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दैनिक जागरण के संपादकों के खिलाफ चुनाव आयोग ने दर्ज कराई FIR
हिंदी अखबार ‘दैनिक जागरण’ को उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान के बाद एग्जिट पोल छापना महंगा पड़ गया है। चुनाव आयोग ने दैनिक जागरण के बड़े संपादकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। चुनाव के बाद हिंदी अखबार दैनिक जागरण की वेबसाइट ने एक एग्जिट पोल प्रकाशित किया था, जिसमें
समाचार4मीडिया ब्यूरो 9 years ago
हिंदी अखबार ‘दैनिक जागरण’ को उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान के बाद एग्जिट पोल छापना महंगा पड़ गया है। चुनाव आयोग ने दैनिक जागरण के बड़े संपादकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
चुनाव के बाद हिंदी अखबार दैनिक जागरण की वेबसाइट ने एक एग्जिट पोल प्रकाशित किया था, जिसमें बीजेपी को सबसे ज्यादा सीटें मिलने की संभावना व्यक्त की गई। सोमवार को चुनाव आयोग ने 15 जिलों के चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पहले चरण के एग्जिट पोल प्रकाशित करने के लिए रिसोर्स डेवलपमेंट इंटरनेशनल और दैनिक जागरण के मुख्य संपादक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं। दरअसल रिसोर्स डेवलपमेंट इंटरनेशनल ने ही इस एग्जिट पोल को कराया था।
बताया गया है कि दैनिक जागरण की वेबसाइट ने 5700 वोटर्स का ऐसा सैंपल लिया जोकि बूथ पर प्रथम चरण का मतदान देकर
दैनिक जागरण ने पहले चरण के मतदान के बाद अपनी वेबसाइट पर एग्जिट पोल छापा था, हालांकि इसे जनता की राय कहा गया था। लेकिन आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है और जागरण के मैनेजिंग एडिटर, एडिटर-इन-चीफ, हिंदी अखबार के एडिटर के खिलाफ आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोपी पाया है और एफआईआर दर्ज कराने को कहा है। आयोग के आदेश के बाद दैनिक जागरण के संपादकों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकने लगी है।
आयोग ने जागरण को धारा 188 के उल्लंघन का आरोपी पाया है, इसके अलावा सेक्शन 126 बी का भी आरोपी पाया है। धारा 126 ए के तहत अपराधी को दो साल के लिए जेल भेजा जा सकता है या फिर जुर्माना लगाया जा सकता है या फिर दोनों हो सकता है।
चुनाव आयोग ने पहली बार 1998 में एक्ज़िट पोल प्रकाशित करने पर पाबंदी का दिशानिर्देश जारी किया था। इसे 1999 में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। आख़िरकार 2009 में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि चुनाव आयोग को ऐसे निर्देश जारी करने का पूरा अधिकार है। तब से पहले चरण के मतदान के 48 घंटे पहले से अंतिम चरण के मतदान तक किसी भी तरह के ओपीनियन या एक्ज़िट पोल के नतीजों को, किसी भी माध्यम में प्रकाशित करने पर पाबंदी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस एक्जिट पोल में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी सबसे ज्यादा सीटें जीत रही है और पहले नंबर पर है। बीएसपी को दूसरे और सपा-कांग्रेस गठबंधन को तीसरे नंबर पर दिखाया गया था।
यहां बता दें कि चुनाव आयोग ने उन सभी राज्यों में 8 मार्च तक एग्जिट पोल छापने पर पाबंदी लगा रखी है जहां चुनाव होने हैं।
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