टियर-2, टियर-3 शहरों से उठ रही है उपभोक्ता क्रांति- वर्नाकुलर कंटेंट और रीजनल एड स्पेंड में ऐतिहासिक उछाल,
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Vikas Saxena
कुछ साल पहले तक अगर कोई बड़ा ब्रैंड अपनी मार्केटिंग स्ट्रैटेजी बनाता था, तो नक्शे पर सिर्फ मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई के इर्द-गिर्द ही घेरा खिंचता था। बाकी भारत- जयपुर, इंदौर, पटना, सूरत, कोयंबटूर, मेरठ जैसे शहर और कस्बे महज एक 'अगली बड़ी संभावना' बनकर एजेंडे के आखिरी पन्ने पर पड़े रहते थे, लेकिन अप्रैल 2026 में जब हम यह आर्टिकल लिख रहे हैं, तब यह तस्वीर पूरी तरह पलट चुकी है।
टियर-2 और टियर-3 शहर अब केवल 'उभरते बाजार' नहीं रहे- वे भारत की मार्केटिंग, उपभोग और डिजिटल अर्थव्यवस्था की नई धुरी बन चुके हैं। IAMAI-Kantar की 'Internet in India Report 2025' से लेकर ResearchAndMarkets की फरवरी 2026 की डिजिटल एड स्पेंड रिपोर्ट और Nielsen के ताजा विश्लेषण तक- हर बड़ी रिसर्च एजेंसी एक ही बात दोहरा रही है: भारत की ग्रोथ स्टोरी अब मेट्रो में नहीं, 'भारत' में लिखी जा रही है।
IAMAI-Kantar रिपोर्ट: 958 मिलियन इंटरनेट यूजर्स, ग्रामीण भारत की अगुवाई
जनवरी 2026 में जारी IAMAI और Kantar की 'Internet in India Report 2025' ने देश के डिजिटल परिदृश्य की एक नई और बेहद अहम तस्वीर पेश की।
इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अब 958 मिलियन सक्रिय इंटरनेट यूजर्स (AIU) हैं, जो साल-दर-साल करीब 8% की वृद्धि है। ग्रामीण भारत इस विस्तार में अगुवाई कर रहा है- देश के कुल सक्रिय इंटरनेट यूजर्स में से 57% यानी लगभग 548 मिलियन लोग ग्रामीण इलाकों से हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट अपनाने की दर शहरी भारत से लगभग चार गुना तेज है- जो इस बात का सबूत है कि डिजिटल भारत की नींव अब गांवों और छोटे शहरों में रखी जा रही है।
शॉर्ट-वीडियो कंटेंट इस बदलाव का सबसे बड़ा इंजन बनकर उभरा है। 588 मिलियन यूजर्स यानी भारत की कुल इंटरनेट आबादी का 61% अब शॉर्ट-फॉर्म वीडियो कंटेंट देखता है। इसमें ग्रामीण यूजर्स की संख्या शहरी यूजर्स से थोड़ी ज्यादा हो गई है, और यह रुझान युवा दर्शकों में सबसे मजबूत है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी अब ग्रामीण उपभोक्ताओं की दुनिया में दस्तक दे रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि 44% यूजर्स वॉइस सर्च, इमेज-बेस्ड सर्च, चैटबॉट और AI फिल्टर जैसी AI-एनेबल्ड सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं।
वर्नाकुलर कंटेंट: भाषा में है असली ताकत
IAMAI-Kantar की यही रिपोर्ट एक और बड़ा सच बताती है- भारत का नया डिजिटल उपभोक्ता अपनी मातृभाषा में सोचता है, समझता है और खरीदता है। अंग्रेजी अब उसकी पहली भाषा नहीं है।
73% से ज्यादा इंटरनेट यूजर्स अब क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट देखते हैं- यह रुझान टियर-2 और टियर-3 शहरों में सबसे ज्यादा मजबूत है।
ShareChat- जो 15 भारतीय भाषाओं में संचालित होता है- के 350 मिलियन से ज्यादा सक्रिय यूजर्स हैं और इस प्लेटफॉर्म पर स्थानीय भाषाओं में कंटेंट की बेहद मजबूत पकड़ है। Dailyhunt, ShareChat, Moj जैसे वर्नाकुलर कंटेंट प्लेटफॉर्म अब कई इलाकों में उपभोक्ताओं का डिफॉल्ट डिजिटल अनुभव बन चुके हैं।
ब्रैंड्स ने इस बदलाव को पहचाना और तेजी से कदम उठाए। Meesho ने 11 भारतीय भाषाओं में समर्पित कंटेंट बनाकर छोटे शहरों में गहरी पैठ बनाई। Zomato के ऐप को रीजनल भाषाओं में उपलब्ध कराने के बाद टियर-2 शहरों से ऑर्डर फ्रीक्वेंसी में मापनीय बढ़ोतरी दर्ज हुई- क्योंकि उपभोक्ता अपनी भाषा में मेनू पढ़, रिव्यू देख और आसानी से चेकआउट कर पाए।
टियर-2, टियर-3 का उपभोक्ता उभार: आंकड़े बोलते हैं
ई-कॉमर्स और उपभोक्ता खर्च के आंकड़े भी इसी बड़े बदलाव की पुष्टि करते हैं। भारत में अभी लगभग 220-230 मिलियन सक्रिय ऑनलाइन शॉपर्स हैं और हर साल 25-30 मिलियन नए खरीदार जुड़ रहे हैं। इनमें से 60% नए ऑनलाइन शॉपर्स टियर-2 और टियर-3 शहरों से आ रहे हैं।
Bain के अनुमान के अनुसार, 2020 के बाद से जुड़े नए ऑनलाइन शॉपर्स में से करीब दो-तिहाई टियर-3 या उससे छोटे शहरों से हैं। इन्हीं के दम पर भारत का ई-रिटेल बाजार 2030 तक 170-190 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
विशेषज्ञों ने कहा है कि 'टियर-2 और टियर-3 बाजार अब उभरते नहीं रहे- वे राष्ट्रीय उपभोग के पैटर्न को तेजी से आकार दे रहे हैं।'
