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IRS 2018: किन वजहों से हो सकती है देरी, पढ़ें यहां...
बहुप्रतीक्षित ‘इंडियन रीडरशिप सर्वे’ (IRS) 2018 के आंकड़े अपनी तय समय सीमा...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो।।
बहुप्रतीक्षित ‘इंडियन रीडरशिप सर्वे’ (IRS) 2018 के आंकड़े अपनी तय समय सीमा से पीछे चल रहे हैं और मार्च 2019 से पहले इनके आने की उम्मीद नहीं है। पिछली साल ये आंकड़े जनवरी में जारी कर दिए गए थे।
सूत्रों का कहना है कि अभी इस दिशा में फील्ड वर्क चल रहा है और इसके फरवरी के आखिर तक भी पूरा होने की उम्मीद नहीं है। बताया जाता है कि पिछले साल केरल में आई भीषण बाढ़ के कारण दक्षिण भारत में यह प्रक्रिया काफी समय तक बाधित रही। इसके अलावा कुंभ मेला को देखते हुए उत्तर भारत में कई स्थानों पर इस प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है। कुंभ मेला समाप्त होने के बाद ही इन स्थानों पर फील्ड वर्क शुरू होगा।
इस बारे में ‘मीडिया यूजर्स रिसर्च काउंसिल’ (MRUC) के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है, ‘तमाम व्यवधानों के बादजूद हम तय समय से थोड़ा ही पीछे चल रहे हैं और उम्मीद है कि हम मार्च के आखिर तक हम इसे पूरा कर लेंगे।’ हालांकि, इस बारे में ‘MRUC’ के चेयरमैन आशीष भसीन का कहना है कि सर्वे का काम सही चल रहा है और यह समय से पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘एक बार फील्ड वर्क खत्म हो जाए, फिर हम सटीक तारीख बता सकेंगे।’
आईआरएस 2018 में संभावित देरी के कयास लंबे समय से लगाए जा रहे हैं। जून में फंडिंग को लेकर इनमें देरी की चर्चा थी, क्योंकि कुछ मीडिया संस्थानों ने इसके लिए भुगतान नहीं किया था। हालांकि अगस्त-सितंबर में नकदी का मामला सुलझने पर फील्ड वर्क शुरू हो गया था। इसके अलावा टेक्निकल कमेटी गठित करने में देरी के देरी के कारण भी इसमें कुछ विलंब हुआ। हालांकि, अगस्त 2018 में टेक्निकल कमेटी बनाकर ‘मैडिसन’ के विक्रम सखूजा को इसका चीफ बना दिया गया था। इसके अलावा तब ये भी माना जा रहा था कि सैंपल साइज बढ़ाने 3,30,000 से 3,60,000 बढ़ाने के कारण इसमें देरी हो सकती है। यह भी माना जा रहा है कि ‘MRUC’ के समक्ष पब्लिशर्स द्वारा उठाई गई आपत्तियों के कारण भी इनमें देर हुई।
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