आरएसएस के संगठनकर्ता से गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने तक नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक संवाद, चुनावी प्रचार और अपनी सार्वजनिक छवि को एक खास पहचान दी है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 76 साल के हो गए हैं। जन्मदिन के इस मौके पर उनके करीब 25 साल के राजनीतिक सफर पर नजर डालें तो यह यात्रा गुजरात से देश के प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के साथ-साथ एक अलग तरह की राजनीतिक ब्रैंडिंग की कहानी भी है। आरएसएस के संगठनकर्ता से गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने तक नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक संवाद, चुनावी प्रचार और अपनी सार्वजनिक छवि को एक खास पहचान दी है।
17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे नरेंद्र मोदी का शुरुआती जीवन साधारण आर्थिक परिस्थितियों में बीता। वह अपने शुरुआती वर्षों और परिवार की चाय की दुकान से जुड़ी कहानी का अक्सर उल्लेख करते रहे हैं। हालांकि उनकी राजनीतिक नींव चुनावी राजनीति में आने से पहले संगठन के स्तर पर तैयार हुई।
नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और आरएसएस प्रचारक के तौर पर काम किया। इसके बाद वह भारतीय जनता पार्टी के संगठन में आए। वर्ष 1987 तक वह बीजेपी की गुजरात इकाई के महासचिव के तौर पर काम कर रहे थे। वर्ष 1995 में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया और हरियाणा व हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में पार्टी के काम की जिम्मेदारी मिली।
गुजरात से राष्ट्रीय राजनीति तक: 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वह मई 2014 तक इस पद पर रहे और गुजरात के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले व्यक्ति बने। गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल ने उनकी राष्ट्रीय राजनीतिक पहचान को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। उनकी सरकार ने गुजरात को निवेश के प्रमुख केंद्र के तौर पर पेश किया। वाइब्रेंट गुजरात समिट राज्य के आर्थिक विकास और निवेश के प्रस्ताव को सामने रखने का एक प्रमुख मंच बना। विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और प्रशासनिक दक्षता आगे चलकर नरेंद्र मोदी की राष्ट्रीय राजनीतिक छवि के महत्वपूर्ण हिस्से बने।
हालांकि गुजरात के वर्ष 2002 के सांप्रदायिक दंगों को लेकर उनका राजनीतिक सफर विवादों से भी जुड़ा रहा। मोदी और उनकी सरकार को हिंसा को लेकर वर्षों तक राजनीतिक आलोचना और जांच का सामना करना पड़ा। 2012 में कोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल ने दंगों से जुड़े आरोपों में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं पाए। वर्ष 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। 2013 में बीजेपी ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया और इसके बाद 2014 का लोकसभा चुनाव उनके राजनीतिक सफर में एक बड़ा पड़ाव बना।
2014 में बदला चुनावी प्रचार का अंदाज: 2014 का लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी की जीत के साथ-साथ भारतीय राजनीतिक प्रचार के तौर-तरीकों में बदलाव के लिए भी महत्वपूर्ण रहा। ‘अबकी बार मोदी सरकार’, ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ और ‘चाय पर चर्चा’ जैसे नारों ने चुनावी अभियान में नरेंद्र मोदी को केंद्र में रखा। उनकी साधारण पृष्ठभूमि भी राजनीतिक संवाद का हिस्सा बनी। विरोधियों की ओर से इस्तेमाल किया गया ‘चायवाला’ शब्द भी अभियान के दौरान उनकी पहचान का हिस्सा बन गया।
इस चुनाव में तकनीक का भी बड़े स्तर पर इस्तेमाल हुआ। 3D होलोग्राम रैलियों, सोशल मीडिया आउटरीच और योजनाबद्ध कार्यक्रमों के जरिए नरेंद्र मोदी को अभियान के केंद्र में रखा गया। बीजेपी ने 282 लोकसभा सीटें जीतीं और 1984 के बाद पहली बार किसी एक पार्टी को अपने दम पर लोकसभा में बहुमत मिला।
26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 303 सीटें जीतीं और नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बने। 2024 के चुनाव में बीजेपी को 240 सीटें मिलीं और वह अपने दम पर बहुमत से दूर रही, लेकिन बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने सरकार बनाने के लिए पर्याप्त सीटें हासिल कीं। 9 जून 2024 को नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। वह जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शुरुआत करने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बने।
