ट्रंप की मीडिया कंपनी ने 'दि गार्जियन' के खिलाफ मानहानि केस वापस लिया

डोनाल्ड ट्रंप की मीडिया कंपनी 'ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप' (TMTG) ने ब्रिटिश अखबार 'दि गार्जियन' (The Guardian) के खिलाफ चल रहा मानहानि का केस वापस ले लिया है।

Last Modified:
Tuesday, 14 April, 2026
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डोनाल्ड ट्रंप की मीडिया कंपनी 'ट्रंप मीडिया एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप' (TMTG) ने ब्रिटिश अखबार 'दि गार्जियन' (The Guardian) के खिलाफ चल रहा मानहानि का केस वापस ले लिया है।

यह मामला उस रिपोर्ट से जुड़ा था जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी जांच एजेंसियां कंपनी को मिले करीब 8 मिलियन डॉलर (करीब 66 करोड़ रुपये) के भुगतान की जांच कर रही हैं, और शक है कि यह मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हो सकता है।

कंपनी ने फ्लोरिडा की एक अदालत में केस वापस लेने की जानकारी दी। हालांकि, इसे “बिना शर्त” पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है, यानी TMTG चाहे तो भविष्य में फिर से केस दायर कर सकती है।

यह खबर पहली बार मार्च 2023 में ‘द गार्डियन’ ने प्रकाशित की थी। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि न्यूयॉर्क के प्रॉसिक्यूटर्स कुछ ऐसे फंड्स की जांच कर रहे हैं, जिनका संबंध रूस के राष्ट्रपति व्लमिदिर पुतिन के करीबी लोगों से हो सकता है।

इस रिपोर्ट के बाद TMTG ने आरोप लगाया था कि अखबार ने पक्षपात और गलत इरादे से खबर छापी है, और इसी आधार पर केस दर्ज किया गया था।

लेकिन बाद में अदालत ने केस के ज्यादातर हिस्से को खारिज कर दिया था और कहा था कि रिपोर्टिंग में “जानबूझकर गलत” (malice) साबित नहीं हुआ। इसके बावजूद कंपनी ने दोबारा शिकायत दाखिल की थी, जिसे अब पूरी तरह वापस ले लिया गया है।

हालांकि केस वापस लेने की वजह नहीं बताई गई है। वहीं, ‘द गार्डियन’ ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनकी रिपोर्टिंग पूरी तरह तथ्यों और ठोस सबूतों पर आधारित थी।

गौरतलब है कि हाल के समय में ट्रंप मीडिया कंपनियों के खिलाफ कई बड़े कानूनी कदम उठा रहे हैं, लेकिन इस मामले में उनका पीछे हटना एक अलग संकेत माना जा रहा है।

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Accel Entertainment ने बढ़ाया कारोबार, Green Valley Grocery के साथ किया बड़ा समझौता

गेमिंग और मनोरंजन क्षेत्र की कंपनी Accel Entertainment ने अमेरिका के नेवादा राज्य में अपने कारोबार का विस्तार किया है।

Last Modified:
Tuesday, 21 July, 2026
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गेमिंग और मनोरंजन क्षेत्र की कंपनी Accel Entertainment ने अमेरिका के नेवादा राज्य में अपने कारोबार का विस्तार किया है। कंपनी की सहायक इकाई Century Gaming Technologies Nevada ने Green Valley Grocery Convenience Stores के साथ नया रूट एग्रीमेंट (Route Agreement) किया है। इस समझौते के तहत दक्षिणी नेवादा में करीब 600 नए इलेक्ट्रॉनिक गेमिंग टर्मिनल लगाए जाएंगे।

हालांकि, कंपनी ने इस सौदे की वित्तीय शर्तों का खुलासा नहीं किया है।

यह समझौता Anabi Oil के स्वामित्व और संचालन वाले सभी सक्रिय Green Valley Grocery स्टोर्स को कवर करेगा। वर्ष 2026 में Accel Entertainment और Anabi Oil के बीच यह दूसरा बड़ा समझौता है।

इससे पहले जनवरी 2026 में दोनों कंपनियों के बीच हुए एक समझौते के तहत Accel Entertainment को Anabi Oil के Rebel Convenience Store नेटवर्क के लिए गेमिंग पार्टनर बनाया गया था।

कंपनी का कहना है कि नए समझौते के जरिए वह अपने गेमिंग संचालन, गेम्स की बेहतर रेंज, डेटा एनालिटिक्स और प्रमोशनल सिस्टम का इस्तेमाल कर ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाएगी और स्टोर्स की परिचालन क्षमता भी बढ़ाएगी।

कंपनी के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 तक नेवादा में उसके नेटवर्क में 525 से अधिक स्थान शामिल हैं, जहां 4,000 से ज्यादा गेमिंग टर्मिनल संचालित किए जा रहे हैं। नए समझौते के बाद इसमें करीब 600 और टर्मिनल जुड़ जाएंगे, जिससे कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होगी।

Accel Entertainment के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एंडी रुबिनस्टीन ने कहा कि यह समझौता नेवादा में कंपनी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अब कंपनी दक्षिणी नेवादा में Anabi Oil से जुड़े सभी प्रमुख स्थानों पर अपनी सेवाएं उपलब्ध करा रही है। उनके मुताबिक, यह नेटवर्क कंपनी की भविष्य की विकास रणनीति का अहम हिस्सा है और इसमें आगे भी निवेश किया जाएगा।

