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मीडिया को भी कांग्रेस ने दी घोषणापत्र में जगह, उठाये मीडिया के ये मुद्दे
कांग्रेस के घोषणापत्र को लेकर मेनस्ट्रीम मीडिया से सोशल मीडिया तक पर चर्चा...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
कांग्रेस के घोषणापत्र को लेकर मेनस्ट्रीम मीडिया से सोशल मीडिया तक पर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ इसकी तारीफ कर रहे हैं तो कुछ इसके खिलाफ हैं। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने भी घोषणापत्र पर सवाल उठाते हुए एक ट्वीट किया है, ‘कांग्रेस ने जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए 10 लाख करोड़ रुपए की जरूरत होगी। जबकि 2019-20 का बजट अनुमान 27.8 लाख करोड़ है! अब सवाल है कि अतिरिक्त पैसा कहां से आएगा? जिन्हें निभाया न जा सके, वो वादे नहीं करना चाहिए।!
वैसे ये तो बात हुई आम जनता से जुड़े मुद्दों की, कांग्रेस के घोषणापत्र में मीडिया के लिए भी कुछ है,जिस पर पत्रकारों की खुलकर राय आना अभी बाकी है। हालांकि, इतना ज़रूर तय है कि खबरनवीस भी इसपर एकमत नहीं होंगे। क्योंकि घोषणापत्र में कई ऐसे बिंदु भी हैं, जो मीडिया को स्वतंत्र होने का मान कराते हैं, लेकिन इस पर संशय भी पैदा करते हैं।
घोषणापत्र के ‘मीडिया और मीडिया की स्वतंत्रता’ खंड में कहा गया है ‘हाल के दिनों में मीडिया के कुछ हिस्से ने या तो अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया है या आत्मसमर्पण। आत्मनियमन/स्वनियंत्रण मीडिया की स्वतंत्रता के दुरुपयोग को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है, कांग्रेस प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया एक्ट 1978 में उल्लेखित स्वनियमन की प्रणाली को मजबूत करने, पत्रकारों की स्वतंत्रता की रक्षा करने, संपादकीय स्वतंत्रता को बनाये रखने और सरकारी हस्तेक्षप के खिलाफ रक्षा करने का वादा करती है।’ इसके दूसरे बिंदु में कहा गया है ‘कांग्रेस फर्जी ख़बरों और पेड न्यूज़ के खतरों से निपटने के लिए भारतीय प्रेस परिषद् को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय प्रेस परिषद् अधिनियम 1978 में संशोधन का वादा करती है।’
इस खंड के तीसरे बिंदु में अख़बारों और मीडिया संघों के लिए आदर्श आचार संहिता बनाने की बात कही गई है। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी ने मीडिया में एकाधिकार रोकने के लिए कानून पारित करने का भी वादा किया है। इसकी वजह मीडिया पर व्यावसायिक संगठनों का बढ़ता नियंत्रण हैं। मौजूदा वक़्त में ही तमाम मीडिया संस्थान किसी न किसी औद्योगिक घराने से ताल्लुख रखते हैं। घोषणापत्र में पत्रकारों को सुरक्षा देने का भी उल्लेख है। कांग्रेस ने वादा किया है कि संघर्ष के क्षेत्रों में कार्यरत, सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों की जांच करने वाले पत्रकारों या ऐसे पत्रकार जिनकी जान को खतरा है, उन्हें राज्यों के साथ मिलकर सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
एनडीटीवी से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश शर्मा ने कांग्रेस के इस घोषणापत्र को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा है, ‘कांग्रेस मीडिया के लिए प्रेस कॉंसिल के साथ मिलकर आदर्श आचार संहिता बनाने का वादा कर रही है। मीडिया के लिए self regulation की वकालत करने वालों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पैरोकारों को शायद यह रास न आए।‘ उनके इस ट्वीट पर लोगों की जो प्रतिक्रिया सामने आ रहीं हैं, उनमें से अधिकांश में इसे मीडिया को नियंत्रित करने के रूप में देखा गया है, लेकिन मीडिया संस्थानों या अन्य पत्रकारों ने इस विषय पर अपने विचार व्यक्त नहीं किये हैं। अब यह देखने वाली बात होगी कि पत्रकार कांग्रेसी घोषणापत्र में किये गए आचार संहिता के वादे को किस तरह से लेते हैं।
मीडिया को लेकर कांग्रेस के घोषणापत्र में क्या कहा गया है, वह आप यहां पढ़ सकते हैं-
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