होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / फिल्म पत्रकार मयंक शेखर अब लौटे अपने पुराने अखबार में, बने एंटरटेनमेंट हेड
फिल्म पत्रकार मयंक शेखर अब लौटे अपने पुराने अखबार में, बने एंटरटेनमेंट हेड
समाचार4मीडिया ब्यूरो फिल्म पत्रकारिता के चर्चित नाम मयंक शेखर के बारे में खबर है कि क्योंकि अब अपनी नई पारी मुंबई के चर्चित अखबार मिड डे के साथ शुरू की है। वे यहां एंटरटेनमेंट हेड के तौर पर जुड़े हैं। मयंक की ये मिडे के साथ दूसरी पारी है। मयंक ने अपनी करियर की शुरुआत भी इसी मीडिया संस्थान के साथ की थी। शेखर और उनकी टीम ने ही टाइम्स ऑफ इंडिया के बै
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो फिल्म पत्रकारिता के चर्चित नाम मयंक शेखर के बारे में खबर है कि क्योंकि अब अपनी नई पारी मुंबई के चर्चित अखबार मिड डे के साथ शुरू की है। वे यहां एंटरटेनमेंट हेड के तौर पर जुड़े हैं। मयंक की ये मिडे के साथ दूसरी पारी है। मयंक ने अपनी करियर की शुरुआत भी इसी मीडिया संस्थान के साथ की थी। शेखर और उनकी टीम ने ही टाइम्स ऑफ इंडिया के बैनरतले मुंबई मिरर शुरू करके मिड-डे के सामने चुनौती पेश की थी। अब अपनी नई पारी के साथ-साथ मयंक न्यू मीडिया और टेलिविजन के लिए अपना फ्रीलांस भी जारी रखेंगे। पिछले कुछ महीने पहले फिल्म क्रिटिक मयंक शेखर ने अपनी किताब 'नेम प्लेस एनिमल थिंग' को लेकर चर्चा में रहे हैं। किताब में उन्होंने सलमान खान के बारे में ऐसा ही एक वाकया लिखा है जो काफी वायरल हुआ है। वे लिखते हैं कि एक महिला पत्रकार ने सलमान का लंबा इंटरव्यू लिया। इंटरव्यू खत्म होने के बाद जब वे जाने लगी तो सलमान ने कहा कि वे उन्हें घर छोड़ देंगे। पत्रकार ने मना किया, लेकिन सलमान नहीं माने। सलमान कार में उसे छोड़ने गए और उस बिल्डिंग तक गए जहां वह रहती थी। सलमान ने फ्लोर तक पता लगा लिया और फिर कहा अब मैं जान गया हूं कि आप कहां रहती हैं। मैंने अभी जो इंटरव्यू दिया है उसे मत छापना। यह एक तरह से उनकी धमकी थी। मयंक पहले हिन्दुस्तान टाइम्स के मुंबई संस्करण और एचटी कैफे के साथ बतौर नैशनल कल्चरल एडिटर काम कर रहे थे। उनकी रिपोर्टिंग समूह के एडिटर-इन-चीफ को होती थी। वैसे एचटी से पहले मयंक मुंबई मिरर, एनडीटीवी गुड टाइम्स, एनडीटीवी 24X7 और दूसरे मीडिया संस्थानों के साथ बतौर फिल्म आलोचक और स्तभकार भी काम कर चुके हैं। वे मयंक को 2007 में रामनाथ गोयनका अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। वे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के सदस्य भी है। वे कई मीडिया स्कूल में बतौर गेस्ट स्पीकर जन्लिज्म पर व्याख्यान भी देते हैं।
टैग्स