जब ‘मोदी’ सिर्फ नाम नहीं, एक ब्रैंड बना: करीब 25 साल की राजनीतिक यात्रा में एक समय ऐसा आया जब नरेंद्र मोदी सिर्फ एक राजनेता के नाम तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ‘मोदी’ एक राजनीतिक ब्रैंड के तौर पर पहचाना जाने लगा। इस ब्रैंड की अपनी एक पहचान बनी। ‘मित्रों’, ‘भाइयों और बहनों’, ‘सबका साथ, सबका विकास’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ जैसे शब्द और नारों ने उनकी राजनीतिक संवाद शैली को अलग पहचान दी।
उनकी दृश्य पहचान भी इसी तरह स्पष्ट हुई। आधी बांह वाले कुर्ते को उनके साथ इतना जोड़ा गया कि इसे लोकप्रिय तौर पर ‘मोदी कुर्ता’ कहा जाने लगा। बिना आस्तीन की जैकेट, शॉल, स्वतंत्रता दिवस पर अलग-अलग तरह की पगड़ियां और क्षेत्रीय पहनावे उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों का हिस्सा बने।
हिमाचल प्रदेश में हिमाचली टोपी, अलग-अलग राज्यों के कार्यक्रमों में क्षेत्रीय साफे और पगड़ी, हैंडलूम, खादी तथा कोविड के दौरान नजर आया गमछा भी उनकी सार्वजनिक छवि का हिस्सा रहे हैं। राजनीतिक संवाद के इस दौर में कपड़े भी संदेश देने का एक माध्यम बने।
गुजरात के विकास से ‘विश्वगुरु’ की छवि तक: प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी की राजनीतिक छवि में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार हुआ। बड़े प्रवासी भारतीय कार्यक्रम, द्विपक्षीय बैठकें, जी20 से जुड़ी तस्वीरें, विदेश यात्राएं और वैश्विक नेताओं के साथ उनकी मुलाकातें उनकी घरेलू सार्वजनिक छवि का महत्वपूर्ण हिस्सा बनीं।
इसी के साथ भारत को संभावित ‘विश्वगुरु’ के तौर पर पेश करने वाली राजनीतिक शब्दावली भी सामने आई। ‘विश्वगुरु’ नरेंद्र मोदी और बीजेपी की ओर से समर्थित एक आकांक्षी राजनीतिक विचार है। भारत का अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और सरकार का विदेश नीति रिकॉर्ड राजनीतिक बहस के विषय बने हुए हैं।
राजनीतिक ब्रैंडिंग के नजरिए से देखें तो कहानी गुजरात के विकास से भारत के विकास और फिर दुनिया में भारत की भूमिका तक पहुंचती दिखाई देती है। समर्थकों के लिए नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय सक्रियता वैश्विक मंच पर अधिक मुखर भारत की तस्वीर पेश करती है, जबकि आलोचक इस नैरेटिव और भारत के कूटनीतिक, आर्थिक व लोकतांत्रिक रिकॉर्ड के अलग-अलग पहलुओं पर सवाल उठाते रहे हैं।
रेडियो से सोशल मीडिया और अब जेनरेशन Z तक: नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर में संचार का माध्यम बदलने के साथ उसके इस्तेमाल का तरीका भी बदला। रैलियां महत्वपूर्ण बनी रहीं, लेकिन ‘मन की बात’ के जरिए रेडियो को भी राजनीतिक संवाद में प्रमुखता मिली।
टेलीविजन के साथ सीधे डिजिटल संवाद पर भी जोर बढ़ा। ट्विटर, जिसे अब एक्स कहा जाता है, राजनीतिक संवाद का एक बड़ा माध्यम बना। इसके बाद इंस्टाग्राम और यूट्यूब भी सीधे दर्शकों तक पहुंचने के महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बने। नमो ऐप ने अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया।
इसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू केवल फॉलोअर्स की संख्या नहीं, बल्कि राजनेता और जनता के बीच दूरी कम होना था। प्रधानमंत्री को हर संदेश के लिए अखबार के फ्रंट पेज या रात के टीवी बुलेटिन पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं रही। वह खुद भी सीधे अपना संदेश लोगों तक पहुंचा सकते हैं। यह बदलाव सिर्फ नरेंद्र मोदी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अलग-अलग राजनीतिक दलों में राजनीतिक संवाद के तरीके को भी प्रभावित किया।
अब राजनीतिक संवाद में जेनरेशन Z पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मंत्रियों को इंस्टाग्राम और रील्स के जरिए ज्यादा सक्रियता से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने की उनकी हालिया कोशिश इस बदलाव की ओर संकेत करती है। हालांकि यह उनके राजनीतिक करियर की पूरी कहानी नहीं, बल्कि संचार के बदलते माध्यम के साथ जुड़ा नया अध्याय है।
76 की उम्र में भी राजनीतिक सफर जारी: अक्टूबर 2026 में नरेंद्र मोदी के किसी सरकार के मुखिया बनने के 25 साल पूरे होंगे। इस दौरान उनके नेतृत्व में एनडीए ने तीन लोकसभा चुनाव जीते हैं। वह एक दशक से अधिक समय से प्रधानमंत्री हैं, 13 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और इससे पहले कई दशक राजनीतिक संगठन में काम कर चुके हैं।
