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मीडिया कवरेज को लेकर हाईकोर्ट ने लिया यह बड़ा निर्णय...
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि कोर्ट को कवर कर रहे मीडिया रिपोर्टरों को जजों के चैंबर से फैसले से जुड़ी जानकारी हासिल करने की प्रक्रिया अस्थायी तौर पर (फिलहाल) बंद कर देनी चाहिए। मीडिया द्वारा केस से जुड़े अधिकांश फैसलों की जानकारी मीडिया को
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि कोर्ट को कवर कर रहे मीडिया रिपोर्टरों को जजों के चैंबर से फैसले से जुड़ी जानकारी हासिल करने की प्रक्रिया अस्थायी तौर पर (फिलहाल) बंद कर देनी चाहिए। मीडिया द्वारा केस से जुड़े अधिकांश फैसलों की जानकारी मीडिया को जजों के चैंबर से ही मिलती है और रिपोर्टर्स अपनी रिपोर्ट की सत्यता के लिए उन्हें प्रकाशित करते हैं।
हालांकि बाद में हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से कहा गया कि मीडिया रिपोर्टर्स पर जजों के चैंबर में जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है लेकिन इसके साथ ही यह सलाह भी दी गई है कि इसका कोई सार्थक उद्देश्य होना चाहिए।
टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) में छपी एक खबर के मुताबिक, पिछले हफ्ते हाईकोर्ट परिसर में वकीलों द्वारा पत्रकारों पर हमले की घटनाओं और प्रदर्शन कर रहे मीडियाकर्मियों और वकीलों के बीच झड़प के बाद रिपोर्टरों ने ओपन कोर्ट की कार्यवाही की कवरेज बंद कर दी थी। उन्होंने किसी भी तरह की मारपीट की घटना से बचने के लिए कोर्ट परिसर से दूरी बना ली थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने एक ऑर्डर जारी कर परिसर के अंदर अथवा बाहर गुट बनाकर खडे होने पर रोक लगा दी थी। हाईकोर्ट की पब्लिक रिलेशन विंग की ओर से मोबाइल पर इन प्रतिबंध की जानकारी पत्रकारों को दी गई थी, जब कोर्ट की कार्रवाई की कवरेज फिर से शुरू करने को लेकर पत्रकार अर्नाकुलम प्रेस क्लब (Ernakulam Press Club) पर एकत्रित हुए थे।
टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, संवाददाता ने खबर की रजिस्ट्रार जनरल अशोक मेनन को फोन कर पुष्टि के लिए नए आदशों से संबंधित प्रेस विज्ञप्ति जारी करने को कहा लेकिन हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से कोई विज्ञप्ति नहीं भेजी गई। फैसलों की प्रति हासिल करने के सवाल पर रजिस्ट्रार का कहना था कि मीडिया रिपोर्टरों को फैसले की प्रति ई-मेल से उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि देर शाम रजिस्ट्रार ने फोन कर बताया कि नए प्रतिबंध कानूनी रूप से लागू नहीं किए जा रहे हैं सिर्फ हाल की उग्र घटनाओं के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।
रजिस्ट्रार का कहना है कि अब हाईकोर्ट के चार जजों की समिति प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिए कुछ नियम बनाएगी। नए प्रतिबंध के बारे में भी अंतिम निर्णय यही कमेटी लेगी।
वहीं मीडिया अधिकारों की वकालत करने वाले संगठन ‘Reporters Without Borders (RSF)’ ने इस निर्णय की निंदा की है। RSF के एशिया पैसिफिक हेड बेंजामिन इस्माइल ने ई-मेल से भेजे बयान में कहा है कि वकीलों द्वारा पत्रकारों पर हमला करने की घटनाएं स्वीकार नहीं हैं। इसका विरोध किया जाएगा।
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