वहीं, Anabi Oil के CEO सैम अनाबी ने कहा कि Rebel Convenience Store में Accel Entertainment के प्लेटफॉर्म और टीम का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। इसी अनुभव के आधार पर कंपनी ने अब Green Valley Grocery स्टोर्स के लिए भी इस साझेदारी का विस्तार करने का फैसला किया है।

इस नए समझौते से Accel Entertainment को नेवादा के गेमिंग बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य में कारोबार बढ़ाने के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

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Warner Bros.-Paramount डील पर कोर्ट की नजर, 22 जुलाई तक आ सकता है फैसला

हॉलीवुड की दो बड़ी मीडिया कंपनियों Warner Bros. Discovery और Paramount Skydance के बीच प्रस्तावित 110 अरब डॉलर के विलय पर कानूनी विवाद गहरा गया है।

Last Modified:
Monday, 20 July, 2026
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हॉलीवुड की दो बड़ी मीडिया कंपनियों Warner Bros. Discovery और Paramount Skydance के बीच प्रस्तावित 110 अरब डॉलर के विलय पर कानूनी विवाद गहरा गया है। अमेरिका की एक संघीय अदालत अब यह तय करेगी कि इस डील पर फिलहाल अस्थायी रोक लगाई जाए या नहीं। इस मामले में अदालत 22 जुलाई तक अपना फैसला सुना सकती है।

कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित अमेरिकी जिला अदालत में सुनवाई के बाद जज अरासेली मार्टिनेज-ओल्गुइन ने कहा कि वह जल्द ही यह फैसला देंगी कि कंपनियों के विलय की प्रक्रिया पर अस्थायी रोक (Temporary Restraining Order-TRO) लगाई जाए या नहीं। यदि अदालत रोक लगाने का आदेश देती है, तो मुख्य मामले का फैसला आने तक दोनों कंपनियां विलय की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पाएंगी।

इस डील के खिलाफ कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बॉन्टा की अगुवाई में 12 राज्यों के अटॉर्नी जनरल अदालत पहुंचे हैं। उनका कहना है कि इस विलय से हॉलीवुड में प्रतिस्पर्धा कमजोर होगी और इसका सीधा असर फिल्म निर्माण, टीवी इंडस्ट्री, केबल ऑपरेटरों और दर्शकों पर पड़ेगा।

याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यदि यह सौदा पूरा हो जाता है तो हॉलीवुड के पांच प्रमुख फिल्म स्टूडियो में से दो एक ही कंपनी के नियंत्रण में आ जाएंगे। इसके अलावा 50 से अधिक केबल टीवी चैनल भी एक ही समूह के अधीन होंगे। उनका कहना है कि इससे नई कंपनी का बाजार पर दबदबा काफी बढ़ जाएगा, जिससे कंटेंट की कीमतें बढ़ सकती हैं, विकल्प कम हो सकते हैं और प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है।

वहीं, दोनों कंपनियों का कहना है कि मीडिया इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और Netflix जैसे बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स से मुकाबला करने के लिए यह विलय जरूरी है। उनका तर्क है कि पारंपरिक केबल टीवी कारोबार लगातार दबाव में है और ऐसे माहौल में मजबूत और प्रतिस्पर्धी मीडिया समूह बनाना समय की जरूरत है।

Warner Bros. Discovery के पास CNN, TNT, Turner Classic Movies और HBO Max जैसे बड़े ब्रांड हैं, जबकि Paramount Skydance के पास CBS और Paramount+ जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म मौजूद हैं। दोनों का मानना है कि एक साथ आने से वे वैश्विक स्तर पर बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।

इस डील का विरोध सिर्फ राज्य सरकारें ही नहीं कर रही हैं। Writers Guild of America (WGA) की पूर्वी और पश्चिमी शाखाओं ने भी अलग मुकदमा दायर कर विलय पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे मनोरंजन उद्योग में प्रतिस्पर्धा और रचनात्मक माहौल पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

हालांकि अदालत का आगामी फैसला इस विलय पर अंतिम निर्णय नहीं होगा, लेकिन यह जरूर तय करेगा कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक दोनों कंपनियां इस सौदे को आगे बढ़ा सकती हैं या नहीं। यदि अदालत अस्थायी रोक लगा देती है, तो यह हॉलीवुड के हाल के वर्षों की सबसे बड़ी मीडिया डील के लिए पहली बड़ी कानूनी बाधा मानी जाएगी।

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OpenAI को यूरोप में झटका, कंपनी के नाम को ट्रेडमार्क बनाने की अपील खारिज

यूरोपीय न्यायालय ने कंपनी की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने 'OpenAI' नाम को ट्रेडमार्क के रूप में पंजीकृत (रजिस्टर) कराने की मांग की थी।

Last Modified:
Friday, 17 July, 2026
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चैटबॉट ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI को यूरोप में बड़ा कानूनी झटका लगा है। यूरोपीय न्यायालय (European Court of Justice) ने कंपनी की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें उसने 'OpenAI' नाम को ट्रेडमार्क के रूप में पंजीकृत (रजिस्टर) कराने की मांग की थी।

दरअसल, OpenAI ने यूरोपियन यूनियन इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑफिस (EUIPO) के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें कंपनी के लोगो को तो ट्रेडमार्क सुरक्षा दी गई थी, लेकिन 'OpenAI' नाम को ट्रेडमार्क के तौर पर मान्यता देने से इनकार कर दिया गया था।

