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हैप्पी बर्थडे, जमाल शाहिद शेख: लाइफस्टाइल पत्रकारिता में नए आयाम रच रहे हैं आप
लाइफस्टाइल पत्रकारिता की दुनिया में कुछ ही नाम ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी दूरदृष्टि और बहुमुखी प्रतिभा से कहानियों और अंदाज़ को नया आयाम दिया है। इनमें से एक हैं जमाल शाहिद शेख।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago
लाइफस्टाइल पत्रकारिता की दुनिया में कुछ ही नाम ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी दूरदृष्टि और बहुमुखी प्रतिभा से कहानियों और अंदाज़ को नया आयाम दिया है। इनमें से एक हैं जमाल शाहिद शेख। आज उनका जन्मदिन है।
हिंदुस्तान टाइम्स में ब्रंच और न्यू मीडिया इनिशिएटिव्स के नेशनल एडिटर के रूप में उन्होंने संडे मैगजीन को 10 लाख से अधिक पाठकों के लिए हर रविवार का पढ़ने का पसंदीदा मंच बना दिया। एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म, जहां लाइफस्टाइल, संस्कृति और संवाद सहज, ताज़गीभरे और जीवंत रूप में सामने आते हैं।
उनकी संपादकीय यात्रा में कई अहम पड़ाव रहे। उन्होंने पुरुषों की हेल्थ के भारतीय संस्करण की शुरुआत की, जिससे वेलनेस को एक नई पहचान मिली और यह एक पूरी पीढ़ी की जीवनशैली का हिस्सा बन गया। इसके बाद उन्होंने रॉब रिपोर्ट को भारत में फिर लॉन्च किया, जिसमें शिल्पकला और लग्ज़री की अनूठी दुनिया को पाठकों तक पहुंचाया। साथ ही डिस्कवरी चैनल मैगज़ीन शुरू की, जिसने जिज्ञासा और विस्मय के नए द्वार खोले। हर पहल में जमाल ने आकांक्षाओं को प्रामाणिकता से जोड़ा और ऐसे मंच बनाए जहां पाठक प्रेरित भी हों और जुड़ाव भी महसूस करें।
अप्रैल 2023 में उन्होंने अपने करियर का नया अध्याय शुरू किया-आरपी–संजिव गोयनका ग्रुप में चीफ़ ऑपरेटिंग ऑफ़िसर (लाइफस्टाइल मीडिया बिज़नेस) के रूप में। उनका मकसद साफ है: ऐसा पोर्टफ़ोलियो तैयार करना जो आने वाले वर्षों में सांस्कृतिक पसंद और उसकी परिभाषा तय करे। उनके नेतृत्व में एस्क्वायर इंडिया, द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया और मैनिफेस्ट जैसे प्रतिष्ठित ब्रैंड नए दौर के प्रभावशाली नाम बन रहे हैं—जो संपादकीय उत्कृष्टता और आधुनिक कहानी कहने की ताकत से भरपूर हैं।
लेकिन पद और मास्टहेड से परे, जमाल के काम में उनकी निजी रुचियों की झलक है—खाना, यात्रा और दुनिया के प्रति असीम जिज्ञासा। यही तत्व उनके पन्नों को एक जीवंत और अपनापन भरा स्वर देते हैं, जिससे उनकी कहानियां सिर्फ पढ़ी नहीं जातीं, महसूस भी की जाती हैं।
आज उनके जन्मदिन पर सराहना सिर्फ उनके मील के पत्थरों के लिए नहीं, बल्कि उस सोच के लिए भी होनी चाहिए जो उन्हें प्रेरित करती है—ऐसे संपादक जो सुनना जानते हैं, ऐसे ब्रैंड-निर्माता जो हर शीर्षक को जीवित अवधारणा मानते हैं, और ऐसे सांस्कृतिक स्वर जो भारत की लाइफस्टाइल बातचीत को हमेशा ताज़ा, प्रासंगिक और जीवंत बनाए रखते हैं।
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