इन उपभोक्ता बदलावों के साथ-साथ विज्ञापन खर्च का तराजू भी तेजी से रीजनल कंटेंट की तरफ झुक रहा है।
ResearchAndMarkets रिपोर्ट (फरवरी 2026)
फरवरी 2026 में जारी ResearchAndMarkets की India Digital Ad Spend रिपोर्ट के अनुसार, भारत का डिजिटल एड स्पेंड बाजार 2025 में 13.22 अरब डॉलर था। 2026 में यह 10.1% सालाना वृद्धि के साथ 14.56 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। 2026-2029 के बीच 12% CAGR की दर से बढ़ते हुए यह बाजार 2029 तक 20.46 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
इसी रिपोर्ट में वर्नाकुलर और रीजनल कंटेंट पर ब्रैंड्स के बढ़ते निवेश को मुख्य ट्रेंड के रूप में चिन्हित किया गया है। ShareChat (और इसका वीडियो प्लेटफॉर्म Moj), Dailyhunt (Josh के जरिए) और InMobi जैसे भारतीय प्लेटफॉर्म रीजनल कंटेंट स्ट्रैटेजी के दम पर विज्ञापन बाजार में तेजी से हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
Sensor Tower रिपोर्ट 2026
Sensor Tower की 'State of Digital Advertising in India 2026' रिपोर्ट (जो Facebook, Instagram सहित प्रमुख सोशल प्लेटफॉर्म्स पर आधारित है) के मुताबिक, इन प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर 2025 में भारत का डिजिटल विज्ञापन खर्च 4.2 अरब डॉलर के नए मुकाम पर पहुंचा और 2026 में यह 5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
ई-कॉमर्स, फिनटेक और कंज्यूमर गुड्स कंपनियां अपने क्रिएटिव एसेट और मीडिया प्लान को भाषाई विविधता के हिसाब से ढाल रही हैं। FMCG, रिटेल, ई-कॉमर्स, ऑटोमोबाइल और BFSI (बैंकिंग, वित्त, बीमा) विज्ञापन वॉल्यूम में सबसे बड़े योगदानकर्ता बने हुए हैं।
OOH (आउट-ऑफ-होम) यानी होर्डिंग और आउटडोर विज्ञापन के मोर्चे पर भी टियर-2/3 शहरों की खींचतान दिखती है। इन शहरों में CPM (कॉस्ट पर थाउजेंड इंप्रेशन) महानगरों की तुलना में 30-50% कम है, जिससे ब्रैंड्स अपने विज्ञापन बजट का कहीं बेहतर उपयोग कर पाते हैं।
ब्रैंड्स की रणनीति बदली: रीजनल इन्फ्लुएंसर्स और हाइपरलोकल कैम्पेन
भारत की इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है। माइक्रो-इन्फ्लुएंसर्स (10,000-1,00,000 फॉलोअर्स) की एंगेजमेंट रेट 3-5% और नैनो-इन्फ्लुएंसर्स (1,000-10,000 फॉलोअर्स) की एंगेजमेंट रेट 8% तक होती है- जो बड़े मैक्रो-इन्फ्लुएंसर्स की 1.2% एंगेजमेंट रेट से कई गुना ज्यादा है। इसीलिए 47% ब्रैंड्स अब माइक्रो-इन्फ्लुएंसर्स को प्राथमिकता दे रहे हैं।
Flipkart ने अपनी 'India Ka Fashion Capital' कैम्पेन में टियर-2/3 शहरों को केंद्र में रखा, जो यूजर्स तक तेजी से पहुंची।
Fortune ब्रैंड ने अक्टूबर 2025 में अपना '17% Less Oil Absorption' कैम्पेन कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए विशेष रूप से स्थानीय भाषाओं में लॉन्च किया और यह ब्रैंड को राष्ट्रीय स्तर पर पुनः स्थापित करने में सफल रहा।
Accenture Strategy के MD आदित्य प्रियदर्शन ने 2025 को 'भारत सर्ज' का साल करार दिया- जहां टियर-2 और टियर-3 शहर विकास में महज भागीदार नहीं थे, बल्कि वे उसका नेतृत्व कर रहे थे।
आगे क्या: 2026 में रीजनल मार्केटिंग का भविष्य
2026 में भारत की विज्ञापन इंडस्ट्री डिजिटल सेगमेंट की अगुवाई में आगे बढ़ेगी। TV और आउटडोर एडवर्टाइजिंग के पारंपरिक माध्यम रीजनल पहुंच और बड़े आयोजनों की वजह से मजबूत बने रहेंगे। E-commerce का विस्तार जारी रहेगा, जबकि क्विक कॉमर्स खोज और रूपांतरण का सबसे तेज इंजन बनेगा।
प्रोग्रामेटिक एडवर्टाइजिंग में भी रीजनल फोकस बढ़ेगा। भारत में प्रोग्रामेटिक खरीद पहले से कुल डिजिटल एड स्पेंड का बड़ा हिस्सा बन चुकी है और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है।
भारत में डिजिटल ग्रोथ की अगली लहर महानगरों से नहीं, टियर-2 और टियर-3 बाजारों से आ रही है। ये दर्शक तेजी से ऑनलाइन आ रहे हैं, हर रोज कंटेंट देख रहे हैं और ऑनलाइन जो कुछ देखते हैं उसी के आधार पर खरीदारी के फैसले कर रहे हैं।
ब्रैंड्स के सामने अब एक स्पष्ट सबक है- या तो रीजनल मार्केटिंग को पूरी गंभीरता से अपनाएं, या प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएं। जो ब्रैंड्स स्थानीय भाषा में बात करते हैं, क्षेत्रीय संस्कृति को समझते हैं, माइक्रो-इन्फ्लुएंसर्स के जरिए भरोसा बनाते हैं और अपने कैम्पेन को मेट्रो से परे ले जाते हैं- वही आने वाले वर्षों में भारत के उपभोक्ता बाजार के असली विजेता बनेंगे।
