मैक्सपोजर की विदेशी कंपनी Neutral Digital पर पकड़ मजबूत, 96.2% हिस्सेदारी हासिल

मीडिया और एविएशन कंटेंट कंपनी मैक्सपोजर लिमिटेड (Maxposure Limited) ने ब्रिटेन की टेक कंपनी Neutral Digital Limited में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है।

Vikas Saxena by
Published - Friday, 17 July, 2026
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Friday, 17 July, 2026
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मीडिया और एविएशन कंटेंट कंपनी मैक्सपोजर लिमिटेड (Maxposure Limited) ने ब्रिटेन की टेक कंपनी Neutral Digital Limited में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है। कंपनी ने अतिरिक्त 3.8 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी खरीद ली है, जिसके बाद अब उसकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 96.2 फीसदी हो गई है। इस संबंध में कंपनी ने शेयर बाजार को जानकारी दी है।

कंपनी के मुताबिक, यह अतिरिक्त 3.8 फीसदी हिस्सेदारी करीब 76.52 लाख रुपये में खरीदी गई है। भुगतान नकद (कैश) में किया गया है।

Neutral Digital Limited यूनाइटेड किंगडम (यूके) की कंपनी है, जो खासतौर पर एयरलाइन इंडस्ट्री के लिए डिजिटल और इमर्सिव (Immersive) प्लेटफॉर्म तैयार करती है। कंपनी CGI एनिमेशन, 3D विजुअल्स, केबिन एक्सप्लोरेशन टूल, यूजर एक्सपीरियंस (UX/UI) डिजाइन और इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट से जुड़े डिजिटल समाधान उपलब्ध कराती है।

मैक्सपोजर ने बताया कि यह अधिग्रहण उसकी वैश्विक विस्तार रणनीति का हिस्सा है। इसके जरिए कंपनी पश्चिमी यूरोप और उत्तरी अमेरिका में अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है। साथ ही, Neutral Digital के अनुभव, तकनीकी विशेषज्ञता और मौजूदा ग्राहकों का लाभ भी कंपनी को मिलेगा।

कंपनी ने यह भी बताया कि Neutral Digital में 96.2 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण तीन चरणों में पूरा किया गया है, जिसमें ताजा चरण 16 जुलाई 2026 को पूरा हुआ। शेष 3.8 फीसदी हिस्सेदारी भी खरीदने की योजना है। तय शर्तों के पूरा होने पर दूसरे वित्तीय वर्ष के अंत तक कंपनी Neutral Digital की 100 फीसदी हिस्सेदारी अपने पास करने का लक्ष्य रखती है।

मैक्सपोजर के अनुसार, इस अधिग्रहण के लिए किसी सरकारी या नियामकीय मंजूरी की आवश्यकता नहीं है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह किसी संबंधित पक्ष (Related Party) का लेनदेन नहीं है और लक्ष्य कंपनी में उसके प्रमोटर समूह की कोई हिस्सेदारी या हित नहीं है।

गौरतलब है कि Neutral Digital Limited की स्थापना 17 अप्रैल 2012 को हुई थी। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का कारोबार 23.24 लाख पाउंड रहा, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में उसका टर्नओवर 22.57 लाख पाउंड और 2023-24 में 16.49 लाख पाउंड था। कंपनी का मुख्य परिचालन यूनाइटेड किंगडम से होता है।

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गिरीश बालचंद्रन बने 'द प्रैक्टिस ग्रुप' के ग्रुप सीईओ

गिरीश बालचंद्रन को The PRactice Group का Group CEO नियुक्त किया गया है। ग्रुप के तहत The PRactice और ON PURPOSE दोनों कम्युनिकेशन कंसल्टेंसी शामिल हैं।

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Published - Tuesday, 01 September, 2026
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Tuesday, 01 September, 2026
The PRactice Group

गिरीश बालचंद्रन (Girish Balachandran) को द प्रैक्टिस ग्रुप (The PRactice Group) का Group CEO नियुक्त किया गया है। नई ग्रुप संरचना के तहत द प्रैक्टिस (The PRactice) और ऑन पर्पज (ON PURPOSE) को एक साथ लाया गया है।

बालचंद्रन ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की। वह ON PURPOSE के मैनेजिंग डायरेक्टर की भूमिका भी निभाते रहेंगे। इस कम्युनिकेशन कंसल्टेंसी की शुरुआत उन्होंने करीब नौ साल पहले की थी।

The PRactice की स्थापना नंदिता लक्ष्मणन (Nandita Lakshmanan) ने 26 साल पहले की थी। वह नई ग्रुप संरचना में Founding Partner के तौर पर जुड़ी रहेंगी। वहीं जकरिया जेम्स (Zacharia James) और ऋषि सेठ (Rishi Seth) ग्रुप में Managing Partners की भूमिका निभाएंगे।

दो दशकों से ज्यादा का अनुभव-

गिरीश बालचंद्रन के पास पब्लिक रिलेशंस और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने अलग-अलग कम्युनिकेशन और पब्लिक रिलेशंस संगठनों में वरिष्ठ भूमिकाएं निभाई हैं।

ON PURPOSE शुरू करने से पहले वह एवियन मीडिया (Avian Media), वैगनर एडस्ट्रॉम (Waggener Edstrom) और केचम पब्लिक रिलेशंस (Ketchum Public Relations) समेत कई संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं।

