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पत्रकार को इस तरह चुकानी पड़ी BJP सरकार के खिलाफ बोलने की कीमत
भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करना टीवी चैनल के पत्रकार को...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करना टीवी चैनल के पत्रकार को भारी पड़ गया। मंगलवार को इस पत्रकार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत 12 महीने तक हिरासत में रखने की सजा सुनाई गई है और जेल भेज दिया गया है।
वांगखेम ने अंग्रेजी और मेइती भाषा में कई विडियो अपलोड किए थे। इन विडियो में वांगखेम ने कहा था, 'मैं दुखी और हैरान हूं कि मणिपुर की सरकार लक्ष्मीबाई की जयंती (19 नवंबर को) मना रही है। मुख्यमंत्री यह दावा करते हैं कि भारत को एकता के सूत्र में पिराने में झांसी की रानी का योगदान था. लेकिन, मणिपुर के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया।'
वांगखेम ने आरोप लगाया था कि मणिपुर सरकार ऐसा केवल केंद्र सरकार के कहने पर कर रही है। उन्होंने इसे मणिपुर के स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान बताया और हिंदुत्व की कठपुतली बताते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया।
यह विडियो सामने आने के बाद वांगखेम को 20 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, 26 नवंबर को वेस्ट इंफाल की सीजेएम कोर्ट ने उन्हें 70 हजार रुपए के बॉन्ड पर जमानत दे दी थी। जमानत के वक्त कोर्ट ने यह भी कहा कि पत्रकार की टिप्पणी भारत के प्रधानमंत्री और मणिपुर के मुख्यमंत्री के खिलाफ अपने विचार की अभिव्यक्ति थी, लेकिन इसे राजद्रोह नहीं का जा सकता।
इसके बावजूद 27 नवंबर को वांगखेम को एनएसए के तहत फिर गिरफ्तार कर लिया गया और जेल भेज दिया गया। इस बार वेस्ट इंफाल के जिला न्यायाधीश ने एक नया ऑर्डर जारी किया और कहा कि अगले आदेश तक पत्रकार को एनएसए 1980 के सेक्शन 3(2) के तहत हिरासत में रखना चाहिए। फिर दोबारा उन्होंने नए आदेश जारी किए, जिसमें कहा गया है कि वांगखेम को 12 महीनों तक हिरासत में रहना होगा। वहीं, वांगखेम के वकील एन. विक्टर का कहना है कि वह इस मामले में अब हाई कोर्ट की शरण लेंगे।
टैग्स पत्रकार किशोर चंद्र वांगखेम