होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / देश से जरूर दूर थे अभिज्ञान, तब विदेशी धरती पर बरस रहा था ज्ञान...

देश से जरूर दूर थे अभिज्ञान, तब विदेशी धरती पर बरस रहा था ज्ञान...

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।। एनडीटीवी के सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर अभिज्ञान प्रकाश न सिर्फ एक करिश्‍माई प्रजेंटर हैं बल्कि वह एक अच्‍छे राजनीतिक विश्‍लेषक भी हैं। 1996 से अब तक वह देश में होने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में ल

समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

एनडीटीवी के सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर अभिज्ञान प्रकाश न सिर्फ एक करिश्‍माई प्रजेंटर हैं बल्कि वह एक अच्‍छे राजनीतिक विश्‍लेषक भी हैं। 1996 से अब तक वह देश में होने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में लाइव इलेक्‍शन एनालिसिस कर रहे हैं। देश के कई प्रधानमंत्रियों समेत तमाम शख्सियतों का इंटरव्‍यू लेने वाले अभिज्ञान प्रजेंटेशन की अपनी खास शैली के लिए जाने जाते हैं। एजैंडा जर्नलिंज्म के इस दौर में उनकी गिनती अब कुछ शेष ऐसै पत्रकारों में होती है जो सत्ता-विपक्ष दोनोंं से सवाल करने की हिम्मत दिखाते हैं। देश के कई मंत्री उनकी इस  हिम्मत को उनकी हिमाकत भी मानते हैं, पर अलहदा अभिज्ञान प्रकाश अपने शो ‘न्यूज़ पॉइंट’ और ‘मुकाबला’ के जरिए लगातार जिम्मेदार लोगों से जनता के मन में आने वाले सवाल पूछते हैं और  कड़ाई से उसका जवाब देने की भरसक कोशिश करते हैं। पिछले कुछ महीनों से वे टीवी की दुनिया से दूर अपनी छुट्टिया बिता रहे हैं। इस दौरान वे ऑस्ट्रेलिया की राजधानी सिडनी में भी कुछ दिन रहे। इस दौरान वहां के मशहूर मीडिया समूह ने उशो दनसे भारत के संबंध में एक विमर्श किया।

‘इंडियन लिंक मीडिया ग्रुप’ (Indian Link Media Group) के सीईओ पवन लूथरा ने अभिज्ञान प्रकाश से विभिन्‍न मुद्दों पर बातचीत की, प्रस्‍तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश :

: इस समय सभी देशवासियों के बीच सिर्फ नोटबंदी (demonetisation) का मामला छाया हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना था कि इससे न सिर्फ भ्रष्‍टाचार (corruption) पर रोक लगेगी बल्कि काला धन (Black Money) भी बाहर निकलकर आएगा और नकली नोटों पर लगाम लगेगी। अब नोटबंदी को दो महीने से ज्‍यादा हो गए हैं। ऐसे में अब क्‍या हालात हैं ?

:  सबसे बड़ा मुद्दा है कि नोटबंदी की घोषणा के बाद से लोगों को अब तक नकदी (Cash)मिलने में तमाम समस्‍याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को नोट बदलने अथवा पैसा निकालने के लिए बैंकों अथवा एटीएम के सामने घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ा है। दिक्‍कत सबसे बड़ी यह है कि सरकार ने यह फैसला लागू करने से पहले ठीक से तैयारी नहीं की। लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए सरकार को अच्‍छी प्‍लानिंग के साथ-साथ सही तरीका अपनाने की जरूरत थी। इसमें कोई शक नहीं है कि देश की अधिकांश आबादी इस फैसले के पक्ष में है। सभी लोग चाहते हैं कि काला धन बाहर निकलकर आए। लेकिन आपको सच्‍चाई को भी स्‍वीकार करना पड़ेगा। हमारे देश में सिर्फ तीन प्रतिशत लोग ही डायरेक्‍ट टैक्‍स प्रदाता (Tax Payers) हैं। लगभग 97 प्रतिशत लोग अभी भी इनडायरेक्‍ट टैक्‍स प्रदाता हैं। अभी भी आधी से ज्‍यादा आबादी गांवों में रहती है। ऐसे में दूसरों की तुलना में यहां की अर्थव्‍यवस्‍था काफी अलग है। यही कारण है कि वर्ष 1991 को उदारीकरण और फ्री मार्केट ( liberalisation and free market) की दिशा में मील का पत्‍थर माना जाता है, जब कांग्रेस की तत्‍कालीन पीवी नरसिंहाराव सरकार ने इसकी शुरुआत की थी।

: क्‍या इस घोषणा से पहले सरकार की ओर से अच्‍छी-खासी तैयारी की गई थी अथवा आपको लगता है कि यह फैसला काफी जल्‍दबाजी में सिर्फ कुछ लोगों से सलाह-म‍शविरा के बाद लिया गया था ?   

: इस बारे में तमाम तरह की बातें निकलकर सामने आ रही हैं। लेकिन मेरा मानना है कि इसके लिए प्‍लानिंग तो की गई थी लेकिन इस प्‍लानिंग को संबंधित लोगों के साथ साझा (Share) नहीं किया गया था। पार्लियामेंट में विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को काफी जोर-शोर से उठाया था।

: नोटबंदी के लिए तीन प्रमुख कारण बताए गए थे कि इससे कालेधन पर रोक लगेगी। इसके अलावा भ्रष्‍टाचार पर अंकुश के साथ-साथ जाली नोटों का चलन रुकेगा। आठ हफ्ते बाद यह योजना अपने उद्देश्‍य में कितना सफल रही है?