EUIPO का कहना था कि 'Open' और 'AI' दोनों ही अंग्रेजी के सामान्य शब्द हैं। इन दोनों को मिलाकर बना 'OpenAI' नाम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कई तरह के उत्पादों और सेवाओं का सामान्य वर्णन कर सकता है। इसलिए इसे किसी एक कंपनी के लिए विशेष ट्रेडमार्क नहीं बनाया जा सकता।

यूरोपीय संघ के नियमों के अनुसार, ऐसे शब्द या नाम जो किसी उत्पाद या सेवा का सामान्य विवरण देते हों, उन्हें ट्रेडमार्क नहीं बनाया जा सकता। ऐसा करने से दूसरी कंपनियां उन सामान्य शब्दों का इस्तेमाल अपने उत्पादों या विज्ञापनों में नहीं कर पाएंगी।

हालांकि, नियमों में उन कंपनियों को छूट मिल सकती है, जो यह साबित कर दें कि उन्होंने लंबे समय से उस नाम का इस्तेमाल किया है और वह नाम उनकी पहचान बन चुका है। लेकिन OpenAI इस मामले में अधिकारियों को संतुष्ट नहीं कर सकी।

इससे पहले भी OpenAI की अपील EUIPO ने खारिज कर दी थी। अब यूरोपीय न्यायालय ने भी उसी फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि 'OpenAI' नाम इतना विशिष्ट (Distinctive) नहीं है कि उसे ट्रेडमार्क के रूप में पंजीकृत किया जा सके।

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YouTube पर जुए के विज्ञापनों के मामले में Google को EU की शीर्ष अदालत से झटका

यूरोपीय यूनियन (EU) की सर्वोच्च अदालत ने Google को बड़ा कानूनी झटका दिया है।

Last Modified:
Friday, 17 July, 2026
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यूरोपीय यूनियन (EU) की सर्वोच्च अदालत ने Google को बड़ा कानूनी झटका दिया है। अदालत ने कहा है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हर मामले में खुद को सिर्फ "मध्यस्थ" (Intermediary) बताकर जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। यह फैसला इटली में YouTube पर जुए (Gambling) से जुड़े विज्ञापनों के मामले में Google पर लगाए गए 7.5 लाख यूरो (€750,000) के जुर्माने को चुनौती देने वाली याचिका पर आया है।

यूरोपीय संघ की सर्वोच्च अदालत कोर्ट ऑफ जस्टिस ऑफ द यूरोपियन यूनियन (CJEU) ने Google की दलीलों को खारिज कर दिया। अब यह मामला दोबारा इटली की अदालत में जाएगा, जो EU अदालत की कानूनी व्याख्या के आधार पर तय करेगी कि Google पर लगाया गया जुर्माना बरकरार रहेगा या नहीं।

यह मामला YouTube पर एक कंटेंट क्रिएटर द्वारा अपलोड किए गए जुए से जुड़े वीडियो से जुड़ा है। यह क्रिएटर Google के साथ एक कमर्शियल पार्टनरशिप प्रोग्राम का हिस्सा था। Google का कहना था कि वीडियो किसी तीसरे पक्ष ने अपलोड किए थे, इसलिए यूरोपीय कानून के तहत उसे उनकी सामग्री के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

लेकिन अदालत ने इस दलील से सहमति नहीं जताई। कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत "इंटरमीडियरी प्रोटेक्शन" केवल उन प्लेटफॉर्म्स को मिलता है जो सिर्फ तकनीकी और निष्पक्ष होस्टिंग की भूमिका निभाते हैं तथा कंटेंट पर उनका कोई नियंत्रण या जानकारी नहीं होती।

अदालत ने यह भी कहा कि अगर कोई प्लेटफॉर्म किसी क्रिएटर के चैनल, वीडियो और अन्य जानकारियों की समीक्षा करने के बाद उसके साथ व्यावसायिक साझेदारी करता है, तो उसकी भूमिका केवल कंटेंट होस्ट करने तक सीमित नहीं रहती। ऐसे मामलों में प्लेटफॉर्म पर अधिक जिम्मेदारी भी आ सकती है।

इसी आधार पर अदालत ने कहा कि इस मामले में Google अपने आप इंटरमीडियरी सुरक्षा का दावा नहीं कर सकता। अब इटली की प्रशासनिक अदालत यह तय करेगी कि Google पर लगाया गया 7.5 लाख यूरो का जुर्माना सही है या नहीं।

इस फैसले को सिर्फ Google तक सीमित नहीं माना जा रहा है। इसका असर उन सभी बड़ी टेक कंपनियों पर पड़ सकता है, जो क्रिएटर्स के साथ पार्टनरशिप प्रोग्राम चलाकर उनके कंटेंट से कमाई करती हैं। अदालत के इस फैसले से संकेत मिलता है कि यदि कोई प्लेटफॉर्म क्रिएटर्स के साथ व्यावसायिक रूप से अधिक जुड़ा हुआ है, तो उसे राष्ट्रीय विज्ञापन नियमों के तहत ज्यादा जवाबदेही भी उठानी पड़ सकती है।

फैसले के सार्वजनिक होने तक Google की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई थी।

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Lionsgate Studios को खरीदने की दौड़ तेज, Banijay व Mediawan ने दिखाई दिलचस्पी

