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प्रतिष्ठित मीडिया समूह ने लॉन्च किया एक नया पोर्टल
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। हिन्दी, तमिल, तेलुगू, मराठी, गुजराती समेत भारत की विभिन्न भाषाओं में धर्म और अध्यात्म पर बहुत सामग्री मौजूद है। भारतीय संस्कृति के इस खजाने का फायदा देश-विदेश के मूलत: अंग्रेजी भाषियों को मिले, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर हिंदी की सबसे पुरानी मीडिया वेबसाइट वेबदुनिया
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
हिन्दी, तमिल, तेलुगू, मराठी, गुजराती समेत भारत की विभिन्न भाषाओं में धर्म और अध्यात्म पर बहुत सामग्री मौजूद है। भारतीय संस्कृति के इस खजाने का फायदा देश-विदेश के मूलत: अंग्रेजी भाषियों को मिले, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर हिंदी की सबसे पुरानी मीडिया वेबसाइट वेबदुनिया ने 3 अगस्त को english.webdunia.com की शुरुआत की है। इस पोर्टल के प्रभारी सुशोभित सक्तावत को बनाया गया है। इससे पाठकों को धर्म और अध्यात्म के बारे में जानकारी तो मिलेगी ही साथ भारतीय संस्कृति को लेकर जो भ्रांतियां हैं, उन्हें दूर करने में भी मदद मिलेगी। उल्लेखनीय है कि पिछले 16 बरसों में वेबदुनिया ने धर्म, संस्कृति और अध्यात्म पर बहुत समृद्ध सामग्री विकसित और प्रकाशित की है। विश्व का पहला हिन्दी पोर्टल अपने पाठकों और प्रशंसकों में नित नए प्रयोगों के लिए भी जाना जाता है। नए मीडिया पर लगातार नए प्रयोग के लिए पहचान बनाने वाली वेबदुनिया ने अब अंग्रेज़ी की ओर भी कदम बढ़ा दिए हैं। भारत को लेकर, यहाँ कि धर्म-संस्कृति को लेकर अंग्रेज़ी में बहुत कुछ लिखा जाता रहा है और अब भी लिखा जा रहा है, इस सबको एक मंच देना, उसकी विवेचना करना वेबदुनिया का उध्देश्य है। ये तर्क और मीमांसा का क्षेत्र है। इस विमर्श को आकार देना इस पोर्टल का लक्ष्य रहेगा। वेबदुनिया के भाषाई पोर्टल पर अब तक उपलब्ध और पसंद की गई सामग्री ट्रांसलेट होकर अंग्रेज़ी में उपलब्ध रहेगी। डेढ़ दशक से ज्यादा समय से ऑनलाइन पत्रकारिता के क्षेत्र में अग्रणी वेबदुनिया ने ई-पत्र के माध्यम से 1998 में पहले हिन्दी फिर 10 अन्य भारतीय भाषाओं में ई-मेल सेवा की शुरुआत की थी। ई-पत्र दुनिया का पहला बहुभाषी ई-मेल समाधान था, जिसके माध्यम से व्यक्ति रोमन में टाइप कर अपनी भाषा में अपना संदेश भेज सकता था। हिन्दी में पहला सर्च इंजन और फोनेटिक की-बोर्ड बनाने का श्रेय भी वेबदुनिया को ही जाता है। वेबदुनिया ने 22 नवंबर, 2014 से हिन्दी में वीडियो बुलेटिन की शुरुआत की, जो अब पोर्टल पर दिन में दो बार देखे जा सकते हैं। हालांकि WDTV के माध्यम से वेब पर वीडियो की शुरुआत तो वेबदुनिया ने 2001 में ही कर दी थी। 'वेबवार्ता' के माध्यम से पाठक समसामयिक मुद्दों पर संपादकीय राय जान सकते हैं। वेब पर वीडियो संपादकीय वेबदुनिया का ही पहला और अनूठा प्रयोग है। इसके अलावा योग, सेहत, धर्मयात्रा, आस्था या अंधविश्वास, खेल, फिल्म समीक्षा, फिल्म गॉसिप, ज्योतिष और धर्म के कई वेब एपिसोड भी हमारे वीडियो प्लेटफॉर्म http://videos.webdunia.com/ और यूट्यूब चैनल https://www.youtube.com/user/webduniaindia और हमारे पर नियमित रूप से उपलब्ध हैं। भारत में इंटरनेट पर भाषायी क्रांति लाने का श्रेय वेबदुनिया डॉट कॉम को ही जाता है। इंटरनेट पर हिन्दी में समाचार और आलेख पढ़े जा सकते हैं, यह वेबदुनिया ने ही 23 सितंबर 1999 को दुनियाभर के हिन्दी प्रेमियों को बताया था। ई-वार्ता के माध्यम से वेबदुनिया ने ही पहली बार हिन्दी में इन्द्रकुमार गुजराल, रामविलास पासवान, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती जैसी दिग्गज हस्तियों से लोगों की सीधी बात करवाई। ई-कॉमर्स के बारे में जब कोई ज्यादा जानता नहीं था तब 21वीं सदी की शुरुआत में वेबदुनिया ने ही भाई-बहन के रिश्ते में और मिठास बढ़ाने का काम किया। इलाहाबाद महाकुंभ में वेबदुनिया के सौजन्य से अध्यात्म और आईटी का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। उस समय वेबदुनिया ने देश-विदेश में मौजूद भारतीयों के लिए इलाहाबाद कुंभ से जुड़ी जानकारियों से अवगत कराया। 'ऑनलाइन स्नान' या 'वर्चुअल स्नान' महाकुंभ में वेबदुनिया का सबसे आकर्षक एप्लीकेशन थी। इसके अलावा ऑनलाइन रावण दहन, लक्ष्मी पूजन, गेम्स आदि भी पाठकों के बीच खासे लोकप्रिय हैं।समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
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