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अब गुंडो का शिकार बना Times Now का पत्रकार
‘टाइम्स नाउ’ के एक पत्रकार पर हमले की खबर सामने आई है। पत्रकार पर...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
‘टाइम्स नाउ’ के एक पत्रकार पर हमले की खबर सामने आई है। पत्रकार पर यह हमला दक्षिण मुंबई में रविवार सुबह तब हुआ, जब वे टैक्सी में अपने एक दोस्त के साथ चैनल के कार्यालय से घर लौट रहे थे। उनके घर के नजदीक अज्ञात लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया, जिसमें वे घायल हो गए। हालांकि इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
‘टाइम्स नाउ’ चैनल में काम करने वाले पत्रकार हरमन गोम्स ने कहा, 'उन पर चार लोगों ने हमला किया। मेरी हालत देख सकते हैं। मुझे अपनी दाहिनी आंख पर छह टांके लगवाने पड़े। मैं बस इतना कह सकता हूं, ये लोग लंबे समय से मेरा इंतजार कर रहे थे। यह आखिरी मिनट में उत्तेजना का मामला नहीं था। वे हमले के लिए तैयार खड़े थे। उन्होंने मेरे दोस्त को भी मारा और उसका मोबाइल फोन ले लिया।'
पुलिस उपायुक्त डी. चव्हाण के मुताबिक, हरमन गोम्स शनिवार देर रात टैक्सी में अपने एक दोस्त के साथ घर लौट रहे थे। शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे वह कैब से उतरे। उन्होंने देखा कि गामदेवी इलाके में उनके घर के नजदीक चार से छह लोग इंतजार कर रहे हैं। चव्हाण ने बताया कि लोगों ने गोम्स को गाली देनी शुरू कर दी और बाद में उस पर कथित तौर पर हमला किया।
उन्होंने बताया कि हमले में पत्रकार घायल हो गया और उनकी शिकायत के आधार पर गामदेवी पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 143 (गैर कानूनी तरीके से एकत्र होने), 147 (बलवा), 324 (घातक हथियारों से हमला करने) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। हमले के कारण का अभी तक पता नहीं चला है। मामले की जांच चल रही है।
वहीं शहर के पत्रकार संगठनों ने हमले की निंदा की और आरोप लगाया कि पुलिस ने पीड़ित की शिकायत तुरंत दर्ज नहीं की।
गौरतलब है कि भारत में पिछले कुछ सालों में पत्रकारों पर हमले बढ़े हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों की मानें तो, 2015-2017 के बीच भारत में 142 पत्रकारों पर हमले हुए हैं। इससे पहले 1992 से 2017 के बीच भारत में 28 पत्रकारों की हत्या कर दी गई।
2017 में न केवल 11 पत्रकार मारे गए, बल्कि 46 पर हमला किया गया, 12 को धमकी दी गई और 27 पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे।
पत्रकारों की सुरक्षा पर नजर रखने वाली संस्था ‘रिपोर्टर विदआउट बॉर्डर’ हर साल दुनिया भर के देशों के पत्रकारों की सुरक्षा के आधार पर रैंकिंग जारी करती है। पिछले साल भारत इस रैंकिंग में 136वें नंबर पर था।
CPJ पूरी दुनिया में पत्रकारों की हालत पर हर साल रिपोर्ट प्रकाशित करता है। इसके अनुसार पत्रकार की हत्या कर देने पर सजा से बचना काफी आसान है।
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