जैसा कि IAMAI-Kantar, ResearchAndMarkets और Sensor Tower के 2025-26 के आंकड़े एकसुर में कह रहे हैं: भारत की मार्केटिंग क्रांति की भाषा अब हिंदी, तमिल, तेलुगु, मराठी और भोजपुरी है- सिर्फ अंग्रेजी नहीं।
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) ने ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के भारत और भारतीय उपमहाद्वीप के लिए एक्सक्लूसिव मीडिया अधिकार हासिल कर लिए हैं।
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Samachar4media Bureau
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) ने ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के भारत और भारतीय उपमहाद्वीप के लिए एक्सक्लूसिव मीडिया अधिकार हासिल कर लिए हैं। यह प्रतियोगिता 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होगी।
कंपनी ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स का सीधा प्रसारण Sony Sports Network के विभिन्न चैनलों पर किया जाएगा। वहीं, डिजिटल दर्शक इसे Sony LIV पर लाइव देख सकेंगे।
इस बार ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 10 खेल शामिल होंगे। इनमें एथलेटिक्स, तैराकी, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, ट्रैक साइक्लिंग, नेटबॉल, वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, जूडो, बॉल्स और 3x3 बास्केटबॉल शामिल हैं। इसके अलावा, प्रतियोगिता में पैरा स्पोर्ट्स को भी जगह दी गई है, जिसमें छह खेलों में 47 पदक स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी।
भारत के लिए यह प्रतियोगिता इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 22 स्वर्ण सहित कुल 61 पदक जीते थे और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया था।
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर और बिजनेस हेड (स्पोर्ट्स एंड इंटरनेशनल) राजेश कौल ने कहा कि ग्लासगो 2026 के मीडिया अधिकार हासिल करना कंपनी के स्पोर्ट्स पोर्टफोलियो को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि भारत के पदक अभियान को देखते हुए यह टूर्नामेंट बेहद रोमांचक रहने वाला है और नेटवर्क दर्शकों को कई भाषाओं में व्यापक कवरेज उपलब्ध कराएगा, ताकि खेल प्रेमी कोई भी अहम मुकाबला मिस न करें।
वहीं, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट की मुख्य कार्यकारी अधिकारी केटी सैडलियर ने कहा कि सोनी के साथ साझेदारी जारी रहने से भारत में करोड़ों दर्शकों तक कॉमनवेल्थ गेम्स की पहुंच और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के नए अध्याय की शुरुआत है और इसके बाद 2030 में अहमदाबाद में होने वाले शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर भी उत्साह बढ़ेगा।
ग्लासगो 2026 के मीडिया अधिकार हासिल करने के साथ ही सोनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के पोर्टफोलियो में एक और बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट को शामिल कर लिया है।
फिल्म निर्माण और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी 'पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल लिमिटेड' ने देश की प्रमुख मल्टीप्लेक्स चेन सिनेपोलिस इंडिया के साथ एक स्ट्रैटजिक डिस्ट्रीब्यूशन साझेदारी की घोषणा की है।
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Vikas Saxena
फिल्म निर्माण और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी 'पैनोरमा स्टूडियोज इंटरनेशनल लिमिटेड' (Panorama studios) ने देश की प्रमुख मल्टीप्लेक्स चेन सिनेपोलिस इंडिया (Cinépolis India) के साथ एक स्ट्रैटजिक डिस्ट्रीब्यूशन साझेदारी की घोषणा की है। यह साझेदारी फिलहाल दिल्ली और उत्तर प्रदेश (Delhi & UP Circuit) के लिए की गई है। कंपनी ने इसकी जानकारी शेयर बाजार को दी है।
इस समझौते के तहत पैनोरमा स्टूडियोज और सिनेपोलिस इंडिया द्वारा खरीदी गई या वितरित की जाने वाली फिल्मों को दिल्ली-यूपी सर्किट में दोनों कंपनियां मिलकर रिलीज करेंगी। कंपनियों का कहना है कि इस साझेदारी से फिल्मों की पहुंच बढ़ेगी और निर्माताओं, सिनेमाघर संचालकों तथा दर्शकों सभी को फायदा मिलेगा।
इस साझेदारी की शुरुआत 'धमाल 4' और 'बेबी डू डाई डू' के डिस्ट्रीब्यूशन से हो चुकी है। इसके बाद 17 जुलाई को रिलीज होने वाली एनिमेटेड पौराणिक फिल्म 'महाप्रभु जगन्नाथ' और 31 जुलाई को आने वाली आध्यात्मिक हिंदी फिल्म 'हनुमान अंश' भी इसी साझेदारी के तहत वितरित की जाएंगी। 'हनुमान अंश' संत श्री नीब करौरी बाबा के जीवन से प्रेरित फिल्म है।