उनके राजनीतिक सफर में विवाद, राजनीतिक संघर्ष, नीतिगत बदलाव, चुनावी उतार-चढ़ाव और उनकी सरकार के रिकॉर्ड को लेकर तीखे मतभेद भी रहे हैं। उनके कार्यकाल ने जहां मजबूत समर्थन पैदा किया, वहीं उतना ही मुखर विरोध भी देखने को मिला। 17 सितंबर 2026 को 76 साल के हुए नरेंद्र मोदी आज भी भारतीय राजनीति के केंद्र में हैं और प्रधानमंत्री के तौर पर अपने तीसरे कार्यकाल में हैं। वडनगर में जन्मे बच्चे से आरएसएस के संगठनकर्ता, फिर गुजरात के मुख्यमंत्री और उसके बाद प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने वाली यह यात्रा करीब 25 साल से सरकार के शीर्ष स्तर पर जारी है।
राजनीतिक कार्यकर्ता से मुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार, उम्मीदवार से प्रधानमंत्री और फिर लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने तक नरेंद्र मोदी की यात्रा में उनका नाम एक राजनीतिक ब्रैंड के रूप में भी स्थापित हुआ। ‘मोदी कुर्ता’ उनकी पहचान का हिस्सा बना, नारे चुनावी अभियान की संपत्ति बने और ‘मित्रों’ राजनीतिक संवाद का पहचाना जाने वाला अंदाज।
गणेशोत्सव पर ब्रैंड्स ने भी क्रिएटिव अंदाज में बप्पा का स्वागत किया। किसी ने डिलीवरी रूट से गणेश की आकृति बनाई, तो किसी ने रोजमर्रा की चीजों को त्योहार से जोड़ा।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
गणेशोत्सव सिर्फ पंडालों और घरों तक सीमित नहीं रही। इस बार कई ब्रैंड्स ने अपने-अपने अंदाज में बप्पा के स्वागत को क्रिएटिव कैंपेन से जोड़ा। किसी ने डिलीवरी रूट को गणेश की आकृति में बदला, तो किसी ने रोजमर्रा की चीजों को गणपति के रूप में पेश किया। वहीं कुछ ब्रैंड्स ने त्योहार को यादों, परंपरा और सामाजिक संदेश के साथ जोड़ा।
आइए नजर डालते हैं गणेशोत्सव के दौरान नजर आए कुछ ऐसे ही क्रिएटिव ब्रैंड कैंपेन पर-
Zomato ने गणेशोत्सव की अपनी क्रिएटिविटी में इंटरनेट की भाषा और रोजमर्रा की बातचीत को जगह दी। ब्रैंड ने बप्पा को एक ऐसे करीबी दोस्त के तौर पर पेश किया, जिनके साथ लोग बिना किसी झिझक के अपनी भावनाएं साझा करते हैं। कैंपेन ने त्योहार को मॉडर्न डिजिटल कल्चर से जोड़ने की कोशिश की।
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वहीं Blinkit और Domino’s ने एक जैसे क्रिएटिव आइडिया के साथ लोगों का ध्यान खींचा। दोनों ब्रैंड्स ने अपने लाइव ऑर्डर-ट्रैकिंग मैप का इस्तेमाल करते हुए डिलीवरी रूट को इस तरह दिखाया कि वह भगवान गणेश की आकृति जैसा नजर आए। इस तरह रोजमर्रा की डिलीवरी को गणेशोत्सव के जश्न से जोड़ दिया गया।
Visa और Mastercard ने त्योहार के सबसे पसंदीदा व्यंजनों में से एक मोदक को अपने कैंपेन का हिस्सा बनाया। Visa ने मोदक को गणेश उत्सव के 10 दिनों के खास स्वाद से जोड़ा, जबकि Mastercard ने अपने चर्चित टैगलाइन के जरिए बप्पा को पहला निवाला अर्पित करने की परंपरा को क्रिएटिव अंदाज में पेश किया।
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Croma और Goldmedal ने घर में इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स को गणेशोत्सव की क्रिएटिविटी से जोड़ दिया। Croma ने कंप्यूटर माउस को मूषक राज के रूप में दिखाया। वहीं Goldmedal ने दो आयरन की मदद से गणपति का चेहरा बनाया और इसके जरिए जिंदगी की छोटी-बड़ी परेशानियों को ‘आयरन आउट’ करने का संदेश दिया।
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BPCL ने त्योहार को सामाजिक संदेश के साथ जोड़ा। अपने #SilentVoices कैंपेन के जरिए ब्रैंड ने उन लोगों और उनकी प्रतिभाओं को सामने लाने की कोशिश की, जिनकी आवाज अक्सर अनसुनी रह जाती है। कैंपेन ने गणेशोत्सव के ‘नई शुरुआत’ वाले संदेश को समान अवसर और सपनों को आगे बढ़ाने के विचार से जोड़ा।
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Hero MotoCorp ने गणेशोत्सव के लिए देश की अलग-अलग लोक कलाओं का सहारा लिया। ब्रैंड ने पांच लोक कला शैलियों (वारली, कलमकारी, गोंड, पिछवाई और माता नी पछेड़ी) के कलाकारों के साथ मिलकर अपने वाहनों को इन कलाओं में शामिल किया। कैंपेन में बप्पा के आगमन को स्थानीय कला और भारतीय परंपराओं के साथ जोड़ा गया।
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Hero ने अपने कैंपेन में ASMR साउंडस्केप का भी इस्तेमाल किया। इसमें Hero Destini से आने वाली धातु की टैपिंग और क्लिक जैसी आवाजों को शामिल किया गया, जिससे पारंपरिक कला और रोजमर्रा की जिंदगी का एक अलग मेल देखने को मिला।
