होम /
इंडस्ट्री ब्रीफिंग /
स्मृति: मीडिया इंडस्ट्री के दिग्गजों ने यूं याद किया मशहूर कार्टूनिस्ट सुधीर तैलंग को...
स्मृति: मीडिया इंडस्ट्री के दिग्गजों ने यूं याद किया मशहूर कार्टूनिस्ट सुधीर तैलंग को...
अभिषेक मेहरोत्रा ।।
पिछले साल जब आजे के ही दिन कार्टूनिस्ट सुधीर तैलंग के निधन की खबर आई तो भारतीय मीडिया के कई दिग्गजों ने अपना एक मित्र खो दिया। कई दिंग्गजों ने कुछ इस तरह सुधीर तैलंग को याद किया...
समाचार4मीडिया ब्यूरो
9 years ago
अभिषेक मेहरोत्रा ।।
पिछले साल जब आजे के ही दिन कार्टूनिस्ट सुधीर तैलंग के निधन की खबर आई तो भारतीय मीडिया के कई दिग्गजों ने अपना एक मित्र खो दिया। कई दिंग्गजों ने कुछ इस तरह सुधीर तैलंग को याद किया...
राज्यसभा टीवी के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर राजेश बादल ने भी सुधीर तैलंग को याद करते हुए कहा कि मैं सुधीर तैलंग को मशहूर कार्टूनिस्ट आर.के.लक्ष्मण का हिंदी संस्करण को तौर पर याद करता हूं। वे नवभारत टाइम्स के मेरे साथी थे। पिछले तीन दशकों के दौरान सुधीर ने जमकर काम किया। उनके कई कार्टून भारत में घटना प्रधान राजनीति के दौर के गवाह हैं। इमरजेंसी, इंदिरा गांधी की हत्या, राजीव गांधी का प्रधानमंत्री बनना, साझा सरकारों का दौर आदि प्रमुख घटनाओं पर सुधीर तैलंग ने खूब स्केचिंग की और कई बार धारदार कटाक्ष किए।
राजेश कहते हैं कि भारतीय राजनीति में बडे बदलाव के दौर के साक्षी रहे सुधीर का यूं जाना बेहद अफसोसजनक है। उनका काम सदा उन्हें हमारी स्मृतियों में संजोए रखेगा। उनकी पॉलिटिकल चुटकियां वाकई बेजोड़ होती थी और पत्रकारिता में इसी वजह से उन्हें एक विशेष स्थान प्राप्त हुआ था।
एनडीटीवी इंडिया के सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर अभिज्ञान प्रकाश कहते हैं कि आज मैंने अपना एक दोस्त खो दिया। सुधीर से मेरे रिश्ते बहुत पुराने थे। वे कई वार मेरे शोज पर आते थे। कैंसर से जूझ रहे सुधीर से अक्सर मेरी बात होती थी, आखिरा बार जब वे मुकाबला में आए थे, तो हमने उनके बैठने का विशेष इंतजाम किया था। सुधीर के कार्टून तो गजब थे ही, उनकी बातों में भी कई बार व्यंग्य के पुट होते थे। एक बार हमारी टीम ने तय किया था कि मेरे शो न्यूजपॉइंट के मोंटाज में मेरे कार्टून जाएंगे। वो कार्टून सुधीर ने बनाए थे। आज भी सुधीर द्वारा बनाया गया मेरा स्केच मेरे पर्सनल लेटरहेड का हिस्सा है और अब वो मुझे ताउम्र सुधीर की स्मृति दिलाएगा। एनिमेशन के इस दौर में जो क्राफ्ट की कला सुधीर में थी, वो वाकई अद्भुत थी और उनके जाने से कार्टूनिंग की दुनिया को एक बड़ा झटका लगा है।