The PRactice Group के Group CEO के रूप में बालचंद्रन अब दोनों कम्युनिकेशन कंपनियों को एक साझा ग्रुप स्ट्रक्चर के तहत आगे बढ़ाने में नेतृत्व करेंगे। नई व्यवस्था का उद्देश्य दोनों संगठनों की विशेषज्ञता और अनुभव को एक साथ लाकर कम्युनिकेशन कंसल्टिंग के क्षेत्र में ग्रुप की मौजूदगी को मजबूत करना है।

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राखी से गिफ्ट तक : बिगबास्केट पर रक्षाबंधन की खरीदारी में उछाल

हालांकि, जल्दी खरीदारी शुरू होने के बावजूद आखिरी समय की खरीदारी का चलन बरकरार रहा। बिगबास्केट के करीब आधे राखी और गिफ्टिंग ऑर्डर त्योहार से पहले के अंतिम 48 घंटों में डिलीवर हुए।

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Published - Saturday, 29 August, 2026
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Saturday, 29 August, 2026
bigbasket

रक्षाबंधन अब सिर्फ राखी बांधने और मिठाई खिलाने तक सीमित नहीं रह गया है। टाटा (Tata) के स्वामित्व वाले क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म बिगबास्केट (bigbasket) के आंकड़े बताते हैं कि इस बार त्योहार की खरीदारी का दायरा काफी बढ़ा है।

कंपनी के मुताबिक, रक्षाबंधन से करीब एक महीने पहले ही ग्राहकों ने खरीदारी शुरू कर दी थी। इस दौरान राखी, मिठाई और चॉकलेट समेत गिफ्टिंग से जुड़े सामान की बिक्री पिछले साल के मुकाबले 156 फीसदी बढ़ी। इस अवधि में पांच लाख से ज्यादा राखी और गिफ्टिंग आइटम डिलीवर किए गए।

आंकड़ों के मुताबिक मिठाइयों की बिक्री दोगुने से ज्यादा रही, जबकि चॉकलेट की बिक्री में 148 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। क्यूरेटेड गिफ्टिंग सेट की बिक्री भी करीब तीन गुना पहुंच गई। इससे संकेत मिलता है कि ग्राहक अब रक्षाबंधन के लिए सिर्फ राखी नहीं, बल्कि कई तरह के सामान एक साथ खरीद रहे हैं।

हालांकि, जल्दी खरीदारी शुरू होने के बावजूद आखिरी समय की खरीदारी का चलन बरकरार रहा। बिगबास्केट के करीब आधे राखी और गिफ्टिंग ऑर्डर त्योहार से पहले के अंतिम 48 घंटों में डिलीवर हुए।

कंपनी ने बताया कि इस सीजन में बेची गई राखियों को अगर एक-दूसरे के ऊपर रखा जाए तो उनकी कुल ऊंचाई माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई से करीब नौ गुना हो सकती है। वहीं, राखी और गिफ्टिंग की आधी से ज्यादा यूनिट्स बिगबास्केट के निजी ब्रांड दैव्या स्पर्श (Daivya Sparsh) से आईं।

रक्षाबंधन की खरीदारी में ब्यूटी और पर्सनल केयर, परफ्यूम, इलेक्ट्रॉनिक्स और जनरल मर्चेंडाइज की मांग भी बढ़ी। स्मार्टवॉच और ऑडियो एक्सेसरीज जैसे प्रोडक्ट भी गिफ्टिंग के विकल्प के तौर पर उभरे।

बिगबास्केट के चीफ बाइंग एंड मर्चेंडाइजिंग ऑफिसर विशाल दास (Vishal Das) के मुताबिक, रक्षाबंधन अब पहले के मुकाबले ज्यादा व्यापक अवसर बन रहा है। कंपनी का मानना है कि यह ट्रेंड आने वाले त्योहारी सीजन में भी जारी रह सकता है।

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‘Integrace Health’ में तान्या जुल्का की एंट्री, बनीं वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग)

हेल्थकेयर और फार्मा क्षेत्र की कंपनी इंटीग्रेस हेल्थ (Integrace Health) ने तान्या जुल्का को वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) के पद पर नियुक्त किया है।

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Published - Friday, 28 August, 2026
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Friday, 28 August, 2026
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हेल्थकेयर और फार्मा क्षेत्र की कंपनी इंटीग्रेस हेल्थ (Integrace Health) ने तान्या जुल्का को वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) के पद पर नियुक्त किया है।

तान्या जुल्का ने भी लिंक्डइन पोस्ट के माध्यम से अपनी नई जिम्मेदारी की जानकारी साझा की। अपनी पोस्ट में तान्या ने कहा कि वह हमेशा इस बात में विश्वास रखती हैं कि जुनून ही प्रभाव पैदा करता है। व्यक्तिगत लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक छोटे से ब्रेक के बाद वह वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) के रूप में अपने नए अध्याय की शुरुआत को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य फार्मा क्षेत्र में एक अग्रणी हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म के निर्माण, मजबूत और सार्थक ब्रैंड विकसित करने तथा मरीजों के लिए अधिक प्रभाव पैदा करने में योगदान देना है।

उन्होंने कहा कि वह सीखने, निर्माण करने और टीम के साथ मिलकर सकारात्मक बदलाव लाने के लिए उत्सुक हैं। वहीं, इंटीग्रेस हेल्थ के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) रेहान ए. खान ने अपने लिंक्डइन संदेश में कहा कि कंपनी को तान्या जुल्का का वाइस प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) के रूप में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है।