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DHL ने भी त्योहार के लिए एक सरल लेकिन दिलचस्प आइडिया पेश किया। धूप में उड़ते कार्गो प्लेन की जमीन पर पड़ने वाली परछाई को इस तरह दिखाया गया कि वह भगवान गणेश की आकृति जैसी नजर आती है। इसके जरिए ब्रैंड ने अपनी डिलीवरी सर्विस को बप्पा के ‘स्पेशल डिलीवरी’ वाले संदर्भ से जोड़ दिया।
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Paper Boat ने अपने कैंपेन में लोगों को बचपन की यादों की ओर ले जाने की कोशिश की। ब्रैंड ने गणेश उत्सव के दौरान लगने वाले बाजारों और वहां सजी बप्पा की मूर्तियों को देखकर बचपन में महसूस होने वाली उत्सुकता और हर मूर्ति को घर ले जाने की मासूम इच्छा को क्रिएटिव अंदाज में पेश किया।
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मनोरंजन और मीडिया ब्रैंड्स ने भी गणेशोत्सव को अपने कंटेंट के अंदाज में पेश किया। Discovery Channel ने बप्पा को सिर्फ पंडालों तक सीमित न रखते हुए आसपास की दुनिया में मौजूद एक सकारात्मक एहसास के तौर पर दिखाया।
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वहीं Cartoon Network ने अपने चिर-परिचित किरदार Jerry के जरिए त्योहार को बच्चों की मासूमियत से जोड़ा। क्रिएटिव में Jerry एक छोटे हाथी के कान में अपनी इच्छा बताते हुए नजर आया, जो बचपन में भगवान गणेश से अपनी छोटी-बड़ी बातें साझा करने वाली भावनाओं की याद दिलाता है।
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इस तरह गणेशोत्सव पर ब्रैंड्स ने सिर्फ शुभकामनाएं देने के बजाय फूड, डिलीवरी, ऑटोमोबाइल, पेमेंट, टेक्नोलॉजी, मनोरंजन और रोजमर्रा के प्रोडक्ट्स को त्योहार की कहानी से जोड़ने की कोशिश की। अलग-अलग क्रिएटिव आइडियाज के जरिए बप्पा के स्वागत को डिजिटल फीड और विज्ञापन कैंपेन का हिस्सा बनाया गया।
फिलिप्स (Philips) ने अभिनेत्री और उद्यमी सुष्मिता सेन को अपना नया ब्रैंड एंबेसडर बनाया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
फिलिप्स (Philips) ने अभिनेत्री और उद्यमी सुष्मिता सेन को अपना नया ब्रैंड एंबेसडर बनाया है। कंपनी ने इसके साथ ही अपने एयरफ्रायर को प्रमोट करने के लिए नया कैंपेन ‘Airfryer Matlab Philips’ भी लॉन्च किया है।
इस कैंपेन फिल्म में रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई ऐसे मौके दिखाए गए हैं, जहां लोग अलग-अलग विकल्पों में से किसी एक को चुनने को लेकर सोचते हैं। इसके बाद फिल्म एयरफ्रायर की खरीदारी से इसकी तुलना करती है और दिखाती है कि एयरफ्रायर की बात आते ही Philips एक आसान और तुरंत पसंद बनने वाला विकल्प है।
इस कैंपेन की रणनीति और क्रिएटिव तैयार करने की जिम्मेदारी Philips की क्रिएटिव और स्ट्रैटेजिक पार्टनर WillBe Done ने संभाली है। यह कैंपेन टेलीविजन, डिजिटल, सोशल मीडिया और रिटेल प्लेटफॉर्म पर चलाया जाएगा। कंपनी ने इसे त्योहारी सीजन से पहले शुरू करने की योजना बनाई है।
Versuni India की MD और CEO गुलबहार तौरानी ने कहा कि ‘Airfryer Matlab Philips’ कैंपेन उन उपभोक्ताओं के प्यार का जश्न है, जो Philips को दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ने एयरफ्रायर कैटेगरी में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है और अब उसका लक्ष्य एयरफ्राइंग को हर भारतीय घर तक पहुंचाना है।
वहीं, Philips की ब्रैंड एंबेसडर बनने पर सुष्मिता सेन ने कहा कि वह Philips के साथ अपनी साझेदारी को आगे बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा भारतीय परिवारों के रोजमर्रा के खाना बनाने में एयरफ्राइंग को शामिल करने की दिशा में कंपनी के सफर का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हैं।
ईजमायट्रिप के को-फाउंडर निशांत पिट्टी ने निजी इस्तेमाल के लिए कंपनी के 34.51 करोड़ शेयर गिरवी रखे हैं। इन शेयरों की कीमत करीब 211.92 करोड़ रुपये बताई गई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी ईजमायट्रिप (EaseMyTrip) के को-फाउंडर और प्रमोटर निशांत पिट्टी (Nishant Pitti) ने निजी इस्तेमाल के लिए कंपनी के करीब 212 करोड़ रुपये के शेयर गिरवी रखे हैं। रेगुलेटरी फाइलिंग (Regulatory Filing) के मुताबिक, उन्होंने 24 अगस्त को मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services) के पक्ष में 34.51 करोड़ शेयर प्लेज (Pledge) किए।
गिरवी रखे गए 34.51 करोड़ शेयर ईजमायट्रिप की कुल पेड-अप शेयर कैपिटल (Paid-up Share Capital) का 8.66 फीसदी हैं। फाइलिंग में बताया गया है कि यह ट्रांजैक्शन प्रमोटर के निजी इस्तेमाल के लिए है। यानी इससे जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल लिस्टेड कंपनी के कारोबार के लिए नहीं किया जाएगा।
