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आशुतोष के इस ट्वीट से बिगड़ा मानक गुप्ता का मिजाज
जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले को लेकर सियासत भी तेज हो गई...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ पर हुए हमले को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। ऊपरी तौर पर भले ही सब साथ-साथ होने की बात कर रहे हों, लेकिन अंदरखाने एक-दूसरे को ज़मीन खोदने में लगे हैं। कोई यह साबित करने में जुटा है कि जो कुछ हुआ, उसके लिए भाजपा ज़िम्मेदार है जबकि कोई कांग्रेस की नीतियों को कुसूरवार बता रहा है। केवल आम जनता या नेता ही नहीं, पत्रकार भी कुछ ऐसी ही बहस में उलझे हैं।
अल्पावधि के लिए सियासत का रुख करने वाले वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष के एक ट्वीट पर ‘न्यूज़24’ के एंकर मानक गुप्ता ने कड़ा एतराज जताया है। वैसे ये कोई पहला मौका नहीं है, जब आशुतोष किसी दूसरे पत्रकार के निशाने पर हैं। उनके ट्वीट अक्सर ऐसा माहौल निर्मित करते रहते हैं। ‘आजतक’ के वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना और आशुतोष के बीच भी कई बार लंबी बहस छिड़ चुकी है।
दरअसल, आशुतोष ने पुलवामा हमले को लेकर एक सियासी ट्वीट किया। उन्होंने अपनी वेबसाइट ‘सत्यहिंदी’ पर प्रकाशित एक लेख का लिंक शेयर करते हुए लिखा ‘वाजपेयी सरकार की एक ग़लती का ख़ामियाज़ा बीस साल से भुगत रहा है देश। ख़ूंख़ार आतंकी मसूद अज़हर को नहीं छोड़ा होता तो संसद पर हमला नहीं होता, पुलवामा में 44 जवान नहीं मरते’। उन्होंने अपने इस ट्वीट में भाजपा और संघ को भी टैग किया। मानक को आशुतोष की यह गलती गिनाने की आदत नागवार गुजरी और उन्होंने तुरंत इस पर एतराज जताया। मानक ने ट्वीट किया, ‘1) आप वाजपेयी जी की जगह होते तो मसूद अज़हर को नहीं छोड़ते....176 यात्रियों को क़ुर्बान कर देते? 2) आपको कैसे पता अगर मसूद न छूटता तो संसद पर हमला न होता....44 जवान न मरते...!!!! वही काम 26/11 की तरह लश्कर या कोई और संगठन क्यों नहीं कर सकता था’?
1) आप वाजपेयी जी की जगह होते तो मसूद अज़हर को नहीं छोड़ते....176 यात्रियों को क़ुर्बान कर देते?
— Manak Gupta (@manakgupta) February 17, 2019
2) आपको कैसे पता अगर मसूद न छूटता तो संसद पर हमला न होता....44 जवान न मरते...!!!! वही काम 26/11 की तरह लश्कर या कोई और संगठन क्यों नहीं कर सकता था? https://t.co/Vxz8bKzeP3
मानक के इस जवाबी ट्वीट को ट्विटर यूजर्स ने काफी पसंद किया। इसे चार हजार से ज्यादा बार न केवल रीट्वीट किया गया, बल्कि कमेंट भी थोक के भाव आये और अधिकांश कमेंट में आशुतोष को निशाना बनाया गया। कुछ यूजर्स तो आशुतोष के विरोध में इतना आगे बढ़ गए कि उनके खिलाफ अपशब्द तक इस्तेमाल कर डाले। शायद आशुतोष भी इसका आभास हो गया होगा कि उन्होंने मधुमक्खी के छत्ते में हाथ डाल दिया है, इसलिए उन्होंने बात को वहीं ख़त्म कर दिया और मानक के जवाब का कोई जवाब नहीं दिया।
वैसे, मानक गुप्ता केवल आशुतोष के ट्वीट को लेकर ही खफा नहीं हैं, बल्कि कश्मीरी छात्रों के कथित उत्पीड़न के विरोध में आवाज उठाने वालों के रवैये से भी नाराज़ हैं। यह नाराज़गी उनके एक ट्वीट में झलकी है। पुलवामा हमले के बाद देश के विभिन्न हिस्सों से कश्मीरी छात्रों को निशाना बनाये जाने की फर्जी ख़बरें सामने आ रहीं हैं। जिसका सोशल मीडिया पर कुछ पत्रकारों ने विरोध किया है। इसी के जवाब में मानक ने एक खबर का लिंक शेयर करते हुए लिखा है ‘उत्तराखंड में एक कश्मीरी छात्र ने आतंकी के लिए Whatsapp स्टेटस लगाया था - “अल्लाह आपकी शहादत क़बूल करे”...!! #KashmiriStudents के हरैस्मेंट पर सब निकल आए हैं। बिलकुल ग़लत है....पर इन छात्रों को कोई नहीं समझा रहा कि अपने देश के ज़ख़्म पर नमक न छिड़कें।’
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