होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / दुनिया में सबसे आजाद है भारत की मीडिया, बताया IIMC के डीजी के.जी. सुरेश ने
दुनिया में सबसे आजाद है भारत की मीडिया, बताया IIMC के डीजी के.जी. सुरेश ने
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में आयोजित दो दिवसीय सत्रारंभ समारोह के समापन सत्र में भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) के.जी. सुरेश ने भाग लिया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा हाल ही में आयोजित दो दिवसीय सत्रारंभ समारोह के समापन सत्र में भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक (डायरेक्टर जनरल) के.जी. सुरेश ने भाग लिया।
मुख्य वक्ता के रूप में छात्रों को संबोधित करते हुए के.जी. सुरेश ने कहा कि मैं मानता हूं कि मीडिया इंडस्ट्री में बहुत सी चीजों की कमियां है, पर वे छात्र जो इस इंडस्ट्री में प्रवेश कर रहे हैं उन्हें नकारात्मक रवैये के साथ प्रवेश नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये एक मिशन है, साथ ही रोजी-रोटी कमाने का जरिया भी, इसलिए नए छात्रों को उन भीड़ में शामिल नहीं होना चाहिए, जो इस इंडस्ट्री को बुरा-भला कहते हैं।
देखें के.जी.सुरेश के वक्तत्व का विडियो...
भारतीय मीडिया को दुनिया की सबसे आजाद मीडिया बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘मुझे गर्व है कि मैं भारतीय मीडिया का हिस्सा हूं। मैं मानता हूं कि मीडिया में दिकक्तें हैं लेकिन जब आस पड़ोस के लोकतंत्र या उनके मुद्दों को देखता हूं, फिर चाहे वह पाकिस्तान हो, नेपाल हो, श्रीलंका हो या फिर बांग्लादेश, हम हर देशों की तुलना में बेहतर और आजाद हैं और यही हमारी ताकत है। अमेरिका के संविधान में पहले संशोधन के तहत फ्री प्रेस का एक विशेष प्रावधान है जो भारतीय संविधान में नहीं है। लेकिन भारतीय संविधान में पत्रकारों को लेकर वही प्रावधान है, जो आम नागरिक के लिए है, अनुच्छेद-19 (A)(A) । इसके बावजूद यहां के पत्रकार बहुत अधिक स्वतंत्र हैं। यदि कोई अंकुश लगाना भी चाहता है तो हम सब एकजुट होकर ऐसा नहीं होने देते, जिससे राजनेता ऐसा करने से डरते भी हैं।
के.जी.सुरेश ने अपने संबोधन में आगे कहा कि कोई भी अखबार हो या न्यूज चैनल हो वो पब्लिक मूड के खिलाफ जाकर कभी कामयाब नहीं हो सकता है। इसलिए आप जो देखना पसंद करते हैं, इसलिए वे वैसा ही दिखाते हैं। अगर टीवी चैनल 5 मिनट में 100 खबरें दिखाते हैं तो उसको देखने वाले हैं। अगर प्राइम टाइम के दौरान 12 विंडो के बीच बेवजह की डिबेट होती है तो उसे भी देखने वाले लोग हैं। यहीं नहीं उस एकंर या शो की फैन फॉलोइंग भी जबरदस्त हैं, इसलिए बैठकर आलोचना करना, एंकर का उपहास उड़ाना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि आज क्राइम शो हर चैनल की जरूरत बन गया है और अब यह प्राइम टाइम का हिस्सा भी बनने लगा है। इसकी वजह दर्शक हैं क्योंकि उन्हें क्राइम शो अधिक पसंद आता है इसलिए चैनल यदि ऐसा नहीं करेंगे तो उनके चैनल को देखने वाले घट जाएंगे।
उन्होंने आगे कहा कि मैं मानता हूं कि मीडिया की एक भूमिका है और उसे नए टेस्ट डेवलप करना चाहिए। लेकिन शायद हम अभी तक इसमें सफल नहीं हुए हैं, क्योंकि मीडिया को आगे बढ़ने के लिए स्पॉन्सर चाहिए। एक-एक न्यूज ऑपरेशन या डिबेट के लिए बहुत अधिक खर्चा होता है। इसलिए मीडिया की कमी को गिनाना बंद करना चाहिए, यदि इसे गिनाया जाए तो दो दिन क्या इस पर दो महीने तक बात हो सकती है।
मीडिया के भावी कर्णधारों को सकारात्मक रहने की सीख देते हुए उन्होंने कहा कि आप सजग हो जाइए कि मीडिया को बेहतर कैसे बनाया जाए, क्योंकि मीडिया एक अत्यंत सम्मानित और गौरवपूर्ण व्यवसाय है और इसमें कुछ खराब लोग आ गए हैं जिनकी वजह से जनता में भ्रम फैल रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में खरीदार भी बहुत हैं, क्या आप (पत्रकार) बिकने को तैयार है। यदि नहीं तो इसके लिए लक्ष्मण रेखा पत्रकारों को ही खींचनी है। उन्होंने कहा कि ‘मैं आज दिल्ली में ऐसे कई पत्रकारों को जानता हूं जो ईमानदारी के चलते आज भी मेट्रो और बसों में सफर करते हैं। वो भी चाहते तो समझौता कर सकते थे, लेकिन उन्होंने नहीं किया।’
सुरेश ने कहा कि ‘जब मैं दूरदर्शन में था तो ऐसे कई ईमानदार वरिष्ठ पत्रकार जो रिटायर हो गए हैं, जिनके पास मोबाइल रिचार्ज के भी पैसे नहीं रह गए हैं, वे मुझे फोन करके कहते हैं किसी प्रोग्राम में बैठा लिया करो, आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। आज भी वे कहते हैं कि क्लास दे दिया करो। दरअसल वे मेरे हीरोज हैं और इसलिए मैं कोशिश करता था, करता हूं कि मैं उन्हें मौका दूं। और मैं चाहता हूं कि उन्हें हर जगह मौका मिलना चाहिए।’
उन्होंने कहा कि मीडिया में आज कुछ ऐसे लोग आ गए हैं जिनके लिए पत्र से ज्यादा कार की महत्व बढ़ गई है, इसलिए उन्हें मैं पत्रकार नहीं कहूंगा। जीवन में मूलभूत सुविधाओं की इच्छा रखने या उसे पाना कोई बुराई नहीं, लेकिन उसे किस कीमत पर लिया जा रहा है, इस पर सवाल है।
यहां देखें विडियो:
समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।
टैग्स