हॉलीवुड की चर्चित फिल्म फ्रेंचाइजी 'The Hunger Games', 'John Wick' और 'Twilight' के लिए मशहूर Lionsgate Studios को खरीदने में यूरोप की दो बड़ी मीडिया कंपनियों Banijay और Mediawan ने दिलचस्पी दिखाई है।

Last Modified:
Thursday, 16 July, 2026
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हॉलीवुड की चर्चित फिल्म फ्रेंचाइजी 'The Hunger Games', 'John Wick' और 'Twilight' के लिए मशहूर Lionsgate Studios को खरीदने में यूरोप की दो बड़ी मीडिया कंपनियों Banijay और Mediawan ने दिलचस्पी दिखाई है। हालांकि अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन कहा जा रहा है कि कंपनी स्वतंत्र (Independent) बने रहने का विकल्प भी चुन सकती है।

रॉयटर्स और वैरायटी (Variety) की रिपोर्ट के मुताबिक, Lionsgate Studios ने संभावित खरीद प्रस्तावों की समीक्षा के लिए एक निवेश बैंक को नियुक्त किया है। फिलहाल बातचीत शुरुआती दौर में है और किसी भी सौदे की कोई गारंटी नहीं है।

पहले ऐसी खबरें थीं कि फ्रांस का Bolloré Group, जिसके पास Canal+ में नियंत्रण हिस्सेदारी है, भी इस दौड़ में शामिल है। लेकिन Variety की रिपोर्ट के मुताबिक, Bolloré फिलहाल Lionsgate के लिए कोई बोली नहीं लगा रहा है।

Banijay की क्यों है दिलचस्पी?

Banijay, जिसने 'Big Brother' और 'Survivor' जैसे लोकप्रिय टीवी शो बनाए हैं, Lionsgate को खरीदने पर विचार कर रही है। हालांकि कंपनी ने हाल ही में All3Media के साथ विलय किया है, इसलिए माना जा रहा है कि वह औपचारिक प्रस्ताव देने में कुछ समय ले सकती है।

अगर यह सौदा होता है तो Banijay को पहली बार बड़े पैमाने पर हॉलीवुड फिल्मों और टीवी कंटेंट की मजबूत लाइब्रेरी मिल जाएगी। फिलहाल कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से रियलिटी और नॉन-स्क्रिप्टेड शो पर आधारित है।

Mediawan भी बना रही रणनीति

फ्रांस की मीडिया कंपनी Mediawan भी Lionsgate में रुचि दिखा रही है। पिछले कुछ वर्षों में Mediawan ने अंग्रेजी भाषा के बाजार में तेजी से विस्तार किया है। कंपनी पहले ही Plan B, See-Saw Films और हाल ही में North Road का अधिग्रहण कर चुकी है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि Lionsgate की खरीद Mediawan के लिए हॉलीवुड में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।

Lionsgate की सबसे बड़ी ताकत उसकी लाइब्रेरी

Lionsgate के पास करीब 20,000 फिल्मों और टीवी कंटेंट की लाइब्रेरी है।

कंपनी की सबसे बड़ी पहचान 'John Wick', 'The Hunger Games' और 'Twilight' जैसी सफल फ्रेंचाइजी हैं। इसके अलावा हाल ही में रिलीज हुई माइकल जैक्सन की बायोपिक 'Michael' का वितरण भी Lionsgate ने किया था। इस फिल्म ने दुनियाभर में 1 अरब डॉलर से अधिक की कमाई की है।

कीमत बनी सबसे बड़ी चुनौती

हालांकि Lionsgate की ऊंची वैल्यूएशन संभावित खरीदारों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के शेयर फिलहाल अनुमानित प्री-टैक्स मुनाफे के मुकाबले करीब 26 गुना वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं, जो दूसरे स्टूडियो की तुलना में काफी ज्यादा है। बताया जा रहा है कि पहले भी कुछ संभावित खरीदार सिर्फ ऊंची कीमत की वजह से पीछे हट चुके हैं।

बड़े शेयरधारक ने बदली हिस्सेदारी

रिपोर्ट के अनुसार, Lionsgate के निदेशक और बड़े शेयरधारक मार्क राचेस्की ने इस महीने अपनी करीब 10% हिस्सेदारी को एक नए निवेश फंड में स्थानांतरित कर दिया है। इस फंड को RenWave Kore का समर्थन प्राप्त है, जिसकी स्थापना 2024 में कोडी किटल ने की थी। कोडी पहले Elliott Investment Management में पोर्टफोलियो मैनेजर रह चुके हैं।

हालांकि इस कदम का संभावित अधिग्रहण से सीधा संबंध है या नहीं, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

किसी कंपनी ने नहीं की टिप्पणी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Lionsgate और Banijay ने इस पूरे मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं Mediawan ने भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि Lionsgate का अधिग्रहण किस कंपनी के हाथों होगा या कंपनी स्वतंत्र रूप से अपना कारोबार जारी रखेगी। लेकिन यूरोप की बड़ी मीडिया कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी यह जरूर दिखाती है कि हॉलीवुड के मजबूत कंटेंट और लोकप्रिय फ्रेंचाइजी आज भी वैश्विक मीडिया कंपनियों के लिए बड़ी रणनीतिक संपत्ति बने हुए हैं।

 

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पैरामाउंट-वॉर्नर डील पर संकट, 12 राज्यों ने अधिग्रहण रोकने के लिए दायर किया मुकदमा

अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत 12 राज्यों ने 'पैरामाउंट' (Paramount) की 110 अरब डॉलर में वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के अधिग्रहण को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है

Last Modified:
Wednesday, 15 July, 2026
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अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत 12 राज्यों ने 'पैरामाउंट' (Paramount) की 110 अरब डॉलर में वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी (Warner Bros. Discovery) के अधिग्रहण (Acquisition) को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। राज्यों का आरोप है कि यह सौदा फिल्म वितरण और केबल टीवी बाजार में प्रतिस्पर्धा को कम करेगा, जिससे सिनेमाघरों, पे-टीवी कंपनियों और उपभोक्ताओं को नुकसान होगा।

यह मुकदमा Paramount के सीईओ डेविड एलिसन की उस बड़ी योजना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जिसके तहत वह कंपनी को Netflix और Disney जैसी दिग्गज कंपनियों की मजबूत प्रतिद्वंद्वी बनाना चाहते हैं।

कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बॉन्टा ने कहा कि यह मुकदमा निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी बाजार को बचाने के लिए दायर किया गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था में किसी एक कंपनी का दबदबा नहीं होना चाहिए।

मुकदमे में दावा किया गया है कि यदि यह सौदा पूरा हो जाता है, तो Paramount अमेरिका में सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों के वितरण बाजार का करीब 27 प्रतिशत हिस्सा अपने नियंत्रण में ले लेगी। इसके अलावा, ब्लॉकबस्टर फिल्मों के वितरण में उसकी हिस्सेदारी 30 प्रतिशत और बेसिक केबल चैनलों के बाजार में लगभग 27 प्रतिशत हो जाएगी।

मामले पर अदालत का फैसला आने में कई महीने लग सकते हैं। इससे इस डील में देरी होगी और Paramount को करोड़ों डॉलर का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।

इस प्रस्तावित विलय का विरोध सिर्फ राज्यों ने ही नहीं किया है, बल्कि अभिनेता, लेखक और मनोरंजन उद्योग से जुड़े कई लोगों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस सौदे से नौकरियों पर असर पड़ सकता है। वहीं, थिएटर मालिकों का मानना है कि Warner Bros. और Paramount Pictures के एक साथ आने से फिल्मों की संख्या कम हो सकती है।

हालांकि Paramount का कहना है कि यह अधिग्रहण कंपनी को पहले से ज्यादा फिल्में बनाने में मदद करेगा। कंपनी का दावा है कि अनावश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, मार्केटिंग और कॉर्पोरेट खर्चों में करीब 6 अरब डॉलर की कटौती के बाद वह हर साल 30 फिल्में रिलीज करने की योजना बना रही है।

अमेरिकी न्याय विभाग (U.S. Department of Justice) पहले ही इस सौदे को मंजूरी दे चुका है और उसका कहना है कि इससे प्रतिस्पर्धा पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, Paramount के सीईओ डेविड एलिसन के पिता और Oracle के सह-संस्थापक लैरी एलिसन के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से करीबी संबंध रहे हैं। कंपनी ने ट्रंप प्रशासन के कुछ पूर्व अधिकारियों को भी नियुक्त किया है।

अगर यह डील अक्टूबर से पहले पूरी नहीं हो पाती है, तो Paramount को Warner Bros. Discovery के शेयरधारकों को हर तिमाही करीब 65 करोड़ डॉलर (650 मिलियन डॉलर) का भुगतान करना होगा। कंपनी ने यह भी कहा है कि ज्यादा देरी होने पर डील की फाइनेंसिंग दोबारा तय करनी पड़ सकती है, शेयर कीमतों पर असर पड़ सकता है और सौदा रद्द होने की नौबत भी आ सकती है।

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बच्चों की सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया पर सख्ती की तैयारी, EU ला सकता है नया कानून

यूरोपीय यूनियन (EU) बच्चों को सोशल मीडिया के संभावित नुकसान से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2026
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यूरोपीय यूनियन (EU) बच्चों को सोशल मीडिया के संभावित नुकसान से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। यूरोपीय कमीशन (European Commission) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर उम्र के आधार पर प्रतिबंध लगाने वाला नया कानून लाया जाएगा।

यह घोषणा ऑनलाइन बाल सुरक्षा पर विशेषज्ञों की एक रिपोर्ट आने के बाद की गई है। रिपोर्ट में 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और इसी तरह के अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है।

उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह सवाल नहीं है कि बच्चे सोशल मीडिया तक पहुंच सकते हैं या नहीं, बल्कि यह है कि सोशल मीडिया बच्चों तक कब और कैसे पहुंचता है। उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म ऐसे एल्गोरिदम का इस्तेमाल करते हैं, जो बच्चों को लंबे समय तक स्क्रीन पर बनाए रखते हैं और यह उनके लिए नुकसानदायक हो सकता है।

उन्होंने बताया कि यूरोपीय कमीशन इस साल शरद ऋतु (Autumn) में इस संबंध में कानून का मसौदा पेश करेगा। हालांकि उन्होंने न्यूनतम उम्र तय नहीं की, लेकिन विशेषज्ञों की उम्र के हिसाब से चरणबद्ध इंटरनेट उपयोग की सिफारिश को काफी प्रभावी बताया।