गिरवी रखे गए शेयरों की वैल्यू और ट्रांजैक्शन में शामिल रकम, दोनों 211.92 करोड़ रुपये बताई गई हैं। इस ट्रांजैक्शन के लिए सिक्योरिटी कवर (Security Cover) 1:1 रखा गया है।
नए शेयर प्लेज के बाद निशांत पिट्टी के पास मौजूद ईजमायट्रिप के कुल 44.87 करोड़ शेयर गिरवी हो गए हैं। यह कंपनी की कुल शेयर कैपिटल का 11.26 फीसदी है। पिट्टी की कंपनी में कुल हिस्सेदारी 11.39 फीसदी है।
इसका मतलब है कि ईजमायट्रिप में निशांत पिट्टी की लगभग पूरी हिस्सेदारी अब गिरवी है। रेगुलेटरी डिस्क्लोजर (Regulatory Disclosure) में साफ किया गया है कि शेयर प्लेज का उद्देश्य प्रमोटर का निजी इस्तेमाल है और इससे मिलने वाली रकम का उपयोग ईजमायट्रिप के फायदे या कंपनी की जरूरतों के लिए नहीं किया जाएगा।
एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप ने गुरुवार, 10 सितंबर को गुरुग्राम में e4m D2C Awards के पांचवें संस्करण का आयोजन किया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप ने गुरुवार, 10 सितंबर को गुरुग्राम में e4m D2C Awards के पांचवें संस्करण का आयोजन किया। इस अवॉर्ड समारोह में भारत के तेजी से बढ़ते Direct-to-Consumer (D2C) इकोसिस्टम से जुड़े प्रमुख ब्रैंड्स, एजेंसीज, उद्यमी और मार्केटिंग लीडर्स एक मंच पर नजर आए।
स्टार-स्टडेड अवॉर्ड समारोह में उन ब्रैंड्स और एजेंसीज को सम्मानित किया गया, जिन्होंने इनोवेशन, मजबूत Consumer Connect और प्रभावी बिजनेस स्ट्रैटेजी के जरिए D2C सेक्टर में अपनी अलग पहचान बनाई है। अवॉर्ड्स में उनकी इनोवेटिव स्ट्रैटजीस, विजनरी कैंपेंस और नई पहल को सम्मान दिया गया, जिन्होंने तेजी से बदल रहे D2C इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है।
Flipkart, Amazon और boAt Lifestyle समेत कई नाम आगे
इस साल सबसे ज्यादा अवॉर्ड्स हासिल करने वाले प्रमुख ब्रैंड्स और एजेंसीज में Flipkart, Amazon, boAt Lifestyle, Been There Done That (BTDT) Media, Ittisa Digital Media और HomeFoil शामिल रहे।
e4m D2C Awards के पांचवें संस्करण में अलग-अलग कैटेगरी में D2C ब्रैंड्स और एजेंसीज को उनकी Creativity, मार्केटिंग Excellence और कंज्यूमर्स के साथ मजबूत जुड़ाव बनाने के लिए सम्मानित किया गया। अवॉर्ड्स में इस बात को भी सामने रखा गया कि आज ब्रैंड्स प्रतिस्पर्धी बाजार में अपनी पहचान मजबूत करने के लिए Digital Platforms, Data और New-Age मार्केटिंग Strategies का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं।
D2C इकोसिस्टम के दिग्गज एक मंच पर
इस समारोह में भारत के D2C इकोसिस्टम से जुड़े इंडस्ट्री लीडर्स, Entrepreneurs और प्रमुख Marketers भी शामिल हुए। उनकी मौजूदगी ने इस सेक्टर के बढ़ते महत्व को दिखाया।
समारोह में इस बात पर भी जोर रहा कि इनोवेशन भारत की Consumer Economy के अगले दौर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
D2C ब्रैंड्स के फाउंडर्स को भी मिला सम्मान
इस बार e4m D2C Awards में सिर्फ ब्रैंड्स और एजेंसीज को ही सम्मानित नहीं किया गया, बल्कि उन फाउंडर्स को भी सम्मान दिया गया, जिन्होंने भारत के तेजी से बदलते D2C सेक्टर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
देश की कई प्रमुख D2C कंपनियों के फाउंडर्स को Consumer-first Businesses तैयार करने और उन्हें सफल बनाने में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इनमें Innovist की को-फाउंडर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) सिफत खुराना, Fixderma की को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) शाइली मेहरोत्रा, Caratlane के को-फाउंडर और चीफ प्रोडक्ट एवं टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CPTO) गुरुकिर्ती गुरुनाथन, Libas के फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सिद्धांत केशवानी, Wow! Momo के को-फाउंडर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) मुरली कृष्णन और Indo Era की को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सृष्टि तंवानी शामिल हैं।
इसके अलावा Mivi की को-फाउंडर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) मिधुला देवभक्तुनी, Clovia के को-फाउंडर पंकज वर्मानी, Underneat के को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) विमर्श रजदान और Archian Foods Pvt Ltd (Lahori Zeera) के को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सौरभ मुंजाल को भी सम्मानित किया गया। वहीं Noise के गौरव खत्री और अमित खत्री को भी Founder Recognition से सम्मानित किया गया।
