e4m Pitch CMO Summit में हायर एप्लायंसेज इंडिया के प्रेजिडेंट एन. एस. सतीश ने ऐसा संबोधन दिया, जो सिर्फ मार्केटिंग कैंपेन की बात नहीं था, बल्कि भविष्य के बिजनेस लीडर को तैयार करने का एक रोडमैप था।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
e4m Pitch CMO Summit में हायर एप्लायंसेज इंडिया के प्रेजिडेंट एन. एस. सतीश ने ऐसा संबोधन दिया, जो सिर्फ मार्केटिंग कैंपेन की बात नहीं था, बल्कि भविष्य के बिजनेस लीडर को तैयार करने का एक रोडमैप था।
उन्होंने साफ कहा कि आने वाले समय का CMO (Chief Marketing Officer) सिर्फ ब्रैंड का रखवाला बनकर नहीं रह सकता। अगर उसे CEO की कुर्सी तक पहुंचना है, तो उसे ग्राहक, प्रॉफिट एंड लॉस (P&L), प्रोडक्ट, सर्विस, डिस्ट्रीब्यूशन चैनल और तेजी से बदलते उपभोक्ता व्यवहार को गहराई से समझना होगा।
सतीश का संबोधन काफी व्यक्तिगत, बेबाक और उपभोक्ता कारोबार की वास्तविकताओं से जुड़ा हुआ था। उन्होंने ग्राहक शिकायतों से लेकर क्विक कॉमर्स तक, D2C ब्रैंड्स के बढ़ते प्रभाव से लेकर प्रोडक्ट डिजाइन तक और ग्रामीण बाजारों में अपने अनुभवों से लेकर युवाओं व इंटर्न्स के साथ हुई बातचीत तक कई उदाहरण साझा किए।
उनके पूरे संबोधन का सबसे अहम संदेश यह था कि ब्रैंड्स को खुद को सिर्फ प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनियां समझना बंद करना होगा और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान देने वाली संस्था के रूप में देखना होगा।
उन्होंने कहा, “आप यह नहीं सोच सकते कि आप सिर्फ एक रेफ्रिजरेटर बेच रहे हैं। आपको यह सोचना होगा कि आप लोगों को बेहतर कूलिंग समाधान दे रहे हैं या उनका खाना ताजा रखने में मदद कर रहे हैं। इसी तरह आप सिर्फ एयर कंडीशनर नहीं बेच रहे, बल्कि लोगों के घरों को आरामदायक बना रहे हैं।”
सतीश के मुताबिक, यहीं से आधुनिक CMO की भूमिका सिर्फ कम्युनिकेशन तक सीमित नहीं रहती। आज मार्केटिंग उपभोक्ता की समझ, प्रोडक्ट इनोवेशन, सर्विस डिलीवरी, डिजिटल कॉमर्स और बिजनेस ग्रोथ के बीच का केंद्र बन चुकी है। जो CMO सिर्फ विज्ञापन और कैंपेन समझता है, उसकी भूमिका सीमित रह जाएगी, लेकिन जो पूरे बिजनेस को समझता है, वही आगे चलकर CEO बन सकता है।
उन्होंने कहा कि आज ग्राहक का खरीदारी का सफर पहले जैसा सीधा नहीं रह गया है। पहले ग्राहक किसी डीलर के स्टोर पर जाता था और काफी हद तक सेल्समैन की सलाह पर निर्भर रहता था। लेकिन अब ग्राहक YouTube, सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स रिव्यू, परिवार के WhatsApp ग्रुप और दोस्तों की सलाह जैसी कई जगहों से जानकारी जुटाकर आता है।
सतीश ने कहा, “आज का ग्राहक हर जगह जाता है। आप यह नहीं बता सकते कि वह कहां जाएगा और क्या करेगा। इसलिए आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि हर टचपॉइंट पर आपका ब्रैंड सही तरीके से मौजूद हो।”
उन्होंने यह भी बताया कि हैयर अपने उत्पादों के साथ-साथ प्रतिस्पर्धी कंपनियों के उत्पादों की नकारात्मक समीक्षाओं का भी गहराई से अध्ययन करता है। इससे कंपनी को यह समझने में मदद मिलती है कि ग्राहक वास्तव में किन समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई बार यही शिकायतें नए इनोवेशन की शुरुआत बन जाती हैं।
उदाहरण देते हुए उन्होंने वॉशर-ड्रायर कैटेगरी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ग्राहक चार घंटे तक चलने वाले वॉश और ड्राई साइकिल से परेशान रहते हैं। इसलिए हैयर ड्राइंग टाइम को काफी कम करने पर काम कर रहा है, क्योंकि असली मुद्दा मशीन नहीं, बल्कि ग्राहक की सुविधा है।