पैनोरमा स्टूडियोज के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर कुमार मंगत पाठक ने कहा कि सिनेपोलिस इंडिया के साथ यह साझेदारी थिएटर कारोबार को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। उनका कहना है कि दोनों कंपनियों के अनुभव और मजबूत नेटवर्क का फायदा फिल्म निर्माताओं और प्रदर्शकों को मिलेगा तथा भविष्य में यह सहयोग और भी आगे बढ़ सकता है।
सिनेपोलिस इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर देवांग संपत ने कहा कि उनकी कंपनी हमेशा ऐसी साझेदारियों में विश्वास करती है जो सिनेमाघरों के कारोबार को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि पैनोरमा स्टूडियोज के साथ मिलकर दोनों कंपनियां फिल्मों को ज्यादा से ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने और थिएटर रिलीज को सफल बनाने का प्रयास करेंगी।
पैनोरमा स्टूडियोज के डिस्ट्रिब्यूशन एंड सिंडिकेशन के सीईओ मुरलीधर छटवानी ने कहा कि यह साझेदारी एक मजबूत और प्रभावी डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो भविष्य में इसे देश के अन्य डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्रों (सर्किट) तक भी बढ़ाने की योजना है।
दोनों कंपनियों का कहना है कि फिलहाल यह साझेदारी दिल्ली और उत्तर प्रदेश सर्किट से शुरू की गई है, लेकिन आने वाले समय में इसे देश के अन्य क्षेत्रों तक भी विस्तार दिया जा सकता है। उनका उद्देश्य एक ऐसा मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क तैयार करना है, जिससे फिल्म निर्माताओं, सिनेमाघर संचालकों और दर्शकों सभी को अधिक लाभ मिल सके।
मीडिया और एविएशन कंटेंट कंपनी मैक्सपोजर लिमिटेड (Maxposure Limited) ने ब्रिटेन की टेक कंपनी Neutral Digital Limited में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है।
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Vikas Saxena
मीडिया और एविएशन कंटेंट कंपनी मैक्सपोजर लिमिटेड (Maxposure Limited) ने ब्रिटेन की टेक कंपनी Neutral Digital Limited में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है। कंपनी ने अतिरिक्त 3.8 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी खरीद ली है, जिसके बाद अब उसकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 96.2 फीसदी हो गई है। इस संबंध में कंपनी ने शेयर बाजार को जानकारी दी है।
कंपनी के मुताबिक, यह अतिरिक्त 3.8 फीसदी हिस्सेदारी करीब 76.52 लाख रुपये में खरीदी गई है। भुगतान नकद (कैश) में किया गया है।
Neutral Digital Limited यूनाइटेड किंगडम (यूके) की कंपनी है, जो खासतौर पर एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए डिजिटल और इमर्सिव (Immersive) प्लेटफॉर्म तैयार करती है। कंपनी CGI एनिमेशन, 3D विजुअल्स, केबिन एक्सप्लोरेशन टूल, यूजर एक्सपीरियंस (UX/UI) डिजाइन और इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट से जुड़े डिजिटल समाधान उपलब्ध कराती है।
मैक्सपोजर ने बताया कि यह अधिग्रहण उसकी वैश्विक विस्तार रणनीति का हिस्सा है। इसके जरिए कंपनी पश्चिमी यूरोप और उत्तरी अमेरिका में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है। साथ ही, Neutral Digital के अनुभव, तकनीकी विशेषज्ञता और मौजूदा ग्राहकों का लाभ भी कंपनी को मिलेगा।
कंपनी ने यह भी बताया कि Neutral Digital में 96.2 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण तीन चरणों में पूरा किया गया है, जिसमें ताजा चरण 16 जुलाई 2026 को पूरा हुआ। शेष 3.8 फीसदी हिस्सेदारी भी खरीदने की योजना है। तय शर्तों के पूरा होने पर दूसरे वित्तीय वर्ष के अंत तक कंपनी Neutral Digital की 100 फीसदी हिस्सेदारी अपने पास करने का लक्ष्य रखती है।
मैक्सपोजर के अनुसार, इस अधिग्रहण के लिए किसी सरकारी या नियामकीय मंजूरी की आवश्यकता नहीं है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी संबंधित पक्ष (Related Party) का लेनदेन नहीं है और लक्ष्य कंपनी में उसके प्रमोटर समूह की कोई हिस्सेदारी या हित नहीं है।
गौरतलब है कि Neutral Digital Limited की स्थापना 17 अप्रैल 2012 को हुई थी। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कारोबार 23.24 लाख पाउंड रहा, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में उसका टर्नओवर 22.57 लाख पाउंड और 2023-24 में 16.49 लाख पाउंड था। कंपनी का मुख्य परिचालन यूनाइटेड किंगडम से होता है।
