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पर्यटन मंत्री के आगरा में ड्रेसकोड पर दिए बयान को उचित नहीं मान रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार...
अभिषेक मेहरोत्रा केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा रविवार को आगरा में एक
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
केंद्रीय पर्यटन मंत्री महेश शर्मा रविवार को आगरा में एक उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे, इस दौरान पत्रकारों से भी उनकी बातचीत हुई और फिर उसके बाद जो आज आगरा के अखबारों की हेडलाइन है, उसने मंत्रीजी को कठघरे में लाकर खड़ा कर दिया है। हालांकि महेश शर्मा ने मौके की नजाकत को समझते हुए तुरंत ही स्पष्टीकरण दे दिया था। जिस तरह अब केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय अपनी एडवाइजरी के जरिए विदेशी पर्यटकों को स्कर्ट न पहनने की बात कर रहे हैं, उसके चलते पर्यटन पर कितना असर पड़ेगा, इस बारे में हमने उस प्रेस कॉन्फ्रेंस को कवर कर रहे कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों से बात की है। पढ़िए उनकी राय...
आगरा के पर्यटन को होगा नुकसान: मनोज मिश्र, सिटी एडिटर, हिन्दुस्तान
देखिए मैं स्वंय उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद था, जिस लहजे में केंद्रीय मंत्री ने बात कही थी, वो एडवाइजरी कम इंस्ट्रक्शन ज्यादा लग रहा था। उनके बयान के बाद कई पर्यटन व्यवसायियों ने कहा कि इस तरह के बयान से शहर की पर्यटन इंडस्ट्री पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। वेलकम किट के नाम पर टूरिस्टों पर कोई एक विशिष्ट पोशाक थोपना सही नहीं है। 'हिन्दुस्तान' अखबार आगरा के वाशिंदों की बात पर्यटन मंत्री तक पहुंचाने के लिए इस पर फॉलोअप स्टोरी करेगा और उम्मीद है कि सरकार पर्यटन इंडस्ट्री के अनुकूल ही निर्णय लेगी।
हिंदू कट्टरवाद की छवि पर्यटकों के भयभीत करेगी: विजय शर्मा, संपादक, स्वराज्य टाइम्स
पर्यटन मंत्री का विदेशी पर्यटकों की पोशाक को लेकर दिए बयान से विदेशों में भारत की छवि खराब होगी। चुनावों के समय ये बयान राजनैतिक लाभ के लिए दिया गया है। पर ऐसे बयानों से देश की कट्टर हिंदूवाद की छवि बनेगी, जो निगेटिव इंपैक्ट डालेगी। देश में रोजाना हो रहे बलात्कारों में कितनी बच्चियां-महिलाओ ने स्कर्ट पहनी थीं, जरूरी यह है कि पहले देश की कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाए, बेवजह के बयान देकर मीडिया की सुर्खियां न बटोरी जाए।
बात का बतंगड़ बना रहा है मीडिया: ब्रज खंडेलवाल, ब्रज क्षेत्र प्रतिनिधी, आईएएनएस
मेरा मानना है कि केंद्रीय पर्यटन मंत्री ने कई महत्वपूर्ण बातें भी की थीं, मसलन इंटरनैशनल एयरपोर्ट जैसे विषय पर उन्होंने जो घोषणा की, वे बहुत अहम है। जेवर और आगरा के एयरपोर्ट को लेकर जो स्पष्टीकरण दिया, वो जरूरी भी थी। साथ ही पर्यटन हेल्पलाइन नंबर, ताज कोरिडोर पर भी अहम बात की। ऐसे में सिर्फ ड्रेसकोड की बात पर हो-हल्ला मचना, मीडिया द्वारा बात का बतंगड़ बनाना ही है।
लिबास की राजनीति से होगा पर्यटन को नुकसान सिराज कुरेशी, आगरा प्रतिनिधी, इंडिया टुडे समूह
पर्यटन मंत्री द्वारा महिलाओं के लिबास को लेकर की गई टिप्पणी गलत है। उनके बयान के बाद से महिलाओं में काफी रोष है। किसको क्या पहनना है, ये भी अब एक मंत्री तय करेगा, ये कतई स्वीकार नहीं है। इस तरह के गैरजरूरी बयानों का पर्यटन इंडस्ट्री पर प्रतिकूल असर दिखेगा। वैसे भी ये पर्यटन मंत्री पहले भी शहर के विकास के लिए कई वादे कर गए थे, पर उन पर अमल नहीं हुआ है। ऐसे में उनके प्रति नाराज लोग अब उनकी इस टिप्पणी को सिरे से खारिज कर रहे हैं।
वही नाम न छापने की शर्त पर यूपी के प्रमुख अखबार के बड़े संस्करणों में काम करने वाले एक संपादक ने इस विषय पर बड़ी अहम बात कही। उन्होंने कहा कि एडवाइजरी या सतर्कता की बात करने वाले पर्यटन मंत्री पहले पर्यटक को लाने की यातायात व्यवस्था पर फोकस करें। रेलमार्ग हो या सड़क मार्ग, वायुमार्ग हो या आगामी जलमार्ग पहले उस पर सुचारू तौर पर काम करने की जरूरत है। ड्रेस कोड आदि तभी कर पाएंगे तब पर्यटक सुगमता से आपके शहरों में पहुंच सके।
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