तान्या जुल्का के पास रोश और एबॉट जैसी कंपनियों में एक दशक से अधिक का नेतृत्व अनुभव है। इंटीग्रेस हेल्थ से जुड़ने से पहले वह रोश डायग्नोस्टिक्स इंडिया एवं नेबरिंग मार्केट्स में हेड मार्केटिंग (डायरेक्टर मार्केटिंग) के पद पर कार्यरत थीं। रोश डायग्नोस्टिक्स की नेतृत्व टीम का हिस्सा रहते हुए उन्होंने मार्केटिंग फंक्शन की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

वर्ष 2015 में फार्मा क्षेत्र से जुड़ने से पहले तान्या जुल्का कंसल्टिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में भी काम कर चुकी हैं। अब वह इंटीग्रेस हेल्थ में मार्केटिंग स्ट्रैटेजी और ब्रैंड निर्माण से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगी।

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जियोस्टार से जुड़े द्विजेंद्र पाराशर, स्पोर्ट्स में मार्केटिंग की संभालेंगे जिम्मेदारी

जियोस्टार (JioStar) से द्विजेंद्र पाराशर के जुड़ने की खबर है, जिन्होंने स्पोर्ट्स में मार्केटिंग के सीनियर डायरेक्टर की नई जिम्मेदारी संभाली है।

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Published - Friday, 28 August, 2026
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Friday, 28 August, 2026
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जियोस्टार (JioStar) से द्विजेंद्र पाराशर के जुड़ने की खबर है, जिन्होंने स्पोर्ट्स में मार्केटिंग के सीनियर डायरेक्टर की नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने खुद LinkedIn पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की।

अपनी नई भूमिका को लेकर द्विजेंद्र पाराशर ने लिखा, “लगता है कि आप एक इंसान को क्रिकेट से दूर तो कर सकते हैं, लेकिन क्रिकेट को उस इंसान से दूर नहीं कर सकते। यह बताते हुए बेहद खुशी हो रही है कि मैंने JioStar में Senior Director - Marketing, Sports के तौर पर नई भूमिका शुरू की है।”

JioStar से जुड़ने से पहले द्विजेंद्र पाराशर Tata Consumer Products के साथ काम कर रहे थे। इससे पहले वह करीब दो साल तक Rajasthan Royals में Head of Marketing के पद पर रहे।

पाराशर के पास मार्केटिंग और ब्रैंडिंग के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने The Walt Disney Company, Pidilite Industries और Samsung Electronics जैसी कंपनियों के साथ भी काम किया है।

Rajasthan Royals में अपनी भूमिका के दौरान उन्होंने टीम की मार्केटिंग और ब्रैंड से जुड़े कामकाज को संभाला। अब JioStar में उनकी नई जिम्मेदारी स्पोर्ट्स मार्केटिंग से जुड़ी होगी। JioStar के पास भारत में क्रिकेट समेत कई प्रमुख खेल आयोजनों से जुड़े बड़े मीडिया अधिकार हैं।

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अर्बन कंपनी ने केंट आरओ के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया

अर्बन कंपनी ने अपने Native वॉटर प्यूरिफायर को लेकर कथित भ्रामक विज्ञापन अभियान पर केंट आरओ सिस्टम्स के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में मामला दायर किया है।

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Published - Monday, 24 August, 2026
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Monday, 24 August, 2026
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अर्बन कंपनी (Urban Company) ने वॉटर प्यूरिफायर ब्रांड केंट आरओ सिस्टम्स (Kent RO Systems) के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। कंपनी ने आरोप लगाया है कि केंट आरओ की एक विज्ञापन मुहिम में उसके Native वॉटर प्यूरिफायर को लेकर कथित तौर पर झूठे और भ्रामक दावे किए गए।

मीडिया रिपोर्ट्स और अर्बन कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी ने 11 अगस्त को केंट आरओ के खिलाफ मानहानि और प्रोडक्ट डिस्पैराजमेंट का मुकदमा दायर किया। विवाद के केंद्र में Native रेंज के दो साल तक चलने वाले फिल्टर और दो साल तक सर्विसिंग की जरूरत नहीं होने से जुड़ा दावा है।

अर्बन कंपनी के Native M0, M1, M2, M1 Pro और M2 Pro मॉडल इस विवाद में शामिल हैं। कंपनी का आरोप है कि केंट की विज्ञापन और सोशल मीडिया कैंपेन में उसके दो साल के फिल्टर और नो-सर्विसिंग फीचर को कथित तौर पर ‘मार्केटिंग गिमिक’ बताया गया और Native प्यूरिफायर के इस्तेमाल को उपभोक्ताओं के लिए असुरक्षित और जोखिम भरा बताया गया।

मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट में 12 अगस्त को सुनवाई हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनवाई के बाद केंट आरओ ने विवादित विज्ञापनों और सोशल मीडिया कंटेंट को हटाने पर सहमति जताई। कंपनी ने यह भी आश्वासन दिया कि वह आगे ऐसे समान प्रचार नहीं करेगी, जिसमें दो साल के फिल्टर या नो-सर्विसिंग फीचर वाले वॉटर प्यूरिफायर को लेकर अर्बन कंपनी के उत्पादों को निशाना बनाया जाए।