विशेषज्ञ समिति ने सुझाव दिया है कि 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि वीडियो गेम, AI चैटबॉट और ऐसे अन्य प्लेटफॉर्म, जिनमें सोशल मीडिया जैसी सुविधाएं हों, उन पर भी प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही सदस्य देशों को जरूरत पड़ने पर इससे भी सख्त नियम बनाने का अधिकार देने की बात कही गई है।

यूरोप के कम से कम 10 देशों ने पहले ही बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की योजना की घोषणा कर दी है। फ्रांस 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है, जबकि स्पेन 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंध चाहता है। ग्रीस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों पर नए नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे।

वहीं, ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश बन चुका है जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Facebook, Instagram, YouTube, TikTok, Snapchat और X जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाया है।

यूरोपीय कमीशन का कहना है कि इंटरनेट को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाना सिर्फ माता-पिता की जिम्मेदारी नहीं हो सकती। जिस तरह कार कंपनियां सुरक्षा के लिए सीट बेल्ट और एयरबैग देती हैं, उसी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म को भी बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

इसी बीच यूरोपीय कमीशन ने Meta और TikTok के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। आयोग का आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स के कुछ फीचर, जैसे इनफिनिट स्क्रॉल, ऑटो-प्ले वीडियो, लगातार आने वाले नोटिफिकेशन और अत्यधिक निजीकरण वाले एल्गोरिदम, बच्चों और किशोरों में लत लगाने जैसी प्रवृत्ति पैदा करते हैं। हालांकि दोनों कंपनियों ने इन आरोपों से इनकार किया है और मामले की जांच जारी है।

विशेषज्ञों की रिपोर्ट में छोटे बच्चों के स्क्रीन टाइम को लेकर भी सुझाव दिए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार तीन साल से कम उम्र के बच्चों को वीडियो कॉल या परिवार की तस्वीरें देखने जैसी सीमित परिस्थितियों को छोड़कर स्क्रीन से दूर रखना चाहिए। वहीं, तीन से 12 साल तक के बच्चों को इंटरनेट का इस्तेमाल माता-पिता या शिक्षक की निगरानी में और सीमित समय के लिए करना चाहिए।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 13 से 15 साल की उम्र मानसिक स्वास्थ्य के लिहाज से सबसे संवेदनशील होती है। इस दौरान सोशल मीडिया पर तुलना, लाइक और कमेंट जैसी चीजें बच्चों के आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।

अब यूरोपीय कमीशन के प्रस्तावित कानून को लागू होने से पहले यूरोपीय संसद और सदस्य देशों की मंजूरी लेनी होगी। अगर यह कानून पारित होता है, तो बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के क्षेत्र में यह दुनिया के सबसे बड़े और सख्त कदमों में से एक माना जाएगा।

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नेपाल: अर्जुन घिमिरे बने NTA के चेयरमैन, उमेश श्रेष्ठ को मिली प्रेस काउंसिल की कमान

मंत्रिपरिषद के 8 जुलाई के फैसले के तहत अर्जुन घिमिरे को नेपाल टेलीकम्युनिकेशंस अथॉरिटी (NTA) का चेयरपर्सन और उमेश श्रेष्ठ को प्रेस काउंसिल नेपाल का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2026
Umesh Shrestha

नेपाल सरकार ने सूचना और संचार क्षेत्र में दो अहम नियुक्तियां की हैं। मंत्रिपरिषद के 8 जुलाई के फैसले के तहत अर्जुन घिमिरे को नेपाल टेलीकम्युनिकेशंस अथॉरिटी (NTA) का चेयरपर्सन और उमेश श्रेष्ठ को प्रेस काउंसिल नेपाल का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

सोमवार को सूचना एवं संचार मंत्री डॉ. बिक्रम तिमिल्सिना ने दोनों अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने दोनों को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और निष्पक्ष, पारदर्शी तथा परिणाम-आधारित तरीके से काम करने का निर्देश दिया।

डॉ. तिमिल्सिना ने कहा कि दोनों अधिकारियों का चयन प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए किया गया है। चयन समिति को भरोसा था कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि सूचना और संचार क्षेत्र के नियामक संस्थानों के प्रमुख के रूप में दोनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

मंत्री ने कहा कि मीडिया क्षेत्र को अधिक जिम्मेदार, गरिमापूर्ण और प्रभावी बनाने में प्रेस काउंसिल की अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में गलत सूचना (Misinformation) और भ्रामक सूचना (Disinformation) मीडिया के सामने बड़ी चुनौती हैं, जिनकी पहचान कर उनसे प्रभावी ढंग से निपटने की जरूरत है।

उन्होंने यह भी बताया कि नेपाल सरकार पुराने मीडिया कानूनों में बदलाव की दिशा में काम कर रही है। मीडिया काउंसिल विधेयक और मास मीडिया विधेयक के मसौदों पर चर्चा भी आगे बढ़ चुकी है।

दूरसंचार क्षेत्र को लेकर डॉ. तिमिल्सिना ने कहा कि नागरिकों के हित और बेहतर सेवाओं को केंद्र में रखते हुए अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार आवश्यक नीतिगत और संस्थागत सहयोग देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

