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एक पल को लगा मेरी मौत हो सकती है- महिला रिपोर्टर ने बताई ‘आपबीती’
सुप्रीम कोर्ट द्वारा बैन हटाने के बाद केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर के कपाट महिलाओं के...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा बैन हटाने के बाद केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर के कपाट महिलाओं के लिए बुधवार खुल गए, लेकिन इसे लेकर विरोध प्रदर्शन अभी भी जारी है। बुधवार को महिलाओं के प्रवेश का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने महिला पत्रकारों को भी नहीं बख्शा। उन्हें न केवल रिपोर्टिंग करने से रोका गया, बल्कि मारपीट भी की गई। पत्रकारों के गाड़ियों को निशाना बनाया गया, उन पर पत्थर फेंके गए, लाठी-डंडों से गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। किसी तरह से पत्रकारों ने अपनी जान बचाई। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने आजतक की रिपोर्टर मौसमी सिंह पर हमला किया। उनके साथ मारपीट की गई, उन पर भी पत्थरबाजी हुई। एक समय उनको अपनी जिंदगी भी खतरे में लगने लगी। मौसमी के साथ कैमरामैन संजय पर भी हमला हुआ। राहत की बात यह रही कि मौसमी अभी सुरक्षित हैं और अस्पताल जाने में सफल हुईं।
हमले के बाद मौसमी ने 'इंडिया टुडे' से बात करते हुए कहा कि जब वे निलाक्कल में थीं, उन पर तब हमला हुआ। 'इंडिया टुडे' की टीम पंबा से निलाक्कल के लिए निकल रही थी। जब वे नेटवर्क कनेक्टिविटी के लिए रुकीं, तो उन्होंने देखा एक बस आ रही है। वह माधवी का इंटरव्यू करने के लिए बस में चढ़ीं। माधवी वही महिला है जो सबरीमाला मंदिर में दर्शन करने के लिए जा रही थी और प्रदर्शनकारियों ने उन्हें वापस भेज दिया था।
उसी बस में कुछ प्रदर्शनकारी भी चढ़ गए। मौसमी के मुताबिक, बस में ही प्रदर्शनकारियों ने उनसे मारपीट शुरू कर दी और फिर पर चिल्लाना शुरू कर दिया। इसमें उनके कैमरामैन पर भी हमला हुआ और उन्हें बस से उतरने नहीं दिया गया। बस में एक प्रदर्शनकारी तो खासतौर से आक्रामक था। उसने उन्हें (मौसमी) धक्का देने की कोशिश की। बस जब निलाक्कल पहुंची तो वह बस से नीचे उतरी और फिर उस व्यक्ति ने अन्य प्रदर्शनकारियों से मलयालम भाषा में बात की। इतने में मौसमी ने सिर्फ ‘सबरीमाला’ शब्द सुना।
मौसमी के मुताबिक, उसने जो भी कहा, उसके बाद से भीड़ में और जोश भर गया। उन लोगों ने मौसमी को पीछे से धक्का दिया गया और फिर उनका दुपट्टा खींच लिया। मौसमी डर गईं, उन्हें एक पल लगा कि उनकी मौत भी हो सकती है। वह यह बताने की कोशिश कर रहीं थीं कि वे सबरीमाला से वापस नहीं आ रही हैं। सिर्फ एक या दो लोग ही उनको सुन रहे थे। उनको मारा गया और उनके बाल भी खींचे गए।
पुलिस पत्रकारों को पुलिस बस तक ले गई। इसके बाद भी वे वहां तक पहुंच गए और भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू तक दी। मौसमी और कैमरामैन दोनों पर हमला हुआ। इसमें बाकी के पत्रकारों पर भी हमला हुआ। मौसमी के मुताबिक, एक टीवी चैनल के रिपोर्टर की कार पर भीड़ ने हमला किया।
इंडिया टुडे की मूल कॉपी नीचे दी हेडिंग पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं-
Beaten, hair pulled: India Today reporter suffers horrifying attack by Sabarimala protesters
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