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अचानक दुनिया से दूर चला गया युवा पत्रकार, सहयोगियों ने यूं दी विदाई...
पत्रकारिता में बढ़ते मानसिक तनाव और नौकरी में अस्थिरिता के चलते हाल ही में कई पत्रकारों...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
पत्रकारिता में बढ़ते मानसिक तनाव और नौकरी में अस्थिरिता के चलते हाल ही में कई पत्रकारों ने दबाव के आगे घुटने टेक दिए और दुनिया से दूर चले गए। इसी कड़ी में पत्रकार दीपांशु दुबे का नाम भी जुड़ गया है। इंडिया वॉइस, न्यूज एक्सप्रेस, इंडिया न्यूज जैसे चैनलों में काम कर चुके दीपांशु का हार्टअटैक से निधन हो गया। ऐसा बताया जा रहा है कि उन्हें पहले भी एक हार्टअटैक पड़ चुका था। इस लिहाज से ये इनका दूसरा अटैक था, जिसके बाद वे घर से खुद ही अपनी गाड़ी चलाकर दिल्ली के कड़कड़डूमा स्थित हेडगेवार अस्पताल पहुंचे।
मिली जानकारी के मुताबिक, अस्पताल की लापरवाही और निश्चित समय पर इलाज न मिल पाने के चलते ही उनका निधन हुआ। दरअसल उनके सहयोगियों का कहना है कि सही समय पर अस्पताल पहुंचने के बाद वहां के लोगों की जिम्मेदारी शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ, बल्कि जिस शख्स को तत्काल भर्ती किया जाना चाहिए था, उसे गेट के बाहर बाजार से दवा लाने के लिए भेज दिया गया। मेडिकल स्टोर पर दीपांशु को एक और अटैक पड़ा। वे वहीं गिर गए और कभी नहीं लौटे।
मूल रूप से कानपुर के रहने वाले करीब 30 साल के दीपांशु की 10 महीने पहले ही शादी हुई थी। दीपांशु के एक दोस्त के मुताबिक, दीपांशु जयपुर में अपने नए सफर का आगाज करने वाले थे। उनके इस नए सफर की शुरुआत 10 अक्टूबर से ‘पत्रिका’ के साथ होने वाली थी। दीपांशु एक बेहतरीन एंकर, रिपोर्टर और सफल प्रड्यूसर होने के साथ-साथ एक खुशमिजाज इंसान भी थे। उनके अचानक यूं चले जाने से तमाम सहयोगी पत्रकार सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए उन्हें श्रद्धाजंलि दे रहे हैं-
मानवेन्द्र मल्होत्रा, पत्रकार-
दीपांशु दुबे क्या कहूं एक ऐसा शख्स जिससे सिर्फ दो मुलाकात थी लेकिन फ़ोन पर पिछले दो साल से आए दिन बात होती थी। आत्मीयता से भरा जीवंत अजीम शख्शियत था ये भाई कहूं या दोस्त। अब इस दुनिया में नहीं रहे...अच्छे और नेक दिल इंसान थे दीपांशु । दो साल पहले नोएडा में मुलाक़ात हुई थी। और एक ही बात कही थी दीपांशु ने मानवेन्द्र कुछ बदलाव की क्वॉलिटी के साथ स्पीड का कॉम्बिनेशन रख कइयों को पीछे छोड़ देगा, चीते की तरह बन सब पर निगाह रख लेकिन नजर सिर्फ निशाने पर। सब का अच्छा और भला हो, ये उसकी जिंदगी का सिद्धांत था। कुछ समय पहले ही उसकी शादी हुई थी.. बहुत खुश था बुलाना भूल गया तो बोला था सालगिरह पर बुलाऊंगा शादी की ..आज सबको अलविदा कह गया। तेरी यादें हमेशा मेरे साथ रहेगी। परमात्मा दीपांशु को अपने चरणों मे जगह देना और उसकी आत्मा को शांति दे।
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