: इस पूरे परिदृश्‍य को समझने के लिए आठ हफ्ते का वक्‍त काफी कम है। लेकिन इस समय सभी लोगों की निगाह बजट पर लगी हुई है। विभिन्‍न प्रकाशनों में अपने नियमित कॉलम में मैं भी इसके बारे में काफी लिख चुका हूं। ‘What will we get out of it?’ शीर्षक से लिखे अपने एक कॉलम में मैंने कई सवाल उठाए हैं, जिनके बारे में देश की जनता जरूर पूछेगी और इसके बारे में उन्‍हें जवाब देना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो चाहा है, वह किया है। अब देश की जनता उनसे जानना चाहती है कि आखिर हम लोग किस तरह जा रहे हैं। क्‍या आप हमें ग्‍लोबल इकनॉमी की तुलना में प्रतिस्‍पर्द्धी ब्‍याज दर (competitive interest rates) दे पाएंगे।

 : क्‍या लोग यह मान सकते हैं कि नोटबंदी के कारण आने वाला बजट भी प्रभावित हो सकता है?

: विश्‍व स्‍तर पर देखें तो इसके लिए ओबामा प्रशासन सबसे बड़ा उदाहरण है। हम सभी जानते हैं कि अमेरिका में लोग मंदी से जूझ रहे थे, लोगों के पास रोजगार नहीं था। ऐसे में सरकार को अपनी परेशानी से दूर जाकर लोगों की ओर ध्‍यान देना होगा। हमारे देश की सरकार को भी यह करना होगा कि जब बैंकों के पास काफी मात्रा में धन एकत्रित हो जाए तो उसे दोबारा से इकनॉमी में निवेश कर दिया जाए। आप मात्र ढाई साल में ही सभी सड़क, पुल और हॉस्पिटल्‍स को नहीं बना सकते हैं। यह रीइन्‍वेस्‍टमेंट (reinvestment) दिखना चाहिए और सरकार के लिए यह एक बड़ी चुनौती होगा।

अभिज्ञान प्रकाश के इस पूरे इंटरव्‍यू को आप नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर हूबहू पढ़ सकते हैं-

http://www.indianlink.com.au/demonetisation-whats-in-it-for-us-mr-modi/

समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।


टैग्स
सम्बंधित खबरें

कॉनकोर के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर राजीव भारद्वाज बने प्रसार भारती में मेंबर

भारतीय कंटेनर निगम लिमिटेड यानी कि 'कॉनकोर' के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (HR) राजीव भारद्वाज को अब प्रसार भारती में मेंबर (पर्सनल) नियुक्त किया गया है।

1 hour ago

शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई YAAP Digital Limited

डिजिटल मार्केटिंग कंपनी YAAP Digital Limited ने शेयर बाजार में अपना डेब्यू कर लिया है। कंपनी NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुई है और इस प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होने वाली यह 717वीं कंपनी बन गई है।

1 day ago

BSE व NSE ने इस मामले में 'बालाजी टेलीफिल्म्स' पर लगाया जुर्माना

टीवी और फिल्म प्रोडक्शन कंपनी बालाजी टेलीफिल्म्स (Balaji Telefilms Limited) पर स्टॉक एक्सचेंज ने जुर्माना लगाया है।

3 days ago

मैडिसन मीडिया सिग्मा की CEO वनिता केसवानी ने छोड़ा पद

मीडिया इंडस्ट्री से एक बड़ी खबर सामने आई है। वनिता केसवानी ने मैडिसन मीडिया सिग्मा (Madison Media Sigma) के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है।

3 days ago

वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी में शाजिया फ़ज़ल को मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

ग्लोबल मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी (Warner Bros. Discovery) में शाजिया फ़ज़ल को बड़ी जिम्मेदारी मिली है

3 days ago


बड़ी खबरें

'जी न्यूज' छोड़ 'न्यूज24' से जुड़े अखिलेश आनंद, संभालेंगे प्राइम टाइम बुलेटिन

'समाचार4मीडिया' के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, टीवी न्यूज की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा अखिलेश आनंद अब एक बार फिर 'न्यूज24' के साथ जुड़ गए हैं।

57 minutes ago

टीवी टुडे नेटवर्क में स्वतंत्र निदेशक राजीव गुप्ता का कार्यकाल पूरा, बोर्ड से हुए अलग

टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network Limited) के नॉन-एग्जिक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर राजीव गुप्ता का कार्यकाल पूरा हो गया है

2 hours ago

GST विभाग की 68.94 लाख रुपये की मांग के खिलाफ अपील करेगी 'डिलिजेंट मीडिया'

डिलिजेंट मीडिया (Diligent Media Corporation Limited) ने बताया है कि कंपनी को जीएसटी विभाग की ओर से करीब 68.94 लाख रुपये टैक्स, पेनल्टी और ब्याज के तौर पर जमा करने का आदेश मिला है।

2 hours ago

HT मीडिया के MD व CEO बने समीर सिंह, शेयरधारकों ने दी मंजूरी

एचटी मीडिया (HT Media Limited) ने कंपनी के नए मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर समीर सिंह की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है

3 hours ago

कॉनकोर के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर राजीव भारद्वाज बने प्रसार भारती में मेंबर

भारतीय कंटेनर निगम लिमिटेड यानी कि 'कॉनकोर' के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (HR) राजीव भारद्वाज को अब प्रसार भारती में मेंबर (पर्सनल) नियुक्त किया गया है।

1 hour ago