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अमिश देवगन के सवालों पर अमित शाह ने यूं खोले मन के ‘राज’
सवाल-जवाब का सिलसिला अमित शाह की चुनौतियों से शुरू हुआ और फिर घूमते हुए महाराष्ट्र पर आकर रुक गया
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
महाराष्ट्र के सियासी संग्राम के बाद हर कोई यह जानना चाह रहा है कि भाजपा के दिल में 30 साल पुराना रिश्ता तोड़ने वाली शिवसेना के लिए आखिर क्या है? क्या पार्टी भविष्य में शिवसेना के साथ चुनाव लड़ेगी या फिर दोस्ती अब पूरी तरह से दुश्मनी में तब्दील हो चुकी है? लोगों की इस जिज्ञासा को शांत करने का प्रयास किया है ‘न्यूज18’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर अमिश देवगन ने।
झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर चैनल के शो ‘एजेंडा झारखंड’ में बतौर अतिथि उपस्थित गृहमंत्री अमित शाह से अमिश देवगन ने कई सवाल पूछे, जिनमें महाराष्ट्र की बात भी शामिल है। सवाल-जवाब का सिलसिला अमित शाह की चुनौतियों से शुरू हुआ और फिर घूमते हुए महाराष्ट्र पर आकर रुक गया। मौजूदा वक्त में इस विषय से जुड़े सवालों के बिना कोई इंटरव्यू पूरा नहीं हो सकता। हालांकि, ये बात अलग है कि भाजपा नेता इस पर ज्यादा कुछ कहना नहीं चाहते।
जब अमिश देवगन ने शाह से पूछा, ‘क्या आपको लगता है कि शिवसेना ने यह तय कर लिया था कि वो चुनाव के बाद भाजपा के साथ सरकार नहीं बनाएगी?’ तो शाह ने शिवसेना पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए बस इतना कहा, ‘जो तय नहीं था उसकी मांग की गई। इसलिए हमें कदम वापस खींचने पड़े।‘
महाराष्ट्र के संदर्भ में अजित पवार एपिसोड भी भाजपा के लिए गले की फांस बन गया है। क्योंकि कल तक भाजपा अजित पर निशाना लगाती रहती थी और सत्ता की आस में उन्हीं से हाथ मिला लिया। जायज है कि इससे जुड़े सवाल पार्टी नेताओं को विचलित कर सकते हैं, लेकिन इसकी परवाह किये बिना अमिश ने अमित शाह पर सवाल दागे। उन्होंने पूछा, ‘अजित पवार पर आपने और देवेन्द्र फडणवीस ने चुनावी रैलियों के दौरान जमकर आरोप लगाये थे, मगर आपने ही उन्हें उपमुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठा दिया? ’ इसका शाह ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने बीच का रास्ता निकालते हुए इतना जरूर कहा कि यदि सरकार कायम रहती तो आरोपों की जांच में कोई समझौता नहीं किया जाता।
इस इंटरव्यू के दौरान कई ऐसे मौके भी आये, जब अमित शाह के चेहरे पर सवालों की चुभन का दर्द साफ नजर आया। मसलन, अमिश ने राज्यों का हवाला देते हुए पूछना चाहा कि मई 2017 से नवंबर 2019 तक काफी बदलाव आया है। पहले 70 प्रतिशत देश की आबादी पर भाजपा का शासन था, अब 40 प्रतिशत राज्यों पर शासन है...लेकिन शाह ने पूरा सवाल सुने बिना ही अपनी बात शुरू कर दी। उन्होंने उल्टा अमिश को गलत ठहराते हुए कहा, ‘ठहर जाओ, मध्यप्रदेश और राजस्थान हारने के साथ ही यह चित्र बदल चुका है। इसके बाद 2019 का जनादेश आया, आप थोड़ा डाटा सही रखो, किसी के वॉट्सऐप पर मत चले जाओ। कोई वॉट्सऐप करता है उसे तुरंत उठा देते हो।’ अमिश सवाल समझाते रहे, लेकिन शाह को जो कुछ समझ आया उसी पर कायम रहे।
इसी तरह जब देवगन ने महाराष्ट्र के संदर्भ में एक और सवाल दागा तो भी अमित शाह सीधा जवाब देने से बचते रहे। अमिश देवगन का सवाल था, ‘30 साल पुराना गठबंधन टूटने का आपको दुःख है? ’ तो भाजपा नेता से जवाब मिला, ‘आप गलत सवाल पूछ रहे हो। मैंने गठबंधन नहीं तोड़ा है, उन्होंने तोड़ा है।’ इसके अलावा राम मंदिर सहित कई विषयों पर सवाल-जवाब हुए।
बता दें कि अमिश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ और ‘जी मीडिया’ जैसे जाने-माने मीडिया समूहों में काम कर चुके हैं। मई 2014 से नवंबर 2015 तक वे ‘जी बिजनेस’ चैनल के चीफ एडिटर रहे। इससे पहले ‘जी बिजनेस’ में बतौर डिप्टी एडिटर, एडिटर (आउटपुट0 और एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) के तौर पर काम किया। ‘जी बिजनेस’ में रहते हुए बिजनेस चैनल के नंबर-1 डिबेट शो ‘बिग स्टोरी बिग डिबेट’ को नए मुकाम तक पहुंचाया। इसके अलावा ‘बिग एनकाउंटर’ नाम के इंटरव्यू शो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई शीर्ष हस्तियों का इंटरव्यू किया। अमिश अपने अब तक के करियर में कोयला घोटाला, ओडिशा का खनन घोटाला और हवाला कारोबारी मोईन कुरैशी से जुड़े कई बड़े खुलासे कर चुके हैं।
आप पूरा इंटरव्यू यहां देख सकते हैः
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