रुब्बल दत्ता (Rubbal Datta) के पास सरकारी संबंध (Government Relations), मीडिया (Media) और स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग (Sports Broadcasting) के क्षेत्र में 26 वर्षों से अधिक का नेतृत्व अनुभव है।
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Samachar4media Bureau
मैंड्रेक टेक लैब्स (Mandrake Tech Labs) ने रुब्बल दत्ता (Rubbal Datta) को CEO-Designate नियुक्त करने की घोषणा की है। वह अगस्त 2026 में कंपनी से जुड़ेंगे और संगठन की विकास रणनीति, सरकारी संचार (Government Communications) तथा AI आधारित मीडिया समाधानों (AI-integrated Media Solutions) को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
रुब्बल दत्ता (Rubbal Datta) के पास सरकारी संबंध (Government Relations), मीडिया (Media) और स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग (Sports Broadcasting) के क्षेत्र में 26 वर्षों से अधिक का नेतृत्व अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने जियोस्टार (JioStar), पूर्व में डिज्नी स्टार (Disney Star), सहारा इंडिया टीवी नेटवर्क (Sahara India TV Network), मोसर बेयर (Moser Baer), यूरोकिड्स (EuroKids) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) जैसी संस्थाओं में वरिष्ठ पदों पर कार्य किया है। उन्हें भारत और दक्षिण एशिया के बाजारों में काम करने का व्यापक अनुभव भी है।
नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए मैंड्रेक टेक लैब्स (Mandrake Tech Labs) के बोर्ड ने कहा कि रुब्बल दत्ता का सरकारी संबंधों, जनसंपर्क (Public Advocacy) और विभिन्न हितधारकों के साथ जुड़ाव का अनुभव कंपनी की भविष्य की रणनीति से पूरी तरह मेल खाता है। बोर्ड ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में कंपनी अपनी बाजार स्थिति को और मजबूत करेगी तथा AI-इंटीग्रेटेड मीडिया सॉल्यूशंस और सार्वजनिक क्षेत्र (Public Sector) से जुड़े कार्यों का विस्तार करेगी।
रुब्बल दत्ता (Rubbal Datta) ने अपनी नई भूमिका को लेकर कहा कि उनका लक्ष्य मैंड्रेक की सरकारी संचार क्षेत्र में मौजूदा विशेषज्ञता को और मजबूत करना है। इसके साथ ही वह अभियानों की योजना और संचालन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI) का व्यापक उपयोग बढ़ाने पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता कंपनी को नए कारोबार क्षेत्रों में ले जाना और मौजूदा व्यवसाय को बड़े स्तर पर विस्तार देना होगी।
20 वर्षों से अधिक समय से कंपनी से जुड़ी हिमानी इससे पहले Editor, Global News Desk/Specialist Editor, Asia Desk की जिम्मेदारी संभाल रही थीं।
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Samachar4media Bureau
थॉमसन रॉयटर्स (Thomson Reuters) ने हिमानी सरकार (Himani Sarkar) को पदोन्नत करते हुए जनरल मैनेजर, एशिया (General Manager, Asia) नियुक्त किया है। उनके लिंक्डइन (LinkedIn) प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने जुलाई 2026 में अपनी नई जिम्मेदारी संभाली है।
हिमानी सरकार (Himani Sarkar) पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से थॉमसन रॉयटर्स (Thomson Reuters) से जुड़ी हुई हैं। इस दौरान उन्होंने संगठन में कई महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाएं निभाई हैं और वैश्विक समाचार संचालन में अहम योगदान दिया है।
नई जिम्मेदारी से पहले वह एडिटर, ग्लोबल न्यूज डेस्क/स्पेशलिस्ट एडिटर, एशिया डेस्क (Editor, Global News Desk/Specialist Editor, Asia Desk) के पद पर कार्यरत थीं। लंबे अनुभव और संपादकीय नेतृत्व के आधार पर अब उन्हें एशिया क्षेत्र की व्यापक जिम्मेदारी सौंपी गई है।
हिमानी सरकार (Himani Sarkar) की पदोन्नति पर उनके पति और ओम्निकॉम पब्लिक रिलेशंस (Omnicom Public Relations) में हेड ऑफ क्रिएटिव, एशिया पैसिफिक (Head of Creative, Asia Pacific) शौविक प्रसन्न मुखर्जी (Shouvik Prasanna Mukherjee) ने लिंक्डइन पर भावुक संदेश साझा किया।
उन्होंने लिखा, "यह मेरे जीवन का सबसे गर्व का क्षण है। कॉलेज के दिनों में जब मैं उनसे मिला था, तब वह कमरे की सबसे प्रतिभाशाली छात्रा थीं। उनकी तेज बुद्धि और प्रगतिशील सोच ने दुनिया को देखने का मेरा नजरिया बदल दिया। उन्हें जानना मेरे लिए किसी सॉफ्टवेयर अपडेट जैसा था, जिसने मुझे बेहतर इंसान बनाया।"
उन्होंने आगे लिखा कि हिमानी की महत्वाकांक्षा बेहद मजबूत है, जबकि उनकी संवेदनशीलता और विनम्रता स्वाभाविक है। यही दोनों गुण उन्हें हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणास्रोत बनाते हैं, जो उनके संपर्क में आता है।