सतीश ने ब्रैंड निर्माण में आफ्टर-सेल्स सर्विस की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किचन एप्लायंसेज जैसी श्रेणियों में यदि कोई उत्पाद खराब हो जाए तो घर का पूरा कामकाज प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि हैयर हर शहर में अपने हब्स (Hobs) नहीं बेचता। कंपनी पहले यह सुनिश्चित करती है कि वहां उत्पाद को सपोर्ट करने के लिए पर्याप्त सर्विस इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद हो।
उन्होंने कहा कि इस पूरे बदलाव का सबसे बड़ा सबक फुर्ती और तेजी (Agility) है। जैसे-जैसे कंपनियां बड़ी होती हैं, उनकी प्रक्रियाएं और नीतियां कई बार उन्हें धीमा बना देती हैं। लेकिन D2C ब्रैंड्स, क्विक कॉमर्स और डिजिटल-फर्स्ट बाजार के दौर में यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
सतीश ने कहा, “अगर आपकी संस्था में फुर्ती नहीं है, तो आप खत्म हो चुके हैं।”
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने एक ऐसी बात भी कही, जिसने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा, “अनुभव कई बार बाधा बन जाता है।”
हालांकि उन्होंने इसे नकारात्मक अर्थ में नहीं कहा। उनका मतलब था कि कई बार पुरानी सफलताएं हमें नए बदलावों को देखने से रोक देती हैं। इसलिए आने वाली पीढ़ी के मार्केटिंग लीडर्स को लगातार सीखने, पुरानी चीजों को छोड़ने और ग्राहकों की बात ध्यान से सुनने की आदत विकसित करनी होगी।
अपने संबोधन के अंत में सतीश ने CMO की भूमिका को नए नजरिए से परिभाषित किया। उनके अनुसार भविष्य का CMO सिर्फ ब्रैंड बनाने वाला व्यक्ति नहीं होगा, बल्कि वह ग्राहक को इतनी गहराई से समझेगा कि प्रोडक्ट, सर्विस, कॉमर्स, ग्रोथ और P&L जैसे बिजनेस के अहम फैसलों को भी प्रभावित कर सके।
उन्होंने कहा कि वही CMO आगे चलकर CEO बनने की क्षमता रखता है।
इस भूमिका में वह कंपनी की ग्लोबल मार्केटिंग स्ट्रैटेजी का नेतृत्व करेंगे और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मार्केट्स में ब्रैंड की मौजूदगी को मजबूत बनाने की दिशा में काम करेंगे।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ऑन्कोलॉजी (कैंसर) पर केंद्रित इमेजिंग कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (CRO) इमेजिंग एंडपॉइंट्स (Imaging Endpoints) ने श्रीकांत अय्यप्पन को एसोसिएट वाइस प्रेजिडेंट (ग्लोबल मार्केटिंग) नियुक्त किया है। इस भूमिका में वह कंपनी की ग्लोबल मार्केटिंग स्ट्रैटेजी का नेतृत्व करेंगे और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मार्केट्स में ब्रैंड की मौजूदगी को मजबूत बनाने की दिशा में काम करेंगे।
कंपनी के अनुसार, श्रीकांत अय्यप्पन का मुख्य फोकस कंपनी की पहचान और पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ प्रायोजकों, साझेदारों तथा इंडस्ट्री से जुड़े विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ जुड़ाव को और मजबूत बनाना होगा।
अपनी नई जिम्मेदारी पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीकांत अय्यप्पन ने कहा कि क्लीनिकल रिसर्च का क्षेत्र इमेजिंग तकनीक, डेटा साइंस और प्रिसिजन मेडिसिन में हो रही प्रगति के कारण एक परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि इमेजिंग एंडपॉइंट्स कैंसर संबंधी दवाओं के विकास को उन्नत इमेजिंग समाधानों के माध्यम से महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है और वह कंपनी की निरंतर वृद्धि, वैश्विक पहचान तथा लाइफ साइंसेज इकोसिस्टम में इसके प्रभाव को और मजबूत बनाने में योगदान देने के लिए उत्साहित हैं।
बता दें कि इमेजिंग एंडपॉइंट्स कैंसर अनुसंधान और दवा विकास से जुड़े क्लीनिकल ट्रायल्स के लिए इमेजिंग आधारित समाधान उपलब्ध कराती है। कंपनी वैश्विक स्तर पर फार्मास्यूटिकल, बायोटेक और रिसर्च संगठनों के साथ मिलकर काम करती है। ऐसे में श्रीकांत अय्यप्पन की नियुक्ति को कंपनी की वैश्विक विस्तार रणनीति और ब्रैंड सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फ्रांस की मशहूर लग्जरी डिपार्टमेंट स्टोर चेन Galeries Lafayette ने हाल ही में भारत में पहली बार एंट्री की है। ऐसे में सुचित काकर की नियुक्ति को कंपनी के लिए अहम माना जा रहा है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