फाउंडर्स की भूमिका पर रहा जोर
Founder Recognitions के जरिए उन लोगों की भूमिका को सामने लाया गया, जिन्होंने अपने-अपने ब्रैंड्स को खड़ा करने के साथ इनोवेशन को बढ़ावा दिया, बदलती कंज्यूमर की जरूरतों को समझा और अपनी-अपनी कैटेगरी में मजबूत पहचान बनाने वाले बिजनेस तैयार किए। इन सम्मान के जरिए D2C कंपनियों के पीछे काम करने वाले फाउंडर्स के लीडरशिप और विजन को भी पहचान दी गई।
पांच मुख्य कैटेगरी में हुए अवॉर्ड
e4m D2C Awards 5.0 में पांच मुख्य कैटेगरी रखी गई थीं। इनमें मार्केटिंग, इनोवेशन, बेस्ट इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, D2C गेमचेंजर अवॉर्ड्स और इंडिविजुअल गेमचेंजर अवॉर्ड्स शामिल हैं। इन कैटेगरी के जरिए ऐसी कैंपेंस और इनिशिएटिव्स को सम्मानित किया गया, जिन्होंने भारतीय मार्केटिंग परिदृश्य में सफलता के नए मानक स्थापित किए।
पांच संस्करण पूरे कर चुका है e4m D2C Awards
e4m D2C Awards 5.0 ने D2C इकोसिस्टम में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले ब्रैंड्स, मार्केटर्स और कैंपेंस के प्रयासों को पहचान दी। e4m D2C Awards के पांच संस्करण पूरे होने के साथ यह मंच उन ब्रैंड्स को लगातार सामने ला रहा है, जो कंज्यूमर्स के साथ जुड़ने के तरीके को बदल रहे हैं।
गुरुग्राम में आयोजित अवॉर्ड नाइट भारत के D2C ब्रैंड्स की उपलब्धियों और अलग-अलग कैटेगरी में उनके बढ़ते प्रभाव का जश्न बनी। इस समारोह ने यह भी दिखाया कि भारत में D2C सेक्टर लगातार नए प्रयोग, इनोवेशन और ग्राहकों की जरूरत और पसंद को ध्यान में रखकर बनाई गई रणनीतियों के साथ आगे बढ़ रहा है।
यहां देखें विजेताओं की लिस्ट:
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सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने अमित मेहता को चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर नियुक्त किया है। वह 1 अक्टूबर 2026 से जिम्मेदारी संभालेंगे और मनु वाधवा की जगह लेंगे।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (Sony Pictures Networks India) ने अमित मेहता (Amit Mehta) को चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर (Chief Human Resources Officer) नियुक्त करने का ऐलान किया है। वह 1 अक्टूबर 2026 से नई जिम्मेदारी संभालेंगे और मनु वाधवा (Manu Wadhwa) की जगह लेंगे। इसके साथ ही वह कंपनी की सीनियर मैनेजमेंट टीम (Senior Management Team) का हिस्सा होंगे।
मनु वाधवा आगे भी एसपीएनआई (SPNI) के साथ जुड़ी रहेंगी और स्ट्रैटेजी एडवाइजर (Strategy Advisor) की भूमिका निभाएंगी।
नई भूमिका में अमित कंपनी के पीपल एंड ऑर्गनाइजेशन (People & Organisation) फंक्शन के साथ एडमिनिस्ट्रेशन एंड फैसिलिटीज (Administration & Facilities) की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। वह सीईओ (CEO) और सीनियर मैनेजमेंट टीम के साथ टैलेंट और सक्सेशन (Talent & Succession), लीडरशिप डेवलपमेंट (Leadership Development), कल्चर, एम्प्लॉयी एक्सपीरियंस (Employee Experience) और ऑर्गनाइजेशनल इफेक्टिवनेस (Organisational Effectiveness) जैसे क्षेत्रों पर काम करेंगे।
अमित को सीईओ और बिजनेस लीडर्स के साथ ग्रोथ (Growth), ट्रांसफॉर्मेशन (Transformation) और संगठन की प्रभावशीलता से जुड़े काम करने का 16 साल से ज्यादा का अनुभव है।
एसपीएनआई के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ गौरव बनर्जी (Gaurav Banerjee) ने अमित का स्वागत करते हुए कहा कि बड़े स्थापित संगठन और तेजी से बढ़ती फाउंडर-लेड कंपनी (Founder-led Company) दोनों में काम करने का उनका अनुभव एसपीएनआई के अगले चरण के लिए उपयोगी होगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी की ग्रोथ के लिए लीडरशिप कैपेबिलिटी (Leadership Capability), संगठनात्मक संस्कृति और एम्प्लॉयी एक्सपीरियंस को मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने अमित के साथ मिलकर एक एजाइल और फ्यूचर-रेडी ऑर्गनाइजेशन (Agile and Future-ready Organisation) तैयार करने की उम्मीद जताई।
राजीव राजाराम को सन एनएक्सटी में हेड ऑफ कंटेंट नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह सोनी लिव में तमिल कंटेंट की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और उनके पास व्यापक अनुभव है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