केंट को 12 अगस्त से 15 दिनों के भीतर संबंधित विज्ञापन और सोशल मीडिया कंटेंट हटाने को कहा गया है। अर्बन कंपनी के अनुसार, अदालत का आदेश 12 अगस्त को पारित हुआ था, जबकि इसे दिल्ली हाईकोर्ट की वेबसाइट पर 22 अगस्त को अपलोड किया गया।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बाजार में कंपनियां उत्पाद की कीमत और प्रदर्शन के साथ-साथ फिल्टर बदलने, मेंटेनेंस और लंबे समय की लागत जैसे पहलुओं पर भी मुकाबला कर रही हैं।

दोनों कंपनियों के बीच इससे अलग भी कानूनी विवाद चल रहा है। केंट आरओ ने अर्बन कंपनी के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन का मामला दायर किया है, जबकि अर्बन कंपनी ने केंट के पेटेंट को चुनौती देते हुए काउंटरक्लेम और टॉर्टियस इंटरफेरेंस से जुड़ा अलग मुकदमा भी दायर किया है। कंपनी की फाइलिंग के अनुसार, ये मामले अभी अदालत में विचाराधीन हैं।

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असद खान बने डेंट्सू में हेड ऑफ एक्सपीरियंस

असद खान ने डेंट्सू में हेड ऑफ एक्सपीरियंस का पद संभाला है। इससे पहले वह सिंगापुर स्थित डिजिटल मार्केटिंग फर्म First Page में डिजिटल डायरेक्टर थे।

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Published - Saturday, 22 August, 2026
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Saturday, 22 August, 2026
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डिजिटल मार्केटिंग और क्लाइंट लीडरशिप के क्षेत्र में करीब 15 साल का अनुभव रखने वाले असद खान (Asad Khan) ने डेंट्सू (dentsu) में हेड ऑफ एक्सपीरियंस के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है।

डेंट्सू से पहले खान सिंगापुर स्थित डिजिटल मार्केटिंग कंपनी फर्स्ट पेज (First Page) में डिजिटल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे। वहां उन्होंने एपीएसी क्षेत्र में इंटीग्रेटेड डिजिटल स्ट्रैटेजी और एंटरप्राइज क्लाइंट ग्रोथ का नेतृत्व किया। उनकी जिम्मेदारियों में प्रमुख क्षेत्रीय अकाउंट्स, कमर्शियल परफॉर्मेंस और अलग-अलग टीमों के बीच डिलीवरी को संभालना शामिल था।

फर्स्ट पेज से पहले खान करीब चार साल तक आईप्रॉस्पेक्ट (iProspect) से जुड़े रहे। इससे पहले उन्होंने परफॉर्मिक्स इंडिया (Performics India) में करीब आठ साल तक काम किया।

अपने करियर के दौरान खान ने इंटीग्रेटेड डिजिटल स्ट्रैटेजी, सर्च और क्लाइंट लीडरशिप के अलग-अलग पहलुओं में काम किया है। उनका अनुभव खास तौर पर डिजिटल ग्रोथ, क्लाइंट पार्टनरशिप और रणनीतिक नेतृत्व से जुड़ा रहा है।

डेंट्सू में नई भूमिका के तहत खान एक्सपीरियंस से जुड़े कार्यों का नेतृत्व करेंगे और उनके पिछले अनुभव को देखते हुए डिजिटल रणनीति, क्लाइंट ग्रोथ और इंटीग्रेटेड मार्केटिंग में उनकी विशेषज्ञता कंपनी के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

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रिआ जुमानी और मेहक सिंघी ने लॉन्च की Echo Collective

Echo Collective का मॉडल इस सोच पर आधारित है कि ब्रांड की कहानी अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बंटी हुई नहीं, बल्कि एक स्पष्ट और एकीकृत रूप में सामने आनी चाहिए।

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Published - Friday, 21 August, 2026
Last Modified:
Friday, 21 August, 2026
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करीब एक दशक की दोस्ती और इंडस्ट्री के अनुभव के बाद रिआ जुमानी (Rheaa Jumaani) और मेहक सिंघी (Mehek Singghi) ने Echo Collective नाम से नई कम्युनिकेशन कंपनी शुरू की है। कंपनी का उद्देश्य ब्रांड्स के लिए PR, सोशल, डिजिटल, क्रिएटर और पार्टनरशिप को अलग-अलग माध्यमों के बजाय एक साझा रणनीति के तहत जोड़ना है।

Echo Collective का मॉडल इस सोच पर आधारित है कि ब्रांड की कहानी अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बंटी हुई नहीं, बल्कि एक स्पष्ट और एकीकृत रूप में सामने आनी चाहिए। कंपनी स्ट्रैटेजी और एग्जीक्यूशन को साथ लेकर चलने के साथ रिलेशनशिप और लॉन्ग-टर्म ब्रांड बिल्डिंग पर भी जोर देगी।

दोनों फाउंडर्स के पास एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल, फैशन, हॉस्पिटैलिटी, स्पोर्ट्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम करने का अनुभव है। कंपनी फिलहाल PR, सोशल और डिजिटल सेवाओं पर काम कर रही है, जबकि इसके व्यापक मॉडल में क्रिएटर्स, पार्टनरशिप और कल्चर-लेड स्टोरीटेलिंग भी शामिल हैं।

