होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / IIMC: केजी सुरेश की चेतावनी- फ्रीडम ऑफ स्पीच के नाम पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं...
IIMC: केजी सुरेश की चेतावनी- फ्रीडम ऑफ स्पीच के नाम पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं...
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) केजी सुरेश ने सोशल मीडिया पर बेवजह की सलाह देने वाले कथित दोस्तों को आड़े हाथ लिया है। समाचार4मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अभिव्यक
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) केजी सुरेश ने सोशल मीडिया पर बेवजह की सलाह देने वाले कथित दोस्तों को आड़े हाथ लिया है। समाचार4मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अनुशासनहीनता मं फर्क होता है। संस्थान अनुशासनहीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। कुछ लोगों को उनके द्वारा ब्लॉक किए जाने पर उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि ये मेरा अधिकार है जो सोशल मीडिया ने मुझे दिया है। आप मेरे पेज पर आकर मुझे गाली देंगे तो क्या मैं आपको धन्यवाद दूं। सुरेश ने स्पष्ट तौर पर कहा कि संस्थान सर्वोच्च है, उसके सम्मान के साथ जरा सा भी दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केजी सुरेश का कहना है कि यह बड़े आश्चर्य की बात है कि कुछ लोग हमारे शुभचिंतक और दोस्त होने का दावा करते हैं लेकिन ये लोग अपने सुझाव, फीडबैक और आइडिया फोन कॉल, मैसेज और ईमेल से देना पसंद नहीं करते हैं बल्कि ये लोग इसके लिए सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पब्लिक पोस्ट (public posts) के इस्तेमाल को वरीयता देते हैं। स्पष्ट है कि इन लोगों का पहला एजेंडा अपना प्रमोशन करना होता है। इसलिए जिन लोगों को ऐसा करना है, वे जरूर करें लेकिन सिर्फ अपने वॉल (wall) पर जाकर। मैं ऐसे लोगों को ब्लॉक कर देता हूं।
ADVT: देखिए, उत्तर प्रदेश का दंगल 'जन की बात' मैदान से...
इसके अलावा एक और फेसबुक पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि क्या एनडीटीवी के पत्रकार प्रणॉय राय के खिलाफ लिख सकते हैं? क्या जी और डीएनए के पत्रकार सुभाष चंद्रा के खिलाफ लिख सकते हैं। नहीं, वे ऐसा नहीं कर सकते हैं। ऐसा ही अन्य संस्थानों के साथ भी है। अब कुछ छात्र अपने संस्थान के खिलाफ मीडिया में लिख रहे हैं, कल को जब यही छात्र मीडिया ग्रुप जॉइन करेंगे और ऑनलाइन मीडिया अथवा सोशल मीडिया पर अपने ही संस्थान के खिलाफ लिखेंगे तब देखेंगे कि ये मीडिया संस्थान उनके खिलाफ कैसा रुख अपनाते हैं।
गौरतलब है कि आईआईएमसी से हाल ही में बर्खास्त किए गए एक शिक्षक के समर्थन में‘बिना सोचे समझे बयान देने’ और इस मामले में सहपाठियों को उकसाने के आरोप में संस्थान के एक छात्र को निलंबित कर दिया गया है। हिंदी पत्रकारिता विभाग के छात्र रोहिन कुमार को 9 जनवरी को संस्थान की अनुशासन समिति की कार्यवाही पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया और कॉलेज परिसर में उसके प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इस मामले में केजी सुरेश का कहना था कि कोई अच्छा संस्थान इस तरह के ‘बिना सोचे समझे बयानों’ को बर्दाश्त नहीं कर सकता और इस छात्र ने सीमा लांघ दी थी जिसके कारण उसके खिलाफ ये अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
टैग्स