करीब तीन दशक तक पत्रकारिता, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस और पब्लिक अफेयर्स में काम करने के बाद मृणाल डे (Mrinall Dey) ने ''Brevanta Communications'' की शुरुआत की है।
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Samachar4media Bureau
कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस और पब्लिक अफेयर्स के अनुभवी पेशेवर मृणाल डे (Mrinall Dey) ने उद्यमिता की नई शुरुआत करते हुए Brevanta Communications लॉन्च किया है। लगभग तीन दशक तक पत्रकारिता, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस, पब्लिक अफेयर्स और एजेंसी नेतृत्व में कार्य करने के बाद उन्होंने अपनी स्वतंत्र रणनीतिक कम्युनिकेशंस कंसल्टेंसी की शुरुआत की है।
मृणाल डे (Mrinall Dey) के पास पत्रकारिता, कॉर्पोरेट अफेयर्स (Corporate Affairs), संकट प्रबंधन (Crisis Management), आईपीओ कम्युनिकेशंस (IPO Communications), पॉलिसी एडवोकेसी (Policy Advocacy) और ब्रांड स्टोरीटेलिंग (Brand Storytelling) सहित विभिन्न क्षेत्रों में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
अप्रैल 2025 में मोबिक्विक (MobiKwik) में वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड – पीआर एंड कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस (Vice President & Head – PR & Corporate Communications) के पद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कुछ समय का पेशेवर अवकाश लिया। इसी दौरान उन्होंने एक स्वतंत्र कम्युनिकेशंस एडवाइजरी स्थापित करने की योजना पर काम किया।
Brevanta Communications की सह-स्थापना उन्होंने सुमन नाथ (Suman Nath) के साथ की है। यह कंसल्टेंसी संस्थापकों (Founders), मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CXOs), निदेशक मंडलों (Boards) और मुख्य संचार अधिकारियों (Chief Communications Officers) को वरिष्ठ स्तर की रणनीतिक कम्युनिकेशंस सलाह और परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने पर केंद्रित रहेगी।
मृणाल डे (Mrinall Dey) की यह नई पहल उनके लंबे अनुभव को स्वतंत्र सलाहकारी मॉडल के साथ जोड़ते हुए कॉर्पोरेट और स्टार्टअप जगत के नेतृत्वकर्ताओं को रणनीतिक संचार, प्रतिष्ठा प्रबंधन और ब्रांड निर्माण में सहयोग प्रदान करेगी।
उल्का के चेयरमैन नितिन करकरे ने एजेंसी के साथ अपने 40 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उनका सफर भारतीय विज्ञापन उद्योग में समर्पण, नेतृत्व और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की दुर्लभ मिसाल माना जा रहा है।
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Samachar4media Bureau
भारतीय विज्ञापन जगत में लंबे समय तक एक ही संस्था के साथ काम करना बेहद दुर्लभ माना जाता है। ऐसे में नितिन करकरे ने एक अनूठा रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने 16 जुलाई 2026 को उल्का (Ulka) एजेंसी के साथ अपने 40 वर्ष पूरे कर लिए।
वर्ष 1986 में उन्होंने बिट्स पिलानी से प्रबंधन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उल्का में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती तीन वर्षों के बाद वे कुछ समय के लिए एवेरेस्ट एडवरटाइजिंग (Everest Advertising) से जुड़े, जहां उन्होंने प्रॉक्टर एंड गैंबल (Procter & Gamble) जैसे बड़े क्लाइंट्स के साथ काम किया। वर्ष 1993 में उनकी उल्का में वापसी हुई और इसके बाद उनका पूरा पेशेवर सफर इसी एजेंसी के साथ जुड़ा रहा।
चार दशकों के दौरान नितिन करकरे ने अमूल (Amul), टाटा मोटर्स (Tata Motors), ज़ी (Zee), आईटीसी (ITC), विप्रो (Wipro) और ज़ोडिएक (Zodiac) जैसे कई प्रतिष्ठित ब्रांड्स के साथ काम किया। खासतौर पर अमूल के लिए तैयार किए गए "द टेस्ट ऑफ इंडिया", "मंथन", "दूध दूध" और "अमूल दूध पीता है इंडिया" जैसे अभियानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
करकरे ने अपनी मेहनत और नेतृत्व क्षमता के दम पर संगठन में लगातार प्रगति की। वे एफसीबी उल्का (FCB Ulka) के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) बने, फिर 2016 में एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए गए। बाद में एफसीबी समूह इंडिया के पुनर्गठन के दौरान उन्हें और बड़ी जिम्मेदारियां मिलीं।
