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क्या आपको पता है कि देश में कितने टीवी चैनलों का सरकारी रजिस्ट्रेशन हुआ है?
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। जब से कानून में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी केबल ऑपरेटर किसी भी उस प्राइवेट टेलिविजन चैनल का प्रसारण नहीं करेगा, जो सरकार के पास पंजीकृत नहीं है, तब से सरकार के पास पंजीकरण के लिए कई प्राइवेट टीवी चैनलों
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
जब से कानून में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी केबल ऑपरेटर किसी भी उस प्राइवेट टेलिविजन चैनल का प्रसारण नहीं करेगा, जो सरकार के पास पंजीकृत नहीं है, तब से सरकार के पास पंजीकरण के लिए कई प्राइवेट टीवी चैनलों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने संसद में यह जानकारी दी है।
राठौड़ का कहना है कि इस नियम को बनने के बाद 31 जनवरी 2017 तक कुल 889 प्राइवेट सैटेलाइट चैनल को अपलिंकिंग/डाउनलिंकिंग गाइडलाइंस के अनुसार अनुमति दी गई है।
राठौड़ ने बताया कि केबल टेलिविजन नेटवर्क नियम (Cable Television Network Rules 1994) 1994 का उप नियम (Sub Rule 6(6)) स्पष्ट करता है कि कोई भी केबल ऑपरेटर ऐसे किसी भी टेलिविजन ब्रॉडकास्ट अथवा चैनल को अपनी केबल सर्विस के तहत प्रसारित नहीं करेगा जब तक कि उसने केंद्र सरकार के पास अपना पंजीकरण न कराया हो।
प्रसारित किए जाने वाले कंटेंट की मॉनीटरिंग के लिए मंत्रालय ने समय-समय पर राज्य सरकारों को राज्य अथवा जिला स्तर पर मॉनीटरिंग कमेटी तैयार करने के लिए एडवाइजरी भी जारी की है।
मंत्रालय ने इस संबंध में आठ जुलाई 2016 को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, जिला कलेक्टर्स, मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) और लोकल केबल ऑपरेटर्स (LCOs) को एडवाइजरी जारी की थी। इस एडवाइजरी में मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए कहा था कि केबल नेटवर्क पर कोई भी ऐसा टीवी चैनल प्रसारित न हो रहा हो, जिसने सरकार से परमिट न लिया हो। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात भी इस एडवाइजरी में की गई थी।
इसके बाद से सरकारी अधिकारियों द्वारा संबंधित लोकल केबल ऑपरेटर्स (LCOs) के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। मई 2016 में मंत्रालय ने गृह मंत्रालय को भी इस संबंध में पत्र लिखकार ऐसे चैनलों के बारे में जानकारी देने को कहा था जो देश में अवैध रूप से चल रहे थे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पिछले महीने अपनी बेवबसाइट पर 899 चैनलों की लिस्ट डाली थी जिनमें नौ नए टेलिविजन चैनल भी शामिल थे।
इस लिस्ट के अनुसार, शुरुआत में 1054 चैनलों को अनुमति दी गई थी लेकिन बाद में 155 चैनलों के लाइसेंस कैंसिल कर दिए गए थे। इन 899 चैनलों में 500 जनरल ऐंटरटेनमेंट चैनल और 399 न्यूज और करेंट अफेयर्स के चैनल हैं। इनमें से 788 चैनलों को देश में अपलिंक और डाउनलिंग की अनुमति दी थी, जबकि 20 को अपलिंक करने लेकिन डाउनलिंक न करने की अनुमति मिली थी जबकि 91 चैनलों को विदेश से देश में डाउनलिंक की अनुमति दी गई थी।
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