रिआ जुमानी और मेहक सिंघी ने कहा कि उन्होंने इंडस्ट्री में वर्षों तक ब्रांड लॉन्च करने और कहानियां तैयार करने का काम किया है। अब वे ज्यादा सहयोग और कम साइलो के साथ ऐसा मॉडल बनाना चाहती हैं, जहां कोई अच्छा आइडिया केवल PR या सोशल तक सीमित न रहे, बल्कि कल्चर का हिस्सा बने।

Echo Collective के मौजूदा क्लाइंट्स में Equinox Virtual, Z Studios, Manifest Films, GSEAMS Productions और आर्टिस्ट Rani KoHEnur समेत एंटरटेनमेंट, टैलेंट और उभरते बिजनेस से जुड़े नाम शामिल हैं।

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Amagi के CEO भास्कर सुब्रमणियन बोले- AI और Connected TV से बढ़ेंगे ग्रोथ के नए मौके

Amagi के CEO भास्कर सुब्रमणियन ने Q1 अर्निंग कॉल में कंपनी की ग्रोथ, AI, क्लाउड, Connected TV और नए प्रोडक्ट्स पर अहम बातें साझा कीं।

Vikas Saxena by
Published - Friday, 21 August, 2026
Last Modified:
Friday, 21 August, 2026
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Amagi Media Labs के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO भास्कर सुब्रमणियन ने कंपनी की वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही की अर्निंग कॉन्फ्रेंस कॉल में कारोबार की ग्रोथ, AI, क्लाउड, Connected TV और कंपनी के नए प्रोडक्ट्स को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए बाजार का मौका अभी काफी बड़ा है और AI आने वाले समय में इस अवसर को और बढ़ा सकता है।

भास्कर सुब्रमणियन ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की शुरुआत कंपनी के लिए मजबूत रही है। पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 32 फीसदी बढ़ा, जबकि ट्रेलिंग 12 महीने का नेट रिटेंशन रेट (NRR) 125 फीसदी रहा। एडजस्टेड EBITDA मार्जिन भी 11.5 फीसदी तक पहुंच गया। उनके मुताबिक, कंपनी जिस बाजार में काम कर रही है, उसका कुल संभावित बाजार यानी TAM करीब 17 अरब डॉलर का है और अभी प्लेआउट का केवल करीब 10 फीसदी हिस्सा ही क्लाउड पर आया है। ऐसे में आगे बढ़ने की काफी गुंजाइश है।

FIFA World Cup से नहीं, ऑर्गेनिक ग्रोथ से बढ़ा कारोबार

अर्निंग कॉल में भास्कर ने कंपनी के एड इम्प्रेशन और THUNDERSTORM कारोबार को लेकर भी बात की। उन्होंने साफ किया कि तिमाही में दिखी ग्रोथ का सीधा फायदा FIFA World Cup से नहीं आया है। उनके मुताबिक, कंपनी के प्लेटफॉर्म पर ऑर्गेनिक ग्रोथ मुख्य रूप से अमेरिका और दूसरे बाजारों में Connected TV की बढ़ती पहुंच से आई है।

उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे ज्यादा कंटेंट इन प्लेटफॉर्म पर पहुंच रहा है, वैसे-वैसे व्यूअरशिप और विज्ञापन के मौके भी बढ़ रहे हैं।

प्लेटफॉर्म खुद काम करने के बजाय आउटसोर्सिंग को दे रहे हैं तरजीह

भास्कर सुब्रमणियन ने कहा कि मीडिया और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म फिलहाल इन-हाउस काम करने के बजाय आउटसोर्सिंग की तरफ ज्यादा जा रहे हैं। कंपनी को अभी तक इंडस्ट्री में बड़े स्तर पर इन-सोर्सिंग की कोई बड़ी चुनौती नजर नहीं आई है।

उन्होंने कहा कि एड मैनेजमेंट और एड इंसर्शन का काम लगातार ज्यादा जटिल हो रहा है। ऐसे में बड़े प्लेटफॉर्म Amagi जैसी कंपनियों के साथ काम करना पसंद कर रहे हैं, ताकि इस जटिलता को बेहतर तरीके से संभाला जा सके।

नए बाजारों में पहुंच बढ़ाने पर फोकस

भास्कर ने बताया कि Amagi नए डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म इसलिए जोड़ रही है, ताकि उसके कंटेंट ओनर ग्राहक ज्यादा से ज्यादा देशों और बाजारों तक पहुंच सकें। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के Kogan TV और जर्मनी में Vodafone जैसे उदाहरण दिए।

उनके मुताबिक, कई डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म बाद में खुद भी Amagi के ग्राहक बन गए हैं। लेकिन किसी प्लेटफॉर्म के साथ पार्टनरशिप करने के लिए उसका Amagi का ग्राहक बनना जरूरी नहीं है। मुख्य उद्देश्य कंटेंट ओनर्स को अलग-अलग भौगोलिक बाजारों तक पहुंचाना है।

AI को लेकर बड़ी उम्मीद, 10 कस्टमर पायलट पर काम

भास्कर सुब्रमणियन ने अर्निंग कॉल में AI को कंपनी की भविष्य की ग्रोथ का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी के AI प्रोडक्ट्स को ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और इस समय 10 एक्टिव कस्टमर पायलट चल रहे हैं।