ओम्नीकॉम (Omnicom) और आईपीजी (IPG) के वैश्विक विलय के बाद एफसीबी ब्रांड को वैश्विक स्तर पर समाप्त कर दिया गया और उल्का फिर अपने मूल नाम से काम करने लगी। इसी बदलाव के तहत नितिन करकरे को उल्का का चेयरमैन और ओम्नीकॉम एडवरटाइजिंग इंडिया का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया गया।
सहकर्मी उन्हें शांत, भरोसेमंद और दीर्घकालिक रिश्ते बनाने वाले नेता के रूप में जानते हैं। ट्रेनी से चेयरमैन तक का उनका 40 वर्षों का सफर भारतीय विज्ञापन उद्योग में समर्पण, निरंतरता और नेतृत्व का एक दुर्लभ उदाहरण माना जा रहा है।
हाइब्रिड (Hybrid) ने अपनी क्षेत्रीय नेतृत्व टीम को मजबूत करते हुए केतन देवरंकर (Ketan Deorankar) को Director – Growth, INSEA नियुक्त किया है।
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डिजिटल विज्ञापन और मार्केटिंग कंपनी हाइब्रिड (Hybrid) ने केतन देवरंकर (Ketan Deorankar) को डायरेक्टर – ग्रोथ, INSEA (Director – Growth, INSEA) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया (India & Southeast Asia) में कंपनी की क्षेत्रीय नेतृत्व टीम को और मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है।
केतन देवरंकर (Ketan Deorankar) के पास परफॉर्मेंस मार्केटिंग (Performance Marketing), मीडिया प्लानिंग (Media Planning) और बड़े पैमाने पर मार्केटिंग अभियानों के संचालन का 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने बीएमडब्ल्यू इंडिया (BMW India) के लिए डिजिटल, प्रिंट, आउट-ऑफ-होम (OOH) और ब्रांड पार्टनरशिप्स से जुड़े मीडिया प्लानिंग और बाइंग का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने रॉयल एनफील्ड (Royal Enfield) के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ग्लोबल पेड मीडिया (Global Paid Media) रणनीति भी संभाली है।
इससे पहले वह एजेंसी और ब्रांड, दोनों स्तरों पर बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं (BFSI), एफएमसीजी (FMCG), हॉस्पिटैलिटी (Hospitality), ट्रैवल (Travel) और बी2बी (B2B) क्षेत्रों के साथ काम कर चुके हैं। उन्होंने आईपीजी मीडिया ब्रांड्स (IPG Media Brands) और ओगिल्वी (Ogilvy) जैसी कंपनियों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।
नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए हाइब्रिड INSEA (Hybrid INSEA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक (CEO & Managing Director) श्रेयस साठे (Shreyas Sathe) ने कहा, "परफॉर्मेंस मार्केटिंग और एनालिटिक्स की गहरी समझ रखने वाली प्रतिभाएं मिलना आसान नहीं है और केतन दोनों क्षेत्रों में मजबूत अनुभव लेकर आए हैं।
भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में हमारे विस्तार के दौरान उनका ब्रांड और एजेंसी, दोनों पक्षों का अनुभव हमारे ग्राहकों को बेहतर समाधान देने में मदद करेगा। हमें उन्हें अपनी टीम में शामिल कर खुशी है।"
कंपनी के अनुसार, मजबूत क्षेत्रीय नेतृत्व टीम और दीर्घकालिक रणनीति के साथ हाइब्रिड (Hybrid) भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में अपने अगले विकास चरण के दौरान ग्राहकों और एजेंसी पार्टनर्स को बेहतर परिणाम देने पर फोकस बनाए रखेगा।
हवास मीडिया नेटवर्क (Havas Media Network India) ने अपने नेतृत्व दल को मजबूत करते हुए स्पर्श गांगुली (Sparsh Ganguli) को हेड ऑफ ट्रेडिंग (Head of Trading) नियुक्त किया है
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हवास मीडिया नेटवर्क (Havas Media Network India) ने अपने नेतृत्व दल को मजबूत करते हुए स्पर्श गांगुली (Sparsh Ganguli) को ट्रेडिंग का हेड (Head of Trading) नियुक्त किया है। वह मुंबई से काम करेंगे और सीधे कंपनी के सीईओ मोहित जोशी को रिपोर्ट करेंगे। स्पर्श पूरे भारत में Havas Media Network India के ट्रेडिंग ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभालेंगे।
कंपनी ने बताया कि अपनी नई भूमिका में स्पर्श गांगुली का मुख्य फोकस रणनीतिक मीडिया साझेदारियों (Strategic Media Partnerships) को मजबूत करने और ट्रेडिंग क्षमताओं को बेहतर बनाकर कंपनी के व्यावसायिक प्रदर्शन (Commercial Excellence) को नई ऊंचाई तक ले जाने पर रहेगा।
स्पर्श गांगुली के पास मीडिया, ऐडवर्टाइजिंग व एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। Havas से जुड़ने से पहले वह Astus Group में कंट्री हेड- इंडिया के पद पर कार्यरत थे।
