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भूख के खिलाफ पूरन डावर ने शुरू की जंग, 10 रुपए में मिलेगा पौष्टिक खाना
यूपी के आगरा से अब भूख के खिलाफ जंग छेड़ दी गई है। ‘अंत्योदय अन्नपूर्णा योजना’ नाम से...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
यूपी के आगरा से अब भूख के खिलाफ जंग छेड़ दी गई है। ‘अंत्योदय अन्नपूर्णा योजना’ नाम से यह मुहिम सक्षम डावर मेमोरियल ट्रस्ट के ट्रस्टी पूरन डावर के सहयोग से आरएसएस के संगठन सेवा भारती ने शुरू की है, जिसमें 10 रुपए में स्वच्छ और पौष्टिक भोजन थाली में परोसकर कराया जाएगा। साल भर में 12 मोबाइल वैन बढ़ाने की भी योजना है।
ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी व फुटवियर निर्यातक पूरन डावर ने बताया कि योजना 17 अक्टूबर से शहर में शुरू कर दी जाएगी। इसके तहत शुरुआत में शहर के पांच प्रमुख चौराहों पर मोबाइल वैनों द्वारा भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यह भोजन ताजा तैयार किया होगा और इसमें स्वच्छता व पौष्टिकता का भी ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना संचालित करने के लिये केंद्रीय रसोई अरतौनी स्थित त्रिवेणी फार्म पर बनाई जाएगी।
‘अंत्योदय अन्नपूर्णा योजना’ का उद्देश्य है कि कोई भूखा न रहे भोजन सबके लिए है और यही इसकी टैग लाइन (भोजन सबके लिए) भी है। इसके लिए आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित त्रिवेणी फार्म हाउस में आगरा के प्रमुख लोगों को बुलाया गया। उन्हें भोजन बनाने और वाहनों के बारे में जानकारी दी गई। कई लोगों ने सेवाभाव से काम करने की बात कही, जिसमें भोजन बनाने से लेकर वितरण तक सहयोग शामिल है।
साफ-सफाई का ध्यान-
रसोई घर में हर स्तर पर स्वच्छता होगी। साथ ही आरओ के पानी से भोजन बनाया जाएगा। भोजन बनाने के लिए ताजी जैविक सब्जियों का प्रयोग किया जाएगा। रसोईघर में स्वचालित रोटी बनाने की मशीनें भी उपलब्ध हैं। इतना ही नहीं भोजन बनाने के बाद इस्तेमाल बर्तनों और उपकरणों की प्रतिदिन सफाई और धुलाई की जाएगी।
भोजन वाहन पर ध्यान-
यहां से भोजन बनाकर एक वाहन में रखा जाएगा, जिसमें फ्रीजर्स और फूड वार्मर्स हैं और स्टेनलेस स्टील स्टोरेज सिस्टम है। प्रत्येक भोजन वाहन की व्यवस्था के लिए 3 प्रशिक्षित सहायक भी होंगे।
पौष्टिकता का ध्यान-
10 रुपए में मिलने वाले भरपेट भोजन में पौष्टिकता का ध्यान रखा जाएगा। खाने में दाल, सब्जी, रोटी और चावल होगा। खाना थाली में परोसकर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्वच्छ पानी का भी इंतजाम होगा।
वितरण स्थान-
भोजन वाहन हर रोज सुबह 11 बजे से आगरा शहर के निर्धारित केंद्रों पर उपलब्ध रहेगा, जिनमें खेरिया मोड़, रामबाग चौराहा, सब्जी मंडी बोदला, भगवान टॉकीज और सेवला ग्वालियर रोड शामिल है। प्रत्येक वाहन में 300 लोगों के भोजन का इंतजाम होगा। खाना खत्म होने के बाद ही वाहन वापस लौटेगा।
सक्षम डावर मेमोरियल ट्रस्ट के प्रमुख पूरन डावर ने बताया कि इस योजना में समाज का बहुत सहयोग मिल रहा है। अभी पांच वाहनों के साथ इसकी शुरुआत की जा रही है। जल्द ही 20 वाहन हो जाएंगे। दान देने वालों की कमी नहीं है। हेल्प आगरा की मदद ले सकते हैं। हमारा उद्देश्य है कि कोई भूखा न रहे। उन्होंने सभी से सहयोग का आह्वान किया।
