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अकबर के खिलाफ दो नई शिकायतें, गवाही देने को तैयार 20 पत्रकार
#MeToo कैंपेन के तहत यौन उत्पीड़न के आरोपों में फंसे केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
#MeToo कैंपेन के तहत यौन उत्पीड़न के आरोपों में फंसे केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है। इसके साथ ही अकबर के खिलाफ शिकायत करने वाली महिलाओं की संख्या भी बढ़ती जा रही है। अकबर पर नया आरोप पत्रकार तुशिता पटेल और कारोबारी महिला स्वाती गौतम ने लगाया है।
रमानी के समर्थन में आईं 20 महिला पत्रकार : अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकार प्रिया रमानी के समर्थन में 20 महिला पत्रकार सामने आई हैं। ये सभी पत्रकार ‘द एशियन एज’ अखबार में काम कर चुकीं हैं।
अकबर की ओर से रमानी को मानहानि का नोटिस भेजे जाने पर इन महिला पत्रकारों ने अपने हस्ताक्षर वाले संयुक्त बयान में रमानी का समर्थन करने की बात कही है। इन महिला पत्रकारों ने अदालत से आग्रह किया कि अकबर के खिलाफ उन्हें सुना जाए। इन महिला पत्रकारों का दावा है कि उनमें से कुछ का अकबर ने यौन उत्पीड़न किया और अन्य इसकी गवाह हैं।
इस बयान पर दस्तखत करने वालों में मीनल बघेल, मनीषा पांडेय, तुषिता पटेल, कणिका गहलोत, सुपर्णा शर्मा, रमोला तलवार बादाम, होइहनु हौजेल, आयशा खान, कुशलरानी गुलाब, कनीजा गजारी, मालविका बनर्जी, ए.टी जयंती, हामिदा पार्कर, जोनाली बुरागोहैन, मीनाक्षी कुमार, सुजाता दत्ता सचदेवा, रेशमी चक्रवाती, किरण मनराल और संजरी चटर्जी शामिल हैं।
राष्ट्रपति तक पहुंचा मामला : एमजे अकबर को बर्खास्त करने की मांग अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच चुकी है। नेटवर्क ऑफ वुमेन इन मीडिया इन इंडिया (NWMI) ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर अकबर को उनके पद से तुरंत बर्खास्त करने की मांग की गई है।
केंद्रियों मंत्रियों को लिखा पत्र : दूसरी तरफ इंडियन वूमेन्स प्रेस कोर (आईडब्ल्यूपीसी) ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और मेनका गांधी को पत्र लिखकर एमजे अकबर के खिलाफ निष्पक्ष जांच के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की। आईडब्ल्यूपीसी ने यह आश्चर्य भी जताया है कि अकबर के खिलाफ कई गंभीर शिकायतों के बावजूद सरकार ने किसी भी स्तर पर औपचारिक जांच शुरू नहीं करवाई है।
आईडब्ल्यूपीसी अध्यक्ष टी.के. राजलक्ष्मी और महासचिव रविंदर बावा के हस्ताक्षर से जारी हुए पत्र में कहा गया है, ‘एक मंत्री के खिलाफ विशिष्ट आरोपों की जांच के अलावा सरकार को पता लगाना चाहिए कि क्या मीडिया संगठनों ने यौन उत्पीडऩ से निपटने के लिए कानून के मुताबिक प्रभावी व्यवस्था की है।’
गौरतलब है कि अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए सोमवार को रमानी के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत दायर की थी। इसके जवाब में रमानी ने भी चुनौती को स्वीकारते हुए मंगलवार को कहा था, ‘अकबर द्वारा लगाए गए मानहानि के आरोपों का सामना करने और लड़ने के लिए मैं तैयार हूं, क्योंकि सिर्फ सच ही मेरा बचाव है।‘
अकबर पर लगे नए आरोप : पत्रकार तुशिता पटेल ने आरोप लगाया कि नब्बे के दशक में जब वे ‘द टेलीग्राफ’ में ट्रेनी थीं और 22 साल की थीं तब अकबर ने उन्हें एक बार काम के बहाने से होटल के अपने कमरे में बुलाया। जब वे कमरे में पहुंची तो अकबर ने दरवाजा खोला और वे सिर्फ अंडरवियर पहने हुए थे। इसके बाद हैदराबाद में डेक्कन क्रॉनिकल में काम करने के दौरान भी अकबर ने दो बार उनसे छेड़छाड़ की। अकबर ने कमरे में बुलाया। काम को लेकर डांट लगाई और फिर जबर्दस्ती किस कर लिया। अगले दिन अकबर ने फिर ऐसा ही किया। अकबर इस अखबार में प्रधान संपादक थे।
वहीं, कारोबारी महिला स्वाती गौतम ने क्विंट में आर्टिकल में लिखा, ‘जब मैं कोलकाता में स्टूडेंट थी, तब अकबर को सेंट जेवियर्स कॉलेज में लेक्चर के लिए बुलाना चाहती थी। आमंत्रण देने के लिए अकबर ने मुझे होटल के कमरे में बुलाया। वहां वे सिर्फ नहाने के कपड़ों में थे। अकबर ने वहां मुझे ऊपर से नीचे तक देखा और अपने लिए ड्रिंक बनाने को कहा।‘
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