फैशन और रिटेल सेक्टर की प्रमुख कंपनी आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल (ABFRL) ने सुचित काकर (Suchit Kakar) को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। वह कंपनी में Senior Manager, Brand & Customer Experience for Galeries Lafayette India के तौर पर शामिल हुए हैं।
फ्रांस की मशहूर लग्जरी डिपार्टमेंट स्टोर चेन Galeries Lafayette ने हाल ही में भारत में पहली बार एंट्री की है। ऐसे में सुचित काकर की नियुक्ति को कंपनी के लिए अहम माना जा रहा है।
सुचित काकर इससे पहले ब्रैंड कंसल्टिंग कंपनी Landor के साथ जुड़े हुए थे। यहां उन्होंने करीब छह वर्षों तक काम किया और हाल ही में Senior Strategist, Experience Strategy Lead के पद से इस्तीफा दिया।
सुचित काकर ने अपनी नई पारी की जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साझा की। उन्होंने बताया कि यह उनके करियर का पहला मौका है, जब वह क्लाइंट साइड की भूमिका में काम करेंगे।
KFC India जॉइन करने से पहले सौरदीप सरकार करीब चार वर्षों तक ब्लिंकिट से जुड़े रहे। वहां वह एसोसिएट डायरेक्टर और हेड (Growth and Expansion)– New Formats + Bistro के पद पर कार्यरत थे।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट (Blinkit) में लंबे समय तक अहम जिम्मेदारियां निभाने वाले सौरदीप सरकार (Souradip Sarkar) ने अब KFC India जॉइन कर लिया है। उन्हें कंपनी में हेड (Growth & Market Planning) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सौरदीप सरकार ने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए अपनी नई पारी की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि ब्लिंकिट में बेहद संतोषजनक करियर के बाद वह KFC India से जुड़कर काफी उत्साहित हैं और नई जिम्मेदारी को लेकर आगे के सफर का इंतजार कर रहे हैं।
KFC India जॉइन करने से पहले सौरदीप सरकार करीब चार वर्षों तक ब्लिंकिट से जुड़े रहे। वहां वह एसोसिएट डायरेक्टर और हेड (Growth and Expansion)– New Formats + Bistro के पद पर कार्यरत थे। इस भूमिका में उन्होंने कंपनी के ग्रोथ और एक्सपेंशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम संभाले।
ब्लिंकिट से पहले सौरदीप सरकार लगभग दो वर्षों तक Rockwell Automation के साथ भी जुड़े रहे। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (TCS) में भी काम किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो सौरदीप सरकार ने Management Development Institute (MDI), गुरुग्राम से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने मार्केटिंग और स्ट्रैटेजी में विशेषज्ञता हासिल की।
सचिन पालीवाल इससे पहले ‘रिपब्लिक वर्ल्ड’ में असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (AVP) के पद पर कार्यरत थे।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया, डिजिटल और ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री में लंबा अनुभव रखने वाले सचिन पालीवाल ने ग्रुनर ग्रुप (Gruner Group) में GM-मार्केटिंग एंड ब्रैंडिंग के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए अपनी नई पारी की जानकारी साझा की।
सचिन पालीवाल इससे पहले ‘रिपब्लिक वर्ल्ड’ में असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (AVP) के पद पर कार्यरत थे। मार्केटिंग, ब्रैंड स्ट्रैटेजी और ब्रैंड पोजिशनिंग के क्षेत्र में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। माना जा रहा है कि उनकी नियुक्ति से ग्रुनर ग्रुप की ब्रैंड मौजूदगी और मार्केटिंग रणनीतियों को नई मजबूती मिलेगी।
नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह जाहिर करते हुए सचिन पालीवाल ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में कहा कि वह ग्रुनर ग्रुप में नई शुरुआत को लेकर बेहद उत्साहित हैं और आने वाले समय को लेकर सकारात्मक महसूस कर रहे हैं।
सचिन पालीवाल के पास 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने मीडिया, डिजिटल और ब्रॉडकास्ट सेक्टर में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। अपने करियर के दौरान वह हिंदी न्यूज, हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनल (GEC), इंग्लिश न्यूज, हिंदी मूवीज, हिंदी म्यूजिक, रीजनल GEC और होम शॉपिंग जैसे कई सेगमेंट्स में काम कर चुके हैं।
सैमसंग ने अपनी मोबाइल एक्सपीरियंस बिजनेस टीम में बड़ा बदलाव किया है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सैमसंग ने अपनी मोबाइल एक्सपीरियंस बिजनेस टीम में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने शिरीष अग्रवाल को पूरे मोबाइल एक्सपीरियंस बिजनेस के मार्केटिंग का हेड बना दिया है। इससे पहले वह भारत में सैमसंग के प्रीमियम और फ्लैगशिप स्मार्टफोन पोर्टफोलियो की मार्केटिंग संभाल रहे थे।
नई जिम्मेदारी के साथ अब शिरीष अग्रवाल सैमसंग के स्मार्टफोन्स, वियरेबल्स और दूसरे इकोसिस्टम प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग रणनीति पर काम करेंगे। बताया जा रहा है कि कंपनी प्रीमियम स्मार्टफोन और कनेक्टेड डिवाइसेज के बढ़ते मुकाबले को देखते हुए अपने मोबाइल एक्सपीरियंस बिजनेस पर ज्यादा फोकस कर रही है।
शिरीष अग्रवाल पिछले दो साल से ज्यादा समय से सैमसंग इंडिया की मार्केटिंग टीम में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने ब्रैंड मैनेजमेंट, मार्केटिंग स्ट्रेटजी और बड़े कैंपेन संभाले, जिनका सीधा असर कंपनी के बिजनेस पर देखने को मिला।
सैमसंग से पहले वह पैनासोनिक इंडिया के साथ भी काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने मार्केटिंग कम्युनिकेशन और ब्रैंड पोजिशनिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स संभाले थे।
मार्केटिंग क्षेत्र में एक दशक से ज्यादा का अनुभव रखने वाले शिरीष अग्रवाल को भारत में सैमसंग की ब्रैंड पहचान मजबूत करने और उपभोक्ताओं से जुड़ी कैंपेन तैयार करने के लिए जाना जाता है।
दोनों कंपनियों ने यह भी तर्क दिया कि इंटरनेट आधारित ऑडियो-विजुअल कंटेंट संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत में इंटरनेट आधारित टीवी सेवाओं को रेगुलेट करने को लेकर बहस तेज हो गई है। प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट (Culver Max Entertainment) और जियोस्टार (JioStar) ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के उस प्रस्ताव का विरोध किया है, जिसमें Free Ad-Supported Streaming Television (FAST) और Application-based Linear Television Distribution (ALTD) सेवाओं के लिए नियामकीय ढांचा तैयार करने की बात कही गई है।
दोनों कंपनियों ने TRAI को दिए अपने विस्तृत जवाब में कहा कि इंटरनेट आधारित टीवी प्लेटफॉर्म पारंपरिक केबल, DTH या IPTV सेवाओं से पूरी तरह अलग हैं और उन्हें टेलीकॉम या ब्रॉडकास्टिंग डिस्ट्रीब्यूशन नियमों के तहत नहीं लाया जा सकता।
TRAI ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) के संदर्भ के बाद यह कंसल्टेशन पेपर जारी किया था। इसमें पूछा गया है कि क्या इंटरनेट के जरिए टीवी जैसी सेवाएं देने वाले प्लेटफॉर्म्स पर भी DTH और केबल ऑपरेटर्स जैसी लाइसेंसिंग और रेगुलेशन व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