नवनियुक्त प्रेस काउंसिल चेयरमैन उमेश श्रेष्ठ ने कहा कि मीडिया का स्वरूप तेजी से बदल चुका है, लेकिन प्रेस काउंसिल से जुड़े कानून पुराने हो गए हैं। ऐसे में समय के अनुसार उनमें संशोधन किया जाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता पत्रकार आचार संहिता को प्रभावी ढंग से लागू करना और पत्रकारिता में स्व-नियमन (Self-Regulation) की व्यवस्था को और मजबूत बनाना होगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करते हुए जिम्मेदार पत्रकारिता को बढ़ावा देने के लिए प्रेस काउंसिल सक्रिय भूमिका निभाएगी और सरकार तथा मीडिया के बीच भरोसे का मजबूत सेतु बनेगी।

वहीं, नेपाल टेलीकम्युनिकेशंस अथॉरिटी के नए चेयरपर्सन अर्जुन घिमिरे ने दूरसंचार क्षेत्र की मौजूदा कमियों को दूर करने और समस्याओं का समाधान करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य नागरिक-केंद्रित, जवाबदेह और प्रभावी दूरसंचार व्यवस्था विकसित करना है।

घिमिरे ने कहा कि वे संचार मंत्रालय और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर बेहतर गुणवत्ता वाली और उपभोक्ता-अनुकूल दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेंगे।

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OpenAI पर 'न्यूयॉर्क टाइम्स' समेत कई अखबारों का बड़ा आरोप, कोर्ट से कार्रवाई की मांग

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स', 'न्यूयॉर्क डेली न्यूज' समेत कई समाचार संस्थानों ने OpenAI के खिलाफ संघीय अदालत में सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Last Modified:
Saturday, 11 July, 2026
OpenAI5412

अमेरिका के प्रतिष्ठित अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' (The New York Times), 'न्यूयॉर्क डेली न्यूज' (New York Daily News) समेत कई समाचार संस्थानों ने OpenAI के खिलाफ संघीय अदालत में सख्त कार्रवाई की मांग की है। अखबारों का आरोप है कि OpenAI ने अदालत को यह कहकर गुमराह किया कि वह अपने AI सिस्टम में मौजूद कॉपीराइट वाले समाचारों को खोज नहीं सकता, जबकि कंपनी पहले ही ऐसा कर चुकी थी।

मैनहैटन की संघीय अदालत में गुरुवार को दाखिल याचिका में समाचार संस्थानों ने कहा कि OpenAI ने गलत दावा किया था कि वह अपने बड़े भाषा मॉडल (Large Language Models) और ट्रेनिंग डेटासेट में उनके लेखों की प्रतियां खोजने में सक्षम नहीं है। जबकि पहला मुकदमा दायर होने से पहले ही कंपनी कई बार ऐसी खोज कर चुकी थी।

अखबारों ने यह भी आरोप लगाया कि OpenAI ने ChatGPT की अरबों बातचीत (Chat Logs) को या तो हटा दिया या फिर उन्हें इस तरह बदल दिया कि उनकी खोज संभव न रहे। उनका कहना है कि इससे मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने अदालत से OpenAI पर जुर्माना लगाने, कानूनी खर्च दिलाने और यह मानने की मांग की है कि ChatGPT के रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण हैं कि कंपनी ने उनके कॉपीराइट वाले समाचारों का इस्तेमाल किया।

याचिका में कहा गया है कि यह पूरा विवाद कॉपीराइट सामग्री की नकल (Copying) से जुड़ा है। समाचार संस्थानों का दावा है कि उनके लेखों के इस्तेमाल के सबूत OpenAI के ट्रेनिंग डेटासेट और ChatGPT के आउटपुट लॉग में मौजूद हैं।

अखबारों का यह भी आरोप है कि OpenAI के रवैये की वजह से मामले की सुनवाई में देरी हुई और उन्हें यह समझने का पूरा मौका नहीं मिला कि कंपनी किस हद तक उनके समाचारों को स्क्रैप करती है, AI मॉडल को ट्रेन करती है और फिर उसी सामग्री का आउटपुट देती है।

याचिका के मुताबिक, OpenAI ने 2024 में अदालत से कहा था कि उसके पास अपने ट्रेनिंग डेटासेट को प्रभावी ढंग से खोजने का कोई टूल नहीं है। इसके बाद 2025 में कंपनी ने यह भी कहा कि ChatGPT के बड़े पैमाने पर मौजूद आउटपुट लॉग में खोज करने की कोई व्यवस्था उसके सिस्टम में नहीं है और ऐसा सिस्टम बनाना काफी मुश्किल होगा।

हालांकि, अखबारों का कहना है कि बाद में OpenAI के एक कर्मचारी ने गवाही में स्वीकार किया कि कंपनी ने समाचार संस्थानों की सामग्री को लेकर कई बार खोज की थी। उनका कहना है कि यह बयान OpenAI के पहले दिए गए दावों के बिल्कुल विपरीत है।

वहीं OpenAI ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ड्रू पुसाटेरी (Drew Pusateri) ने रॉयटर्स से कहा कि जैसे-जैसे न्यूयॉर्क टाइम्स का मामला कमजोर पड़ रहा है और उसे अपने कुछ दावे वापस लेने पड़े हैं, वैसे-वैसे वह ऐसे झूठे आरोप लगाकर उन लोगों की निजता में दखल देने की कोशिश कर रहा है जिनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।

गौरतलब है कि पिछले महीने द न्यूयॉर्क टाइम्स ने संशोधित शिकायत में OpenAI के खिलाफ लगाया गया एक अतिरिक्त कॉपीराइट उल्लंघन का दावा वापस ले लिया था।

