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जानिए, कैसे हिन्दी न्यूज चैनलों के लिए खास रही महाराष्ट्र की बारिश
महाराष्ट्र में जब भी मानसून आता है तो स्थिति काफी विकट हो जाती है...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
सोनम सैनी ।।
महाराष्ट्र में जब भी मानसून आता है तो स्थिति काफी विकट हो जाती है। कई दिनों तक इसको लेकर चर्चा रहती है। फिर चाहे सड़कों पर पानी भरने का मामला हो अथवा लोकल ट्रेनों के देरी से चलने के साथ ही स्कूल कॉलेज बंद करने से लेकर ऑफिस आने-जाने वालों की परेशानियों का मामला हो। इन दिनों भी यहां कुछ ऐसा ही हाल है। मुंबई में मूसलाधार बारिश के कारण स्थिति काफी खराब है।
ऐसे में यहां के लोग ताजा खबरों को जानने के लिए लगातार टीवी से चिपके रहते हैं। यही कारण है कि सात से 13 जुलाई के बीच हिन्दी न्यूज चैनलों की व्युअरशिप में काफी इजाफा देखने को मिला है।
'ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया' (BARC India) के डाटा के अनुसार, उपरोक्त हफ्ते मानसून की कवरेज के मामले में 'आज तक', 'जी न्यूज' और 'एबीपी न्यूज' टॉप तीन चैनलों में शामिल रहे हैं। इन्होंने इस कवरेज को सबसे ज्यादा समय दिया है। हालांकि 'इंडिया टीवी' ने भी मुंबई में हुई भारी बारिश की काफी कवरेज की लेकिन इसने लगातार कवरेज नहीं दी।
हिन्दी भाषी क्षेत्रों (HSMs) में हिन्दी न्यूज व्युअरशिप की बात करें तो इसमें 15 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। महाराष्ट्र/गोवा और मुंबई में इस जॉनर में क्रमश: 54 प्रतिशत और 71 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। हिन्दी न्यूज चैनलों की व्युअरशिप में यह बढ़ोतरी सिर्फ मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों से ही नहीं आई है। डाटा के अनुसार, सभी हिन्दी भाषी क्षेत्रों में लगातार बारिश की खबरों को कवर किया गया और लगभग सभी हिन्दी चैन्लों ने इस तरह की खबरों की कवरेज को बहुत ज्यादा समय दिया।
कवरेज के दौरान कई रिपोर्टर तो घुटनों तक भरे हुए पानी में रिपोर्टिंग करते नजर आए। रिपोर्टरों को इस तरह रिपोर्टिंग करते देख भी इन चैनलों की व्युअरशिप बढ़ी। बारिश से निपटने के सरकारी प्रयासों पर आठ और नौ जुलाई को की गई स्टोरी दूसरे नंबर पर रही।
डाटा के अनुसार, 10 और 11 जुलाई को बारिश से मुंबई में हुए जलभराव को लेकर की गई स्टोरी को काफी देखा गया। खास बात यह है कि मुंबई में बारिश की कवरेज के कारण हिन्दी न्यूज जॉनर की व्युअरशिप 17.5 मिलियन इंप्रेशंस से 30 मिलियन इंप्रेशंस तक हो गई।
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