जियोस्टार और कल्वर मैक्स ने अपने जवाब में “एप्लिकेशन लेयर” और “नेटवर्क लेयर” के बीच अंतर पर जोर दिया। कंपनियों का कहना है कि FAST और ALTD प्लेटफॉर्म केवल इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करते हैं, जबकि वास्तविक नेटवर्क और डेटा ट्रांसमिशन टेलीकॉम कंपनियां करती हैं। इसलिए OTT सेवाओं को टेलीकॉम सेवा प्रदाता नहीं माना जा सकता।
दोनों कंपनियों ने यह भी तर्क दिया कि इंटरनेट आधारित ऑडियो-विजुअल कंटेंट संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा है। ऐसे में OTT प्लेटफॉर्म्स पर टेलीकॉम जैसी लाइसेंसिंग शर्तें लागू करना संवैधानिक रूप से गलत होगा।
कंपनियों ने चेतावनी दी कि अगर FAST प्लेटफॉर्म्स पर लाइसेंस फीस, बैंक गारंटी और अनिवार्य नियम लागू किए गए तो इससे भारत के डिजिटल टीवी इकोसिस्टम पर नकारात्मक असर पड़ेगा। जियोस्टार ने कहा कि FAST सेवाएं अभी शुरुआती और प्रयोगात्मक चरण में हैं, ऐसे में अत्यधिक रेगुलेशन निवेश और इनोवेशन दोनों को प्रभावित कर सकता है।
दोनों कंपनियों ने प्रसार भारती के साथ स्पोर्ट्स सिग्नल शेयरिंग और अनिवार्य चैनल कैरिज जैसे नियमों का भी विरोध किया। उनका कहना है कि ये नियम पारंपरिक प्रसारण व्यवस्था के लिए बने थे और इन्हें इंटरनेट आधारित सेवाओं पर लागू नहीं किया जा सकता। मामले को भारत में तेजी से बदलते टीवी और डिजिटल स्ट्रीमिंग इकोसिस्टम के बीच पारंपरिक डिस्ट्रीब्यूटर्स और OTT प्लेटफॉर्म्स की बड़ी टकराहट के रूप में देखा जा रहा है।
एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI) ने AI आधारित विज्ञापनों के लिए नए ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी किए हैं। विज्ञापनों को जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटने की बात कही गई है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (Advertising Standards Council of India - ASCI) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार विज्ञापनों को लेकर नए ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी किए हैं। मंगलवार को जारी इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य विज्ञापनों में पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों को भ्रमित होने से बचाना है।
ASCI ने इन नियमों को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नियम 2026 के अनुरूप तैयार किया है। फिलहाल यह ड्राफ्ट सुझावों के लिए सार्वजनिक किया गया है और लोग 13 जून तक अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
प्रस्तावित गाइडलाइंस के तहत AI आधारित विज्ञापनों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी “हाई रिस्क” विज्ञापनों की है, जिन्हें पूरी तरह प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया गया है। दूसरी श्रेणी “मीडियम रिस्क” विज्ञापनों की है, जिनमें यह स्पष्ट रूप से बताना अनिवार्य होगा कि कंटेंट AI की मदद से तैयार किया गया है। तीसरी श्रेणी “लो रिस्क” विज्ञापनों की है, जहां किसी लेबल की आवश्यकता नहीं होगी।
ASCI के अनुसार, AI का इस्तेमाल तब भ्रामक माना जाएगा जब वह लोगों को अवास्तविक उम्मीदें दिखाए, कमजोर वर्गों का शोषण करे या बिना अनुमति किसी व्यक्ति की पहचान, आवाज या चेहरे का उपयोग करे।
हालांकि केवल बैकग्राउंड म्यूजिक, सजावटी विजुअल्स या सामान्य डिजिटल इफेक्ट्स के लिए लेबल जरूरी नहीं होगा। ASCI का कहना है कि इन नियमों का मकसद संतुलन बनाना है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक चेतावनियों का बोझ भी न पड़े।
