ने मेटा (Meta) में क्रिएटिव डायरेक्टर (Creative Director) के तौर पर नई भूमिका संभाली है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर पोस्ट के जरिए अपने नए पद की जानकारी साझा की।

सुनीलकुमार ने अपनी पोस्ट में कहा कि वह मेटा में क्रिएटिव डायरेक्टर के तौर पर नई शुरुआत को लेकर खुश हैं। मेटा जॉइन करने से पहले वह हवास इंडिया (Havas India) से जुड़े थे, जहां उन्होंने एग्जीक्यूटिव क्रिएटिव डायरेक्टर एंड हेड ऑफ डिजिटल (Executive Creative Director & Head of Digital) की जिम्मेदारी संभाली।

मेटा में उनकी नई भूमिका कंपनी के क्रिएटिव काम और डिजिटल इकोसिस्टम (Digital Ecosystem) से जुड़े प्रयासों के साथ होगी।

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जंतर-मंतर पर पत्रकारों के साथ पुलिस के व्यवहार पर PCI नाराज, कही ये बात

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 और 3 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर नाराजगी जताई है।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
Press Club

पत्रकारों के प्रमुख संगठन प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) ने जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 और 3 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान पत्रकारों के साथ दिल्ली पुलिस के व्यवहार पर नाराजगी जताई है। प्रेस क्लब ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों के साथ पुलिस का रवैया कथित तौर पर आक्रामक रहा।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने 4 अक्टूबर को जारी बयान में कहा कि एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि एक एसीपी ने उनके साथ छेड़छाड़ और गलत तरीके से छूने की कोशिश की। महिला पत्रकार शनिवार रात संसद मार्ग पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने पहुंची थीं।

प्रेस क्लब के अनुसार, विभिन्न स्वतंत्र संगठनों और न्यूज पोर्टलों से जुड़े पत्रकारों ने बताया कि उनके पास प्रेस कार्ड थे और उन्होंने बार-बार पुलिस को बताया कि वे मीडिया से हैं। इसके बावजूद पुलिस ने उनके साथ कथित तौर पर हिंसक और आक्रामक व्यवहार किया। प्रेस क्लब ने कहा कि कुछ पत्रकारों को प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में भी लिया गया।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह के व्यवहार को सामान्य नहीं बनाया जा सकता। उसके मुताबिक पत्रकारों को बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से काम करने और विभिन्न मुद्दों को लेकर जुटे लोगों की कवरेज करने की अनुमति मिलनी चाहिए। प्रेस क्लब ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी के केंद्र में भी ऐसा नहीं हो पाना देश में मीडिया की स्वतंत्रता की दिशा के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

प्रेस क्लब ने दिल्ली पुलिस से महिला पत्रकार की शिकायत पर उचित कार्रवाई करने और मीडियाकर्मियों को अपना काम करने के लिए आवश्यक जगह देने की मांग की है, ताकि उन्हें आक्रामकता और धमकियों का सामना न करना पड़े।

इंटरनेट सेवा बंद करने पर भी जताई आपत्ति: प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने जंतर-मंतर और उसके आसपास इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर क्षेत्र में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने के आदेश दिए गए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, दूरसंचार कंपनियों को जंतर-मंतर के आसपास करीब 1.5 किलोमीटर के दायरे में सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने के निर्देश दिए गए थे।

प्रेस क्लब के मुताबिक, इंटरनेट बंद होने से सूचनाओं का प्रवाह प्रभावित होता है और पत्रकारों के काम में बड़ी बाधा आती है। उसने कहा कि इस तरह की मनमानी इंटरनेट बंदी की लोकतंत्र में कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने कहा कि पत्रकारों को बिना डर और दबाव के अपना काम करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए और प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग के दौरान उन्हें आवश्यक सुरक्षा और काम करने की जगह उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

दिल्ली पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच भेजा: इस बीच, दिल्ली पुलिस ने 4 अक्टूबर को बताया कि 3 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पुलिस के मुताबिक, नई दिल्ली जिला पुलिस को इनकी शिकायतें मिली हैं और उन्हें निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच, कमला मार्केट को भेज दिया गया है।

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चित्रा त्रिपाठी को KIIT भुवनेश्वर ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से किया सम्मानित

