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पीटीआई के नए एडिटर की दौड़ में शामिल हैं ये नाम, एम.के राजदान की होगी छुट्टी !
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। देश की प्रमुख न्यूज एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) में नए एडिटर-इन-चीफ की तलाश तेज हो गई है। प्रभावशाली राजनेताओं से लेकर बड़े व्यापारिक घराने अपने पसंदीदा व्यक्ति को एडिटर-इन-चीफ बनाने की जुगत में जुट गए हैं। पीटी
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देश की प्रमुख न्यूज एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) में नए एडिटर-इन-चीफ की तलाश तेज हो गई है। प्रभावशाली राजनेताओं से लेकर बड़े व्यापारिक घराने अपने पसंदीदा व्यक्ति को एडिटर-इन-चीफ बनाने की जुगत में जुट गए हैं। पीटीआई एक ऐसा मीडिया संगठन है जिसका उद्येश्य लाभ कमाना नहीं है और यह एक ऐसे बोर्ड द्वारा चलाया जाता है, जिसमें देश के लगभग सारे शीर्ष समाचार संस्थान शामिल हैं। उन संस्थानों में टाईम्स ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान टाइम्स, द टेलीग्राफ और द वीक जैसे समाचार संस्थान भी शामिल हैं। पिछले करीब पांच दशक से पीटीआई से जुड़े एम.के. राजदान ही अब तक सीईओ व एडिटर-इन-चीफ का पद संभाल रहे थे।
गौरतलब है कि एमके राजदान की बेटी निधि राजदान भी पत्रकारिता जगत से जुड़ी हुई हैं और इस समय एनडीटीवी 24X7 में वरिष्ठ पत्रकार है। मीडिया जगत में एमके राजदान की उम्र को लेकर आजकल एक चुटकुला और चल रहा है कि जब भी निधि राजदान से उनके पिता की उम्र को लेकर पूछा जाता है, उनके चेहरे पर सिर्फ एक मुस्कान होती है।
सवाल यह भी उठता रहा है कि सेवा नियमों की वकालत करने वाले वामदल से जुड़ी कर्मचारी यूनियन भी राजदान की पीटीआई में अंतहीन पारी को लेकर चुप थीं जबकि सामान्यत: किसी भी आदमी की सेवानिवृत्ति की उम्र हमारे देश में 60 वर्ष है। सीपीआई एम के जनरल सेक्रेटरी की भी राजदान से नजदीकियां थीं और यूनियन भी इस बारे में चुप ही रहती थीं।अब जबकि बोर्ड ने राजदान को हटाने का निर्णय लिया है, उनकी इस पोस्ट को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। हालांकि एडिटर के रूप में 31 मार्च को राजदान का कार्यकाल समाप्त होने के बाद बोर्ड ने पहले ही हिंदुस्तान टाइम्स के चीफ लर्निंग ऑफिसर रहे वेंकी वेंकटेश को नया सीईओ नियुक्त कर दिया है। अब एडिटर इन चीफ की तलाश की जा रही है। हालांकि नए एडिटर की नियुक्ति तक राजदान की पीटीआई के एडिटर के तौर पर हैं।
इस बीच कुछ लोगों का कहना है कि राजदान का पूर्व सूचना और प्रसारण मंत्री अरुण जेटली से कुछ महीने पहले विवाद हो गया था। जेटली अशोक मलिक अथवा शिशिर गुप्ता को पीटीआई का एडिटर बनाना चाहते थे। अशोक मलिक इन समय आब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (Observer Research Foundation) में सीनियर रिसर्च फेलो हैं और शिशिर गुप्ता हिन्दुस्तान टाइम्स (Hindustan Times) में एग्जिक्यूटिव एडिटर हैं। कहा जाता है कि राजदान को जेटली का यह प्रस्ताव पसंद नहीं आया। उन्होंने बोर्ड में अपनी पॉवर का इस्तेमाल कर जेटली के इस प्रयास को परवान नहीं चढ़ने दिया।
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