हिन्दुस्तान टाइम्स के पॉलिटिकल एडिटर विनोद शर्मा ने समाचार4मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसे में सुधीर का जाना वाकई तकलीफदेह हैं, सुधीर के जाने की ये कोई उम्र नहीं थी। आज के दौर में जब हमारी पत्रकारिता को मजबूत कटाक्ष और व्यंग्य की जरूरत है, ऐसे में सुधीर तैलंग का यूं चले जाना पूरी इंडस्ट्री को बहुत अखरेगा।
विनोद कहते हैं कि हिन्दुस्तान टाइम्स में सुधीर हमारे साथ काम करते थे और वे भारत की कार्टून पत्रकारिती की कड़ी को आगे बढाने वालों में से थे। उनकी कार्टून लाइनिंग में उनका व्यक्तित्व झलकता था। कार्टून की दुनिया में उनकी एक अपनी जगह थी और जब हम पत्रकारिता के जरिए लोगों को हंसाना भूल रहे है, ऐसे में सुधीर जैसे कार्टूनिस्ट समाज और राजनीति में कटाक्ष और व्यंग्य के जरिए कई गंभीर बातों को उठाते थे।
अमर उजाला के पॉलिटिकल एडिटर विनोद अग्निहोत्री सुधीर तैलंग के निधन पर कहते है कि ये बेहद दुखद खबर। हमारे मित्र और मशहूर कार्टूनिस्ट सुधीर तैलंग का निधन हो गया। सुधीर और मैंने नवभारत टाइम्स दिल्ली में साथ काम किया था। बेहद मिलनसार सुधीर उन दिनों नभाटा की युवा टीम का प्रमुख चेहरा थे। उनकी कार्टून विधा हिंदी से शुरू हुई और उसका लोहा अंग्रेजी ने भी माना।
सुधीर से मेरी आखिरी मुलाकात अमर उजाला द्वारा आयोजित मिस नार्थ इंडिया कार्यक्रम में हुई थी, जिसमें सुधीर बतौर जूरी सदस्य शामिल हुए थे। अपनी ख़राब सेहत के बावजूद उन्होंने मेरे एक फोन पर जूरी बनना स्वीकार किया था। वो एक यादगार शाम थी जब सुधीर उनकी पत्नी मैं मेरी पत्नी और मीडिया के कई मित्र दक्षिण दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में साथ थे। पता नहीं था कि सुधीर इतनी जल्दी हमारे बीच से चले जाएंगे। अपने मित्र और मशहूर कार्टूनिस्ट सुधीर तैलंग को मेरी अश्रुपूरित श्रद्धांजलि।
आजकल ‘आउटलुक’ पत्रिका के लिए स्वतंत्र तौर पर कार्टून बना रहे कार्टूनिस्ट माधव जोशी कहते है कि सुधीरजी के काम को मैं एक अजूबे के तौर पर देखता हूं क्योंकि जिस दौर में आर.के.लक्ष्मण और कई दमदार कार्टूनिस्ट हुआ करते थे, ऐसे में कमजोर लाइनिंग वाले सुधीर जी ने अपने लिए एक विशेष जगह बनाई, जो किसा चमत्कार से कम नहीं है। उनका सतत काम और डेडिकेशन हमें सिखाता है कि सफलता के लिए ये अहम है।
मैं विशेष तौर पर सुधीर जी की उस शख्यिसत का भी कद्रदान हूं कि एक कार्टूनिस्ट होने के साथ-साथ उन्होंने अपना एक औरा बनाया चाहे बॉलिवुड हो या फैशन शो या टीवी डिस्कशन, हर जगह सुधीर जी ने अपने को जिस तरह इन्वॉल्व किया, वे काबिल-ए-तारीफ है। जब उन्हें पदमश्री से नवाजा गया तो मैने उन्हें फोन कर बधाई दी, तो उन्होंने तुरंत जवाब दिया कि जब एक कार्टूनिस्ट बधाई देता है, तो खुशी दोगुनी हो जाती है।
समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
टैग्स