एबीपी न्यूज की प्राइम टाइम एंकर और वरिष्ठ पत्रकार चित्रा त्रिपाठी को KIIT भुवनेश्वर ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया। उन्होंने एक्स पोस्ट के जरिए KIIT परिवार का आभार जताया।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
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एबीपी न्यूज (ABP News) की प्राइम टाइम एंकर और वरिष्ठ पत्रकार चित्रा त्रिपाठी (Chitra Tripathi) को भुवनेश्वर स्थित केआईआईटी (KIIT) ने मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया है। चित्रा ने एक्स (X) पर पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की।

चित्रा ने इस सम्मान को अपने लिए गौरव और भावुकता का क्षण बताया। उन्होंने केआईआईटी परिवार और संस्थान के फाउंडर अच्युत सामंत (Achyuta Samanta) का आभार जताया। उन्होंने कहा कि करीब 40 हजार छात्रों वाले संस्थान ने उन्हें इस सम्मान के योग्य समझा, जिसके लिए वह हमेशा कृतज्ञ रहेंगी।

चित्रा ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए उपलब्धि के साथ एक नई जिम्मेदारी भी है। उन्होंने अपनी कलम, आवाज और कर्म के जरिए समाज और देश के प्रति अपने दायित्व को पूरी निष्ठा से निभाते रहने की बात कही।

समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (U.S. House of Representatives) के सदस्य और वॉशिंगटन के 5वें डिस्ट्रिक्ट से कांग्रेसमैन माइकल जेम्स बॉमगार्टनर (Michael James Baumgartner) और मोंटाना स्टेट यूनिवर्सिटी (Montana State University), अमेरिका के प्रेसिडेंट डॉ. ब्रॉक टेस्मैन (Dr. Brock Tessman) भी मौजूद रहे।

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यूपी बीजेपी ने नई मीडिया टीम का किया ऐलान, 31 प्रवक्ता और 25 मीडिया पैनलिस्ट नियुक्त

उत्तर प्रदेश बीजेपी ने शनिवार को अपनी नई मीडिया टीम का ऐलान कर दिया। पार्टी ने राज्य स्तर पर 31 प्रवक्ताओं और 25 मीडिया पैनलिस्टों की नियुक्ति की है।

Last Modified:
Monday, 05 October, 2026
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उत्तर प्रदेश बीजेपी ने शनिवार को अपनी नई मीडिया टीम का ऐलान कर दिया। पार्टी ने राज्य स्तर पर 31 प्रवक्ताओं और 25 मीडिया पैनलिस्टों की नियुक्ति की है। नई टीम की सूची प्रदेश मीडिया संयोजक मनीष दीक्षित ने जारी की।

नई टीम में डॉ. समीर सिंह, अभिषेक कृष्ण दुबे, अवनीश त्यागी, मनीष शुक्ला, नवीन श्रीवास्तव, अंकुश त्रिपाठी, आनंद दुबे, हीरो वाजपेयी और डॉ. ऋचा सिंह समेत कई नेताओं को प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी दी गई है। इनमें से कई नेता पिछली मीडिया टीम में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

अभिषेक कृष्ण दुबे को प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी

एटा निवासी अभिषेक कृष्ण दुबे को प्रदेश प्रवक्ता बनाया गया है। वह इससे पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा की उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और फिलहाल युवा मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं। अभिषेक कृष्ण दुबे पार्टी के युवा मोर्चा में राजस्थान के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

मीडिया विभाग में भी नियुक्तियां

बीजेपी ने हिमांशु दुबे और दीपक बघेल को मीडिया विभाग का सह-संयोजक नियुक्त किया है। वहीं दिवस चतुर्वेदी और मनोज त्रिवेदी को मीडिया वॉच टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा पार्टी ने उत्तर प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों के लिए भी मीडिया संयोजक और सह-संयोजकों की घोषणा की है।

प्रदेश मीडिया सह संयोजक

  • हिमांशु दुबे
  • दीपक बघेल

प्रदेश प्रवक्ता

  • डॉ. समीर सिंह
  • कौशलेन्द्र पटेल
  • मनीष शुक्ला
  • हीरो बाजपेयी
  • जुगल किशोर
  • राकेश त्रिपाठी
  • लालजी निर्मल
  • आनंद दुबे
  • अवनीश त्यागी
  • आलोक वर्मा
  • अनिला सिंह
  • साक्षी दिवाकर
  • संजय चौधरी
  • अशोक पाण्डेय
  • एस.एन. सिंह
  • मनोज पोसवाल
  • डॉ. ऋचा सिंह
  • प्रशान्त उमराव
  • दिलीप श्रीवास्तव
  • डॉ. अमित कुशवाहा
  • प्रियंक पाण्डेय
  • नवीन श्रीवास्तव
  • रामनिवास यादव
  • अनुभव चक
  • डॉ. रजनीश त्यागी
  • ब्रह्मप्रकाश पाल
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  • अभिषेक कृष्ण दुबे
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प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट

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गोरखपुर सह मीडिया संयोजक

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जंतर-मंतर पर 3 महिला पत्रकारों ने पुलिस पर लगाया बदसलूकी का आरोप, क्राइम ब्रांच करेगी जांच

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज कर रहीं तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।

Last Modified:
Sunday, 04 October, 2026
Parliament87474

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कवरेज कर रहीं तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के कर्मचारियों पर बदसलूकी और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर दिल्ली पुलिस ने शिकायतों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। अब क्राइम ब्रांच महिला पत्रकारों के बयान दर्ज करेगी और पूरे मामले की जांच करेगी।

एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि 3 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रहे थे, लेकिन मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी। उनका दावा है कि जब वह इस कार्रवाई की कवरेज कर रही थीं और इस बारे में एसीपी विवेक भगत से सवाल किया, तो उन्होंने कथित तौर पर उनके साथ गलत तरीके से व्यवहार किया और उन्हें धक्का दिया।

इस मामले को लेकर पत्रकारों ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर भी प्रदर्शन किया और आरोपी पुलिस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। फिलहाल पुलिस ने शिकायतों को क्राइम ब्रांच को जांच के लिए भेज दिया है।

CJP ने भी FIR की मांग की

मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने भी एसीपी विवेक भगत के खिलाफ कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। CJP के प्रतिनिधिमंडल ने पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचकर इस मामले में शिकायत दी।

राहुल गांधी ने अमित शाह से मांगा जवाब

इस मामले पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन है और महिला प्रदर्शनकारियों व पत्रकारों के साथ बदसलूकी के आरोपों पर गृह मंत्री को जवाब देना चाहिए।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन

जंतर-मंतर पर यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा है। 2 और 3 अक्टूबर को यहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे थे। प्रदर्शन के दौरान कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

प्रदर्शनकारियों और विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग की एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी मुद्दे पर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

मामले में अब क्राइम ब्रांच की जांच के बाद यह साफ होगा कि महिला पत्रकारों की शिकायतों में लगाए गए आरोपों को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

 

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TV9 के पूर्व सीनियर ग्राफिक डिजाइनर उज्ज्वल कुमार सिंह का निधन

मीडिया जगत में करीब 10-12 साल तक काम करने वाले ग्राफिक और मोशन ग्राफिक डिजाइनर उज्ज्वल कुमार सिंह का निधन हो गया।

Last Modified:
Saturday, 03 October, 2026
UjjawalSingh5421

मीडिया जगत में करीब 10-12 साल तक काम करने वाले ग्राफिक और मोशन ग्राफिक डिजाइनर उज्ज्वल कुमार सिंह का निधन हो गया। उन्होंने 1 अक्टूबर की रात धनबाद के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली। बताया गया है कि वह पिछले दो दिनों से वेंटिलेशन पर थे।

उज्ज्वल झारखंड के बोकारो स्टील सिटी के रहने वाले थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन न्यूज से की थी। इसके बाद उन्होंने IndiaReport, Bluekraft Digital Foundation और LearnApp जैसे संस्थानों में काम किया।

जनवरी 2021 में उज्ज्वल TV9 से जुड़े थे, जहां उन्होंने सीनियर ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर काम किया। करीब छह साल तक TV9 को अपनी सेवाएं देने के बाद उनकी नौकरी चली गई थी।

उज्ज्वल को ग्राफिक और मोशन ग्राफिक्स के क्षेत्र में काम करने का अनुभव था। मीडिया संस्थानों में ग्राफिक डिजाइनर की भूमिका खबरों को विजुअल रूप देने और ब्रेकिंग न्यूज व दूसरी स्टोरीज के लिए क्रिएटिव तैयार करने में अहम होती है।

उज्ज्वल के निधन की खबर के बाद मीडिया जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके निधन को असमय और दुखद बताया जा रहा है। 

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