उन्होंने खास तौर पर Newspulse का जिक्र किया। उनके मुताबिक, अमेरिका के एक बड़े न्यूज नेटवर्क ने अपने न्यूजरूम को AI-first वर्कफ्लो में बदलने के लिए Amagi के Newspulse के साथ काम शुरू किया है।

AI से कमाई का मॉडल अभी शुरुआती दौर में

AI प्रोडक्ट्स की कीमत तय करने के सवाल पर भास्कर ने कहा कि यह अभी काफी शुरुआती दौर है। कंपनी फिलहाल ग्राहकों के साथ यह समझने की कोशिश कर रही है कि AI से उन्हें कितनी लागत बचत या अतिरिक्त कमाई हो रही है।

उन्होंने बताया कि Amagi ने कुछ मीडिया ऑपरेटिंग एनवायरमेंट्स के लिए AI Credits मॉडल भी शुरू किया है। इसमें ग्राहक AI से किए जाने वाले अलग-अलग कामों के लिए क्रेडिट का इस्तेमाल कर सकता है। उदाहरण के तौर पर भाषा बदलने या मेटाडेटा एनरिचमेंट जैसे कामों के लिए क्रेडिट इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

भास्कर के मुताबिक, कंपनी आगे चलकर AI की कीमत को ग्राहक को मिलने वाली वैल्यू से जोड़ना चाहती है। यानी अगर AI से ग्राहक की लागत घटती है या उसकी कमाई बढ़ती है, तो उसी के आधार पर प्राइसिंग मॉडल को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि इस मॉडल को लेकर अभी कुछ और तिमाहियों का अनुभव जरूरी है।

नए AI प्रोडक्ट्स पर भी काम जारी

भास्कर ने बताया कि Newspulse के अलावा कंपनी कई दूसरे प्रोडक्ट्स पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अगले क्वार्टर में अलग-अलग जॉनर के कुछ और प्रोडक्ट्स को लेकर जानकारी सामने आ सकती है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नए प्रोडक्ट्स को तुरंत रेवेन्यू में बदलने में समय लगेगा। कंपनी के ग्राहक इन प्रोडक्ट्स को ट्रायल कर रहे हैं और आने वाली तिमाहियों में इनसे कमाई का असर ज्यादा साफ दिखाई दे सकता है।

ग्राहकों का कंपनी पर भरोसा बढ़ा

कंपनी के बिजनेस में ग्राहकों की स्थिरता को लेकर भास्कर ने कहा कि कंपनी के टॉप 10 ग्राहकों के साथ औसत संबंध करीब 5 साल का है और लोगो चर्न लो सिंगल डिजिट में है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी के ग्राहक लंबे समय तक उसके साथ बने हुए हैं।

कंपनियां कम वेंडर्स के साथ काम करना चाहती हैं

भास्कर ने मीडिया इंडस्ट्री में हो रहे कंसॉलिडेशन को भी Amagi के लिए एक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी के Customer Advisory Board में ग्राहकों ने साफ तौर पर कहा है कि वे बहुत सारे अलग-अलग वेंडर्स के साथ काम नहीं करना चाहते। वे ऐसे चुनिंदा वेंडर्स के साथ काम करना चाहते हैं जो उन्हें एंड-टू-एंड सर्विस दे सकें।

उनके मुताबिक, यह बदलाव Amagi के लिए खास तौर पर AI बिजनेस में बड़ा मौका पैदा कर सकता है। कंपनी के मौजूदा ग्राहक ही उसके नए AI प्रोडक्ट्स को अपनाने वाले शुरुआती ग्राहक बन रहे हैं।

अगले कुछ साल AI के लिए अहम

AI के मार्जिन पर असर को लेकर कंपनी ने कहा कि फिलहाल इसका प्रभाव बहुत बड़ा नहीं है, क्योंकि AI बिजनेस अभी शुरुआती स्तर पर है। लेकिन आने वाले 2-3 वर्षों में तस्वीर बदल सकती है।

कंपनी का मानना है कि AI में शुरुआत में मार्जिन पर थोड़ा दबाव आ सकता है, लेकिन जैसे-जैसे कारोबार बड़ा होगा, मार्जिन में फिर सुधार होगा। कंपनी ने पहले भी करीब 64 फीसदी से 69 फीसदी तक ग्रॉस मार्जिन का सफर लंबी अवधि में पूरा किया है और AI को लेकर भी इसी तरह के चरणबद्ध सुधार की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, भास्कर सुब्रमणियन की बातों से साफ है कि Amagi का अगला बड़ा फोकस AI, Connected TV, नए ग्लोबल प्लेटफॉर्म और मौजूदा ग्राहकों के साथ ज्यादा कारोबार बढ़ाने पर है। कंपनी को उम्मीद है कि AI से नए प्रोडक्ट और नए रेवेन्यू मॉडल सामने आएंगे, हालांकि इनके असर को पूरी तरह समझने में अभी कुछ और तिमाहियां लग सकती हैं।

 

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Adfactors PR का ऑस्ट्रेलिया में बड़ा विस्तार, SenateSHJ में खरीदी बहुमत हिस्सेदारी

भारत की प्रमुख पब्लिक रिलेशंस और कम्युनिकेशन कंसल्टेंसी Adfactors PR ने ऑस्ट्रेलिया की स्वतंत्र कम्युनिकेशन कंसल्टेंसी SenateSHJ में बहुमत हिस्सेदारी हासिल कर ली है