राजीव राजाराम (Rajiv Rajaram) ने ओटीटी प्लेटफॉर्म सन एनएक्सटी (Sun NXT) में हेड ऑफ कंटेंट (Head of Content) के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।
राजाराम को स्ट्रीमिंग (Streaming), डिजिटल (Digital), फिल्म, रेडियो, टेलीविजन और एडवरटाइजिंग (Advertising) के क्षेत्र में काम करने का अनुभव है। वह रेडियो प्रोफेशनल (Radio Professional) और वॉइस आर्टिस्ट (Voice Artist) भी हैं। उनके नाम 3,500 से ज्यादा कमर्शियल्स (Commercials) का अनुभव है।
सन एनएक्सटी से जुड़ने से पहले वह सोनी लिव (Sony LIV) में हेड ऑफ कंटेंट-तमिल (Head of Content - Tamil) के पद पर थे। इस दौरान वह सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया (Sony Pictures Network India) से जुड़े रहे।
इससे पहले राजाराम कल्चर मशीन स्टूडियोज (Culture Machine Studios) में वाइस प्रेसिडेंट-कंटेंट-ओरिजिनल्स (Vice President - Content - Originals) की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। नई भूमिका में उनका फोकस सन एनएक्सटी के कंटेंट से जुड़े काम को आगे बढ़ाने पर रहेगा।
पिज्जा हट के ग्लोबल सीईओ एरॉन पॉवेल ने 1 सितंबर 2026 से पद छोड़ दिया है। यह बदलाव यम ब्रांड्स द्वारा पिज्जा कारोबार की 2.7 अरब डॉलर बिक्री पूरी करने के बाद हुआ।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पिज्जा हट (Pizza Hut) में शीर्ष स्तर पर नेतृत्व बदलाव हुआ है। कंपनी के ग्लोबल सीईओ एरॉन पॉवेल (Aaron Powell) ने 1 सितंबर 2026 से अपने पद और यम ब्रांड्स (Yum Brands) समूह में अपनी अन्य जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है। पॉवेल पांच साल से ज्यादा समय तक पिज्जा हट के ग्लोबल सीईओ रहे।
यम ब्रांड्स की ओर से की गई नियामकीय फाइलिंग में उनके इस्तीफे की जानकारी दी गई है। उनका पद छोड़ना उसी दिन हुआ, जिस दिन यम ब्रांड्स ने पिज्जा हट के कारोबार की बिक्री पूरी की।
पॉवेल ने 2021 में पिज्जा हट के ग्लोबल सीईओ का पद संभाला था। अगस्त में ही उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर एक पोस्ट के जरिए अपने आगामी प्रस्थान के संकेत दिए थे। उन्होंने यह भी बताया था कि पिज्जा हट के कारोबार का बड़ा हिस्सा खरीदने वाली निजी इक्विटी निवेशक लॉन्गरेंज कैपिटल (LongRange Capital) ने उन्हें सौदे के बाद अपने साथ काम करने का प्रस्ताव दिया है।
पिज्जा हट की बिक्री का सौदा 1 सितंबर को पूरा होने की घोषणा की गई। यम ब्रांड्स, पिज्जा हट के साथ केएफसी (KFC) और टैको बेल (Taco Bell) की भी पैरेंट कंपनी है। कंपनी ने पिज्जा कारोबार को दो अलग-अलग लेनदेन के जरिए बेचने की प्रक्रिया पूरी की। दोनों सौदों को मिलाकर कुल डील वैल्यू 2.7 अरब डॉलर रही।
सौदा पूरा होने के साथ पिज्जा हट अब नए स्वामित्व और नेतृत्व ढांचे के तहत अपने अगले चरण में प्रवेश करेगा। पॉवेल का इस्तीफा भी इसी बदलाव के साथ प्रभावी हुआ, जिससे ग्लोबल पिज्जा कारोबार में उनका पांच साल से अधिक लंबा कार्यकाल समाप्त हो गया।
विक्रांत मुदलियार ने क्रूज मनी के को-फाउंडर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। वह एआई आधारित मनी कंपेनियन के साथ कंपनी की बिजनेस और ब्रांड ग्रोथ पर काम करेंगे।
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विक्रांत मुदलियार (Vikrant Mudaliar) ने क्रूज मनी (Cruise Money) के को-फाउंडर (Co-founder) के तौर पर नई पारी शुरू की है। अपनी नई भूमिका में वह रोजमर्रा के निवेशकों के लिए एआई आधारित मनी कंपेनियन (AI-Based Money Companion) विकसित करने के साथ कंपनी के बिजनेस, प्रोडक्ट और ब्रांड ग्रोथ को आगे बढ़ाने पर काम करेंगे।
क्रूज मनी से जुड़ने से पहले विक्रांत मुदलियार ड्रीम स्पोर्ट्स (Dream Sports) में सीएमओ (CMO) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वहां उन्होंने ड्रीम11 (Dream11) को एक प्रमुख स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी ब्रांड के तौर पर स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
विक्रांत को स्पोर्ट्स, गेमिंग, मीडिया, ई-कॉमर्स और कंज्यूमर गुड्स जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। अपने करियर में वह ड्रीम स्पोर्ट्स के अलावा यात्रा (Yatra), लेंसकार्ट (Lenskart) और टाटा स्काई (Tata Sky) जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर चुके हैं।
विक्रांत कंपनी के फाउंडर एवं सीईओ (Founder & CEO) विनय भरद्वाज (Vinay Bharathwaj) और गणेश केवी (Ganesh KV) के साथ मिलकर प्रोडक्ट, ब्रांड और बिजनेस ग्रोथ को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