यह मुकदमा सबसे पहले वर्ष 2023 में दायर किया गया था। इसमें आरोप लगाया गया है कि OpenAI और उसके सबसे बड़े वित्तीय साझेदार Microsoft ने ChatGPT के AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए बिना अनुमति लाखों समाचार लेखों का इस्तेमाल किया।

यह मामला उन कई कॉपीराइट मुकदमों में से एक है, जो लेखकों, प्रकाशकों, कलाकारों और संगीत कंपनियों ने OpenAI, Anthropic और Meta जैसी AI कंपनियों के खिलाफ दायर किए हैं। इन सभी मामलों में आरोप है कि AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए कॉपीराइट सामग्री का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया।

द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुख्य वकील इयान क्रॉस्बी (Ian Crosby) ने आरोप लगाया कि OpenAI ने पूरे मामले के दौरान अपनी क्षमताओं के बारे में गलत जानकारी दी। वहीं न्यूयॉर्क डेली न्यूज के वकील स्टीवन लीबरमैन (Steven Lieberman) ने कहा कि अदालत से की गई यह मांग OpenAI को उन सबूतों को छिपाने और नष्ट करने के लिए दंडित करने के उद्देश्य से की गई है, जिनसे यह पता चल सकता है कि ChatGPT को कथित तौर पर चोरी की गई पत्रकारिता सामग्री से प्रशिक्षित किया गया।

OpenAI पहले भी यह दलील दे चुका है कि ChatGPT की बातचीत के रिकॉर्ड सार्वजनिक करने से उसके उपयोगकर्ताओं की निजता प्रभावित हो सकती है।

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The New York Times की T Magazine को मिली नई एडिटर-इन-चीफ, जोडी क्वॉन संभालेंगी कमान

दुनिया के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान The New York Times ने अपनी प्रसिद्ध लाइफस्टाइल, फैशन और संस्कृति पर आधारित T Magazine के लिए नई एडिटर-इन-चीफ की घोषणा कर दी है।

Last Modified:
Wednesday, 08 July, 2026
JodyQuon785

दुनिया के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान The New York Times ने अपनी प्रसिद्ध लाइफस्टाइल, फैशन और संस्कृति पर आधारित T Magazine के लिए नई एडिटर-इन-चीफ की घोषणा कर दी है। अब इस जिम्मेदारी को अनुभवी मैगजीन एडिटर और क्रिएटिव लीडर जोडी क्वॉन (Jody Quon) संभालेंगी।

कंपनी ने कहा कि 20 साल से अधिक समय से T Magazine फैशन, कला, साहित्य और संस्कृति की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। ऐसे में मैगजीन के अगले प्रमुख के रूप में ऐसे व्यक्ति की जरूरत थी, जो इसकी विरासत को आगे बढ़ा सके। कंपनी का मानना है कि जोडी क्वॉन इस भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त हैं।

न्यूयॉर्क मैगजीन में निभाई अहम भूमिका

जोडी क्वॉन ने करीब दो दशक तक New York Magazine में काम किया। इस दौरान उन्होंने कई चर्चित और पुरस्कार विजेता कवर स्टोरी और विजुअल प्रोजेक्ट तैयार किए। उनकी पहचान ऐसे क्रिएटिव कामों के लिए रही है, जिन्होंने पत्रकारिता में नए मानक स्थापित किए।

पहले भी रह चुकी हैं The New York Times का हिस्सा

यह जोडी क्वॉन की The New York Times में वापसी भी है। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने यहीं फैशन सेक्शन में फोटो रिसर्चर के रूप में की थी। बाद में वह The New York Times Magazine में डिप्टी फोटो एडिटर बनीं और एक दशक से ज्यादा समय तक संस्थान के साथ जुड़ी रहीं।

कई प्रतिष्ठित पुरस्कार जीत चुकी हैं

अपने लंबे करियर में जोडी क्वॉन के नेतृत्व में तैयार किए गए विजुअल प्रोजेक्ट्स को कई बड़े सम्मान मिले हैं। इनमें Robert F. Kennedy Journalism Award, George Polk Award और कई National Magazine Awards शामिल हैं। इसके अलावा उन्हें फोटोग्राफी और मैगजीन डिजाइन के लिए भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।

हाल ही में उनके नेतृत्व में प्रकाशित फोटोग्राफी प्रोजेक्ट को 2026 National Magazine Award for Photography भी मिला।

पहली बार विजुअल आर्ट्स बैकग्राउंड वाला एडिटर

The New York Times ने कहा कि T Magazine के इतिहास में यह पहली बार होगा, जब विजुअल आर्ट्स की मजबूत पृष्ठभूमि वाला कोई व्यक्ति एडिटर-इन-चीफ बनेगा। कंपनी को उम्मीद है कि जोडी क्वॉन की रचनात्मक सोच और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मैगजीन को नई दिशा देगा।

कंपनी ने यह भी कहा कि जोडी फैशन, कला, साहित्य और संगीत जैसी दुनिया को आकर्षक और प्रेरणादायक अंदाज में पाठकों के सामने पेश करने की खास क्षमता रखती हैं। उनके नेतृत्व में T Magazine अपने पाठकों को पहले से अधिक समृद्ध और अलग अनुभव देने का प्रयास करेगी।

The New York Times ने जोडी क्वॉन का स्वागत करते हुए विश्वास जताया है कि उनके नेतृत्व में T Magazine अपनी मजबूत पहचान को और आगे बढ़ाएगी।

 

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