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TV की राह पर चला डिजिटल, अब कुछ यूं होगा फायदा
देशभर में इन दिनों फेस्टिव सीजन का फायदा उठाने में ब्रैंड्स कोई कसर नहीं छोड़ना चाह...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
वेंकट सुष्मिता विश्वास।।
देशभर में इन दिनों फेस्टिव सीजन की धूम मची हुई है। ऐसे माहौल का फायदा उठाने में ब्रैंड्स कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। गणेश चतुर्थी से शुरू होकर क्रिसमस तक चलने वाले तीन-चार महीने के इस फेस्टिव सीजन में विज्ञापन पर खर्च भी काफी बढ़ जाता है। कहने का मतलब है कि साल भर में विज्ञापन खर्च जितना होता है, उसका 30-40 प्रतिशत इसी फेस्टिव सीजन के दौरान होता है।
यह बात डिजिटल मीडियम पर भी सच होती दिखाई दे रही है। डिजिटल मीडिया बायर्स का कहना है कि इस फेस्टिव सीजन में मार्केटर्स ने पिछले साल के मुकाबले डिजिटल पर विज्ञापन खर्च में 25-30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है।
अभी तक फेस्टिव सीजन के दौरान स्पेशल प्रोग्रामिंग को देखते हुए विभिन्न ब्रैंड्स के लिए टीवी पर विज्ञापन खर्च ज्यादा होता था, लेकिन अब डिजिटल मीडियम भी इसी पैटर्न पर चल रहा है।
‘Isobar India’ के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट गोपा कुमार का कहना है, ‘पूर्व में हमने डिजिटल पर विज्ञापन खर्च में ज्यादा उछाल नहीं देखा था, लेकिन अब यह ट्रेंड बदल रहा है। आजकल डिजिटल का जमाना है और इसकी पहुंच भी ज्यादा हो गई है, ऐसे में यह मीडियम न सिर्फ सेल्स बढ़ाने, बल्कि ब्रैंड वैल्यू में भी काफी इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में ब्रैंड्स अब न सिर्फ मार्केटिंग, बल्कि जागरूकता और ब्रैंड वैल्यू के लिए भी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर काफी पैसा लगा रहे हैं।’
इस बारे में ‘The 120 Media Collective’ के प्रेजिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर कैजाद परदीवाला (Kaizad Pardiwalla) का कहना है कि इस फेस्टिव सीजन में डिजिटल पर ज्यादा ब्रैंड्स दिखाई दे रहे हैं। डिजिटल वैसे तो साल भर किसी भी मीडिया प्लान का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, लेकिन जब बात फेस्टिव सीजन की आती है तो सेल्स बढ़ाने के लिए यह और ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि इस सीजन में लोग ज्यादा खरीदारी करते हैं।
इस बारे में ‘Mindshare’ साउथ एशिया के चीफ डिजिटल ऑफिसर विनोद थडानी का कहना है कि फेस्टिव सीजन के दौरान डिजिटल काफी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे हमें अपने क्रिएटिव को अपने अनुसार तय करने के कई विकल्प मिलते हैं।
डिजिटल मार्केटर्स के लिए उपलब्ध प्लेटफॉर्म्स के बीच सर्च और सोशल मीडिया के साथ ही ओटीटी भी काफी आगे बढ़ रहा है। इस बारे में कुमार का कहना है, ‘ब्रैंड बिल्डिंग के लिए जहां ब्रैंड्स डिजिटल की ओर जा रहे हैं, वहीं ओटीटी पर खर्च भी बढ़ रहा है।’
वहीं, थडानी का कहना है कि इस फेस्टिव सीजन में अधिकतर ब्रैंड्स लोगों को लुभाने के लिए तरह-तरह के काम कर रहे हैं, इसके तहत वे ई-कॉमर्स और जोमैटो जैसे नॉन ट्रेडिशनल प्लेटफॉर्म्स की ओर भी जा रहे हैं। थडानी का यह भी कहना है कि इस सीजन में कुछ ब्रैंड्स द्वारा तैयार किए गए क्रिएटिव सामने आने लगे हैं।
वहीं, कैजाद का कहना है कि मार्केटर्स सेल्स बढ़ाने के लिए इस सीजन में ई-कॉमर्स आदि पर कैंपेन का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। उनका मानना है कि डिजिटल के द्वारा ब्रैंड्स ने क्षेत्रीयता का सहारा भी लेना शुरू कर दिया है। उदाहरण के लिए- तनिष्क ने अपने उत्सव कलेक्शन के विज्ञापन को लेकर बहुत अच्छा काम किया है, जहां इसने उन समुदायों के बीच इसे कई तरह से पेश किया है, जो इस त्योहार को मनाते हैं।
ई-कॉमर्स, ऑटो और रिटेल आदि भी कंज्यूमर तक पहुंच बढ़ाने के लिए एक बार फिर इस मीडियम और इसके कई फॉर्मेट-प्लेटफॉर्म्स का लाभ उठा रहे हैं। अमेजॉन और फ्लिपकार्ट ने पांच दिवसीय फेस्टिव डिस्काउंट सेल को लेकर पिछले दिनों अपने विज्ञापन कैंपेन चलाए थे।
यूजर्स की संख्या बढ़ाने के लिए अमेजॉन ने जहां हिंदी ऐप शुरू किया, वहीं फ्लिपकार्ट ने एक नई पहल शुरू की, जिसके द्वारा कंज्यूमर्स किसी प्रॉडक्ट के लिए मोलभाव कर सकते हैं। डिजिटल मार्किटिंग एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले महीनों में वे कुछ और कैंपेन शुरू कर सकते हैं।
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