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TOI से फिर हुआ कुछ ऐसा, पब्लिश करना पड़ा स्पष्टीकरण
लगता है कि अंग्रेजी अखबार 'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' का समय कुछ अच्छा...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
लगता है कि अंग्रेजी अखबार 'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' का समय कुछ अच्छा नहीं चल रहा है। चंद दिनों में ही अख़बार को अपनी दो खबरों को लेकर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। एक मामले में जहां प्रबंधन ने ऑनलाइन संस्करण में गलती सुधारकर विवाद कम करने का प्रयास किया, वहीं दूसरे मामले में उसे स्पष्टीकरण प्रकाशित करना पड़ा।
दरअसल, 'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' ने अपने 24 दिसंबर के अंक में विश्व हिंदू परिषद् (विहिप) से जुड़ी एक खबर प्रकाशित की थी। इस खबर में विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष अलोक कुमार के हवाले से कहा गया था कि यदि सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में राममंदिर निर्माण के संबंध में बिल पारित नहीं किया, तो उसे चुनावों में जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
खबर के सामने आने के बाद अलोक कुमार ने न केवल इस पर आपत्ति जताई, बल्कि साफ इनकार कर दिया कि उन्होंने ऐसा कुछ भी कहा है। इसके बाद अख़बार को 25 दिसंबर के अंक में स्पष्टीकरण प्रकाशित करना पड़ा।
पेज 12 पर छपे इस स्पष्टीकरण में अख़बार ने लिखा ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के 24 दिसंबर के अंक में विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष अलोक कुमार का एक बयान प्रकाशित हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में राममंदिर के निर्माण के संबंध में बिल पारित नहीं किया, तो उसे चुनावों में जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा। लेकिन अब उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। कुमार का कहना है, ‘मैंने कहा था कि राम मंदिर के बिल पर संसद में बहस हो रही है, तो सभी पार्टियों को अपना मत साफ करना चाहिए। सभी सांसदों को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि जनता को पता चल सके कि कौन भगवान राम के साथ है। जो इस मुद्दे पर भगवान राम के खिलाफ हैं, उन्हें चुनावों में लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।’ हम इस त्रुटि पर खेद प्रकट करते हैं।
वहीं, कुछ दिनों पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मिशेल जॉनसन के इंटरव्यू को लेकर भी काफी विवाद हुआ था। एक तरफ जॉनसन का कहना था कि उन्होंने यह इंटरव्यू नहीं दिया है और ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ ने फेक इंटरव्यू पब्लिश किया है। वहीं, ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ अपने दावे पर अडिग था। हालांकि, इस बारे में उसे अपना स्पष्टीकरण भी जारी करना पड़ा था।
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