इससे पहले उन्होंने Matrix Publicities and Media India Pvt. Ltd. (WPP Group) में 12 साल से ज्यादा समय तक बिजनेस हेड के रूप में काम किया और कंपनी के कारोबार को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अपने करियर के दौरान स्पर्श GroupM ESP, Sahara One Media & Entertainment, Sony Entertainment Television और Star TV जैसी प्रमुख कंपनियों में भी नेतृत्व की जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उन्हें मीडिया ट्रेडिंग, मीडिया बाइंग, मीडिया सेल्स, डिजिटल रणनीति, रणनीतिक साझेदारियों और बिजनेस मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है।
इस नियुक्ति पर Havas Media Network India के सीईओ मोहित जोशी ने कहा कि स्पर्श गांगुली का कंपनी में स्वागत करते हुए उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि मीडिया ट्रेडिंग, रणनीतिक साझेदारियों और बिजनेस लीडरशिप में उनका लंबा अनुभव कंपनी की लीडरशिप टीम को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि Havas Media Network India अपने ग्राहकों के लिए इंटीग्रेटेड सेवाओं को लगातार मजबूत कर रहा है। ऐसे में स्पर्श की विशेषज्ञता मजबूत मीडिया साझेदारियां बनाने, बेहतर व्यावसायिक प्रदर्शन हासिल करने और कंपनी की विकास यात्रा को तेज करने में अहम भूमिका निभाएगी।
वहीं, अपनी नई जिम्मेदारी पर स्पर्श गांगुली ने कहा कि Havas Media Network India ऐसे समय में जॉइन करके वह काफी उत्साहित हैं, जब कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि Havas ने अपनी इंटीग्रेटेड कार्यशैली, उद्यमशील संस्कृति और ग्राहकों के लिए बेहतर कारोबारी परिणाम देने की प्रतिबद्धता के कारण उद्योग में मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने भरोसा जताया कि वह कंपनी की टीमों के साथ मिलकर मीडिया इकोसिस्टम में साझेदारियों को और मजबूत करेंगे तथा ग्राहकों और अन्य हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने की दिशा में काम करेंगे।
नवीन कुंडू ने दुबई स्थित VOYAGE 1 में बहुमत हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। इसके साथ ही कंपनी का एकीकरण उनके डेस्टिनेशन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म Tourism Futures.AI के साथ किया जाएगा।
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ट्रैवल इंडस्ट्री के अनुभवी पेशेवर नवीन कुंडू (Naveen Kundu) ने दुबई (Dubai) स्थित ट्रैवल मैनेजमेंट कंपनी वॉयेज 1 (VOYAGE 1) में बहुमत हिस्सेदारी (Majority Stake) का अधिग्रहण कर लिया है। इस सौदे के तहत वॉयेज 1 (VOYAGE 1) का एकीकरण उनके डेस्टिनेशन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म टूरिज्म फ्यूचर्स.एआई (Tourism Futures.AI) के साथ किया जाएगा।
नई स्वामित्व संरचना (Ownership Structure) के तहत नवीन कुंडू (Naveen Kundu) कंपनी के चेयरमैन (Chairman of the Board) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer-CEO) के रूप में एकीकृत कारोबार का नेतृत्व करेंगे। इस दौरान वह कंपनी की संस्थापक टीम के साथ मिलकर काम करेंगे।
वॉयेज 1 (VOYAGE 1) की स्थापना विशाल धनसिंघानी (Vishal Dhansinghani) और अमित कुमार (Amit Kumar) ने की थी। कंपनी ने डेस्टिनेशन मैनेजमेंट (Destination Management) और वैश्विक यात्रा सेवाओं के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है।
इस एकीकरण पर नवीन कुंडू (Naveen Kundu) ने कहा, "डेस्टिनेशन मैनेजमेंट की पारंपरिक संरचना अब बड़े बदलाव के लिए तैयार है। लविन (Lavin), अमित (Amit) और विशाल (Vishal) द्वारा विकसित मजबूत परिचालन नेटवर्क को Tourism Futures.AI की इंटेलिजेंट ऑटोमेशन (Intelligent Automation) क्षमताओं के साथ जोड़कर हम दुनिया का पहला वास्तविक स्मार्ट डेस्टिनेशन मैनेजमेंट कंपनी (Smart DMC) नेटवर्क बना रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि वॉयेज 1 (VOYAGE 1) केवल यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि डेटा आधारित इंटेलिजेंस (Data-driven Intelligence) के जरिए बाजार की मांग का पूर्वानुमान लगाएगा, अपने बी2बी (B2B) डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स को ग्राहक अधिग्रहण (Customer Acquisition) बढ़ाने में मदद करेगा और विभिन्न महाद्वीपों में बेहतर यात्रा अनुभव उपलब्ध कराएगा।
इस अधिग्रहण को ट्रैवल टेक्नोलॉजी (Travel Technology) और डेस्टिनेशन मार्केटिंग (Destination Marketing) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence-AI) आधारित समाधान वैश्विक यात्रा उद्योग को नई दिशा देने की ओर बढ़ रहे हैं।