कंपनी का फोकस एआई आधारित तकनीक के जरिए लोगों के वित्तीय फैसलों को सरल बनाने पर है। विक्रांत की नई भूमिका में प्रोडक्ट और ब्रांड के साथ-साथ बिजनेस ग्रोथ को भी आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
स्टेफनी हार्टग्रोव ने Stellantis में चीफ कम्युनिकेशन ऑफिसर के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह करीब पांच साल Johnson & Johnson से जुड़ी थीं।
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स्टेफनी हार्टग्रोव (Stephanie Hartgrove) ने स्टेलांटिस (Stellantis) में Chief Communications Officer के तौर पर नई जिम्मेदारी संभाली है। इस भूमिका में वह कंपनी के ग्लोबल कम्युनिकेशन से जुड़े कार्यों का नेतृत्व करेंगी।
हार्टग्रोव ग्लोबल कम्युनिकेशन और C-suite एडवाइजरी के क्षेत्र में अनुभवी प्रोफेशनल हैं। उन्होंने हेल्थकेयर, एनर्जी, टेक्नोलॉजी और मीडिया जैसे अलग-अलग सेक्टर्स में ग्लोबल कम्युनिकेशन टीमों का नेतृत्व किया है।
अपने करियर के दौरान उन्होंने संगठनों को बदलाव और ट्रांसफॉर्मेशन के दौर में कम्युनिकेशन रणनीति तैयार करने, कॉरपोरेट प्रतिष्ठा मजबूत करने और कर्मचारियों के साथ प्रभावी संवाद कायम करने में मदद की है। उनका अनुभव बिजनेस ग्रोथ और संगठनात्मक बदलाव के दौरान कम्युनिकेशन मैनेजमेंट तक फैला हुआ है।
Stellantis से जुड़ने से पहले हार्टग्रोव करीब पांच साल तक जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) के साथ रहीं। वहां उन्होंने Global Vice President, MedTech Communication and Public Affairs की जिम्मेदारी संभाली।
नई नियुक्ति की घोषणा करते हुए हार्टग्रोव ने Stellantis के साथ जुड़ने को लेकर उत्साह जाहिर किया। उन्होंने अपने करियर में ट्रांसफॉर्मेशन और संगठनात्मक बदलाव के दौरान कम्युनिकेशन का नेतृत्व करने के अनुभव को भी रेखांकित किया।
सैजिलिटी ने सृष्टि राव को ग्लोबल कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और पीआर का वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया है। वह कंपनी के ब्रांड, पीआर और इन्वेस्टर कम्युनिकेशंस संभालेंगी।
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टेक्नोलॉजी आधारित हेल्थकेयर ऑपरेशंस और ट्रांसफॉर्मेशन कंपनी सैजिलिटी (Sagility) ने सृष्टि राव (Srushti Rao) को वाइस प्रेसिडेंट, ग्लोबल कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और पीआर (Vice President, Global Corporate Communications and PR) नियुक्त किया है।
नई भूमिका में सृष्टि राव कंपनी के वैश्विक ब्रांड और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगी। उनके कार्यक्षेत्र में पब्लिक रिलेशंस (Public Relations), इन्वेस्टर कम्युनिकेशंस (Investor Communications), वर्कप्लेस ब्रांडिंग (Workplace Branding) और एम्प्लॉयर ब्रांडिंग (Employer Branding) भी शामिल होंगे।
सृष्टि कंपनी की ब्रांड पहचान को और मजबूत करने के साथ उसकी कहानी को वैश्विक स्तर पर प्रभावी तरीके से सामने रखने में अहम भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा वह विचार नेतृत्व (Thought Leadership), मीडिया जुड़ाव और ब्रांड अनुभव में एकरूपता लाने पर भी काम करेंगी।
सैजिलिटी से जुड़ने से पहले सृष्टि राव एक्सबीपी ग्लोबल (XBP Global), आईकेएस हेल्थ (IKS Health) और पर्ल एकेडमी (Pearl Academy) में मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस से जुड़ी वरिष्ठ भूमिकाओं में काम कर चुकी हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो सृष्टि राव आईआईएम अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) की पूर्व छात्रा हैं। इसके अलावा उनके पास फाइन आर्ट्स (Fine Arts) की डिग्री भी है। नई नियुक्ति पर सृष्टि राव ने सैजिलिटी के साथ अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य फोकस कंपनी की ब्रांड स्टोरी को मजबूत करने पर रहेगा।
इसके साथ ही वह सैजिलिटी की टेक्नोलॉजी आधारित सेवाओं, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और कार्यस्थल की जीवंत संस्कृति को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाने पर भी ध्यान देंगी। सृष्टि राव की नियुक्ति के साथ सैजिलिटी के वैश्विक कम्युनिकेशंस और पीआर प्रयासों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। उनकी जिम्मेदारी कंपनी की ब्रांड पहचान को मजबूत करने के साथ वैश्विक स्तर पर उसके संचार को अधिक प्रभावी और एकसमान बनाने की होगी।