दूसरा चरण-
इस मुहिम की शुरुआत के बाद, इसका दूसरा चरण कुछ लोगों को ध्यान में रखकर शुरू किया जाएगा। यह शुरुआत नौकरीपेशा वर्ग के लिए की जाएगी, जो दोपहर का भोजन घर के बाहर करते हैं। इसकी शुरुआत कारखानों में की जाएगी, जहां काम करने वालों को 25 रुपए का भोजन दिया जाएगा, जिसमें आधा पैसा मजदूर और आधा कारखाना मालिक की ओर से दिया जाएगा। इसके बाद 40 रुपए में और अच्छा भोजन देने की योजना भी है, जो छात्रों के लिए होगी।
कार वाला 100 रुपए देकर जाएगा
पूरन डावर ने इस मौके पर एक सवाल के जवाब में कहा कि कि कोई कार वाला भी आता है तो वह 10 रुपए के स्थान पर 100 रुपए देगा, क्योंकि भोजन ही ऐसा होगा और फिर इससे अन्य 10 लोगों को भोजन मिलेगा। वैसे योजना जरूरतरमंदों के लिए है। निश्चित रूप से कार वाला भी भोजन कर सकता है। उन्होंने बात 10 रुपए की नहीं है, बात है कि लोग भोजन को बर्बाद न करें। उतना ही लें, जितना खा सकते हैं।
इस मौके पर सेवा भारती के प्रमुख सतीशचंद अग्रवाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघचालक हरिशंकर, सेवा भारती के भाग अध्यक्ष वीरेन्द्र वार्ष्णेय भी मौजूद थे।
मानवता की सेवा में समर्पित हैं पूरन डावर :
1947 में हुए भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बाद पूरन डावर के परिवार ने आगरा के मलपुरा शरणार्थी शिविर में शरण ली। परिवार के युवा और बुजुर्ग सभी सदस्यों ने मिलकर स्वाभिमान से संघर्ष करने और अच्छा जीवन जीने का फैसला किया। कपड़े सीने से लेकर दूध बेचने और मजदूरी से लेकर कोयला बेचने तक, सब तरह के कामों को खुशी-खुशी किया।
नौकरियों और छोटे-मोटे कारोबारियों के बीच पूरन ने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अपनी लगन से देखते ही देखते अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर और कानून में डिग्री हासिल की। जूतों की खुदरा दुकानदारी करने के बाद पूरन ने जूता बनाने की फैक्ट्री शुरू की। अपनी मेहनत, सूझबूझ, दूरदृष्टि एवं ईश्वर की अनुकंपा के बल पर जल्द ही जूतों का निर्यात शुरू कर दिया और फिर सफलता की सीढ़ी दर सीढ़ी लांघते चले गए।
आज उनके द्वारा रोपित पौधा एक विशाल और छायादार वृक्ष बनकर फलफूल रहा है। डावर ग्रुप का स्थान आज आगरा के सर्वाधिक प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों में से एक है। यह मंजिल हासिल करने के बाद उन्होंने समाज के वंचित वर्ग के लोगों की प्राथमिक शिक्षा, महिला सशक्तिकरण स्वास्थ्य खेलकूद आदि के क्षेत्र में मदद करना शुरू किया। सक्षम डावर मेमोरियल ट्रस्ट (एस.डी.एम.टी) इसी जुनून का परिणाम है।
आगरा डेवलपमेंट फाउंडेशन के संस्थापक पूरन डावर अपनी कहानी के हीरो तो हैं ही, दूसरों के लिए एक प्रेरणास्रोत भी हैं। वह नेशनल बोर्ड ऑफ एमएसएमई, भारत सरकार के वर्तमान सदस्य हैं और कौंसिल फॉर एक्सपोर्ट्स के क्षेत्रीय अध्यक्ष हैं।
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