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Published - Thursday, 20 August, 2026
Last Modified:
Thursday, 20 August, 2026
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भारत की प्रमुख पब्लिक रिलेशंस और कम्युनिकेशन कंसल्टेंसी Adfactors PR ने ऑस्ट्रेलिया की स्वतंत्र कम्युनिकेशन कंसल्टेंसी SenateSHJ में बहुमत हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इस डील के साथ Adfactors PR ने एशिया-पैसिफिक (APAC) क्षेत्र में अपनी मौजूदगी और कम्युनिकेशन क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

हालांकि, इस साझेदारी के बाद भी SenateSHJ अपनी मौजूदा पहचान के साथ काम करती रहेगी। कंपनी की क्लाइंट टीमें और नेतृत्व भी पहले की तरह बने रहेंगे।

Sydney और Melbourne से जारी रहेगा काम

SenateSHJ की कमान उसके को-फाउंडर व चेयर एंजेला स्काफिदी एएम (Angela Scaffidi AM) और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर डैरन बेहर (Darren Behar) के पास बनी रहेगी। कंपनी ऑस्ट्रेलिया के सिडनी और मेलबर्न स्थित अपने मौजूदा कार्यालयों से ही काम जारी रखेगी।

वहीं, Adfactors PR के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर निजय एन. नायर (Nijay N. Nair), जो कंपनी के M&A और ग्लोबल इनिशिएटिव्स भी संभालते हैं, SenateSHJ के बोर्ड में शामिल होंगे।

भारत-ऑस्ट्रेलिया बिजनेस कॉरिडोर पर नजर

Adfactors PR के को-फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर मदन बहल ने कहा कि SenateSHJ की मजबूत प्रतिष्ठा, शानदार नेतृत्व और जटिल कम्युनिकेशन चुनौतियों को हल करने की क्षमता ने दोनों कंपनियों के बीच साझेदारी को मजबूत आधार दिया है।

उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया तेजी से एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बिजनेस कॉरिडोर के रूप में उभर रहे हैं। ऐसे में यह नई साझेदारी दोनों देशों के क्लाइंट्स के लिए एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में नए अवसर पैदा करने में मदद कर सकती है।

Bahal ने यह भी कहा कि Adfactors PR आने वाले समय में इस क्षेत्र में और अवसर तलाशने की उम्मीद कर रही है, ताकि एशिया-पैसिफिक में कंपनी की मजबूत मौजूदगी बनाई जा सके।

Adfactors PR के 29 साल के अनुभव का होगा फायदा

Adfactors PR के को-फाउंडर और चेयरमैन राजेश चतुर्वेदी ने कहा कि कंपनी पिछले 29 वर्षों से India Inc. को अलग-अलग वैश्विक और घरेलू कारोबारी परिस्थितियों में कम्युनिकेशन सेवाएं देती रही है।

उन्होंने कहा कि SenateSHJ के साथ नई साझेदारी से Adfactors PR का रिलेशनशिप नेटवर्क ऑस्ट्रेलिया जैसे महत्वपूर्ण बाजार तक पहुंचेगा और कंपनी के लिए नए अवसर खुलेंगे।

SenateSHJ को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क

SenateSHJ की को-फाउंडर व चेयर एंजेला स्काफिदी एएम (Angela Scaffidi AM) ने कहा कि कंपनी को पिछले 24 वर्षों में बनाए गए अपने कारोबार, एम्प्लॉयीज, क्लाइंट्स और काम पर गर्व है।

उन्होंने बताया कि SenateSHJ और Adfactors PR के बीच पिछले करीब एक दशक से मजबूत भरोसे का रिश्ता रहा है। दोनों कंपनियों के काम करने के तरीके और क्लाइंट्स को लेकर सोच में भी काफी समानता है।

Scaffidi के मुताबिक, आज क्लाइंट्स की समस्याएं तेजी से अलग-अलग देशों की सीमाओं से आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में भारत, एशिया-पैसिफिक और अन्य बाजारों में मजबूत नेटवर्क वाले ग्रुप का हिस्सा बनने से SenateSHJ अपने क्लाइंट्स को ज्यादा व्यापक स्तर पर मदद कर सकेगी।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कंपनी की मौजूदा पहचान और उसकी खासियतों में बदलाव नहीं किया जाएगा।

APAC में Adfactors PR की बड़ी विस्तार रणनीति

Adfactors PR के लिए यह निवेश एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में कारोबार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस साझेदारी से कंपनी को ऑस्ट्रेलियाई बाजार में मजबूत आधार मिलने के साथ-साथ अपनी कम्युनिकेशन सेवाओं और क्षमताओं को भी बढ़ाने का मौका मिलेगा।

वहीं, SenateSHJ को Adfactors PR के बड़े नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहुंच का फायदा मिलेगा। इससे कंपनी अपने मौजूदा एक्सपर्टाइज, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और क्लाइंट सर्विसिंग को और बड़े स्तर पर विकसित कर सकेगी।

कुल मिलाकर, Adfactors PR और SenateSHJ की यह साझेदारी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते कारोबारी रिश्तों के बीच कम्युनिकेशन और पब्लिक रिलेशंस क्षेत्र में एक अहम विस्तार के तौर पर देखी जा सकती है।

 

