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अब कुछ इस तरह अपना रेवेन्यू बढ़ाएगा ‘NDTV’
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। नोटबंदी (demonetisation) के बाद अब जब पुनर्मुद्रीकरण (remonetisation) का दौर चल रहा है, टेलिविजन मीडिया कंपनी ‘एनडीटीवी’ (NDTV) ऐडवर्टाइजमेंट के अलावा अन्य वैकल्पिक सोर्स से भी रेवेन्यू जुटाने की उम्मी
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
नोटबंदी (demonetisation) के बाद अब जब पुनर्मुद्रीकरण (remonetisation) का दौर चल रहा है, टेलिविजन मीडिया कंपनी ‘एनडीटीवी’ (NDTV) ऐडवर्टाइजमेंट के अलावा अन्य वैकल्पिक सोर्स से भी रेवेन्यू जुटाने की उम्मीद लगाए हुए है।
‘एक्सचेंज4मीडिया’ (Exchange4media) को जानकारी मिली है कि इस मीडिया कंपनी ने ‘NDTV 24*7’ के लिए ‘एमिटी यूनिवर्सिटी’ (Amity University) को अपना स्पॉन्सर बनाया है।
माना जा रहा है कि स्पॉन्सरशिप से इसके रेवेन्यू को बढ़ाने का काम किया जाएगा, जो तीसरी तिमाही में काफी तेजी से कम हुआ है।
एक तरफ जहां एडवर्टाइजर्स अपने प्रॉडक्ट को प्रमोट करने के लिए ऑनएयर के लिए उपलब्ध ऐड स्लॉट (ad slots) को खरीदते हैं, वहीं स्पॉन्सर एयर टाइम की परवाह किए बगैर हर समय पूरे चैनल से जुड़े रहते हैं। एनडीटीवी की यह डील एसोसिएट पार्टनरशिप (associate partnership) जैसी मानी जा रही है। इसका मतलब साफ है कि नोटबंदी के बाद ऐडवर्टाइजमेंट रेवेन्यू के घटने के कारण अब इस तरह का फैसला लिया गया है। हालांकि इस तिमाही में कंपनी के डिजिटल ऑपरेशंस (digital operations) ने अच्छा प्रदर्शन किया है।
जहां तक डिजिटल बिजनेस की बात है तो इस वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही में एनडीटीवी को सात करोड़ रुपये का प्रॉफिट (EBITDA) हुआ है। लेकिन यदि पिछले वित्तीय वर्ष से तुलना करें तो 31 दिसंबर 2016 को खत्म हुई तीसरी तिमाही में एनडीटीवी का कुल रेवेन्यू 17 करोड़ रुपये घटकर 133 करोड़ रुपये रह गया। सबसे ज्यादा गिरावट इसके ब्रॉडकास्टिंग रेवेन्यू में देखने को मिली। पिछले वित्तीय वर्ष में जहां यह 130 करोड़ रुपये था, वह अब 22 करोड़ रुपये घटकर 108 करोड़ रुपये रह गया।
एनडीटीवी के विश्वस्त सूत्रों से मिली खबर के अनुसार, प्रॉफिट में यह गिरावट सिर्फ न्यूज ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री की वजह से नहीं हुई बल्कि इसके लिए नोटबंदी भी काफी हद तक जिम्मेदार थी। हालांकि कमजोर वित्तीय प्रदर्शन को किसी भी तरीके से उचित नहीं ठहराया गया था।
प्रनॉय रॉय और राधिका रॉय के नेतृत्व वाली इस कंपनी ने अब खर्चों में भी कटौती शुरू की है। उद्देश्य है कि इसके खर्चों में कटौती कर नुकसान को 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होने दिया जाए। इसके तहत उत्तर प्रदेश और पंजाब के अलावा दिल्ली में भी एनडीटीवी के रिपोर्टर अब मोबाइल फोन से शूटिंग कर रहे हैं। माना जा रहा है कि महंगे कैमरों की बजाय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से आने वाले समय में खर्चों को कम करने में मदद मिलेगी।
एनडीटीवी नेतृत्व का मानना है कि वित्तीय दृष्टिकोण (financial standpoint) से देखा जाए तो अक्टूबर से दिसंबर तक तीसरी तिमाही के नतीजे बहुत अच्छे रहे हैं। बस आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई नोटबंदी से इसके नतीजों पर बुरा असर पड़ा है।
‘पिच मैडिसन एडवर्टाइजिंग रिपोर्ट’ (PMAR) 2017 के अनुसार, adex में 1650 करोड़ रुपये गिरावट का कारण नवंबर और दिसंबर में नोटबंदी रहा है।
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