होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / जानिए, इस स्टोरी के लिए क्यों हो रही है TOI की आलोचना
जानिए, इस स्टोरी के लिए क्यों हो रही है TOI की आलोचना
पकोड़ा राजनीति पिछले कुछ समय से मीडिया में छाई हुई...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
पकोड़ा राजनीति पिछले कुछ समय से मीडिया में छाई हुई है। अब इसी पकोड़ा राजनीति के चलते अंग्रेजी अखबार ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। दरअसल, ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ ने अपने 29 दिसंबर के अंक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुक राजीव बटवाल से संबंधित एक खबर फ्रंट पेज पर प्रकाशित की थी।
‘Modi’s cook isn’t impressed with his pakoda statement’ शार्षक वाली इस खबर में अख़बार ने लिखा था कि पीएम मोदी की पकोड़ा राजनीति से राजीव प्रभावित नहीं हैं। अब चूंकि मामला सीधे-सीधे प्रधानमंत्री मोदी से जुड़ाव रखता था, इसलिए खबर सामने आते ही बवाल शुरू हो गया। इस बवाल में उबाल उस वक़्त आया, जब राजीव बटवाल ने ऐसा कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। यानी, जो शब्द राजीव के हवाले से कहे गए थे, वो असल में उनके थे ही नहीं।
अपनी स्टोरी में ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ के पत्रकार रोहन दुआ ने लिखा था कि वाराणसी की डीजल लोकोमोटिव वर्कशॉप की किचन में काम करने वाले राजीव बटवाल ने कई मौकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए खाना पकाया है और वो मोदी के उस बयान की निंदा करते हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि पकोड़ा बेचना भी रोज़गार है।
स्टोरी में राजीव के हवाले से कहा गया था कि ‘मुझे उनका पकोड़ा वाला बयान पसंद नहीं आया। एमबीए या इंजीनियरिंग करने वाले पकोड़ा बेचने को रोज़गार का अवसर नहीं मान सकते। यह उन युवाओं के प्रयासों का अपमान है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।’
जब ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ की इस खबर को लेकर बवाल मचा, तो राजीव ने आगे आकर इसका खंडन किया। उन्होंने कहा ‘मुझे इसके बारे में कुछ भी नहीं पता। मुझसे पूछा गया था कि मैं यहां कब से काम कर रहा हूं, इसके जवाब में मैंने कहा था कि पिछले 10 सालों से। मुझे ‘पकोड़ा राजनीति’ के बारे में कुछ भी नहीं पता, जो कुछ भी छपा है गलत है।’
राजीव के इस बयान के सामने आने के बाद ‘टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ की खबर पर सवाल खड़े किए जाने लगे। इसके बाद प्रबंधन ने ऑनलाइन संस्करण में खबर को संपादित रूप में प्रकाशित किया। संपादित खबर का शीर्षक था ‘varanasi diesel Loco shed cook excited to cook for PM again।’
Amazing. @timesofindia runs a story on Page 1, quietly edits the story's online version and removes the lines that have now been denied by the person to whom they were attributed. Credibility is truly on a super discount. #EndOfWinterSale pic.twitter.com/d0TBVMQFR4
— Kanchan Gupta (@KanchanGupta) December 29, 2018
Both @timesofindia & @NavbharatTimes carried an identical report credited to 'Times News Network'. But NBT report had the pakoda bit. Where did it come from? Which pakoda seller added it? https://t.co/ELDOYn345g
— Kanchan Gupta (@KanchanGupta) December 29, 2018
टैग्स टाइम्स ऑफ इंडिया