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Nykaa का नया कैंपेन: Gen Z को मिलेगा ‘Be The Face of Nykaa’ बनने का मौका

ब्यूटी और लाइफस्टाइल प्लेटफॉर्म Nykaa ने अपनी अगली ग्रोथ स्ट्रैटेजी में Gen Z को खास जगह देते हुए नया कैंपेन ‘Be The Face of Nykaa’ लॉन्च किया है।

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Published - Thursday, 20 August, 2026
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Thursday, 20 August, 2026
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ब्यूटी और लाइफस्टाइल प्लेटफॉर्म Nykaa ने अपनी अगली ग्रोथ स्ट्रैटेजी में Gen Z को खास जगह देते हुए नया कैंपेन ‘Be The Face of Nykaa’ लॉन्च किया है। इस पहल के जरिए देशभर के युवा ब्यूटी लवर्स को Nykaa के कैंपेन, कंटेंट और पूरे ब्रैंड इकोसिस्टम का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा।

इस प्रोग्राम में 18 से 26 साल की उम्र के युवा हिस्सा ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना ‘Get Ready With Me’ (GRWM) वीडियो सबमिट करना होगा। इनमें से तीन लोगों को चुनकर ‘Faces of Nykaa’ बनाया जाएगा।

सिर्फ ब्रैंड एंबेसडर बनने का मौका नहीं

Nykaa के मुताबिक, यह पहल सिर्फ किसी सामान्य ब्रैंड एंबेसडर प्रोग्राम तक सीमित नहीं है। चुने गए तीन विजेताओं को एक साल तक Nykaa के साथ जुड़कर काम करने और कंपनी के कामकाज को करीब से समझने का मौका मिलेगा।

विजेताओं को Nykaa में इंटर्नशिप मिलेगी। इसके साथ ही वे कंपनी के अलग-अलग ब्रैंड कैंपेन और डिजिटल कंटेंट में नजर आएंगे। इससे उन्हें देश के बड़े ब्यूटी और लाइफस्टाइल प्लेटफॉर्म में कंटेंट, मार्केटिंग और ब्रैंड बिल्डिंग किस तरह होती है, इसे समझने का अनुभव मिलेगा।

दीपिका पादुकोण जैसे बड़े नामों के साथ दिखने का मौका

तीनों विजेताओं को Nykaa के डिजिटल प्लेटफॉर्म और रिटेल नेटवर्क पर फीचर किया जा सकता है। उन्हें कंपनी के जाने-माने ब्रैंड एंबेसडर्स के साथ भी काम करने का मौका मिल सकता है, जिनमें दीपिका पादुकोण जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

इसके अलावा विजेताओं को कंटेंट क्रिएशन, मार्केटिंग कैंपेन और अलग-अलग ब्रैंड एक्सपीरियंस के बिहाइंड-द-सीन्स देखने और उनमें हिस्सा लेने का अवसर मिलेगा।

1,800 से ज्यादा ब्यूटी ब्रैंड्स का एक्सपीरियंस

इस एक साल के प्रोग्राम के दौरान विजेताओं को Nykaa के 1,800 से ज्यादा ब्यूटी ब्रैंड्स के पोर्टफोलियो का एक्सेस मिलेगा। इसमें मेकअप, स्किनकेयर और हेयरकेयर जैसी कैटेगरी शामिल हैं।

इसके साथ ही उन्हें प्रमुख ब्यूटी, स्किनकेयर और हेयर एक्सपर्ट्स के साथ पर्सनलाइज्ड कंसल्टेशन का भी मौका दिया जाएगा। यानी यह प्रोग्राम युवाओं को सिर्फ कैमरे के सामने आने का मौका नहीं देगा, बल्कि ब्यूटी इंडस्ट्री को करीब से समझने का अनुभव भी देगा।

कॉलेजों में भी पहुंचेगा कैंपेन

Nykaa इस कैंपेन को सिर्फ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहती। कंपनी मुंबई और दिल्ली में कॉलेज एक्टिवेशन और पॉप-अप्स भी आयोजित करेगी। इन एक्टिवेशन के जरिए कॉलेज स्टूडेंट्स सीधे इस पहल से जुड़ सकेंगे और ‘Be The Face of Nykaa’ के बारे में जानकारी हासिल कर सकेंगे।

Gen Z को सिर्फ ऑडियंस नहीं, ब्रैंड पार्टनर बना रहे ब्रैंड

Nykaa का यह कैंपेन मार्केटिंग में बदलते ट्रेंड को भी दिखाता है। आज कई ब्रैंड Gen Z को सिर्फ अपने प्रोडक्ट्स की ऑडियंस के तौर पर नहीं देख रहे, बल्कि उन्हें कंटेंट क्रिएटर और ब्रैंड बिल्डिंग के पार्टनर के तौर पर भी जोड़ रहे हैं।

Gen Z ब्यूटी ट्रेंड्स, सोशल मीडिया कंटेंट और खरीदारी के तौर-तरीकों को तेजी से प्रभावित कर रही है। ऐसे में Nykaa की कोशिश इस पीढ़ी को सीधे अपने ब्रैंड के साथ जोड़ने की है।

कंपनी के मुताबिक, ‘Be The Face of Nykaa’ के लिए एंट्री 15 अक्टूबर 2026 तक खुली है। चुने गए तीन युवाओं को एक साल तक Nykaa के ब्रैंड इकोसिस्टम का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा।

 

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