'ब्राइट आउटडोर मीडिया' (Bright Outdoor Media Limited) ने वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजों में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
V360 ग्रुप ने खुद को भारत की पहली लिस्टेड कम्युनिकेशन फर्म बताया है। कंपनी का कहना है कि यह भारतीय PR और इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा पड़ाव है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
V360 ग्रुप ने खुद को भारत की पहली लिस्टेड कम्युनिकेशन फर्म बताया है। कंपनी का कहना है कि यह भारतीय PR और इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा पड़ाव है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब कंपनी के ₹41.69 करोड़ के IPO से निवेशकों को अच्छा रिस्पॉन्स मिला। NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग से पहले कंपनी के 1.19 गुना सब्सक्राइब हो गए थे। इससे यह भी संकेत मिलता है कि भारत में स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन और ब्रैंड स्टोरीटेलिंग सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है।
कंपनी में ग्रोथ व स्ट्रैटजी की एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट नैना भल्ला ने LinkedIn पर इस उपलब्धि की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर अपने क्रेडेंशियल्स अपडेट कर दिए हैं।
नैना भल्ला ने इसे टीम के लिए गर्व का पल बताते हुए कहा कि यह रणनीतिक स्टोरीटेलिंग, बड़े विजन और लंबे समय तक मजबूत संस्थान बनाने की सोच का नतीजा है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय कंपनी की लीडरशिप टीम को भी दिया, जिसमें कुणाल किशोर, मनीषा चौधरी, गौरव पात्रा और वसुंधरा सिंह समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं।
इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत के कम्युनिकेशन सेक्टर के तेजी से प्रोफेशनल और संगठित होने का संकेत है। अब PR और कम्युनिकेशन एजेंसियां सिर्फ सर्विस प्रोवाइडर नहीं, बल्कि बड़े और संस्थागत बिजनेस मॉडल के रूप में भी उभर रही हैं, जहां ग्रोथ, स्ट्रैटेजी और इंटीग्रेटेड ब्रैंड सॉल्यूशंस पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है।
पीआर और कम्युनिकेशन एजेंसी Kommune Brand Communications को टेक कंपनी 'इनमोबी' (InMobi) का देश में पब्लिक रिलेशंस और कम्युनिकेशन का नया जिम्मा मिला है।
by
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पीआर और कम्युनिकेशन एजेंसी Kommune Brand Communications को टेक कंपनी 'इनमोबी' (InMobi) का देश में पब्लिक रिलेशंस और कम्युनिकेशन का नया जिम्मा मिला है। इस मामले से जुड़े लोगों ने 'एक्सचेंज4मीडिया' को इसकी पुष्टि की है।
इस साझेदारी के तहत Kommune, InMobi की भारत में सभी PR और कम्युनिकेशन गतिविधियों को संभालेगी। इसमें मीडिया रिलेशंस, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और ब्रैंड स्टोरीटेलिंग जैसे काम शामिल होंगे।
यह जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है, जब InMobi विज्ञापन तकनीक, AI आधारित कंज्यूमर एंगेजमेंट और डिजिटल इनोवेशन पर तेजी से फोकस बढ़ा रही है। कंपनी भारतीय टेक और स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपनी मजबूत पहचान और लीडरशिप पोजिशन को और मजबूत करना चाहती है।
बताया जा रहा है कि Kommune, InMobi के लिए ऐसी इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजी तैयार करेगी, जिससे कंपनी की ब्रैंड विजिबिलिटी बढ़े और उसकी बिजनेस कहानी ज्यादा प्रभावी तरीके से सामने आए।
यह डील इस बात को भी दिखाती है कि भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल और टेक बाजार में टेक कंपनियां अब सिर्फ मार्केटिंग ही नहीं, बल्कि अपनी साख और मजबूत ब्रैंड नैरेटिव बनाने पर भी खास ध्यान दे रही हैं।